लाड़ला देवर ( देवर भाभी का रोमांस) अध्याय 5
तो बच्चों का फ़र्ज़ भी है, कि वो उनकी भावनाओं का सम्मान करें… फिर मेने दोनो भाइयों से मुखातिब होकर कहा – आप लोगों ने भी तो वही राह चुनी जो बाबूजी ने सुझाई थी, तो मे कैसे अलग राह चुन सकता हूँ… मेरी बातें सुनकर सबकी आँखें नम हो गयी, और बारी-बारी से सबने … Read more