पड़ोसन भाभी को मदमस्त चोदा-1

मेरी इस चुदाई हिंदी स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपने पड़ोस में नयी आई भाभी को चोदा और उसकी कामवासना और अपने लंड का पानी डाल कर उसे शांत किया. मेरा नाम सूरज है. मैं बनारस से हूँ. ये मेरी पहली चुदाई हिंदी स्टोरी है. मुझे उम्मीद है कि आप लोगों को बहुत पसंद … Read more

चूत चुदाई की हवस-1

पति की दुर्घटना के बाद मेरी चूत की चुदाई नहीं हो रही थी. मैं अपने को काबू में रखने की कोशिश कर रही थी कि हमारे पड़ोस में एक लड़के से मेरी दोस्ती हो गयी. मैं नीतू, उन्नीसवें साल में ही मेरी शादी नितिन से हो गई और उसके अगले ही साल मुझे एक बेटा … Read more

भाबी की चुदाई: ज़िप में फंसा लंड-1

भाबी की चुदाई कहनी में पढ़ें कि मैं अपनी ससुराल गया हुआ था. वहां मेरा लंड पैंट की ज़िप में मेरा लंड फंस गया. घर में मेरे साले की पत्नी यानि भाबी थी. उसने मेरी मदद की. नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम निखिल चौहान है। मैं दिल्ली में रह रहा हूं और मैं गुड़गांव में एक … Read more

मैं और मेरी स्नेहल चाची अध्याय 6

“तो क्या हुआ. ऐसा मतवाला पिछवाड़ा देखा है कभी और किसी का? अब ये बड़े बड़े कलाकंद के गोले तो गोले ही हैं, किसी के भी हों, स्वाद तो वही है ना?” नीलिमा बड़ी शैतानी के अंदाज में बोली “चलो जाने दो, तेरे को यह कल्पना सहन नहीं होती तो भूल जा, पर तुझे मालूम … Read more

मैं और मेरी स्नेहल चाची अध्याय 5

झड़ने से बचने के लिये बीच में काफ़ी देर बस लंड को गांड में दिये पड़ा रहता था, धक्के नहीं मारता था. नीलिमा ने अलग अलग आसनों में मुझसे गांड मरवायी, कुछ देर पलंग पर करवट पर लेट कर, फ़िर झुक कर खड़े होकर, उसके बाद फ़िर से पलंग पर पट लेट कर, फ़िर दीवार … Read more

मैं और मेरी स्नेहल चाची अध्याय 4

वे दोनों अब भी धीमी आवाज में बोल रही थीं पर मुझे अब साफ़ सुनाई दे रहा था. शायद मेरे कान अब ट्यून हो गये थे. “तो क्या हुआ? क्या मेरा अधिकार नहीं है विनय पर? उसकी मां मेरी छोटी बहन जैसी है, मुझे इतना मानती है. और ये बता … विनय को यहां लाया … Read more

मैं और मेरी स्नेहल चाची अध्याय 3

मैं नीचे वाले बेडरूम में सामान ले जाने लगा तो स्नेहल चाची बोलीं “अरे यहां नहीं. वैसे यह बेडरूम भी ठीक है पर रोज साफ़ सफ़ाई नहीं होती उसकी. ऊपर वाला ज्यादा अच्छा है. वहां सामान रख दे” मेरे साथ वे ऊपर आयीं. बीच का दरवाजा खोला और मुझे बेडरूम दिखाया. अच्छा बड़ा और कंफ़र्टेबल … Read more

मैं और मेरी स्नेहल चाची अध्याय 2

इस बात पर असल में मुझे अब थोड़ा टेंशन भी होने लगा था. चाची के साथ अकेले रहते हुए कोई उलटा सीधा काम न कर बैठूं इसका मुझे बहुत टेंशन था. सवाल सिर्फ़ मेरा नहीं था, हमारे परिवार के साथ उनके संबंधों का था. घर में पता चल गया कि मैं उनपर बुरी नजर रखता … Read more

मैं और मेरी स्नेहल चाची अध्याय 1

जब स्नेहल चाची काफ़ी सालों के बाद हमारे घर कुछ दिन रहने को आयीं तब मैंने सपनों में भी नहीं सोचा था कि उनकी उस विज़िट में कुछ ऐसे मोड़ मेरी जिंदगी में आयेंगे जो मुझे कहां से कहां ले जायेंगे. बात यह नहीं है कि जो कुछ हुआ, वह एकदम असंभव था; कुछ परिस्थितियों … Read more