लाड़ला देवर ( देवर भाभी का रोमांस) अध्याय 5

तो बच्चों का फ़र्ज़ भी है, कि वो उनकी भावनाओं का सम्मान करें… फिर मेने दोनो भाइयों से मुखातिब होकर कहा – आप लोगों ने भी तो वही राह चुनी जो बाबूजी ने सुझाई थी, तो मे कैसे अलग राह चुन सकता हूँ… मेरी बातें सुनकर सबकी आँखें नम हो गयी, और बारी-बारी से सबने … Read more

लाड़ला देवर ( देवर भाभी का रोमांस) अध्याय 4

https://shareus.in/?i=ds76cT रामा बेटी… कहाँ हो सब लोग…? उनकी आवाज़ सुनकर, हम तीनों को जैसे साँप सूंघ गया, जो जिस पोज़िशन में था, वहीं जम गया… फिर भाभी को जैसे होश आया हो, वो झटपट मेरे मुँह से उठी, और दीदी से बोली – रामा तुम जल्दी से नीचे चलो, मे दो मिनिट में आती हूँ… … Read more

लाड़ला देवर ( देवर भाभी का रोमांस) अध्याय 3

लाड़ला देवर ( देवर भाभी का रोमांस) अध्याय 3 मुझे देखते ही सब खुश हो गये, मोहिनी भाभी मेरी टाँग खींचते हुए बोली… लो जी.. आ गये देवर राजा.. बड़े आटिट्यूड वाले हैं.. भाभी बेचारी कब से इंतेज़ार में हैं.. कि उनके प्यारे, दुलारे, जगत से न्यारे देवर जी आएँ तो वो उन्हें लाड करें.. … Read more

लाड़ला देवर ( देवर भाभी का रोमांस) अध्याय 2

लाड़ला देवर ( देवर भाभी का रोमांस) अध्याय 2 हम 60-70 किमी निकल आए थे, भैया ने जो जगह घूमने के लिए बताई थी, वो आने वाली थी… आगे एक छोटे से गाओं के बाहर सड़क के किनारे चाय नाश्ते की टपरी सी थी, मेने उसके पास पहुँचकर अपनी बाइक रोकी और कुच्छ नाश्ते के … Read more

लाड़ला देवर ( देवर भाभी का रोमांस) अध्याय 1

लाड़ला देवर ( देवर भाभी का रोमांस) आईईईईईईईईई……. भाबीईईईईईईई………..मररररर….. गय्ाआ…..रीईईईईईईईईईईईईईईईईईई……उफ़फ्फ़…उफ़फ्फ़….रुकूओ…प्लीज़… क्या हुआ मेरे शेर….को…, मेरे लेडल देवेर को…! पुच….!! मेरा राजा बेटा..!! क्या हुआ..? बताओ मुझे….? मोहिनी भाभी अपने लाड़ले देवर अंकुश के गाल को प्यार से सहलाते हुए बोली. अंकुश – अरे… उठो.. जल्दी…मेरा फटा जा रहा है…! आईईई….माआ…! मोहिनी – अरे क्या फटा … Read more

कामूकता की इंतेहा Chapter 3

कामूकता की इंतेहादोस्तो, उस सर्दी की शाम में भी हम दोनों इस तूफानी चुदाई से पसीने से तरबतर थे। उसका मुझे पता नहीं, लेकिन मुझे चुदते वक़्त किसी और चीज़ की होश नहीं थी, शायद इसे ही जन्नत कहते हैं।खैर मुझे चोदते चोदते एकदम ढिल्लों रुका और चलता हुआ वाइब्रेटर एकदम मेरी गांड से बाहर … Read more

कामूकता की इंतेहा Chapter 2

कामूकता की इंतेहावो बोला- नखरे मत कर, बाहर गाड़ी खड़ी है, चुपचाप चल के बैठ जा, समझी!मैं मुँह सा बनाती, उन ऊंची एड़ी के सैंडलों पर धीरे धीरे उसके साथ चलने लगी। ऐसा लग रहा था कि मेरे चूतड़ निकर फाड़ के कभी भी बाहर आ सकते हैं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।चूतड़ मटकाती उसकी फारचूनर … Read more

कामूकता की इंतेहा Chapter 1

कामूकता की इंतेहा लेखिका:-रुपिंदर कौर नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम रूपिंदर कौर है और मैं पंजाब की रहने वाली हूँ। मेरा कद 5’2″ इंच है और रंग गोरा है। शादी से पहले मैं बहुत जिम जाती थी क्योंकि मेरे मम्मे तो बहुत बढ़ गये थे लेकिन मेरा पिछवाड़ा थोड़ा कम बाहर निकला था। इसलिए मैंने वहां … Read more

भाई बहन की करतूतें

मेरा नाम विशाल है, और मेरा परिवार उत्तरी भारत के एक छोटे से कस्बे में रहता है। मेरे पिताजी एक पब्लिक सैक्टर युनिट में काम किया करते थे, लेकिन जब मैं सिर्फ़ सात साल का था तभी पापा का दिल का दौरा पड़ने से स्वर्गवास हो गया था। मम्मी की अनुकम्पा के आधार पर पिताजी … Read more

सीता –एक गाँव की लड़की अध्याय 2

कोमल दीदी खुद ही चलकर मेरे पास आ गई।“सीता,मैं आप लोगों की दिल दुखाना नहीं चाहती थी। मैं तो बस एक दोस्त की तरह जुड़ना चाहती हूँ। अगर आप लोगों को मेरी बातों से ठेस पहुँची हो तो प्लीज माफ कर देना। पर प्लीज दोस्ती मत छोड़ना।”मैं उन्हें एक टक देखी जा रही थी। उनकी … Read more