मैं दिवाना बहनों का अध्याय 9

  



           मैं दिवाना बहनों का  अध्याय     9



उसने मॉम को कुछ नहीं बताया और अब मैं रोज ही किसी ना किसी तरह उससे सेक्स की बातें करता रहता.. कभी कहता कि तू भी अपनी किसी फ्रेंड के साथ सेक्स करती होगी.. ऐसे ही उससे बातें करता रहता।


एक दिन मैं लगभग 2 बजे के आस-पास ही घर जल्दी आ गया था। उस दिन मेरा मन सोनिया को चोदने का कर रहा था। मैंने उसके कमरे में जाकर उसकी अलमारी में से उसकी ब्रा और पेंटी निकाली और उसको सूँघने लगा। आप मानो या ना मानो लेकिन उस वक़्त मैं सातवें आसमान पर था। उसमें से भीनी-भीनी सी महक आ रही थी और मैं अपनी आँखें बंद करके उसको सोचते हुए मुठ मारने लगा। थोड़ी ही देर में मैंने अपने लंड का सारा पानी उसकी ब्रा और पेंटी में ही छोड़ दिया और वैसे ही उसकी अलमारी में रख दी.. सबसे आगे ही.. जैसे पहले पड़ी हुई थी।


शाम को मेरी दीदी जब वापिस आई तो हम दोनों थोड़ी सी बातें की और वो कहने लगी कि भैया आज मैं थकी हुई हूँ तो क्या आप घर की सफाई कर डोज?

मैंने कहा- ठीक है..


फिर वो नहाने लिए चली गई। मैं भी फटाफट मौका पा कर उसके बाथरूम की खिड़की के पास जा कर खड़ा हो गया और उसको देखने लगा। उसने अपने येलो कलर के सूट को उतारा तो मेरी आँखें चमक उठीं। दीदी की तनी हुई छाती देख कर मेरा लंड ऊपर-नीचे होने लगा। मेरे मुँह में पानी आने लगा। उसने फिर अपनी सलवार उतारी और फिर ब्रा और पेंटी.. ये देख कर तो मैं पागल सा हो गया था।


क्या बताऊं यारों.. मैं अपने आप पर काबू नहीं रख पा रहा था और वहीं अपने लंड पर थूक लगा कर मुठ मारने लगा।

पता नहीं कैसे.. मगर मेरी आहट से उसको पता चल गया कि मैं उसको देख रहा हूँ.. और उसने कहा- कौन है वहां खिड़की के पास?


इतने में मेरा पानी निकल गया था। मैंने वैसे ही अपने अंडरवियर ऊपर किया और फिर पजामा ऊपर करके दूसरी तरफ से भाग कर उसके रूम पर नॉक किया।


मैंने तेज आवाज में पूछा- क्या हुआ.. कौन है?

उसने कहा- कोई नहीं।

और जैसे ही मैं जाने लगा तो उसने फिर से आवाज़ लगाई और बाथरूम के अन्दर से ही पूछने लगी कि भैया आप मेरे रूम में गए थे क्या?

तो मैंने कहा- नहीं..


लेकिन वो समझ गई थी कि मैं ही उसके रूम में गया था और उसकी पेंटी और ब्रा पर मेरा ही माल लगा था। वो बाहर आई और उसने मेरी तरफ देखा।

बोली- आपको क्या चाहिए? आप ऐसी हरकतें क्यों करते हो.. और देखो आप का पजामा भी.. अभी भी आप ही थे ना खिड़की के पास?


तो मैंने कहा- हाँ में ही था और मैं ही तुझको देख कर मुठ मार रहा था और मैंने ही तेरी ब्रा और पेंटी पर अपना माल लगाया है।

यह बोल कर मैं रोने लगा.. उसने मुझको प्यार से अपने गले से लगा लिया और बोली- भैया मैं आपकी मदद करूँगी.. आप अपने रूम में चलो.. मैं आती हूँ।


मैं समझ नहीं पा रहा था कि ये सब क्या हो रहा है और वो अब क्या करने वाली है।

मैं अपने रूम में जा कर उसके आने का इंतजार करने लगा। दीदी 10 मिनट बाद आ गई और इस वक्त उसने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी ही पहनी हुई थी।


अन्दर आते ही उसने रूम को अन्दर से लॉक कर दिया और मेरे पास आकर बैठ कर कहने लगी- भैया, मैं आप को ऐसा नहीं देख सकती।

और उसने मुझको गाल पर किस कर दिया।


मैंने भी उसको अपने गले से लगा लिया और झट से उसको लिप किस करने लगा। पहले तो उसको जरा सी झिझक सी लगी.. लेकिन कुछ ही देर में वो भी मेरा साथ देने लगी।

अब मैं समझ गया था कि वो भी गरम हो गई है। मैंने उसको किस करते हुए अपने सारे कपड़े भी उतार दिए और उसकी गर्दन पर किस करने लगा।

वो भी अब मेरा पूरा साथ दे रही थी और ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाज़ निकाल रही थी, जिससे मेरा और जोश बढ़ रहा था।


फिर मैंने उसकी ब्रा निकाल दी। उसके बड़े-बड़े बोबे अब आज़ाद हो चुके थे और मैं उन दोनों को बारी-बारी से चूसने लगा। वो मेरे बालों को पकड़ कर और ज़ोर लगा रही थी। फिर मैंने उसकी पेंटी भी निकाल दी और दीदी की गुलाबी चुत को अपनी जीभ से चाटने लगा। वो अब एकदम मस्त हो चुकी थी। मैं उसकी गुलाबी चुत में अपनी जीभ डाल रहा था और उसके मम्मों को दबा रहा था।


फिर मैंने उसको अपना लंड चूसने के लिए कहा.. पहले तो उसने 1-2 बार मना किया लेकिन फिर लंड के टोपे पर अपनी जीभ लगाने लगी। उस वक़्त ऐसा लग रहा था मानो अगर दुनिया में कही जन्नत है तो वो यही है।


वो लंड को अपने मुँह में लेने से डर सी रही थी.. मैंने अचानक से उसके बाल पकड़े और अपने लंड की ओर दबाव लगाकर अपना पूरा लंड उसके गले तक उतार दिया। उसकी आँखों में से आँसू निकल रहे थे.. लेकिन मेरे ऊपर तो मानो भूत सा सवार था.. मैं नहीं रुका। इस तरह एक बार तो मैंने उसके मुँह में ही अपना सारा पानी निकाल दिया।


फिर वो थोड़ी सी दूर हो गई और ज़ोर-ज़ोर से सांस लेने लगी। मैं उसको किस करने लगा और उसको सीधा लिटा कर उसकी चुत को फिर से चाटने लगा।


दीदी के मुँह से आवाजें निकल रही थीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… भैया.. ओह अब और मत तड़पाओ.. मुझको प्यास लगी है.. मेरी प्यास बुझा दो.. मैं और नहीं सह सकती।

मैंने अपने लंड का निशाना सीधा अपनी बहन की चुत पर लगाया और एक ही बार में अपना लंड का टोपा सीधा उसकी चुत के अन्दर डाल दिया।

लंड घुसते ही वो चीख उठी- ओह भैया.. इसको बाहर निकालो.. मैं मर गई।


उसकी आँखों में से आँसू आने लगे.. वो रो रही थी.. लेकिन मैं नहीं रुका और धीरे-धीरे लंड को आगे-पीछे करता रहा। जब थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ तो फिर मैंने एक और ज़ोरदार झटका मारा और मेरा 4 इंच लंड अन्दर घुस गया। उसकी आवाज़ तेज होती जा रही थी.. इसलिए मैं साथ ही साथ उसको लिप किस भी करने लगा।


फिर एक और ज़ोरदार झटका मारते ही मेरा 7 इंच लंबा लंड मेरी बहन की चुत में जड़ तक था।


वो रो रही थी , शायद मैंने ही दीदी को चोदा पहली बार… उसका यह फर्स्ट टाइम था.. इसलिए शायद उसको ज़्यादा दर्द हो रहा था। मैं अपने चरम पर था.. मैंने बिना कुछ सोचे और ज़ोर से धक्के देने लगा। करीब 15 मिनट बाद जा कर मैं उसकी चुत में ही झड़ गया और कुछ देर ऐसे ही पड़ा रहा। मेरा लंड उसकी चुत में ही पड़ा था।


जब कुछ मिनट बाद मैं उठा तो मेरी बहन मेरा लंड देख कर डर गई। उसने देखा कि मेरे लंड पर उसकी चुत का खून लगा हुआ था। वो ये देख कर रोने लगी। फिर मैंने उसको समझाया और हम दोनों नहाने चले गए।


उस दिन हम दोनों एक साथ ही नहाए और फिर मैंने उसको आराम करने को कहा।

तो उसने कहा- अभी सब्जी रोटी बनानी है.. मॉम आने वाली होंगी।

तो मैंने कहा- तू चिंता मत कर, मैं आज बाहर से ही ले आऊंगा।


जब रात को मॉम आईं तो मैं तब तक बाहर से खाना ला चुका था तो मॉम को लगा शायद सोनिया की तबीयत ठीक नहीं है इसलिए उसने खाना नहीं बनाया। लेकिन मैंने कहा- आज हमारा मन बाहर के खाने का था.. इसलिए नहीं बनाया।


अब आप लोगों को मेरी सेक्स स्टोरी कैसी लगी.. आप मुझको ज़रूर बताना।


दीदी की गाँव में की चुदाई


दोस्तों में गाँधीधाम का रहने वाला हूँ और कुछ समय पहले मुझे पता चला कि हमारे पास के एक गाँव में मेरे कज़िन की शादी है तो इसलिए में, मेरा भाई और मेरी मामी शादी से चार दिन पहले ही चले गये। वहां पर पहले से कई करीब के रिश्तेदार भी आ गये थे। फिर में और मेरा भाई ऐसे ही चक्कर मारने निकल पड़े और कुछ दूरी चलने के बाद हमें कुछ मकान छोड़कर पास वाले एक घर में एक ज़बरदस्त लड़की दिखी, वाह क्या मस्त सेक्सी लग रही थी और वो मुझसे करीब तीन चार साल बड़ी लग रही थी, लेकिन उसका साईज़ देखकर मेरा लंड नाचने लगा और उसके फिगर का साईज करीब 38-32-36 होगा और वो कलर में थोड़ी सांवली थी। मैंने पहली एक बार देखकर उसे स्माईल दी। फिर मुझे उसकी तरफ से इतना कुछ ख़ास जवाब नहीं मिला और में थोड़ा आगे की तरफ चला गया और फिर मुझे पता चला कि जिस कज़िन की शादी है, यह लड़की उसकी सहेली है, क्योंकि वो घर में बहुत आना जाना कर रही थी तो इसलिए में बस अब उससे थोड़ी नज़र मिलाने लगा, लेकिन अब मुझे उसकी तरफ से अच्छा जवाब मिलने लगा था।


फिर में बस थोड़ी बहुत बात करने लगा था, शाम को जब में छत पर गया तो मैंने देखा कि वो भी पास वाली छत पर थी और अब हम दोनों बातें करने लगे। उसका नाम सीमा था, मुझे उससे बात करते करते पता चला और मुझे उससे यह भी पता चला कि वो मुझसे करीब दो साल बड़ी थी। फिर रात को जब हम सोने जा रहे थे तो मामा ने मुझसे कहा कि हमारी छत पर आज बिल्कुल भी जगह नहीं है और तुम पास वाली छत पर जाकर सो जाना। दोस्तों उनके मुहं से यह बात सुनकर मेरे मन में लड्डू फूटने लगे थे तो में तुरंत अपने लिए बिस्तर लेकर पास वाली छत पर चला गया। फिर मैंने वहां पर पहुंचकर देखा कि वो भी उस समय ऊपर ही सो रही है। वैसे दोस्तों हमारे अलावा कुछ और भी लोग वहां पर थे। फिर मैंने अपना बिस्तर उसके पास ही लगा लिया और बातों ही बातों में उसने मेरा मोबाइल ले लिया, पहले मुझे थोड़ा सा डर लगने लगा था,


क्योंकि मैंने ब्लूफिल्म बंद नहीं की थी। अब मैंने सोने का नाटक किया। फिर जब एक बज रहे थे तो मुझे नींद में ही उसकी सिसकियों की आवाज़ आ रही थी और जब मैंने थोड़ी आँख खोली तो देखा कि वो मेरे फोन पर ब्लूफिल्म बिना आवाज़ के देख रही थी और उसका एक हाथ नीचे उसके कपड़ो के अंदर था। दोस्तों में तुरंत समझ गया कि यह अब वो फिल्म देखकर बहुत जोश में आ चुकी है और अब वो अपनी गरम चूत में उंगली कर रही है। फिर मैंने कुछ नहीं किया और सो गया। अगली रात को मैंने फिर से उसे अपना मोबाईल दे दिया और दोबारा से सोने का नाटक करने लगा और फिर कुछ देर बाद वो दोबारा मेरे मोबाईल पर फिल्म देखकर अपनी चूत में दोबारा उंगली करने लगी थी। फिर क्या था और जब वो कुछ देर बाद झड़कर बिल्कुल शांत हो गई तो मैंने चुपके से उसके कान के पास में जाकर उससे बोला कि तुम यह क्या कर रही थी? तो वो अचानक से मुझे अपने पास देखकर और मेरे मुहं से यह बात सुनकर एकदम से डर गयी थी और फिर उसने मुझसे कहा कि प्लीज़ धीरे बोलो वरना किसी ने सुन लिया तो बहुत बड़ी समस्या हो जाएगी। फिर मैंने उससे बोला कि में नीचे पानी पीने जा रहा हूँ, तुम मुझे वहां पर मिलो। अब वो एकदम चुपचाप मेरे पीछे पीछे नीचे आ गई। फिर में आगे आगे नीचे जाने लगा और वो आ गई और अब वो मेरे सामने शरम से अपना सर नीचे झुकाकर खड़ी हुई थी।


फिर मैंने उससे कहा कि तुम मुझसे बिल्कुल भी मत डरो, में किसी को कुछ भी नहीं बताऊंगा और यह बात हमेशा हम दोनों के बीच में रहेगी, लेकिन अगर तुम मेरा साथ दो तब ऐसा हो सकता है और फिर मैंने उसका एक हाथ पकड़ लिया और उसे एक स्माईल दी तो वो भी मेरी तरफ हंसने लगी। दोस्तों अब मैंने उस अच्छे मौके का फ़ायदा उठाया और उसे तुरंत हग कर लिया, वो पहले मुझसे मना करके दूर हटने लगी। फिर मैंने उससे कहा कि अब ज्यादा नाटक मत करो वरना में सभी लोगों को सब कुछ सच सच बता दूँगा कि तुम क्या कर रही थी। फिर उसने कहा कि प्लीज़ तुम्हें जो कुछ भी करना है करो, लेकिन किसी को कुछ भी बताना मत, वरना मेरी बहुत बदनामी होगी और मेरे घर वाले मुझे बहुत मारेंगे। दोस्तों अब मुझे उसकी तरफ से ग्रीन सिग्नल मिल गया, जिसको देखकर में मन ही मन बहुत खुश हो गया और अब मैंने उसे किस करते हुए उसे हग किया, हम लोग उस समय बहुत अंधेरे में खड़े हुए थे और उस समय सभी लोग सो भी चुके थे, इसलिए कोई भी हमें नहीं देख पा रहा था। फिर कुछ देर बाद मैंने महसूस किया कि वो भी अब हल्की हल्की गरम होने लगी थी। फिर मैंने कुछ देर पेंटी के ऊपर से ही चूत को सहलाया और छूकर उसकी गरमी को महसूस किया और फिर जैसे ही कुछ देर बाद मैंने उसकी पेंटी में अपना हाथ डाला तो मैंने महसूस किया कि वो तो पहले से ही बिल्कुल गीली थी।


फिर बस थोड़ी देर चूत पर अंदर बाहर हाथ घुमाने के बाद मैंने उससे कहा कि कल रात को तुम मुझे फिर से मिलना और फिर वो वहां से चली गई। में अब बस अगली रात होने का इंतज़ार कर रहा था, मेरा वो दिन बहुत मुश्किल से निकला और में पूरे दिन उसकी चूत बूब्स के बारे में सोचता रहा, मेरा बहुत बुरा हाल था। फिर कुछ घंटो बाद रात को मैंने दोबारा पास वाली छत पर उसके पास अपना बिस्तर लगाकर उससे बातें करने लगा। कुछ घंटो बाद की हंसी मजाक करने के बाद जब सभी लोग सो गए तो मैंने सही मौका देखकर उसे इशारा किया और उससे कहा कि तुम मेरे पीछे आ जाओ। वो मेरे पीछे आ गई। फिर में उसे अपने साथ नीचे ले गया और एक बिल्कुल अँधेरी, सुरक्षित जगह देखकर में किस करने लगा और फिर से उसकी पेंटी के हाथ डालकर चूत में उंगली करने लगा और अपने एक हाथ से उसके बूब्स को दबाने लगा और कुछ देर बाद उसने मुझसे कहा कि यहाँ पर नहीं, एक रूम बिल्कुल खाली है और तुम मेरे साथ वहाँ पर चलो। फिर हम दोनों उस रूम में चले गये। फिर मैंने दरवाजा खोलकर देखा तो वहां पर कोई भी नहीं था बस एक बिस्तर पड़ा हुआ था, शायद वो हमारे लिए ही था। में उसे कुछ देर खड़े खड़े ज़ोर से किस करते हुए बिस्तर पर ले गया और फिर उसके कपड़े उतारने लगा और वो भी अब तक बहुत गरम हो गयी थी, अब में उसके गरम, मुलायम बूब्स को दबाने और चूसने लगा और वो सिसकियाँ लने लगी, सस्स्स्स्ईईईईइ आह्ह्ह्हह्ह। फिर में धीरे से चूत की तरफ बढ़ने लगा और उसकी चूत को चाटने लगा और बहुत देर बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसके मुहं में देने लगा।


फिर वो मुझसे साफ मना कर रही थी। मैंने उसका सर जबरदस्ती पकड़ा और अपना लंड उसके बालों को खींचते हुए उसके मुहं में डाल दिया और बहुत देर तक जबरदस्ती अपना लंड चुसाने के बाद अब वो खुद बहुत अच्छे से चूसने लगी। अब उसने मुझसे कहा कि प्लीज़ आज तुम मेरी चूत की खुजली को अच्छी तरह से मिटा दो, मेरी तड़पती तरसती चूत को आज तुम पूरी तरह से शांत कर दो। फिर मैंने जोश में आकर उसको नीचे लेटा दिया और उसकी प्यासी चूत में लंड को डालने लगा, में धीरे धीरे अपने लंड को आगे की तरफ धकेलने लगा तो वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी, आह्ह्ह्हह उफफ्फ्फ्फ़ आईईई और मुझे उसके चिल्लाने से ही पता लग रहा था कि वो कितनी प्यासी है? फिर मैंने उसके मुहं पर अपना एक हाथ रखकर उससे कहा कि प्लीज अब ज्यादा मत चिल्ला वरना कोई सुन लेगा। फिर वो कुछ शांत हो गई और हल्की हल्की सिसकियाँ लेने लगी, में अब लगातार अपने लंड को अंदर बाहर करता रहा और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन कुछ देर बाद उसने अपना पानी छोड़ दिया और फिर भी में उसे चोदता ही रहा।


फिर कुछ देर बाद में लंड को चूत से बाहर निकालकर उसकी गांड में डालने लगा तो वो बहुत ज़ोर से चिल्लाने लगी। उसने मुझसे कहा कि प्लीज़ इसे बाहर निकालो, प्लीज़ उफ्फ्फ्फ़ माँ आईईइ में मर जाउंगी, मुझे बहुत आह्ह्ह्हह्ह दर्द हो रहा है, लेकिन फिर भी में थोड़ा सा रुककर चुदाई करने लगा और कुछ देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा था और में अपनी चुदाई की स्पीड को बढ़ाने लगा था। अब वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज तुम अपना पानी मेरे मुहं में छोड़ देना, मुझे उसे चखकर भी देखना है। फिर कुछ देर उसकी चुदाई करने के बाद फिर से अपने लंड को उसकी गांड से बाहर निकालकर उसके मुहं में दे दिया और वो बहुत मज़े ले लेकर चूसने लगी, लेकिन कुछ देर बाद मैंने अपना गरम पानी उसके मुहं में छोड़ दिया और वो उसे बहुत मज़े से चूसकर चाटकर गटक गई और थोड़ी देर तक उसकी चूत से खेलने के बाद फिर से मेरा लंड खड़ा हो गया और फिर मैंने उसे अपना लंड उसकी चूत में डालकर चोदना शुरू कर दिया, कुछ देर के धक्कों के बाद मैंने अपनी पोज़िशन बदल ली और अब में उसे डॉगी स्टाईल में चोदने लगा और बहुत देर तक लगातार धक्के देकर चुदाई करने के बाद मैंने उसकी गांड में दोबारा से अपना लंड घुसा दिया और ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा, लेकिन मैंने महसूस किया कि अब वो कुछ ज़्यादा ही ज़ोर से चिल्लाने लगी। फिर भी में नहीं रुका और अपना लंड डालता रहा और अब मैंने उसके मुहं में अपना लंड देकर लेट गया और वो बहुत देर तक चूसती रही और अब उसने खुद कहा कि मेरी गांड में अपना लंड घुसा दो और में फिर से अपना लंड उसकी गांड के अंदर डालने लगा और अब मैंने उसके दोनों पैरों को पूरे फैला दिए थे और साथ ही में उसकी चूत में उंगली भी कर रहा था। अब फिर से उसकी चूत का पानी निकल गया और अब उसे और भी मज़ा आने लगा था और फिर से में उसकी गांड में ही दूसरी बार झड़ गया और कुछ देर उसके पास थककर लेट गया।


फिर कुछ देर बाद मैंने उठकर अपने कपड़े पहने और टाईम देखा तो उस समय रात के करीब 3:45 हो रहे थे। में ऊपर जाकर सो गया और कुछ देर बाद वो भी मेरे पास आकर लेट गई और मुझे पता ही नहीं चला कि कब सुबह हो गई थी। दोस्तों अब शादी को दो दिन और थे, लेकिन फिर से मैंने शादी के जागरण वाली रात को उसे एक बार फिर से बहुत जमकर चोदा। मैंने उसकी चुदाई करके उसके जिस्म के बहुत मज़े लिए और उसने भी मुझसे मेरी चुदाई से खुश होकर मेरा हमेशा पूरा पूरा साथ दिया, लेकिन शादी के दो दिन बाद में अपने घर पर आ गया और उस समय मैंने उससे मिलकर कहा कि में दोबारा जरुर आऊंगा और हम दोबारा चुदाई के ऐसे ही मज़े लेंगे और अब में इंतजार कर रहा हूँ कि कब में फिर से अपने गाँव जाऊंगा और फिर से उसकी चुदाई करूंगा, में अब भी उसकी चुदाई को याद करके कभी कभी मुठ मार लिया करता हूँ और में आज तक उस चुदाई को नहीं भुला सका हूँ ।।


भाई से तुड़वायी सील


मेरा नाम मोनिका है। मैं हिमाचल की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 19 साल है। ब्रदर सिस्टर के सेक्स की यह बात करीब 2 साल पहले की है जब मैंने 12वीं के एग्जाम दिया था।


यह घटना मेरी और मेरे भाई की है। मेरे घर में मेरे अलावा मेरे पापा और ममा, मेरी निकिता दीदी जिनकी उम्र 21 साल है और 23 साल का मेरा भाई रोहन है। मेरी दीदी पापा की लाड़ली हैं और वो पापा के साथ ही रहती हैं। मेरी निकिता दीदी तभी घर आती है जब मेरे पापा घर आते हैं।


मेरी दीदी साड़ी और खुले गले का ब्लाउज पहनती हैं जिसमें उनका भूरा पेट, गहरी नाभि और आधी चूचियाँ साफ दिखती हैं। पापा और ममा उनको कभी मना नहीं करते हैं, बल्कि खुश होते हैं। मेरे पापा दिल्ली में जॉब करते हैं और मेरा भाई पंजाब में।

मेरे भाई रोहन की हाइट 5 फ़ीट 9 इंच और बॉडी बिल्डर जैसी बॉडी है।


मेरी हाइट 5 फ़ीट 3 इंच है और मेरा रंग गोरा है। मेरी चूचियों की साइज़ 32 कमर 28 और कूल्हे 36 के हैं।


मेरे स्कूल में लड़के मेरे कूल्हों के दीवाने हैं। मैं लड़कों की तरह छोटे बाल रखती हूँ। मुझे जीन्स ओर शर्ट टॉप पहनना पसन्द है। मेरी हाइट कम होने के कारण मेरे कूल्हे ज्यादा बड़े दिखते हैं। मेरी चूचियाँ गोल और ब्राउन कलर के निप्पल हैं, चेहरा गोल है।


मेरा भाई कंपनी में जॉब करता है। उनको खाना बनाने में दिक्कत होती थी तो ममा ने मुझसे कहा कि तुम चली जाओ भाई के साथ। वैसे भी मैं घर पर पूरा दिन खाली ही रहती थी तो मेरी भी इच्छा भाई के साथ जाने की थी। मैं भी चाहती थी कि मैं उनके साथ रहूँ क्योंकि मुझे वहाँ आजादी मिल जाती और वहाँ घूमने फिरने का मौका भी मुझे मिलता। और वैसे भी अपने रोहन भाई के साथ मुझे रहना, उनके साथ सोना, बातें करना- यह मुझे अच्छा लगता है।


घर में भी मेरा और भाई का एक ही कमरा है। मैं भाई के साथ हर बात शेयर कर लेती हूँ। यहाँ तक कि भाई मुझे गिफ्ट में ब्रा और पेंटी भी दे देते हैं। असलियत तो यह है कि मैं रोहन को ही अपना बॉयफ्रेंड मानती हूँ लेकिन रोहन को ये पता नहीं है कि उनकी छोटी बहन ही उनकी हमबिस्तर होने को तैयार है।


मैंने ममा की बात पर हाँ कर दिया और और भाई के साथ जाने को तैयार हो गयी। भाई भी खुश हो गए क्योंकि उनको खाना बनाने वाली जो मिल रही थी।


दिन में ममा कुछ बाजार के काम से बाहर चली गयी। मैं और भाई घर पर अकेले रह गए। तब भाई ने कहा कि मोनिका तुम अपने कपड़े पैक कर लो और मेरे कूल्हों पर हल्का सा चांटा लगा दिया। भाई ऐसा करते रहते थे।


आखिर हम भाई बहन सुबह घर से चल दिए और शाम को 8 बजे पंजाब भाई के रूम पर पहुँच गए। हम दोनों काफी थक गए थे तो मैंने और भाई ने शॉवर लिया और खाना खाया जो हम अपने घर से पैक करके ले आये थे।


खाना खाने के बाद हम दोनों ने सोने की तैयारी की। भाई के रूम में एक ही बेड था जिस पर हम दोनों लेट गए। मैं दीवार की तरफ मुँह करके सो गयी जिससे मेरे कूल्हे भाई की तरफ हो गए। भाई ने अपना लण्ड मेरे कूल्हों से सटा दिया और मेरे पेट पर हाथ रख कर मुझसे चिपक कर सो गए।


थोड़ी देर बाद मुझे अपने कूल्हों के बीच में हलचल महसूस हुई। मैंने सोचा कि भाई नींद में है, रहने दो, जो हो रहा है उसे होने दो … क्योंकि मजा तो मुझे भी आ रहा था।


थोड़ी देर बाद क्या हुआ कि भाई आगे पीछे होने लगे। तो मैंने अपने पैरों को थोड़ा खोल दिया जिस से भाई का लण्ड मुझे मेरी चूत पर महसूस होने लगा। उस समय मैंने लोवर के नीचे पैंटी नहीं पहनी थी। भाई अब थोड़ा तेजी से आगे पीछे होने लगे मगर मैं चुप पड़ी रही।

5 मिनट बाद भाई ने मुझे आवाज़ दी- मोनिका!

मैं कुछ नहीं बोली।

भाई ने दुबारा आवाज दी तब मैं बोली- हाँ भाई?

भाई- जाग रही हो?

मैं- हॉं भाई!

भाई- मेरी तरफ मुँह करके सो जाओ।

मुझे मालूम था कि भाई चोदना चाहते हैं मुझे। मैंने भाई की तरफ मुँह कर लिया और अपनी आँखे बन्द कर के सोने लगी।


भाई- मोनिका यार, क्या तेरा कोई बॉयफैंड है?

मैं- नहीं भइया, आपके पास कोई लड़का हो तो बताना!

और मैं हँस दी।

भाई भी हँसने लगे।


मैंने भाई से पूछा कि आपकी कोई गर्लफ्रैंड है क्या?

भाई- नहीं, जॉंब से फुर्सत हीं नहीं मिलती जो लड़की पटाऊँ। अब मुझे गर्लफ्रैंड की जरूरत नहीं है।

मै- क्यूँ?

भाई- तुम जो आ गयी हो, आज से तुम हो मेरी गर्लफ्रैंड।


इतना कहते ही भाई ने मेरी दोनों चूचियों के बीच मुँह रख दिया और अपना लण्ड मेरी चूत से सटा दिया।


मैं भी भाई से यही चाहती थी क्योंकि भाई मेरे बचपन से ही स्मार्ट रहे हैं। मैंने अपनी टांगें थोड़ी सी खोल क़र भाई के कूल्हों पर हाथ रख कर उनको अपनी तरफ खींच लिया।


तभी भाई पीछे हट गए।

मैं घबरा गयी कि अब क्या हो गया।

भाई- मोनिका, मुझे फुल मज़ा करना है।


यह कह कर भाई ने अपनी लोअर और टीशर्ट उतार दी। भाई ने नीचे अंडरवियन नहीं पहना था। भाई का लण्ड करीब 6 या 7 इंच लम्बा और करीब 3 इंच मोटा था। मुझे लगा कि मैं इसे नहीं ले पाऊँगी।


अपने कपड़े उतारने के बाद भाई मेरे भी कपड़े उतारने लगे। मेरी टीशर्ट उतारते ही चूचियॉं उनके सामने लहराने लगी। मुझे बहुत शरम महसूस हो रही थी।

तभी भाई मेरी चूचियों को हाथ में ले कर दबाने लगे।

भाई ने चूची को मुँह में भर लिया। मेरी सिसकारियाँ छूटने लगीं.. आह.. सीईईईईई ईईईई

मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं बता नहीं सकती। सच पूछो तो मेरी चूत से पानी निकलने लगा था।


तभी भाई ने मेरी लोअर निकाल दी। मेरी क्लीन चूत भाई के सामने थी। भाई ने चूत पर हाथ रखा और 1 उंगली अंदर डाल दी।


मुझे बहुत मजा आ रहा था। हम दोनों लोग नंगे ही एक दूसरे को गले लगाने लगे।


कुछ देर बाद भाई अपना लंड मेरे मुँह में डालने लगा। मैं उसको मना कर रही थी- नहीं, मैं यह नहीं करूंगी।

तो वो बोला- इसमें मज़ा आता है।


मैंने थोड़ा नानुकुर के बाद भाई का लंड चूसना शुरू कर दिया। मुझे लंड चूसना इतना अच्छा लग रहा था कि मैं बेशर्मों की तरह उसका लंड चूसती रही।


वह 69 पोजीशन में होकर मेरी चूत को सहलाने लगा फिर मैंने पाया कि उसकी जीभ मेरी चूत को चाट रही है। मैं मदहोश होकर आहें भरने लगी। हम दोनों भाई बहन पूराचुदाई के खेल में लग गये थे। वह मेरी चूत को अपनी जीभ से चोद रहा था और मैं आहें भर रही थी।


तभी वह उठा और अपनी मेज की दराज से एक कंडोम निकाल कर ले आया। मैं बिस्तर पर थी। उसने मेरे सामने खड़े होकर अपने लंड पर कंडोम चढ़ाया। मैं चुपचाप लेटी उसके खड़े लंड को देख रही थी।


कंडोम लगाने के बाद वह बिस्तर पर मेरे ऊपर चढ़ गया और अपने जिस्म से मेरे जिस्म को रगड़ने लगा। मैं भी एकदम चुदासी हो गयी थी, मैं कह रही थी- मुझे चोदो मेरे भाई!

मेरा भाई भी अब चुदाई करने के लिए बेचैन हो गया था। अपने लंड पर उसने कंडोम लगाया हुआ था। उसका खड़ा लंड कंडोम की वजह से चमक रहा था।


वह अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ रहा था। वह मेरी टांगों को फैला कर मेरे जांघों के बीच में आ गया और अपना लंड मेरी चूत में घुसाने लगा। मैं भी कसमसा रही थी कि यह जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दे और चोद चोद कर मेरा बुरा हाल कर दे। मैं भाई के लंड से चुदवाने के लिए इतनी गर्म और चुदासी हो गयी थी कि जब वह अपना लंड मेरी चूत में डाल रहा था तो उसके लंड को चूत पर फिसलता देख कर मैंने खुद उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर लगा दिया।


लंड को चूत के छेद पर सेट करने के बाद मैंने भाई को इशारे से कहा- अब मेरी चूत में लंड डालो।

भाई ने एक जोरदार धक्का लगाया तो उसका पूरा लंड एक बार में ही मेरी गीली चूत में पूरा समा गया। भाई का लंड इतना मोटा और बड़ा था कि मुझे बेइंतहा दर्द हुआ और मेरी चूत से खून निकलने लगा।


तभी भाई ने एक और धक्का मारा और भाई का लंड मेरी वर्जिन चूत के खून से लथपथ होकर चूत में गहराई तक समा गया। मैंने भाई को रुकने के लिए बोला तो भाई ने मेरे होठों को चूसना शुरू कर दिया।

होठों के चूसने से जब मेरा दर्द कम हुआ तो मैंने अपने कूल्हे हिला कर भाई को इशारा किया। तब भाई ने फिर से अपना लंड आगे पीछे करना शुरू कर दिया। मुझे अब हल्का हल्का सा दर्द हो रहा था लेकिन कुछ देर बाद मैं भी अपनी गांड को नीचे से उछाल कर उसका लंड अपनी चूत में लेने लगी।


बहुत मस्त चुदाई हो रही थी; मैं भाई का पूरा साथ दे रही थी और वह भी अपनी बहन की चूत को बहुत अच्छे से चोद रहा था। हम लोग बहुत देर तक चुदाई करते रहे। हम दोनों लोग चुदाई करते करते एक दूसरे से चिपट कर एक दूसरे को कस कर गले भी लगा लेते थे।


थोड़ी देर बाद वह अलग हो गया; अब वह मुझसे घोड़ी बनने के लिए बोल रहा था। मैं उसके लिए तुरन्त घोड़ी बन गयी। वह मेरे पीछे से आकर मेरी चूत में लंड पेलना शुरू किया। हम दोनों इस तरह चुदाई कर रहे थे जैसे हम दोनों एक अरसे से चुदाई करते चले आ रहे हों। हम दोनों चुदाई के साथ साथ एक दूसरे को किस भी करते जा रहे थे।


थोड़ी देर तक घोड़ी बना कर चोदने के बाद उसने मुझे अपने लंड पर बैठने के लिए इशारा किया। मैं तैयार हो गयी। मैं अपनी दोनों टांगे दोनों तरफ करके भाई के लंड पर बैठ गयी। भाई ने नीचे से धक्का लगाना शुरू किया। हर धक्कें के साथ लंड चूत में समाता चला गया।

करीब आधा घंटा गरमागरम चुदाई के बाद हम दोनों झड़ने को हो गये।


मैंने भाई को कस कर पकड़ लिया और झड़ने लगी तभी भाई के लंड ने भी वीर्य छोड़ दिया। इसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे को किस करना शुरू किया। उसने मुझे आई लव यू बोला और मैंने भी उसे आई लव यू बोला।


हम दोनों ब्रदर सिस्टर नंगे ही आपस में चिपटे रहे। थोड़ी देर बाद हम दोनों की पता नहीं कब आँख लग गयी। कुछ देर बाद भाई का लंड सिकुड़ कर बाहर आ गया। सुबह उठ कर हम दोनों ने फिर एक बार चुदाई की।



रंडी बनाकर बुआ की लड़की को चोदा


में दिल्ली का रहने वाला हूँ और दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मैं 19 साल का था और मेरी बुआ की तबीयत ज़्यादा खराब हो गई और हम सभी वहाँ पर चले गए। फिर 10 दिनों के बाद बुआ की तबीयत में थोड़ा सुधार आया तो मम्मी पापा आ गए.. लेकिन में वहीं पर रुक गया छुट्टियाँ मनाने के लिए और मेरे फूफा जी बाहर नौकरी करते थे। जिस कारण से वो घर पर नहीं आ पाते थे.. मेरी बुआ की 2 लड़कियां है। एक 21 साल की ऋतु और एक 18 की अर्चना। लेकिन अर्चना का शरीर बहुत गदराया हुआ सा हो गया था। उसका फिगर 36-34-36 था। इतनी सी उम्र में इतनी अच्छा फिगर। उसे पहली बार देखकर में तो हैरान ही हो गया था। वो मिनी स्कर्ट में स्कूल जाया करती थी.. जिसमे वो और भी ज़्यादा खूबसूरत लगती थी।


उसकी चिकनी चिकनी टाँगे बड़ी ही मस्त थी तो अपनी जांघो तक की स्कर्ट पहनती थी और मैंने अपनी कज़िन होने के कारण अपने मन को बहला लिया और उसके बारे में ना सोचने की कोशिश करने लगा.. लेकिन मेरा लंड नहीं मानता था.. क्योंकि मैंने बहुत दिनों से चुदाई नहीं की थी। में उसके जिस्म को याद कर करके मूठ मारने लगा। फिर 5-6 दिनों तक ऐसा ही चला एक दिन में जब ऋतु को हिंदी पड़ा रहा था तो उसके पास डस्टर नहीं था। तभी मैंने अर्चना के बेग में ढूंडा.. मुझे डस्टर तो नहीं मिला लेकिन एक चीज़ मिली.. एक सीडी जिस पर A7 बना हुआ था। मैंने बहुत ब्लू फिल्म देखी है तो मुझे पता था कि यह A7 एक इंग्लीश ब्लू फिल्म है। मैंने उसे वापस रख दिया और रात को में उसी बारे में सोचने लगा और बाहर आकर पानी पीने लगा। में वापस जा रहा.. लेकिन मैंने सोचा कि एक बार क्यों ना अर्चना के कमरे में जाकर देखूं वो बंद था।


तभी मैंने दरवाजे पर अपने कान लगाए तो मुझे हल्की हल्की आवाज़े सुनाई दी और मैंने जब गोर से सुना तो वो आह्ह्ह उुउउहह ईएआआह हाँ ओह्ह्ह बेबी चोदो मुझे की जैसी आवाज़े लगी। तभी में समझ गया कि यह ज़रूर वो ब्लूफिल्म वाली सीडी देख रही है और में कुछ ना करते हुए वापस कमरे में गया और एक और बार मूठ मार कर सो गया। फिर जब सुबह उठा तो अर्चना तैयार होकर जा रही थी। मैंने उसकी तरफ देखा तो उसकी आँखो में एक अजीब सी हवस दिखी वो मुझे देखकर हंसी मुझे थोड़ा सा अजीब लगा.. क्योंकि मैंने उसे आज तक इतना गौर से कभी भी नहीं देखा था और ऐसा लगभग 2-4 दिनों तक चलता रहा.. अब मेरा नज़रिया बदल चुका था और अब में उसे हवस भरी निगाहों से उसके पूरे बदन को देखता था। वो भी बहुत हवस में आ गई थी लगता है ब्लूफिल्म की वजह से।


तभी एक दिन में उसके बारे में सोच रहा था तो मेरा लंड खड़ा हो गया और मुझे मूठ मारने का मन किया तो में अपना लोवर नीचे करके नंगा हो गया और मूठ मारने लग गया। में मूठ मारने में इतना मग्न हो गया कि पता ही नहीं चला कि मैंने गेट खुला छोड़ दिया है और ना जाने अचानक वो कहाँ से आ गई और सहमी सी खड़ी मुझे देखती रही थी। में अब झड़ने ही वाला था तो में उठा और बाथरूम में झड़ने के लिए जाने लगा.. लेकिन अचानक सामने उसे देख मेरी फट गई। वो मेरे लंड को देखे जा रही थी जैसे अभी खा जाएगी। अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा और मैंने फर्श पर ही झाड़ दिया। यह सब देख वो मुस्कुराई और मेरे पास आकर कहने लगी कि भैया आप तो बड़े छुपे रुस्तम निकले.. यह सब क्या है? और उसने मेरे गालो पर किस किया..


मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया.. उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और कहा कि भैया आज रात को आप मेरे कमरे में आ जाना.. आपको कुछ दिखना है। तभी मैंने कहा कि क्या? तो उसने कहा कि सर्प्राइज़ है और फिर वो मेरे लंड की और देखकर बोली कि आपके लंड के लिए। तभी मैंने कहा कि मैंने फर्श पर ही झाड़ दिया यह सब देखकर क्या तुम्हे अजीब सा नहीं लगा? फिर उसने कहा कि नहीं भैया.. बल्कि मुझे तो बड़ा मज़ा आया और यह कहकर उसने झड़ा हुआ माल फर्श से चाटकर साफ किया और रात को आने को कह कर चली गई और में रात होने का इंतजार कर रहा था।


फिर रात होते ही जब सब सो गए तो में उसके कमरे में गया दरवाजा खुला था और में अंदर चला गया और मैंने अंदर जाकर दरवाजा बंद कर दिया। तभी मैंने उसे देखा तो वो एक पारदर्शी नाईटी में बेड पर लेटी हुई ब्लूफिल्म देख रही थी और में बहुत हैरान था मैंने उसे आवाज़ लगाई।


में : कहाँ हो तुम अर्चना।


अर्चना : अरे भैया आ गए आप.. बड़ी देर कर दी आपने आने में.. आ जाओ बैठ जाओ बेड पर।


तभी में बेड पर बैठ गया उसने मुझे ब्लूफिल्म देखने को कहा.. में थोड़ा हैरान था। फिर उसने कहा कि क्या हुआ भैया? तभी मैंने कहा कि कुछ नहीं। उसने कहा कि तो देखो ना और हम दोनों देखने लगे। मैंने उसकी तरफ देखा तो वो बहुत गरम लग रही थी और में भी बहुत गरम था। उसने तभी टीवी बंद किया और मुझसे पूछने लगी कि में आज किस को याद करके मूठ मार रहा था। तभी उसके मुहं से ऐसी बातें सुनकर मेरा दिल जोरो से धड़कने लगा और उसने कहा कि बताओ ना भैया.. क्या आप अपनी बहन को नहीं बताओगे? तभी मैंने पूछा कि तुझे ये सब कैसे पता तो उसने कहा कि इस उम्र में इतना तो चल ही जाता। फिर मैंने कहा कि तुझे याद करके तो वो थोड़ा शरमाते हुए मुस्कुराई और कहा कि क्या भैया आप भी ना.. में तो यहीं पर हूँ आपके साथ ही तो मुझे याद करके मुठ क्यों मारा करते हो? तभी मैंने कहा कि मुझे तेरा जिस्म बहुत पसंद है। फिर उसने कहा कि अगर ऐसा था तो कहा क्यों नहीं?


तभी मैंने कहा कि मुझे डर था कि कहीं तू नाराज़ होकर घर में सभी को ना बता दे इसलिए। फिर अर्चना ने कहा कि ओहो भैया आप भी ना.. इतना क्यों डरते थे? फिर मैंने कहा कि अर्चना तू मुझे बहुत पसंद है और में तुझे प्यार करना चाहता हूँ। तभी उसने कहा कि भैया तो करते क्यों नहीं हो? में भी तो कब से यही चाहती थी और उसके ग्रीन सिग्नल मिलने के साथ ही मैंने उसे बेड पर लेटाया और उसके लाल होठों को चूमना शुरू कर दिया। वो भी मेरा साथ दे रही थी। उसके होंठ एकदम गुलाब की पंखुड़ियों की तरह लग रहे थे और में उसे चूमे जा रहा और उसकी जीभ को चूस रहा था।


वो भी यह सब करके मेरा साथ दे रही थी और फिर मेरा लंड खड़ा होकर मेरे पाजामे में टेंट बन चुका था। फिर मैंने धीरे धीरे उसके कपड़े खोलने शुरू किए और उसके बूब्स को उसकी ब्रा से आजाद किया और उन्हें पकड़ कर सहलाने लगा और चूमने लगा क्या मस्त बूब्स थे उसके.. एकदम सेक्सी बड़े बड़े.. फिर में धीरे धीरे उसकी पेंटी तक पहुंचा और मैंने उसे भी खोलकर दूर हटा दिया और उसकी चूत को देखने लगा। तभी वो बोली कि क्या देखते ही रहोगे या कुछ करोगे भी? और फिर में अपने मुहं को उसकी चूत के पास ले जाकर मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना शुरू किया और जीभ से चोदने लगा।


तभी करीब दस मिनट बाद मैंने उसके दोनों पैरो को फैलाकर अपना लंड चूत पर सेट किया और अचानक से एक जोर का धक्का दिया और फिर वो जोर से चीख पड़ी। तभी मैंने अपना लंड उसकी चूत में डालकर धीरे धीरे चोदने लगा.. लेकिन वो दर्द से अपनी आंखे बंद करके मुझे जोर से पकड़कर चुपचाप पड़ी रही और कहने लगी कि भैया और जोर से चोदो मुझे.. कर दो आज मुझे पूरा.. दो मुझे आज चुदाई का पूरा मजा.. लेकिन उसकी चूत बहुत टाईट थी और चूत से खून भी निकलने लगा था.. क्योंकि वो अभी तक वर्जिन थी। तभी में उसे स्पीड बड़ा कर चोदे जा रहा था और उसे जबरदस्त धक्को के साथ चोदने लगा और करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद में उसकी चूत में झड़ गया और अपना पूरा वीर्य चूत में छोड़कर उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसके बूब्स को चूसने लगा।


फिर वो मुझे अपनी बाहों में लेकर कहने लगी कि भैया थेंक्स। आज आपने मुझे चुदना सिखा दिया.. वरना में तो बस ब्लूफिल्म देखकर ही मजे लेती रहती और फिर उसने मेरा लंड अपने मुहं में लिया और बड़े मजे से चूसने लगी। फिर उसने चूसकर पूरा लंड साफ किया और अपने कपड़े पहनने लगी। उसके बाद मैंने उसे बहुत बार चोदा और उसकी चूत के मजे लिए और उसे भी चुदाई का सही मतलब सिखा दिया। तो दोस्तों यह थी मेरी चुदाई भरी कहानी



भाईयों का प्यार


मेरा नाम शुमैला है और मेरा ताल्लुक पाकिस्तान के खूबसूरत शहर लाहौर से है। ये वाक्या जो मैं आप लोगों को सुनाने जा रही हूं मेरी ज़िंदगी का सब से हसीन और एहम वाक्या है जो आज से तकरीबन एक साल पहले पेश आया। पहले मैं आप को अपनी और अपनी फ़ैमिली के बारे में बता देती हूं। हम तीन बहन भाई हैं बड़े भाई की उमर २४ है और छोटे की उमर २२ है दोनो एक छोटी सी वर्क शॉप चलाते हैं और हमारे अब्बु दुबई में रहते हैं किसी शेख के घर ड्राइवर हैं और हमारी अम्मी हमारे साथ रहती हैं। मेरी उमर १९ साल है रंग सांवला और फ़ीगर ३६ डी २८ ३७ है मेरा जिस्म काफ़ी भरा भरा है और मैने ऍफ़.ए किया है

मुझको घर के काम काज करने और हर वक्त बन संवेर कर रहने का बहुत शौक है मैं टाइट शलवार कमीज़ जो जिस्म से चिपकी होती है पहनती हूं और हाथों में चूड़ियां पांव में पायल और नाक में हमेशा एक लोंग पहनती हूं जो मेरे सांवले तीखे चेहरे पर बहुत सजता है ये। मेरी ज़िंदगी के ये हसीन वाक्या तब हुआ जब हमारी अम्मी की तरफ़ के एक दूर के रिलेटिव की डेथ हो गई और अम्मी को मुल्तान जाना पड़ा हम बहन भाई नहीं गये क्यों कि भाई अपने बिजिनेस में मसरूफ़ थे और मैं गरमी की वजह से घर से बाहर जाना पसंद नहीं करती। तो अम्मी ने कहा के भाईयों के आराम और खाने का ख्याल रखना और चली गई।


उस दिन बहुत गरमी थी मैने घर की सफ़ाई की खाना तैयार किया और फिर अपना रेड कलर का सूती सूट निकाला और नहा कर पहन लिया शलवार कमीज़ से मेरा भरा भरा सांवल बदन बाहर निकला जा रहा था और कमीज़ का गला खुला था जिस में से मेरे मम्मो की लाइन नज़र आ रही थी और मैं ने नीचे ब्रा और पैंटी नही पहनी थी मैं घर में हूं तू ब्रा पैंटी पहनती और न ही दुपट्टा औढ़ती हूं हालांकि अम्मा कहती हैं के जवान भाई हैं घर में उनके सामने एस तरह न जाया करो लेकिन मै नही मानती लेकिन फिर भी अम्मी की वजह से कभी कभी दुपट्टा ले लेती हूं लेकिन आज तो अम्मी नहीं थीं मैं ने हल्का सा मेक अप किया नाक में लोंग डाला और हाथों में चूड़ियां पहनी और पांव में पायल और बैठ कर टी वी देखने लगी


शाम को दोनो भाई घर आये तो मैं ने दरवाज़ा खोला तो महसूस किया के उन दोनो की नज़र मेरी मम्मो पर थी जो कमीज़ से बाहर हुये जा रहे थे और निप्पल खड़े हो गये थे। दोनो अंदर आ गये छोटा भाई अंदर आते समय अपना कंधा मेरे बूब्स के साथ रगड़ दिया तो मेरे जिस्म में एक करंट दौड़ गयी लेकिन मैं ने इजी ज़ाहिर किया जैसे मैने महसूस नहीं किया। फिर वो दोनो नहा कर खाने के लिये आये उन दोनो ने गरमी की वजह से सिर्फ़ बनियान और धोती पहनी हुई थी मैने खाना उनके आगे रखा तो मेरे मम्मो की क्लीवेज साफ़ नज़र आ रही थी मैने देखा के उन दोनो का लंड खड़े हो गये हैं मैं भी उनके साथ खाना खाने बैठ गयी वो खाना कम खा रहे थे और मुझ को ज़्यादा देख रहे थे और बातें भी कर रहे थे इधर उधर की।


फिर खाने के बाद मैने बरतन समेटे और उनको धोने के लिये किचन में ले आयी में बरतन धो रही थी कि बड़े भाई किचन में आये और मेरे पीछे आकर खड़े हो गये और अपने लंड को मेरी गांड पर लगा कर बोले कि बरतन धो कर आओ मूवी देखेंगे, मैं उनके लंड को अपनी गांड पर महसूस कर रही थी और मुझको मज़ा आ रहा था मैने गांड को ज़रा पीछे किया ताकि उनका लंड और मेरी गांड से दब जाये और कहा के आप जायें मैं चाय लेकर आती हूं अब उनके लंड का सिर मेरी गांड में था और मेरी चूत गीली हो रही थी और पसीना बहने लगा था। भाई मेरी रज़ामंदी समझ गये थे उन्होने ने मुझ को पीछे से मुझ को अपनी बाहों में ले लिया और मेरे दोनो मम्मो पकड़ लिये और मेरी गांड में लंड को ज़ोर से घुसा दिया मैं लज़्ज़त और शरम से बेहाल हो रही थी मैने भाई की तरफ़ देख कर मुसकराते हुए गुस्से से कहा जो ये कर रहे हैं छोटे भाई ने देख लिया तो


उन्होने मेरे मम्मे दबाते हुए कहा कि वो भी तेरा देवाना है मेरी शुम्मी। फिर उन्होने मुझको अपनी गोद में उठा लिया और बेडरूम में ले गये वहां छोटा भाई फ़िल्म देख रहा था भाई ने अंदर आते ही उसको कहा के यार आज हम दोनो की तमन्ना पूरी हो गई है मैं हैरान रह गई के वो दोनो मुझ पेर पहले से नज़र रखते थे उन्होने मुझको बताया को वो मेरे बारे में अकसर बातें करते थे और मेरे नाम की मुठ मारते रहते थे भाई ने मुझ को बेड पेर बिठा दिया और वो दोनो मेरे बगल में बैठ गये बड़े भाई ने एक हाथ मेरे बायें बूब पर रखा और दूसरे हाथ से मेरी गांड में हाथ फेरने लगे जब के छोटा भाई मेरे राइट बूब को दबा रहा था और साथ दूसरे हाथ से मेरी चूत को शलवार के ऊपर से सहला रहा था मैं लज़त के सातवें आसमान पर थी फिर बड़े भाई ने मेरी कमीज़ उतार दी और मेरी ३६ डी मम्मे आज़ाद हो गये


वो दोनो भूके बच्चों की तरह मेरे बूब्स को लगे मेरे मुंह से मज़े से ऊओह्हह्हह्हह्हह्ह आह्हह्हह्हह्हह्हह्हह की आवज़ निकल रही थी और मैं उनके सिर अपने मम्मो में दबा रही थी फिर उन दोनो ने अपने कपड़े उतार दिये और बिल्कुल नंगे हो गये उनके लंड तकरीबन ९” लम्बे और ३” मोटे थे फिर छोटा भाई ने मेरी शलवार उतार दी और मैं बिल्कुल नंगी हो गयी उन दोनो ने अपने लंड मेरे हाथों में दिये और मैं उनको प्यार से सहलाने लगी फिर बड़े भाई ने लंड मेरे मुंह में दे दिया मुझको थोड़ा अजीब लगा लेकिन फिर मुझको उसे चूसने में मज़ा आने लगा छोटा भाई बेड पर मेरी टांगों के बीच में आकर उल्टा लेट गया और मेरी चूत और क्लिटोरिस पर ज़बान फेरने लगा मेरी लज़त से जान निकली जा रही थी और मैं ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओह्हह्हह्हह्हह आआह्हह्हह्हह्ह और ज़ोर से चूसो की आवाज़ निकाल रही थी वो एक उंगली मेरी गांड में भी अंदर बाहर कर रहा था फिर मैं बरदाश्त न कर सकी और छूट गया मेरी चूत का रस कुछ छोटे भाई के मुंह में गया और कुछ बाहर निकल आया उसी टाइम बड़े भाई भी मेरे मुंह में छूट गया और मैने उस की मन्नी पी ली


फिर छोटा भाई बेड पर लेट गया और बड़े भाई ने मुझको डौगी स्टाइल में खड़ा कर दिया मैं छोते भाई का लंड चूस रही थी और बड़ा भाई मेरी गांड के पीछे बैठ कर मेरी गांड के होल को ज़बान से चाटने लगा मेरे मुंह से सिसकारी निकल गयी वो अपनी ज़बान से मेरी अस फक्क कर रहा था उसने मुझ को बताया कि वो मेरी गांड के दिवाना है और जब भी मैं टाइट कपड़ों में मटक मटक कर चलती थी वो लंड थाम कर रह जाता था आज उसका बरसों का ख्वाब पूरा हुआ है फिर छोटा भाई छूटने लगा तो उसने मुझ को सीधा लिटा दिया और अपना लंड मेरे मम्मो पर रगड़ने लगा और फिर उसने अपनी मुन्नी मेरे मम्मो से हटा दिया और फिर उसने मेरे मम्मो और पेट की मालिश की फिर वो मेरे मम्मो को चूसने लगा और मैं उसके लंड को सहलाने लगी बड़ा भाई मेरी गीली चूत पर ज़बाअन फेर रहा था और मैं अपने चूतड उठा उठा कर उसकि ज़बान को अपनी चूत में लेगा रही थी


फिर उसने मेरी नाभि को सक्क किया छोटे भाई का लंड फिर अकड़ गया था उसने मेरे बूब्स से मुंह हटाया और मुझ को अपने ऊपर लिटा दिया और अपने लंड को मेरी चूत में पुश किया मुझको थोड़ा सा दर्द हुआ और मेरे मुंह से आह्हह की आवाज़ निकली लेकिन उसने अपने लब मेरे लबों से जोर दिये और मेरी आह्हह्ह उसके प्यार में गुम हो गई फिर वो आहिस्ता आहिस्ता लंड को धक्के मारने लगा और मुझ को मज़ा आ रहा था फिर बड़े भाई ने मेरी गांड के सुराख पर थूक लगाई और अपना लंड आहिस्ता से अंदर किया मुझ को बहुत दर्द हुआ तो वो रुक गया फिर एक झटका दिया तो उसका लंड पूरा मेरी गांड में घुस गया मेरे मुंह से सिसकारी निकल गयी लकिन छोटा भाई मुझको किस्सिंग कर रहा था अब बड़ा भाई मेरी गांड मार रहा था और छोटा भाई मेरी चूत में लंड दे रहा था मैं लज़त की इंतेहाई बुलंदी पर थी फिर छोटा भाई मेरी चूत में छूट गया और मुझ को अपनी चूत के अंदर गहराई में गरम लावा सा गिरता महसूस हुआ और लज़त की शिद्दत से मैं भी छूट गई और दो तीन झटकों के बाद बड़े भाई ने अपना लावा मेरी गांड में छोड़ा जो बहुत ज़्यादा था इसलिये गांड से बाहर बहने लगा।



मौसेरी बहन की चुदाई


सभी दोस्तों को मेरा नमस्कार! मैं फ़िर अपने वायदे के साथ अपनी दूसरी कहानी लिख रहा हूं। आप सब जानते हैं कि मेरा नाम पुनीत है और मुझे इनसेस्ट सेक्स बहुत अच्छा लगता है। उम्मीद है आपको मेरी पहली कहानी ‘मौसी को चोदा ज़रूर अच्छी लगी होगी। अब मैं आपको अपनी इस कहानी में बताऊंगा कि मैंने कैसे मौसी की बड़ी लड़की सविता की चुदाई की।


मौसी और मौसा जी की चुदाई के बाद शाम को मैंने उनसे अपना वायदा पूरा करने के लिये कहा जिसमें उन्होने अपनी बेटी सविता को चोदने की इजाजत दे दी थी।


मौसा जी बोले- तुम शाम को उसे जब अकेले देखना और फिर मौका देखकर उसकी चुदाई कर लेना।

Leave a Comment