माँ की बस एक बार…. Part 2
माँ की बस एक बार….Part 2 अगले सुभा में जितने भी पढना चाहु में नहीं पढ़ पा रहा था, में माँ की बार में न चाहते हुए भी सोचा ने लगा था, थोड़े डर में माँ कार्यालय काई लिया निकल जाते हैं या मैं सोचता हूं … Read more
माँ की बस एक बार….Part 2 अगले सुभा में जितने भी पढना चाहु में नहीं पढ़ पा रहा था, में माँ की बार में न चाहते हुए भी सोचा ने लगा था, थोड़े डर में माँ कार्यालय काई लिया निकल जाते हैं या मैं सोचता हूं … Read more
माँ की बस एक बार…………. Part 1 ये एक धीमी प्रेम कहानी है एक बेटा या उसके माँ के, जो के एक वह झटके साई सुरु नहीं हो पायेगी। मेरा नाम आकाश है, मैं 19 साल का हूं, 5.7 हाइट। बहुत पहले डैड काई गुजर जाने काई बाद में या … Read more
माँ की बस एक बार…………. Part 1 ये एक धीमी प्रेम कहानी है एक बेटा या उसके माँ के, जो के एक वह झटके साई सुरु नहीं हो पायेगी। मेरा नाम आकाश है, मैं 19 साल का हूं, 5.7 हाइट। बहुत पहले डैड काई गुजर जाने काई बाद में या … Read more
पाँच सहेलियाँ Part 2 अब आप लोगो को सुनाते है नेहा की कहानी। नेहा गर्मियों की छुट्टियों में अपने मामा के यहा गयी थी, वहा उसकी कजिन सिस्टर मीना थी जो उस से 4 साल बड़ी थी। दोनों साथ मे रहती थी। एक रात मीना ने नेहा … Read more
पाँच सहेलियाँ नमस्कार, आप लोगो के बीच मैं पहली बार कहानी लेकर आ रहा हूँ। आप लोगो को पसंद आये और आपका प्यार मिले। इस कहानी में कई किरदार है, कई किस्से है। मिलते है पांच मुख्य किरदार से: 1 रानू … Read more
पाँच सहेलियाँ Part 2 अब आप लोगो को सुनाते है नेहा की कहानी। नेहा गर्मियों की छुट्टियों में अपने मामा के यहा गयी थी, वहा उसकी कजिन सिस्टर मीना थी जो उस से 4 साल बड़ी थी। दोनों साथ मे रहती थी। एक रात मीना ने नेहा … Read more
पाँच सहेलियाँ नमस्कार, आप लोगो के बीच मैं पहली बार कहानी लेकर आ रहा हूँ। आप लोगो को पसंद आये और आपका प्यार मिले। इस कहानी में कई किरदार है, कई किस्से है। मिलते है पांच मुख्य किरदार से: 1 रानू … Read more
कली और फूल – दो बहनों की दास्ताँ Part 2 कोमल को उसके रूम में छोड़ कर आने के बाद अंकिता अपने रूम में आ गई | हॉल में लगी घडी ११ बार घंटी बजा रही थी , वहा बेड पे आलोक फ़ोन पे किसी … Read more
कली और फूल – दो बहनों की दास्ताँ Part 2 कोमल को उसके रूम में छोड़ कर आने के बाद अंकिता अपने रूम में आ गई | हॉल में लगी घडी ११ बार घंटी बजा रही थी , वहा बेड पे आलोक फ़ोन पे किसी … Read more
कली और फूल – दो बहनों की दास्ताँ मैं अभी कहानी लेखन में बहुत ही नई कलम हु। मैंने इसके पहले कभी कोई कहानी या कविता नही लिखी.. ये मेरी प्रथम कहानी होगी इस मंच पर.. इससे पहले की मैं थ्रेड स्टार्ट करू कुछ बाते … Read more