तरक्की का सफ़र लेखक: राज अग्रवाल

  तरक्की का सफ़र  लेखक: राज अग्रवाल (भाग-१) मैंने बिस्तर पर करवट बदल कर खिड़की के बाहर झाँका तो देखा सूरज देवता उग चुके थे। मैं उठ कर बैठा और एक सिगरेट जला ली। रात भर की चुदाई से सिर एक दम भारी हो रहा था। एक कप स्ट्राँग कॉफी पीने की जबरदस्त इच्छा हो … Read more

तरक्की का सफ़र लेखक: राज अग्रवाल

  तरक्की का सफ़र  लेखक: राज अग्रवाल (भाग-१) मैंने बिस्तर पर करवट बदल कर खिड़की के बाहर झाँका तो देखा सूरज देवता उग चुके थे। मैं उठ कर बैठा और एक सिगरेट जला ली। रात भर की चुदाई से सिर एक दम भारी हो रहा था। एक कप स्ट्राँग कॉफी पीने की जबरदस्त इच्छा हो … Read more

Maa and i

   नमस्ते मेरा नाम नील है।  अब मैं अपनी माँ और MITIN आंटी से संबंधित वास्तविक जीवन की कहानी साझा करने जा रहा हूँ।  वह मेरी मां की प्यारी छोटी बहन के अलावा और नहीं है।  मेरी माँ के अंग बाद में आएंगे, यह कहानी मेरी मितिन आंटी के साथ शुरू हुई जब वह पहली … Read more

Maa and i

   नमस्ते मेरा नाम नील है।  अब मैं अपनी माँ और MITIN आंटी से संबंधित वास्तविक जीवन की कहानी साझा करने जा रहा हूँ।  वह मेरी मां की प्यारी छोटी बहन के अलावा और नहीं है।  मेरी माँ के अंग बाद में आएंगे, यह कहानी मेरी मितिन आंटी के साथ शुरू हुई जब वह पहली … Read more

रीमा —– Antarvasna Chapter 5

 रीमा   —– Antarvasna Chapter 5 रोहित ने एक तरीका ढूंढ ही लिया | उसने रीमा के गोरे नाजुक बदन की मसाज करने की सोची, हालाँकि उसने ये कभी किया नहीं था लेकिन वह रीमा के नाजुक  बदन का इक एक रोम का स्पर्श करना चाहता था  रोहित ने अपने आप ही ढूंढ के मसाज आयल … Read more

रीमा —– Antarvasna Chapter 4

             रीमा   —– Antarvasna Chapter 4 रीमा वासना के परमानन्द में डूबी हुई थी और बडबडा रही थी – ओह यस ओह यस, चोदो मुझे, अन्दर तक चोदो मुझे, अपने मोटे लंड से फाड़ दो मेरी चूत को, चीर के रख दी इन जालिम चूत की दीवारों को, दिन रात … Read more

रीमा —– Antarvasna Chapter 3

             रीमा   —– Antarvasna Chapter 3 रीमा ने रोहित के सामने अपने जिस्म और मन दोनों का समर्पण कर दिया, अब उसके अन्दर किसी बात का प्रतिरोध करने की शक्ति ख़त्म हो गयी थी | रीमा ने अपनी जांघे रोहित के लिए खोल दी थी |  उसकी दुधिया गुलाबी गीली … Read more