सीता –एक गाँव की लड़की अध्याय 2
कोमल दीदी खुद ही चलकर मेरे पास आ गई।“सीता,मैं आप लोगों की दिल दुखाना नहीं चाहती थी। मैं तो बस एक दोस्त की तरह जुड़ना चाहती हूँ। अगर आप लोगों को मेरी बातों से ठेस पहुँची हो तो प्लीज माफ कर देना। पर प्लीज दोस्ती मत छोड़ना।”मैं उन्हें एक टक देखी जा रही थी। उनकी … Read more