मेरी एजेंट माँ अध्याय 4
मेरी एजेंट माँ अध्याय 4 मेरी बात सुनकर अनवर ने एक गहरी सांस ली और अचानक से अपना 8 इंच का काला लंड मेरी चूत के अंदर धकेल दिया। फिर मेरी आँखें उसकी गर्तिका से बाहर निकलीं और उसमें से आंसू लुढ़क गए और मैंने अपना मुँह … Read more
मेरी एजेंट माँ अध्याय 4 मेरी बात सुनकर अनवर ने एक गहरी सांस ली और अचानक से अपना 8 इंच का काला लंड मेरी चूत के अंदर धकेल दिया। फिर मेरी आँखें उसकी गर्तिका से बाहर निकलीं और उसमें से आंसू लुढ़क गए और मैंने अपना मुँह … Read more
मेरी एजेंट माँ अध्याय 3 एक अप्रत्याशित मोड़ मेरा दिल इतनी तेजी से धड़क रहा है, क्योंकि मैं ध्वनि रिकॉर्डिंग खोलने के लिए उत्सुक हूं और मेरी मां को छिपा हुआ पक्ष ढूंढता हूं। मैंने सबसे पहले फ्रेश होकर खाना खाया … Read more
मेरी एजेंट माँ अध्याय 2 यह स्पष्ट है कि माँ अंदर कोई ब्रा नहीं पहनती है क्योंकि माँ के स्तन ऊपर, नीचे और बग़ल में उसकी हरकतों के साथ करतब दिखा रहे थे और मेरी माँ के निपल्स के मैक्सी के माध्यम से पोक करने का एक … Read more
मेरी एजेंट माँ अध्याय 1 हाय सब इम श्रीराज, सबसे पहले मुझे अपने खराब अंग्रेजी लेखन कौशल के लिए खेद है। इस कहानी में मैं आपको अपनी माँ वनजा और उसके … Read more
चूतो का मेला Chapter 1 दोस्तो एक और नई कहानी पेशेखिदमत है आपकी वैसे तो दो कहानियाँ पहले ही रनिंग मे है पर धीरे धीरे अपडेट देता रहूँगाऔर वैसे भी हमारे इस फोरम मे लोग सिर्फ़ पढ़ने के लिए आते हैं कोई भूले बिछड़े कमेंट पास कर दे वो अलग बात है ज़िंदगी के … Read more
पापी परिवार की पापी वासना Chapter 5 ‘मेरा पहलवान चोदू बेटा।’, अपने वक्राकार नितम्बों को प्रतिक्रिया में उसके तन पर मसलते हुए टीना जी ने सोचा। जय भी कंपकंपा उठा था, अपनी सुरूपा, कामाक्षी माता के संग पीछे से सम्भोग क्रिया के लिये तैयार होता हुआ, वो तीव्र दैहिक इच्छा के … Read more
पापी परिवार की पापी वासना Chapter 4 “बेटे ने तो सुबह अच्छी चुदाई की, देखें अब पतिदेव रात को क्या गुल खिलाते हैं !”, इस तरह सोचते हुए टीना जी ने अपने तेजी से गर्माते जननांगों को शीतल करने के वास्ते अपनी जाँघं जरा सी खोल दीं। जानती थीं कि कुछ ज्यादा … Read more
पापी परिवार की पापी वासना Chapter 3 बहनचोद ! रुका क्यों ? टट्टे सूख गये क्या !” । जिस्मानी जुनून में बेक़ाबू होकर मासूम लगने वाली डॉली गाली-गलौज कर रही थी। उसकी पीठ कमान की तरह पीछे को तनी थी। लम्बे बाल जन्गली जानवर जैसे हवा में लहरा रहे थे। … Read more
पापी परिवार की पापी वासना Chapter 2 11 बाप रे बाप नाश्ते के बाद सोनिया एक नॉवल ले कर पूल के पास आराम कुर्सी पर पाँव लंबे कर के लेट गयी। उसका विचलित मन कहाँ उसे नॉवल पढ़ने देता ? वो तो आने वाले मजे की उत्सुकता में हिलोरें ले रहा … Read more
पापी परिवार की पापी वासना chapter 1 पात्र परिचय 1st- फैमिली दीपक शर्मा ( पापा ) टीना शर्मा ( मम्मी ) जय शर्मा ( बेटा ) सोनिया शर्मा ( बेटी ) राजेश ( सोनिया का दोस्त ) आशीष ( सोनिया … Read more