कैसी मेरी संस्कारी मां रंडी बन गई.. Part 6

 

कैसी मेरी संस्कारी मां रंडी बन गई.. Part  6



लाला एसे वह अपनी उनगलिया फिरते रहा या टीवी देखते रहे।  या मम्मी को गरम कर रहे थे.. मूवी देखते देखते वो सीन आ गया जब मलिका हसमी के घर आती है या वो इस्तेमाल छोटा है.. उसके साथ सेक्स करता है… मम्मी वी मूवी देख रही थी… वो सीन शुरू हुआ  .. जब मलिका या हासमी फ्रेंच लॉन्ग लिप किस करते हैं एक दूसरे के मुह में मैं दाल के.. ये देख कर मम्मी शर्मा गई .. उन अपनी नज़र दूसरी तरह कर ली.. लाला अपनी तीसरी नज़र से मम्मी की तरफ ही देख  था की वो क्या कर रही है.. मम्मी ने फिर टीवी की तरफ देखा।  मम्मी इज सीन से या गरम हो रही थी… या अपनी ठगों को बीचकर अपनी छुट दबा रही थी…लाला समाज गया की मम्मी की छुट से पानी निकल रहा है…  लाला ने भी हिम्मत कर अपना हाथ बीच में से निकल कर मम्मी की ठग पर रख दिया… लेकिन लाला ने ये सब टीवी की तरफ देखते हुए वह किया था।  पर रहते हैं मम्मी चोंक गई.. मम्मी ने धीरे से तिरछी नज़र से आला देखा..  कुछ न बोली बीएसएस टीवी देखने लगी.. लाला ने फिर धीरे-धीरे मम्मी की थिग्स पर हाथ फिराना शुरू किया.. मम्मी कुछ बोल नहीं रही थी लाला को.. मम्मी के दिमाग में पता नहीं क्या चल रहा था।  हिम्मत नी हो रही थी कुछ बोले की.. या मम्मी व भूलभुलैया लेना चाहती थी.. ये तो मम्मी को वह पता था की उनके दिमाग में क्या चल रहा है.. मम्मी चुप चाप टीवी देखता रह .. लाला ने मम्मी को कुछ बोलता  ये ना करता देखा मम्मी के घुटनो से लेकर ऊपर तक हाथ फिराया.. उम्र टीवी पर एक सेक्स रोमांटिक सीन चल रहा था.. जिसमे अब हाशमी मलिका की पेंटी को उतर कर किस करता हुआ ऊपर को जाने लगता है  .. मम्मी या अंकल दोनो सामने ये सीन देख रहे हैं।  दोनो एक दसरे की तरफ तिरछी नज़र से चुपके से देख रहे थे.. जैसे वह ये सीन हुआ.. लाला ने ज़ोर से मम्मी की थिग्स को डबा दिया.. मम्मी के मुह से हल्की सी निकल गई।  “. आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह न.. लाला ने मम्मी की ये सिस्की सुन ली थी..वो जलदी से मम्मी से बोले ” क्या हुआ भाभी जी एप चिल्लाए क्यू ” भीला का हाथ अभी पर  वह था.. मम्मी बोली.. “वो वो लगता है जोड़ी पर कुछ बालक गया…”।  लाला .. ” ओके ओके घबराय मत पानी पी लिजिये .. या ये आपको पासीना क्यों आ रहा है लगता है खिड़की से धूप और आने से कूलिंग नी हो री अच्छे से मैं परदे आए कर देता हूं”।  ये बोलकर लाला मम्मी की बात सुने बिना ही परदे आए होंगे जिस रूम में हलका सा अंधेरा हो लेकिन और साफ दिख रहा था क्या हो गया क्या नहीं.. लाला फिर जल्दी से आकार सोफे पर बैठा गया…  था।  लाला मम्मी के.पास जकार बैठा था इस बार.. या बैठा ते वह बिना डर ​​अपना हाथ फिर से मम्मी की झांग थिग्स पर रख दिया.. मम्मी कुछ ना बोली.. 3 4 मिनट बाद फिल्म में फिर से रोमांटिक गाना आ गया आपको  पता ही है.. “भी होते हैं तेरे” जिसमे पूरे गाने में दोनो सेक्स या किस करते हैं बीएसएस.. मम्मी तो पहले से ही गर्म थी।  या वो कुछ बोल वी नहीं राही थी जिस से लाला को हिम्मत वी मिल रही थी.. लाला ने फिर से मम्मी की झांग पर हाथ फिराने लगे.. अंकल का हाथ फिरते वह मम्मी थोड़ा सा काम गई।  लाला ने 1 मिनट मम्मी की झांग पर हाथ फिराया.. मम्मी की आंखें बंद हो गई थी।  मम्मी पर अब हवा का नशा होने लगा था.. मम्मी के मुह से सिकी निकली फिर से “आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह” लाला ने जैसे वह ये सिस्की सुनी.. लाला ने मम्मी की तरफ देखा।  मम्मी को आंखें बंद करके मजा लेते हैं.. लाला आगे बड़े या अपने होंठ मम्मी के होंठ पर रख दिए.. मम्मी को कुछ पता ना चला की ये क्या हुआ उनकी आंखें जो बंद थी.. मम्मी के गुलाबी होंठ बहुत वो खूबसूरत गुलाब  की पंखुड़ियो की तरह लाला या गुलाबी रंग के।  जिसे देख कर लाला लार तपने लगा था.. लाला ने पहले एक चुंबन किया मुहहा चुंबन होते वह मम्मी के होंठ हल्के से खुल गए लाला ने अपने दोनो हाथ मम्मी के दो कांधो पर रख दिया या पक्का लिया.. लाला ने फिर एक चुंबन किया  मम्मी के ऊपर का होना को हलका सा अपने मुह में लिया इस बार।  मुहाआआ .. लाला की हिम्मत बड़ी जा रही थी .. लाला अपने एक हाथ को बगीचा से घुमाता हुआ आला की तरफ ले जाने लगा।  या ऊपर किस करना लगा..इस बार लाला ने अपना पूरा मुह खो कर मम्मी के दोनो लिप्स अपने मुह में भर के किस की।  या आला लाला का हाथ मम्मी के दूध पर पहंचने ही वाला था की मम्मी की आंखें खुल गई वो हवा के नशे से बहार आई।  मम्मी ने जल्दी से अपना एक हाथ ऊपर कर लाला के हमें हाथ को पक्का किया या फिर अपना चेहरा पिच कर लिया.. ऐसा होता देख लाला की भी आंखें खुल गई जो भूल भुलैया से बंद हो चुकी थी।  पानी था.. ये देख लाला पिचे हुआ..मम्मी बोली..


 मम्मी:- ये ऐप क्या कर रे हो लाला जी ये सब गड़बड़ है।  ((मम्मी की आँखों में हलका सा पानी वी बह रहा था)) ये अपने क्या कर दिया अब मैं क्या करुगी मैं तो बदनाम हो जाउगी…. मम्मी का चेहरा रोने वाला हो चुका था.. ये देख लाला भी डर  गया की अचानक मम्मी को क्या हो गया।  या मैं भी हेयरन हो गया की ये मम्मी को अचानक क्या हुआ भूल जाने देते हैं रोने क्यू लगी है..


 लाला :- भाभी plss चुप हो जाये मुझे माफ़ कर दिजिये मुझसे गलत हो गई मैं अपने ऐप को रोक नी पाया प्लीज़ मुझे माफ़ कर दिजिये..


 मम्मी :- ये जो वी हुआ बहुत गलत हुआ मैंने कभी ईएसए नी सोचा था।  अब मैंने अपने पति या दुनिया को क्या मुझे दिखाउगी… मैंने उनको धोखा दिया है


 लाला: – आपने कोई धोखा नहीं दिया है किसी को plss ईएसए मत बोलो सुनिधि माई किसी को कुछ नी बताउगा ये बात याही शुरू हुई .. भूल जाओ इसे बीएसएस ..


 मम्मी:- नहीं मैं जा रही हूं।  नहीं भूल स्कति माई ये जो भी हुआ गलत हुआ मैंने धोखा दिया अपने पति को..मम्मी साथ साथ में रो भी रही थी अब पा नी ये सच का रोना था ये एक्टिंग थी बीएसएस


 मम्मी सोफ़े से उठने ही वाली थी की लाला ने मम्मी का हाथ पक्का लिया या उठने नहीं दिया…


 लाला:- (जल्दी से बोला) इतना गुसे क्यों हो रे हो आप… मुझे माफ कर दिजिए.. अब आप है वह इतने खूबसूरत की कोई भी आपके पास आने के लिए अपने आप को रोक न पाए।  अब जो हो गया भूल जाये का प्रयोग करें।  (अंकल ने मम्मी का हाथ अपने हाथ में पकड़ा हुआ हलका सा या प्यार से बात करने लगा) मैं आपको पसंद करने लगा हूं।  आप बहुत खूबसूरत हो।  मुझे आपसे प्यार हो गया है।  मैं आपको पाना चाहता हूं अपना बनाना चाहता हूं।  आई लव यू सुनिधि।  प्लीज मुझे रोको मत आजो


 मम्मी लाला की बातों से चोंक गई।  लाला ने मम्मी को अब सिद्ध उद्देश्य कर दिया था।


 मम्मी:- नहीं ये सब गलत है… वो आपके भाई हैं या मैं आपकी भाभी… मैं उन कभी धोका नी दे शक्ति।  मैं एक पतिव्रत औरत हूं.. ये पाप है..


 लाला :- ये कुछ गलत नी है।  जिसे हम चाहते हैं इस्तेमाल करना कोई गलत बात तो नहीं.. मैंने सिर्फ आप से प्यार मांगा है..


 मम्मी :- ये कोई प्यार नहीं है ये सब कुछ समाज के खिलाफ है.. अगर किसी को पता चल गया तो मैं किसी को मुह दिखने के काबिल नहीं रहूंगी मेरा घर टूट जाएगा।  .. plss ऐप चुप हो जाए अब हम जाने दिजिये


 लाला:- pls सुनिधि जी इसी मत कहिए.. आप अपना पत्नी धर्म निभा रे हो क्या आपके पति अपना धर्म निभा रे है अच्छे से.. जिस ऐप देवता समाज रे हो क्या वो मैं देवता है या नहीं….


 मम्मी लाला की इस बात से फिर से सोच में पड़ गई।  उनी इस बात की मम्मी या मुझे कुछ स्मज नी आ रहा था की लाला ये क्या बोल रा है पापा के बारे में ऐसा क्या है.. जो हमें पता नहीं है..


 मम्मी:- क्या मतलब आपकी बातो का, ऐप कहना क्या चाहते हैं मेरे देवता समान पति के बारे में.. आपके भाई जैसे है वो..


 लाला :- ऐप एसएच सुन नी पाओगे रहने दो आपको कुछ व पता नहीं है अपने पति के बारे में।


 मम्मी:- नहीं बताता मुझे अब ऐप क्या कहना चाहिए हो..


 लाला:- यही की तुम्हारा पति तुम्हें बहुत सालो से धोखा देता आ रहा है.. ऐप वह अपने गांव में अकेले रहते हो याहा तुम्हारा पति आयाशिया करता है।  रंदी बाजी करता है.. ये घर उसे 8 साल हो गए ये लिए हुए।  8 साल से तो मैं खुद ऐसे गंदे काम करता हूं देख रहा हूं.. ऐप देवता बोले हो.. वो तो धोखेबाज़ है आपकी तो जट्टी के समान भी है ऐप जैसी पतिव्रत औरत के.. वो तुम्हें सेहो द  .. या ऐप से कोई प्यार नहीं बीएसएस औपचारिकता गरीब कर्ता है वो परिवार के लिए का उपयोग करें ..


 मम्मी:- (मम्मी बहुत हेयरं थी उनकी आंखों से अनसू आ रहे थे पापा के बारे में सुनकर।)  नहीं नहीं ईएसए नहीं हो सकता ऐप झूठ बोल रे हो।  अप्प मुझे पाने के लिए.. मेरे पति के बारे में झूठ बोल रे हो.. मैं नी मन्टी आपकी बात को.. क्या सबूत है आपके पास इसका..


 लाला :- अपना वाट्सएप चेक करो अभी बताता हूं प्रूफ..


 लाला ने अपना मोबाइल निकला या कुछ करना.. फिर मम्मी के मोबाइल पर मैसेज आने की रिंग हुई.. मैंने भी बहार मम्मी का वाट्सएप खोला ये देखने के लिए कि लाला ने वाट्सएप पर क्या भेजा है.. जब मैंने वो मेरा संदेश देखा  वी रंग उड़ गया .. उसमे पापा की तस्वीरें थी अलग लड़कियों या महिलाओं के साथ जिसमे वो उनके साथ चुंबन चुदाई कर रहे थे … मम्मी का ये तस्वीरें देख कर रंग उड़ गया मुह खुला का खुला रह गया मम्मी पूरी शॉक्ड हो गई  थी.. कुछ बोल वी नी पा रही थी.. मैंने या मम्मी ने कभी नहीं सोचा था कि पापा ऐसे होंगे.. इसलिये पापा साल में 11 महीने बहार वो रहते थे.. ये देख लाला बोला..


 लाला: – अब चल गया न आपको जिस ऐप पाटीदेव बोल रे हो वो बीएस नाम का पति आपका .. अपसे ज्यादा इन कॉल गर्ल या रैंडियो से प्यार है .. धोखेबाज़ या हवा का पुजारी है .. मैं आपका दिल नी दुखाना चाहता हूं।  प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो.. लेकिन आपको आपको सच व तो बताना था.. मैं आपको बहुत पसंद करूंगा.. वो ऐप अपनी लाइफ़ एन्जॉय कर रहा आपको तदफ्ता हुआ शोड कर.  ऐप भी अपनी लाइफ याहा एन्जॉय किजिया सुनिधि जी…


 लाला ने अपना मोबाइल आला सोफ़े पर रखा या आगे बढ़कर मम्मी का हाथ पकाड़ लिया दोनो खड़े थे इस त्यम मम्मी के दूसरे हाथ में फोन था.. जिस देख कर मम्मी को बहुत गुस्सा आ रहा था… लाला मम्मी का हाथ पक्का कर आएगा  को हुआ… लाला ने आगे होकर अपना एक हाथ आगे किया मम्मी के हाथ से मम्मी के मोबाइल को खेच कर आपने में लिया या इस्तेमाल भी किया रख दिया या जल्दी से मम्मी का दूसरा हाथ अपने हाथ में लेकर बोले..


 लाला :- सुनिधि सच कदवा वह होता है .. मैं आपको किसी और यहां मैं रखना चाहता हूं मैं तुमसे प्यार करता हूं सुनिधि … भूल जाए ऐप यूएसएस धोकेबाज़ को वो पता नी किस रैंडी की बाहो में पढ़ा होगा अपनी खोबसूरत संस्कृत  … आई लव यू सुनिधि .. ये बोलकर लाला ने अपना फेस आगे को करना शुरू किया या मम्मी के होठों की तरफ अपने होंठ ले जाने लगे.. मम्मी ना कुछ बोल री थी या ना वह वहा से हिल पा रही थी जैसे जैसे  लाला के होंठ मम्मी के पास जा रहे थे .. मम्मी काम लगी थी उनकी आंखें बंद हो गई .. मम्मी के होठों के पास अपने होंठ लेजाकर लाला ने रोके दिए ..  से मम्मी मधोश होने लगी.. मम्मी की भी सांसें अब तेज चलने लगी थी..उनकी गर्म सांसें लाला के फेस पर पैड कर उन्को या गरम कर रही थी.. लाला अब आगे को होकर किस करना वह वाला था की मम्मी ने  फेस दूसरी तराफ घुमा लिया साइड को।  लेकिन लाला रुका नी वो आगे को होता चला गया अब लाला के होंठ या मम्मी की सॉफ्ट गोरी चिक्स के बीच सिरफ हलका सा एक नखुन जीता पता वह फ़र्क था टच होन मी।  लाला वही पर रुक गया था।  अपनी गरम सांसें मम्मी के फेस पर शोड रहा था जो की मम्मी की सुरहीदार बगीचा से भी तकरा रही थी.. मम्मी मधोश होने लगी थी।  लाला ने आगे होठों कर मम्मी के लड़कियों पर एक हलका सा किस किया.. लाला के गरम होंथो के स्पर्श से मम्मी का जिस्म तो एक बार काम।  मम्मी की आंखें बंद थीं.. लाला ने मम्मी की पूरी गाल पर किस 4 5. फिर अपना दूसरा हाथ ऊपर उठाकर मम्मी के चेहरे पर रखा या सिद्ध करने लगे.. मम्मी का चेहरा अब लाला के सामने था बिलकुल।  मम्मी की आंखें पूरी बंद थी.. मम्मी का चेहरा बहुत वह खूबसूरत थी मासूम था.. किसी भी देख कर उन पर प्यार आजे।  हर कोई उन पर फ़िदा हो जाए इतनी ख़ूबसूरत है मेरी मम्मी।  लाला मम्मी के फेस को वो निहारे जा रहा ते.. मम्मी के बालो की कुछ पालके मम्मी के फेस आ रही थी।  जिने लाला ने मम्मी के फेस पर हाथ फिरकर पिचे कर दिए .. अब मम्मी का पूरा चेहरा गुलाबी होंठ खूबसूरत आंखें लाला के सामने थी।  लाला ने अब होंथ मम्मी के होंतो के पास ले जाने शूरु की .. या मम्मी के होंथो पर अपने होने रख दिए या छोटा सा चुंबन कर थोड़ा पिचे को हुए .. आला लाला ने मम्मी के दोनो हाथो को शोडकर अपने हाथ मम्मी फिट की सुरहीदार  कटाव जैसी कमर पर रख कर पक्का लिया… मम्मी काम रही थी.. न वह लाला को रोक रही थी .. न वह खुद पिचे हट रही थी या न वह लाला का साथ दे रही थी अभी.. लाला ने फिर आगे अपने  होंथ कारक मम्मी के होंतो पर होंत रख के किस करने लगे हल्के हल्के.. मम्मी के भी होते हल्के से खुल गए।  लाला ने मम्मी के दो होंतो को अपने हों तो मुझे भर का चूसा.. मम्मी भी गर्म हो चुकी थी मगर पता नहीं चलने दे रही थी की वो भी गर्म है.. लाला ने फिर एक चुंबन या किया.. मम्मी की निकली।  या झटके के साथ पिचे को हो गई या अपनी आंखें निचे कर मम्मी अब खादी थी.. लाला मम्मी के.इस बरतब को देखता ही रह गया..


 लाला :- क्या हुआ सुनिधि जी अब आपको क्या मेरा प्यार आपको पसन्द नी आया क्या गल्ती हुई है मुझसे।


 मम्मी कुछ ना बोली..


 लाला :- बताओ भी सुनिधि क्या मैं बुरा हूं….


 मम्मी :- नहीं ऐसी बात नहीं है ऐप अच्छे हो .. लेकिन जो कुछ वी हो रा ये सब गलत है।  किसी को पता चल गया तो मैं बदनाम हो जाउगी।  मेरा बेटा वी साथ वाले रूम में है अगर वो देख लेता तो पता नी क्या सोचा.. नहीं मैं ये सब नी कर शक्ति..


 श्यद मम्मी मेरे यहाँ होने से डर रही थी, अंदर से दिल तो उनका वी कर रहा होगा करने का… कितने समय से तो प्यासी है वो।  करण अंकल के जाने के बाद तो उन एक भी लुंड नी मिला था.. मैया स्मज गया की मम्मी वी चाहती है लेकिन मेरे।  याहा होने के करन बीएसएस नाटक कर रही लाला के साथ.. श्याद लाला वी इस बात को स्मज गया था.. मम्मी फिर जल्दी से आया अपना मोबाइल उठाकर उस पर टाइम देखा..


 मम्मी:- कितना टाइम हो गया है 2:45 हो गए हैं अभी हम चलना चाहिए..


 इतना कह कर मम्मी बहार की तरह आने लगी। वह थी की.. लाला ने मम्मी के एक। हाथ को जल्दी से पक्का लिया या खीच कर अपने साथ सात लिया .. मम्मी के मोटे दूध जो एक।  लाला की चाय पर दब गया.. मम्मी थोड़ा सेहम गई थी वो लाला की आंखों में देखने लगी.. जैसे पूछ री हो ये ऐप क्या कर रे हूं.. लाला बोला


 लाला :- सुनिधि तुम दुबारा मुझसे मिलने आएगी ना..


 ममी : पटा निह


 लाला :- माई इंतज़ार करुगा तुमार आई लव यू सुनिधि..


 इसी के साथ लाला ने मम्मी को शोद दिया.. मम्मी लाला के आईएसएस बरतब से थोड़ा हेयरन हो गई थी.. मम्मी जली से घूमी या बहार की तरह आने लगी.. मैं वी जलदी से रूम में जकार ले गया.. मम्मी ने मुझे  आकार उथया।  मैंने सोकर उठने की एक्टिंग करने मम्मी को लगे की मैं सोया हुआ था .. माई या मम्मी बहार आए .. लाला वी टीवी सब कुछ ऑफ कर बाहर आ गया .. मम्मी लाला से नजर नहीं मिला रही थी वो आला कर की तराफ में  राही थी।  हम निचे उतरने लगे.. मम्मी आगे थी।  पिचे माई या मेरे पिचे लाला.. हम उतर कर निचे आए.. लाला ने दुकान का सत्तार उठा.. वहा पर समान पड़ा हुआ था मैंने वो उठा लिया.  मैंने लाला को नमस्ते बोला.. लाला बार बार मम्मी की तरफ से देखा जा रहा था.. लेकिन मम्मी ने अपनी नजर झुका राखी थी।  या जलदी से बहार को आ गई दुकान से.. पिचे मैं भी आ गया समान लेकर गाड़ी में समान रखा।  मम्मी जल्दी से दूसरी तरफ जाकर बैठ गई या मैं भी ड्राइविंग सीट पर बैठा गया या गाड़ी घर की तरफ घुमा ली.. कोई 15 मिनट में हम घर पहुंचे.. जब हम आ रहे थे।  मम्मी के चेहरे पर कोई गुस्सा या ध्यान नहीं थी।  बीएसएस हलकी सी स्माइल थी उनके होंतो पर .. सिड मम्मी लाला के साथ सतीसावित्री बन ने का नाटक कर रही थी .. हम घर पहुंचे .. मैने कार और लगाई।  मम्मी ने मेन डोर ओपन किया हम दो और गए।  मैंने सामान स्टोर में रख दिया.. या मम्मी से बोला की माई अपने रूम में ऊपर जा रहा हूं.. मम्मी बोली हा ओके बेटा.. मैं वी सोने जा रही हूं.. जब मैंने की आंखों में देखा तो मम्मी की आंखें बहुत ज्यादा  थी हवा से भारी हुई.. मैं अपने रूम में आ गया या मम्मी के रूम का कैमरा ऑन कर्क देखने एलजीए की मम्मी क्या करेगी अब.. मम्मी ने किचन में जाकर पहले ठंडा पानी पिया.. फिर जल्दी से अपने रूम में आ गई।  अपने रूम के दरवाजे को अंदर से लॉक कर लिया.. सभी परदे आए होंगे की खिड़कियो के.. या जल्दी से अपनी लाल कुर्ती लेगी या बीटीए पेंटी उतर कर पूरी नंगी होकर बेड पर जाने दी.. अपने हाथ को अपनी छूत पर रखकर छुट  आपको अच्छा लगेगा।  वो लाला के नाम की फिंगरिंग कर रही थी।  लाला ने मम्मी को गर्म जो कर दिया था.. मम्मी ने अपनी एक उनगली अपनी चूट में दाल ली ओर दूसरे हाथ को अपने दूध पर रख कर इस्तेमाल जोर जोर से दबने लगी..  छोडू ओह आह 2 मिनट वह मम्मी की छुट से फुवारा फूटा मम्मी का कामरस पिचकारिया मरता हुआ बहार आने लगे।  एलजीआई.. कुछ डर बाद मम्मी नॉर्मल हुई.. बाथरूम में जकर भाकर बहार आई.. या एक सलवार शुत पेह लिया.. ब्रा पेंटी नहीं पेहनी अब मम्मी ने।  अंदर से पूरी नंगी वह थी मम्मी.. मम्मी बिस्तर पर आकर सो गई।

 

 मैं भी अपने रूम में मम्मी के नाम की मुठ मारकर सो गया.. शाम को 6 बजे उठकर माई आला गया।  मम्मी ने वोही सलवार सूट पहनना हुआ था.. मम्मी के दूध बिना ब्रा के भी तने हुए दिखाई दे रहे थे।  या पिच से कमीज उनकी गांद की फैन्को के बीच फासी हुई थी।  जो की मम्मी की गांद का बहुत वह सेक्सी नजर पेश कर रही थी।  माई घर पर मम्मी के सेक्सी जिस्म के भूलभुलैया लेटा रहा.. ऐसे ही रात हुई हम डिनर करके अपने अपने रूम में सो गए।


 माई मॉर्निंग 7 बजे उठा फ्रेश होकर आला गया।  आज सोमवार था आज मुझे सह भी जाना था मगर मेरा कोले जाने को बिलकुल बनाम मन नहीं था।  मेरा दिल बीएसएस अब मम्मी की छुडाई देखने को वह करता रहता था।  अब पता नहीं कब मम्मी की छुडाई होगी।  माई कॉलेज चला गया अपने दोस्तो से मिला मगर मेरा कॉलेज में बिलकुल भी मन नहीं लग रहा था।  मुझे बीएसएस मम्मी की छुडाई देखनी थी।  मेरा दिल बीएसएस याही कर रहा था की घर जकार मम्मी के सेक्सी जिस्म को देखता रहू या किसी न किसी के साथ उनकी चुदाई कल्पना करो मुथ मारू।  मैने 1 व्याख्यान वह किया या वापस घर आने के लिए कॉलेज से बहार आ गया में भाग लेते हैं।  कोई 25 मिनट में मैं अपनी कॉलोनी में पांच गया।  जब मैं अपने घर की तरफ जा रहा तो मैंने पिच से देखा की एक स्कूटी हमारे घर की तरफ मुड़ी मैं रास्ते से।  जब मैंने ध्यान से देखा तो वो लाला था उस स्कूटी पर या उसे आगे समान रखा हुआ था।  हम कल सारा समान ले आए थे ये क्या है।  कहीं लाला मम्मी को चोदने तो नी जा रहा.. मेरे दिमाग में बहुत से ख्याल आ रहे थे।  मेरा दिल बेचान हो गया था की पता नी क्या होने वाला है।  घर तो मैं अब जा नहीं जानता हूं.. याहा से हमारे घर को मुड़े है वहा पर एक घर है जो बंद पड़ा हुआ है वो पूरा का पूरा खली है।  उसके अंदर जाने का मैं गेट 24 घंटे बंद रहता है।  लेकिन उसके साथ वह एक छोटा सा गेट या है जिसे लॉक नी किया हुआ बीएसएस एसे ही बंद किया हुआ है वह से सिरफ बाइक वह अंदर जा स्कती है।  माई जलदी से अंदर चला गया।  या बहा घर की सिदियों में बैठाकर देखने लगा की क्या हो रहा वहा।  मैंने जब अपने मोबाइल का नेट किया पर।  मम्मी के वाट्सएप पर मैसेज आए हुए थे।  मैंने जब वो ओपन किया तो मम्मी ने मेरे जाने के बाद लाला से बात की थी कोई 9:30 बजे की बात है ये।  पहला मैसेज मम्मी का था।


 मम्मी:- हेलो लाला जी क्या ऐप शॉप पर आ गए हो कुछ समान मांगवाना था।


 जिस्का रिप्लाई लाला ने 9:50 पर दिया था..


 लाला :- हाय सुनिधि जी ऐप हा आ गए है शॉप है।  बहुत बहुत धन्यवाद आपका अपने जो हम याद किया।  क्या लेना है आपको।


 श्यद फं मम्मी के हाथ में वह होगा तब या लाला के जवाब का इंतजार कर रही होगी की वो क्या बोले है मम्मी ने लाला का संदेश आते उन्होंने देखा किया या साथ में वह जवाब दे दिया..


 मम्मी:- वो सर्फ मंगवाना था कल माई वाशिंग का समान लाना भूल गई थी आज कपड़े भी धोने है।  अगर अंकित घर होता तो वो ले और खुद की दुकान से लेकिन वो कॉलेज चला गया है


 लाला :- कोई बात नी भाभी जी मैं ला देता हूं आपको समान ऐप थोड़ा रुको किजिये।  हम आपकी मदद के लिए हैं।  आपको कितनी बार खा है।


 मम्मी:- वो आपकी शॉप पर फिर को रहेगा रहने दिजिये ऐप इवनिंग को अंकित खुद ले आएगा यहां से


 लाला :- कोई परशानी नहीं है मुझे मैं ला देता हूं पहली बार अपने कोई काम बोला है माना थोड़ी कर क्षमता है।  याहा इरफान (दुकान पर काम करने वाला वो दूसरा आदमी ***** था) सब कुछ संभल लेगा।


 मम्मी:- नहीं अगर उसे कुछ चोरी कर लिया तो नहीं ऐप रहने दिजिये।


 लाला: – ऐप चिंता मत करो भाभी जी याहा कैमरा लगे हुआ है वो भरोस का आदमी है मेरे बहुत सालो से वो याही काम कर रहा है जब मैं दुकान पर नहीं होता हू तो वही सम्भलता है।  मैं अभी आता हूं समान लेकर


 मम्मी :- ओके जी बाय


 बस्स ये बात हुई थी।  माई सोच में पद गया की ये सब समान तो घर पर पद हुआ है इसलिय नहीं लेकर आए द कल।  अचानक क्यू मम्मी ने लाला को क्यू बोला ये।  फिर मेरे दिमाग में कल वाला पूरा सीन दो गया की कैसे लाला ने कल मम्मी को गरम किया था या मम्मी को किस भी किया था।  कहीं मम्मी ने जनभुज कर तो नहीं लाला को बुलाया की वो घर आकर मम्मी को अकेला पकार उन्हे छोडे।  क्यूकी घर पर तो मैं भी नहीं था मम्मी ने कल बोला जो था की मैं यहीं पर हूं अगर किसी को पता चल गया तो उनकी बदनामी हो जाएगी लेकिन मम्मी तो अब अकेली थी घर मेरे दिल ये सब सोच सोचकर।  मैंने जलदी से घर का कैमरा ओपन करके देखने लगा..


 लाला ने बहार अपनी स्कूटी खादी की लाला ने सफेद कुर्ता पायजामा पहनना हुआ था।  अनहोन और जकर दरवाजे की घंटी बजाई।  कोई 10 सेकंड बाद घर का दरवाजा खुला हुआ।  सामने मम्मी खादी थी।  लाला मम्मी को देता ही रह गया।  मम्मी ने ब्लैक टाइट लेगी या ब्लैक टाइट फिट कुर्ती पेहनी हुई थी साथ में चुनरी ले राखी थी या हील पेहनी हुई थी।  मम्मी मेकअप कर फुल रेडी होकर खादी थी जैसे कही पार्टी में जाना हो।  लाला को अपने जिस्म को भूत देख मम्मी बोली।


 मम्मी:- आप आ गई बड़ी जल्दी.. आया और आया हूं


 लाला :- (लाला होश में आया मुस्कुराते हुए बोला) ऐप बुलाये या हम न आए ऐसा कभी हो सकता है नमस्ते सुनिधि जी।  इतना बोलकर वो घर के अंदर चले गए।


 मम्मी ने भी “नमस्ते लाला जी बोला” लाला आए और चला गया मम्मी ने दूर बंद किया।  पिचे मुडी लाला पिचे मुदकर मम्मी को वह देख रहा था।  मम्मी बिलकुल नॉर्मल बिहेवियर कर रही थी जैसे कि उनके बीच कल कुछ न हुआ हो न वह उन कल का कुछ याद था।  मम्मी ने चेहरे पर ना गुस्सा था या ना स्माइल।  मम्मी ने लाला को अपनी तरफ देखता देख उनसे बोली..


 मम्मी :- आप यहीं रुक गए आगे चलिये वो ड्राइंग रूम है उड़।


 अब मम्मी आगे चलेंगे या लाला उनके पीछे लाला पिचे से मम्मी की सेक्सी फिगर या मम्मी की मटकी हुई गोल गंद को देख कर चल रहा था।  टाइट लेग मी मम्मी जी गांद की शेप साफ साफ दिख रही थी जिस लाला अपनी हवा भारी नजर से देख रहा था जिस वो आज वह मार्ने वाले हो।  मम्मी भी कुछ ज्यादा ही गांद मटका मटका कर चल रही थी लाला को दिखी हुई।  मम्मी को श्यद पा था की लाला पिचे से उनकी गांद ही देख रहा होगा..  वो ड्राइंग रूम में चले गए।  मम्मी ड्रॉइंग रूम के दरवाजे पर रुक गई या लाला अंदर जाकर सोफ़े पर बैठा गया उनके हाथ में एक पॉलिथीन था जिसे उन्होन ने मम्मी को पक्का दिया दूर पर या खुद और चले चले या वहा जकर सोफ़े पर बैठा गया।  या मम्मी वापस किचन में आ गई।  ड्राइंग रूम में कैमरा नहीं था।  मैं सोच में पड़ गया की आगे कैसे देखा जाए।  फिर मेरे डिमाग में आई आइडिया आया या मैं जल्दी से घर की तरफ भाग गया।  घर के आगे से मैं बैठा कर घर के आगे दूसरी तरफ गया।  या उस तरफ से दीवार क्रॉस करके मैं घर के राइट साइड वाली स्पेस पर चला गया जिस तरह से ड्राइंग रूम है।  ड्राइंग रूम हमारे घर में लॉबी के राइट साइड में है।  ड्रॉइंग रूम में मैं प्रवेश करता हूँ तो वह राइट साइड सोफा लगा हुआ है या लेफ्ट साइड सिंगल बेड।  लाला सोफ़े पर बैठा हुआ था सेंटर मी।  माई ड्रॉइंग की खिडकी से अंदर देखने लगा।  खिड़की के आगे परदा लगा हुआ था जो हवा के साथ उड़ रहा था से मैं खिडकी के कोने से अंदर की तरफ देख रहा था।  मम्मी ट्रे में 2 गिलास कोल्ड ड्रिंक के रख के रूम में एंटर हुई।  लाला की नज़र मम्मी से टोपी वह नहीं रही थी।  मम्मी ने पास आने को झुक्का त्रय लाला के आने की।  झुके की वजह से मम्मी का दुपट्टा आगे से आला को लतक क्या या लाला की नजर सीधी मम्मी की दूध की घटियों के बीच जा कर फस गई।  मम्मी का क्लीवेज ऊपर से साफ दिख रहा था क्योंकि क्युकी कमीज डीप कट था.. लाला को अपने दूध की तरफ घोरते देख.. मम्मी बोली।


 मम्मी:- ये कोल्ड ड्रिंक लिजिये


 लाला ने फिर मम्मी की आँखों में देखा मुस्कुराते हुए एक गिलास उठाया या साथ में बोल पाड़े।


 लाला :- सुनिधि जी ऐप वी लिजिये न बैठा जाय यहाँ पर।


 मम्मी वी वहा साइड के सिंगल सोफ़े पर बैठा गई या कोल्ड ड्रिंक का पीने लगी।  लाला की नज़र मम्मी के सेक्सी जिस्म से टोपी वह नहीं रही थी।  वो कोल्ड ड्रिंक पीटे हुए भी मम्मी की तरह वह हवा भरी नजर से देखे जा रहे थे।  मम्मी ने अपना कोल्ड ड्रिंक खतम किया।


 मम्मी:- ये कितने पैसे हुए सर्फ के


 लाला :- क्यू पेसे देकर आप ममुजे शर्मिंदा कर रहे हो।  इसे अपनी वह दुखिया अप्प


 मम्मी:- नहीं आपको पैसे लेने हैं, मैं अभी लेकर आती हूं।


 मम्मी सोफ़े से उत्थान बहार जाने वह वाली थी की लाला जल्दी से खड़े होकर मम्मी का हाथ पक्का लिया है अपनी तरफ़ खीच लिया।  मम्मी घूमकर सिद्ध लाला की शादी से जा तकराई मम्मी के दूध बीच में प्रेस हो गए थे।  मम्मी के खड़े निप्पल लाला के चुभ गए होंगे उनके मुह से एक सिस्की निकली थी या मम्मी के मुह से भी हल्की सी आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह निकल गई थी।  मम्मी लाला से चिपकी हुई थी आगे से।  लाला ने मम्मी का दूसरा हाथ वी पक्का लिया था।  दोनो के फेस आमने सामने।


 मम्मी :- ये क्या कर रे हो अप्प


 मम्मी के चेहरे पर कोई वी गुसे वाला भव नहीं था।  मम्मी नॉर्मल हे बोल रही थी।


 लाला :- तुमसे प्यार कर रहा हूं सुनिधि।  अब या नहीं रहा जाता जान मुझसे।


 लाला ने मम्मी को अब जान बोला था..


 मम्मी :- मैंने आपको कल भी बोला था ये सब गलत है मैं शादी शुदा हूं।  अगर किसी को पता चल गया तो मेरी बदनामी हो जाएगी।  ऐप चले जाये कृपया यहाँ से


 लाला:- अगर मुझे वपीस वह भजन था तो मुझे बुलाया हे क्यू।  या ऊपर से इतनी सेक्सी या हॉट ड्रेस क्यू पेहनी या किस के लिए पेहनी है।  किसी को कुछ पता नहीं चलेगा जान जो होना है होने दो बीएसएस।


 मम्मी कुछ ना बोली।  बीएसएस लाला की आंखों में देखे जा रही थी अब मम्मी की आंखें वी नशीली होने लगी थी जिसे लाला भाप गया था वो फिर से बोला।


 लाला: सुनिधि आई लव यू तुम्हें भी प्यार की जरारात है या मुझे भी।  बीएसएस अब मत रोको मुझे या अपने ऐप को भी नी।  बेह जेन दो bss


 इतना बोल कर लाला ने अपना चेहरा आगे किया या मम्मी के होठों के पास जेक अपने होंठ रोके दिए।  मम्मी के फेस पर अपनी गर्म सांसें शोद रहे थे।  जिस से मम्मी माधोश होने लगी थी मम्मी बिलकुल वी नहि हिल रही थी या न वह वहा से जा रही थी श्याद मम्मी वी वो सब कुछ करना चाहती थी मधोशी में मम्मी की आंखें बंद हो गई।  लाला ने अपने हाथ मम्मी की पीठ पर रख दिए जोर से मम्मी को अपने साथ दबा लिया मम्मी के दूध या दब गए लाला की शाति से मम्मी की सांसें वी अब तेज हो गई थी।  मम्मी की गरम सेन से लाला या गरम हो गया लाला ए अब जलदी से अपने होने मम्मी के होंथो पर रख कर मम्मी के होने चोस्ने शूरू कर दीए मम्मी वी श्याद लाला के शुरवात करने का वह इंतजार कर रही थी।  लाला के हों अपने होंठो पर एलजीटे ही मम्मी के होंट अपने ऐप खुल गए मम्मी वी अब ब्रबर लाला के होंट चूस राही थी अपने होने फिर के।  ऐसा लग रहा था जैसे दोनो में दौड़ लगी हो कोन किस्‍क होना ज्‍यादा छोस्‍ता है।  मम्मी का निकला होंट लाला के दोनो होंतो के बीच था या लाला का ऊपर का होंट मम्मी की गुलाबी होने के बीच था।  दोनो एक दोसरे के होने को पगलो की तरह चूस रहे थे।  मम्मी के हाथ अपने ऐप लाला के पिच चले गए मम्मी पर अब हवा पूरी तरह चाड चुकी थी।  मम्मी या लाला की जुबान एक दूसरे के मुह में थी।  लाला मम्मी के होंतो या जुब्बन को अब जनवरो

 की तरह चूस रहा था।  वो अपने दो हाथो को घुमते हुए मम्मी की गांद पर ले गए।  लाला ने अपने दो हाथो की मोती उनगलिया मम्मी की गांद की दर में दाल कर दोनो हिसो को पका कर मसाला लगे।  लाला ज़ोर ज़ोर से मम्मी की गांद मसाला रहा था।  मम्मी की अब सिकिया वी निकले लगी थी किस करते करते।  लाला अभी वह मस्ती में गम था .. मम्मी को चुनने या मम्मी की मोती गोल गान को मसाला में।  लाला मम्मी की गांड की मसाला हुई मम्मी की छुट को अपनी तरफ दबा रहा था।  लाला का लुंड खड़ा होकर श्यद मम्मी की छुट से चिपक गया होगा लेग्गी के ऊपर से।  मम्मी अब अपने जोड़े के पंजो के ऊपर खादी होती या फिर आला होती है।  लाला ने अपने हाथ आला मम्मी की झांगो पर रखे एक झटके में वह मम्मी को अपनी भगवान में उठा लिया।  मम्मी ने भी जलदी से अपनी दोनो टांगें लाला के पिचे करके घुमा ली अब मम्मी की छुट लाला के लुंड से पूरी टच हो रही थी।  मुझे व अब लाला के लुंड का दर्द दिख रहा था।  वो बहार से तो बहुत मोटा लग रहा था।  लल्ला ने अपने दोनो हाथ मम्मी की गांद के आला वह रखे हुए मसाले हुए ऊपर से एक के होने चुनेंगे मम्मी को बिस्तर की तरफ ले जाने लगे।  बेड का पास पहंच कर लाला ने बेड के किनारे पर मम्मी की गांद को रखा या दोनो एक साथ पिछे को बिस्तर पर गिर गए मम्मी लाला के आला थी या लाला मम्मी के ऊपर।  दोनो अब दोनो हाथ आला से ऊपर ले जाते हुए मम्मी की कमीज में दलने शूरू कर दीये मम्मी की कमीज ऊपर को हो गई मम्मी के गोरे मोटे तने हुए दूध काले रंग की ब्रा में लाला के आला द लाला ने अपने दोनो हाथ मम्मी के दोनो दूध  पर रख कर उन्हे ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया.. मम्मी की सिकिया या तेज़ हो गई।  लाला की टंगेन आला ज़मीन पर थी या मम्मी की बिस्तर पर।  लाला इसी ढकके वी लगे जा रहा था मम्मी की छुट पर।  लाला ने अब मम्मी के होंठ शोडे या किस करता हुआ आला को आने लगा।  मम्मी के गोरे बदन को चुमते हुए वो मम्मी के खराब क्लीवेज को चूमने लग दूध दबते हुए फिर लाला ने झटके से मम्मी की ब्रा ऊपर को कर दी।  मम्मी की ब्रा का हो ठीक पिचे से टूट गया।  मम्मी के अब दो दूध लाला के सामने गुलाबी निप्पल के साथ लाला ने इतने सुंदर दूध श्यद पहली बार देखे होंगे अपनी जिंदगी में।  मम्मी के दो दूध को देख कर लाला के मुह में पानी आ गया।  वो बिना डर ​​की मम्मी के दो दूध पर टूट पड़े।  लाला ने पहले मम्मी के दया दूध को पूरा अपने मुह में भर लिया या दूसरे को किसी हॉर्न की तरह दबने लगे।  मम्मी चिलने लागी .. “आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हों की स्ससिईआईआईआईआईआईआईआईआईआईएएचएचएचएचएचएचएचएचएचएचएचएचएचएचएचएचएचईईईईईआईआईआईआईआईआईएईईएएए आहह्ह्ह्ह ओहह्ह्ह्ह्ह्ह्हेह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हे आहलाला जठि” लाला पैरा मम्मी की चीकहन काई असर नाहि था।  वो अपनी हवा में मम्मी की इज्जत को नौचने में लगे हुए थे।  मुझे इसे देख बहुत मजा आ रहा था मैंने अपना लुंड बहार निकला था या हिला रहा था।  लाला ने फिर मम्मी के निप्पल को किसी बच्चे की तरह चूसा यही वह लाला ने दूसरे दूध के साथ किया।  लाला ने मम्मी के दो दूध पर जग जग पर कट वी लिया था मम्मी के गोर जिस्म पर वो लाल लाल निशान पैड चुके थे।  लाला ने अपने दोनो हाथो से मम्मी के दूध दबाता रहा या किस करते हुए हुए आला चला गया मम्मी की लेग्गी के किनारे पर जकार उसने गरीब नाभि या पेट को चुमा या फिर सिद्ध खड़ा हो गया मम्मी के सामने।  वो मम्मी की इस हलत को देख कर मुस्कुरा रहा था लाला सोच रहा होगा की जो कल सती सावित्री पतिव्रत होने का नाटक कर रही थी आज वो खुद मेरे लुंड के निचे फिलये पड़ी हुई है।  लाला ने अपने दोनो हाथ दूध से हराकर आला साइड पर मम्मी की लेग्गी में दोनो साइड फासा दिए।  या एक झटके में मम्मी की लेग्गी ब्लैक पेंटी काशी के साथ आला को खीचकर मम्मी की रंगों से बहार निकल दी।  मम्मी अब लाला के सामने पूरी नंगी हो चुकी थी।  Bss upar ek kammez or bra वह थी वो भी बिलकुल ऊपर।  लेग्गी बहार निकलते ही मम्मी ने अपने दोनो घुटनो को जोड़ दिया अपनी छुट चुपाने के लिए लाला के नजरो से।  मगर अब तो बहुत डर हो चुकी थी।  लाला आला बैठा गया।  मम्मी के दूध जैसे सफेद जोड़े पर किस करने लगे।  लाला ने मम्मी के दोनो जोड़े की उनग्लियो को चूसा इसी वह मम्मी की चिकनी तांगो पर चुंबन करते हुए हाथ फिरते हुए ऊपर को हो गए।  मम्मी की तांगें पूरी चिकन थी एक वी बाल नी था उनपर पूरी साफ।  घुटनो पर पाहुंच कर लाला ने मम्मी के दो घुटनो को पक्का या खोल दिया.. मम्मी की तांगें अब पूरी खुल गई।  मम्मी की गुलाबी छूट अब लाला के सामने थी।  छुट पर एक भी बाल नहीं था।  पूरी गुलाबी छुट थी मम्मी की पूरी बैंड कुंवारी छुट की तरह उस पर एक वी बाल नहीं था शयद मम्मी ने आज सुबाहा या कल रात की होगी साफ मम्मी ने लाला से चुडवाने की पूरी तयारी कर राखी थी।  मम्मी की गुलाबी छू देख कर लाला के मुह से लार टपकाने लगी।  लाला जल्दी से मम्मी की गुलाबी छूत पर टूटे पड़ा लाला ने मम्मी की छुट पर किस करना चुना शूरु कर लिया।  लाला मम्मी की छुट की दरर में अपनी जॉब की नोख घूमाने लगा।  जिस से मम्मी तड़फने लगी भूल भुलैया से।  मम्मी ने अपने दोनो हाथो साइड पर रख के बिस्तर को ज़ोर से पकाड़ इया या फिर उड़ मुह मार्ने लगी सिस्किया लेने लगी आह्ह्ह्ह्ह ऊओइइ आउओ।  अह्ह्ह्ह्ह आआआह्ह्ह उफ्फ्फ iiiiii.  लाला मम्मी की छुट को पूरा मुह में भर के चूस रहा था।  अब दोनो से बरदाश्त करना मुश्किल हो चुका था।  कुछ डर छुट चुनने के बाद लाला ने अपना मुह वहा से हटा।  मम्मी की पूरी गुलाबी छुट लाला के ठुक से चमक रही थी।  लाला मम्मी के सामने खड़ा हो गया।  छुट पर लाला का स्पर्श ना पकार मम्मी ने भी आंखें खोल दिनोर सामने की तरफ देखने लगी की क्या हुआ।  मम्मी लाला के सामने बिस्तर पर नंगी सिरफ ऊपर को की हुई कमीज में टंगें खोलकर लाला को अपनी छुट दिखी हुई पड़ी थी।  लाला खड़े हो कर मम्मी के जिस्म को निहार रहा था।  लाला ने पहले अपना कुर्ता निकल कर आला फेंक दिया।  लाला का ऊपर का बालो से भरा जिस्म मम्मी के सामने था।  फिर लाला ने अपना पजामे का नाला खोला या अंडरवेयर के साथ आला को कर दिया जो कि उनके जोड़े में जा गिरा जिसे लाला ने जोड़ा से बहार निकला दिया।  अब लाला मम्मी के सामने पूरा नंगा खड़ा था।  लाला का मोटा लुंड किसी मिसाइल की तरह सामने को सिद्ध खड़ा था।  लाला का लुंड 8 इंच का लुंबा या काफ़ी मोटा था।  लाला के लुंड की बहार की चमकी काली थी या उम्र गुलाबी टोपा।  लाला ने अपने खड़े लुंड को पक्का कर आने को हुआ।  लुंड के टोपे को मम्मी की छुट पर ऊपर से आला तक फिराने लगा।  मम्मी की छुट पानी षोड रही थी।  लाला के लुंड का टोपा मम्मी के छुट के पन्नी से भीग चुका था।  लाला छुट में लुंड नहीं दाल रहा था बास बहार हे फिरये जा रहा था।  और लाला के लुंड की गरमी से मम्मी सिहर उठी जिस्म में अकद आने लगी जब कुछ डर तक लाला ने लुंड और नहीं डाला तो मम्मी ने आंखें खोल दी या लाला की तराफ प्यासी नजरो से देखने लगी जैसी केह या फिर जली  मेरी प्यास भुजाओ।

 लाला के दिमाग में पता नहीं क्या चल रहा था वो मम्मी की तरफ़ देखकर मुस्कुराया या लुंड फिरता रहा..


 लाला :- सुनिधि तुम मुझसे प्यार करती हो ना।


 मम्मी ने हा में सर हिला दिया।  बोली कुछ नी.


 लाला :- सुनिधि मेरी जान मुझे तुम्हारे मुह से सुन ना है।  लाला ने अपना एक हाथ मम्मी के गुलाबी होठों पर फिरा दिया।  बोलो भी सुनिधि


 मम्मी ::- हा मैं आपसे प्यार करती हूं..


 लाला ने इसी के साथ एक हलका सा धक्का मारा उनका अधा मोटा टोपा मम्मी की छुट में चला गया।  या मम्मी की सिसकी निकल गई आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह लाला वही रुक गया।  मम्मी को कुछ याद नहीं आ रहा था कि लाला ऐसा क्यों कर रहा है।


 लाला :- सुनिधि तुम्हारा दिल मुझसे चुडवाने को कर्ता है न बताओ मैं ज़बरदस्ती कुछ नी करना चाहता तुम्हारे साथ।  अगर तुम्हारा दिल नहीं मुझसे चुदने का तो बता दो मैं चला जाता हूं


 लाला की इस बात पर मम्मी चोंक गई की लाला ऐसा क्यों बोल रहा है।  वो खुद नंगी होकर उनके सामने पड़ी है या वो पूछ रहा है कि चुदना है की नहीं।  मम्मी झट से बोली।


 मम्मी:- ऐप एसा क्यू पुच रे हो


 लाला:- जो माई पूचा वो बताओ


 मम्मी:- क्या बताऊ


 लाला:- यही की तुम मुझसे छुट मरवाना चाहती हो या नहीं।


 मम्मी कुछ न वोली।  लाला फिर से बोला


 लाला :- अच्छा तो फिर मैं चलता हूं तुम्हारी ना है श्यद जो बोल नहीं रही हो


 लाला पिचे हो गया उनका लुंड छुट से अलग हो गया।  मम्मी जो की हवा के नशे से पागल हो चुकी थी उनकी हवा अब लुंड के बिना शांत नहीं होने वाली थी।  मम्मी वी स्मझ गई थी की लाला क्या सुन न चाहता है।  मम्मी ने आगे हाथ करके लाला का हाथ पकड़ा लिया।



 मम्मी:- हा मैं आपसे चुदना चाहता हूं यही सुन न चाहते हो न आप


 लाला :- लका मुसकुरा उठा।  श बोल री हो न सुनिधि..


 मम्मी :- हा लाला श बोल री हु।


 लाला फिर आगे रंग।  अपने लुंड के टॉप को मम्मी की छुट के छोटे से छेद पर सेट किया।  आगे को झुक कर अपने दोनो हाथ मम्मी के दूध पर रखे।  मम्मी के दो दूध को पक्का कर मम्मी के होंथो में अपने होते रख दिए चुनने लगे।  जब मम्मी लाला के होंट चुनें में मधोश हो गई लाला ने एक ज़ोर का ढका आला मार दिया।  मम्मी की एक ज़ोर की गाल निकली आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मम्मी का जिस्म पूरा कांप गया था इस झटके से.. मम्मी की सांस लाला के मुह में घुट रही थी मम्मी झटपटाने लगी।  मम्मी ने अपना एक हाथ आला लेजाकर लाला की झंझट पर रखकर इस्तेमाल करें पिचे को ढकेलने लगी।  लेकिन लाला बिलकुल वी पिचे को नहीं हुआ बीएसएस वही रुका हुआ था।  मम्मी ने अपना होना लाला के होंथो से अलग कर लिए।  लाला भी मम्मी के ऊपर से उठा कर मम्मी के छुट में लुंड डाले हुए वह सिद्ध खड़ा हो गया।  जब लाला सिद्ध खड़ा हुआ मैंने देखा की लाला का आधा मोटा काला लुंड मम्मी की टाइट चूट मुझे घुस चुका था।  मम्मी के जिस्म पर दर्द की वजह से पसीना आ रहा था।  लाला ने सिद्ध खड़े होकर मम्मी की तन्गो को सिद्ध ऊपर की तरफ से अपने कंधो पर रख लिया अपने हाथो से मम्मी की कमर को जोर से पक्का कर एक या ढकका लगा दिया लाला का पूरा मोटा और चीर्टा ममी हुआ की।  घुस गया।  मम्मी की एक ज़ोर की गाल निकली ये गाल बहुत ज़ोर की थी घर से बहार वी सुना दी थी।  आगर कोइ हमारी गली में खड़ा होता या आस पदोसी होते उन्हे व सुनय देती मगर वहा मेरे इलावा कोई नहीं था।  मम्मी तड़फने लगी अपना सर दर्द को मारने लगी या अपने दो हाथो को लाला की झंगों पर रख उन्हे पिच को ढकेलने लगी

 

 मगर लाला अब खा रुकने वाला था।  मम्मी की गरम टाइट लग्जरी छुट में लाला अपना काला मोटा लुंड दाल के स्वर्ग की सैर कर रहा था।  लाला ने अपान अधा लुंड बहार निकला या झटके के साथ फ्र से मुझे पूरा दाल दिया।  मम्मी हर dhakke कश्मीर sath upar आला होन लगी cheekhein Marti हुई “aaahhhhhhhhohhhhhhhh oiiiiiiiiiii aaahhhhhhhhhh dhhheereeee kiiijjiiyeeeeee baahar nikaallliiyeaaa aahhhhhh iseeeee” Lekin लाला अब खा सूरज ne वाला था लाला ne मम्मी की चुदाई krni Shuru कर di dheere Dhere लाला sirf अपना अधा लंड वह अंदर बहार  कर रहा था मुझे चुनो।  कुछ डेर की चुदाई के बाद मम्मी की गालियां सिकरियों में बदलने लगी।  Uffffffhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh मम्मी की Ankhein बैंड था।  अब लाला को पता चल गया की मम्मी को मजा आने लगा है।  वो ढकके मरते हुए अब पूरा लुंड टोपे तक बहार निकलते हैं या एक झटके से अंदर दाल देते हैं।  लाला ने अब मम्मी की छुट मारने की स्पीड भी बड़ा दी लाला ज़ोर से डबा कर मम्मी की छुट मार रहा था।  मम्मी बीएसएस ज़ोर ज़ोर से करही जा रही थी.. “आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हः

 लाला को मम्मी की सिस्किया और हवा का नशा चढ़ा रही थी।  मम्मी के ऊपर आला हिलते दूध हर ढकके के साथ बहुत से मस्त लग रहे थे..


 लाला :- मजा आ रहा है जान आआह बोलो


 मम्मी:- हा एसएसएसएसएसएस बाआ …. उफ्फ्फ्फ्फ बाहुउउत्तत्त ममाअज्जा आ आ रहा हैइइइइ ऊउह उफ्फ्फ्फ्फ बीएसएसएस ऐसे ही कृतिई ऊऊऊउ रआहहिइइआ आआह्ह्ह्प्प्प्फ्फ्फ्ह


 लाला:- हा जान आज तो तेरी छुट फदुगा मैं.. क्या छू है रंडी तेरी.. इतनी टाइट… मजा आ गया आ… अंदर लुंड डालने में।  कैसा लगा तुझे मेरा लुंड..


 आहह ufffffffcohhhhhhhhhhhhhhhh


 मम्मी :- एसएसएसएसएसएसएसआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईएलआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईआईएसआईएसआईएसआईएसटी वाह्ह मास्स्तत्तत्त हैइइ…लाआलाआ जइइइइइइ।


 लाला अब आगे को मम्मी पर झुका गया शॉट लगा हुआ मम्मी के एक दूध को अपने मुह में भरकर चूसना शूरु कर दिया।  मम्मी ने अभी अपना एक हाथ लाला के सर के पिचे करके उन्हे पाने दूध पर दबने लगी..


 ममी :- आह्ह्ह्ह ओर्र जूर देखिये चुनिएया इसी लाला जीई सारा दूध जाउ इंका आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् आदिह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् औरह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्द्ध और लेकिनद्ध द्वारा किया किया किया गया जांच कहा आपने कहा किया किया किया देख ले इसे देखिये


 लाला :- हा मेरी रैंडी अब से ये मेरे है अब इनका रोज दूध पीयुगा .. ओह रोज तेरी इस गर्म चूट को छोडूंगा मेरी जान .. बोल मेरी रंडी चुदवेगी न मुझसे ..  .


 मम्मी: – आहाहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हफ्फफफ्फ्फ्फफ्फ्फफेफ्फी SIIIIII SSSRRRRPPPPPP OOOOIIIIII।


 लाला :- बोल सल्ली बनेगा ना मेरी रखैल चुदवेगी ना मुझसे फिर से… ये थप्पोप थप्प या ले थालप्पल लाला अब ज़ोर से मम्मी की चुदई करने लगे.. मम्मी की सिकियारिया खराब लगी..


 मम्मी:—-आह्ह्ह्ह ओइइइइइइइइइइइइइइइइइइइ।मैरर दीयाआ आह्ह्हब अपोनी तोह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् नहीं नहीं.


 लाला :-बनेगी न मेरी रखैल.. बोलो


 मम्मी:- हा आह्ह्ह माई आपकी रंंदी हुई…


 मम्मी ने अपना प्यार भुजने के लिए अपने संस्कार सब भूल तो जा रही थी या एक रंडी रंखाइल बन ने के लिए वी तयर हो चुकी थी।


 लाला मम्मी की ये बात सुन के बहुत खुश हुआ .. या गलियां देते हुए मम्मी की चुदई करने लग… ” साली कुट्टिया हरामजादी ये ले मेरा लुंड या अंदर ले .. थप्पड़ थाप क्या छू है तेरी रंद। तेरा थाप है।  घर में इतना अच्छा माल शोड का बहार फिरता है.. आह थप्प ये ले या अंदर ले मेरा लोडा। रैंड तेरी इस्स चूट का भोसड़ा बनूंगा मैं कुट्टिया रैंड।  देने लगी मम्मी अब पूरी भूल भुलैया से लाला से चुदवा रही थी..


 आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्फ्फ्फ्फ्फ लाला जिइइइइइइइइइ ओउउउर्र्र्र्र्र्र… ज़ूउर्र्र्र्र्र.. देखें.. चूड़डिय़ा इस रंदीइइइ कूउ ओर्रे ज़ूर्र्र्र्र सीईई चोदिया लुंड…  बहूत्त माज़ा आह्ह्ह्ह हियाइइइइ.. अपनी रंदिइ कोई ऐसी ही चुनतीई उफ्फ्फ आह्ह्ह रहना सिइइइइइइइ एसएसएसएसएस..ससिसिस आह्ह्ह्ह


 मम्मी के मुह से भी गलियां सुनकर लाला या जोश में आ गया.. लाला अब पूरी तकत से मम्मी की छुट मारने लग तेजी के साथ लाला का लुंड अब किसी मशीन की तरह और बाहर हो रहा था।  लाला भी मम्मी की छुट की धनिया उड़ने में लगा हुआ था… हर ढकके के साथ मम्मी आगे पिचे को हो रही थी.. अंदर बीएसएस चीको सिस्कियो गालियो ढक्को की आवाज गूंज रही थी…


 “Ahhhhhhhhhhhhhhhh Ooooohhhhhhhhh ufuuuuuuuufffffffffffffff … Ssssssss … Hhhhhhhh। Siiii saahhhhhhh ehhhhhhhhhh aahhh baaahuttttt aahhh maazaa aaa rhaaaa haiaiiai aahhh orrrr zoooor इसे देख kariyeaa .. Aahhhhh ओह saaliii raandd यी leeee OOO hhhh ahhhhh ehhhhhhhh ufffff aaaorrr andaarr leeee ranndidiiiii aahhhh kuttiyaaaa। Aaahh siiiiiii  hhhheeee rannndiiiiii haarammmzadiiiiii aaahhhi bahuttttt naasaahaaaaaa haiiiii teriiii choot memeeeeeeiiiii baaahuttttt naasshaaaaa haiiiii kuuuttiiyaaaaaa .. Aajjj saaaaariiiiiii gaaaaaaarmmmmmmiiii nikaaaaalugaaa aahh ओह thapppppppp thapppp ….. Thapppoo .. Aahhhh ohhhhh aiiiiiii teeriii raanndiiii “।


 लाला ने एसे ही मम्मी को 10 मिनट या छोटा.. फिर उन अपना लुंड मम्मी की छुट से बहार निकला।  लुंड बहार निकलते ही मम्मी ने अपनी बैंड आंखें खोल दी या लाला की तरफ देखने लगी की क्या हुआ.. लाला बिस्तर पर छड गया।  मम्मी वर्सेज उठकर बैठ गई अपनी कमीज या ब्रा उतर कर जो ऊपर फसी हुई थी निकल कर आला फेंक दी।  अब मम्मी बिलकुल नंगी होकर बैठा थी।  लाला बेड पर बैठा गया।  मम्मी से बोला।


 मम्मी:- चल मेरी रैंड लुंड चूस मेरा।


 मम्मी लाला की तरफ देखने लगी।  लाला ने आंखों से मम्मी को अपने लुंड की तरफ इशारा की।  लाला बेड पर बैठा हुआ था बेड पर तानेंगे फेलकर।  मम्मी लाला की टैंगो के बीच में आकार घुटनो के बल बैठ गई।  मम्मी का गोरा जिस्म नंगा लाला के सामने था।  लाला ने अपना एक हाथ आगे करके मम्मी के एक दूध को पक्का कर दबा दिया उसि दूध को खेचते हुए मम्मी को अपने लुंड के आए झुकने लगे।  मम्मी झुकी हुई लाला के लुंड के टोपे तक पांच गई.. लाला ने मम्मी का दूध शोध दिया..


 लाला :- चल मेरी कुटिया चूस मेरे लोडे को चुनेगी न मेरे लुंड की रंदी।


 मम्मी:- हा लाला जी चोसुगी मैं आपके लुंड को खूबसूरत प्यार करुगी मैं इसे अब याही तो मेरे जीवन का सारा है..


 लाला :- मेरी कुटिया रंदी रखैल बंकर रहेगी ना हरमजादी।


 मम्मी: – हा ऐप जैसे रखोगे वैसा ही रहेगा आपके साथ.. ऐप बीएसएस एसे वह प्यार देते रहिए मुझे


 ये सब कुछ मम्मी के साथ पहली बार हो रहा था ऐसी गंदी बातो के साथ चुदैल।  या मम्मी भी पूरी तरह लाला का साथ दे रही थी।  उनकी गलियों को सविकार करते हुए जा रही थी।


 लाला :- अपने मुह से बता तू क्या है मेरी रंद।


 मम्मी:- मैं आपकी रखैल हूं कुटिया हूं रंदी हूं.. आपकी दासी हूं।


 इतना कह कर वह मम्मी ने लाला के मोटे टोपे को अपने गुलाबी होंथो में भर लिया साथ में किसी कुट्टिया की तरह टोपे पर जीभ फिरा दी साथ में लाला के अधे लुंड को मुह में भर लुंड के एक चुप लग दिया।  मम्मी के गरम मुह में लुंड जाते ही लाला सिहार उठा।  उसे मम्मी के बालो को एक।  हाथ से पक्का कर मम्मी के मुह को अपने लुंड पर ऊपर आला कर मम्मी के मुह को चोदने लगे.. मम्मी भी ज्यादा से ज्यादा लुंड में मुझे लेकर चूस रही थी।  .  लाला ने मम्मी के दो दूध अपने हाथों में पका कर दबने लगा ज़ोर से.. कुछ डेर लुंड चूसकर लाला ने मम्मी को सिद्ध किया या अपने ऊपर आकार चुदने को खा।  मम्मी दो तांगें इधर उधार करके लाला के लुंड को अपनी छुट के छेद पर सेट करके लाला की भगवान में बैठा मुझे गई।  धीरे धीरे पूरा लुंड मम्मी की गरम छू में चला गया.. ऊपर से लाला ने अपने दोनो होते हुए मम्मी के होंथो में फसा कर चुनने लगे।  लाला ने अपने दो हाथ मम्मी की मोती गोल गान की फांको पर रख दिया।  मम्मी खुद ज़ोर ज़ोर से अपनी गान ऊपर आला करके लाला का लुंड अपनी छुट में और बाहर करवा रही थी।  लाला मम्मी की चुदाई से बहुत गरम होता जा रहा.. लाला मम्मी के गरीब जिस्म पर हाथ था।  या मम्मी की गांद को पक्का कर ज़ोर से अपने लुंड पर मार रहा था.. मम्मी आहिन भर रही थी।  Aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhfffffffffffffffffffffffffffffffffffhhhh अयाहहहह।  मम्मी की मधुर आवाज लाला या मुझे बहुत मजा दे रही थी.. कुछ दे मम्मी चुदवाते हुए ठक गई..  अपनी पोजीशन लेटे हुए लाला ने ज़ोर दार ढक्को से मम्मी की चुदई शुरू कर दी… लाला अपना पूरा मोटा लुंड चूट में और बाहर करके मम्मी की चुदई करने लग… मम्मी की छुट से बहुत सारा पानी बह रहा था।  स्पीड से मम्मी को चोदनेपर लगा था। मम्मी लाला को धीरे करने के लिए बोल रही थी।


 मम्मी: – “ओह्ह्ह्ह आहहाहा आआहाह ooiiiiiiii uffffffffffffffffffffffffffhhah eehhh uffffffffffffffhha aaiiiiiiii dhheheeeeree kkkroooo aaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh …।



 लाला या मम्मी दोनो चुदाई का आनंद ले रहे थे.. 15 मिनट एसे वह चोदने के बाद मम्मी का जिस्म पूरा अकड़ गया.. लाला को पता चल गया की मम्मी झड़ने वाली है.. लाला ने अपनी गति या बड़ा या.. मम्मी एकक  गाल ममार कर में गई थी.. “”  के अंदर तक दाल कर अपना वीर्य मम्मी की छुट में वह शोड दिया… निधल होकर मम्मी के ऊपर ही गिर गए.. दोनो के नंगे जिस्म पाने से भीगे हुए एक दूसरे पर पाए हुए थे.. दोनो की सांसें तेज चल रही थी  .. लाला मम्मी के ऊपर से उठ कर बिस्तर पर बैठा गया।  मम्मी के नांगे जिस्म को हवा भरी नजर से देखने लगा हाथ फिराने लगा.. लाला के इसे करने से मम्मी ने अपनी आंखें खोल कर लाला की तरफ देखने लगी।  लाला को अपनी तरह से देखते हैं मम्मी शर्मा गई .. मम्मी जल्दी से बिस्तर से उठी आला उतर कर अपने कपड़े ढूंढ़ने लगी।  अपनी को अपनी कुर्ती दिखी दी आला पड़ी हुई.. मम्मी ने जल्दी से बिना ब्रा के वो कुर्ती उठाकर देखने ली।  लाला ये सब बिस्तर पर नंगा बैठा हुआ देख रहा था।  मम्मी ने अभी कुर्ती पेहनी ही थी की लाला ने जल्दी से मम्मी को पक्का करके अपने ऊपर गिरा कर अपनी बाहों में पक्का लिया.. मम्मी आला से पूरी नंगी सिरफ कुर्ती में लाला के ऊपर लेटी हुई थी।


 लाला :- तेरा यार यह नंगा बैठा हुआ।  तुझे बहुत जल्दी है कपड़े पहनने ने की।  लाला ने मम्मी के होंतो पर एक किस कर दिया..


 ममी :- (मम्मी लाला की बहो में कसमा कर अपने ऐप को शुदाने लगी मगर शुदा नहीं पाई)।  शोदिया ना लाला जी मुझे बहुत शर्म आ री है.. अब आप जाए मेरा बेटा आने वाला होगा..


 लाला :- अच्छा बड़ी शर्म आ री मेरी जान को।  अब ये शर्म सब भूल जाओ।  अब से मेरा दिल यह करेगा वही तुझे छोडेगा मेरी रैंड.. चुदवेगी न मुझसे फिर से..


 मम्मी:- हा करुगी माई आपके साथ फ्र से मगर अब आप यहां से बहुत समय हो गया..


 लाला :- कैसा लगा मेरा लुंड तुझे मेरी जान


 मम्मी :- (मम्मी मुस्कुराते हुए बोली) बहुत अच्छा लगा.. इसने तो मुझे आज पूरा संतुष्ट कर दिया थानक्स इसके लिए आपका..


 लाला :- अब ये लुंड रोज़ तेरी गरमी शांत करेगा… तेरी छुट फडेगा..


 मम्मी:- जैसी आपकी मर्जी वो किजिये ऐप आज से मैं आपकी दासी हूं।


 इतना कहकर मम्मी शर्मा गई। लाला ने मम्मी को एक किस कर शोद दिया।  मम्मी शर्मते हुए लाला के ऊपर से उठ गई।  लाला के लुंड पर हाथ फिरते हुए .. मुमी ने अपनी सलवार धूंद कर बिना पेंटी के ही पेहं ली।  ..


 मम्मी:- लाला जी ऐप भी अपने कपड़े पहनने लिजिये..


 लाला:- दिल नी कर रहा जाने का.. दिल करता एक बार फिर से छोडू तुमे..


 मम्मी मस्कुरेट रंग..


 मम्मी:- वो बाद में देखे गे अब कृपया अब आप जाए याहा से अब अंकित आने वाला है..


 लाला पूरा नंगा था मम्मी कपड़ो के..


 लाला :- मेरे कपड़े तो पक्का दे..



 मम्मी ने लाला के कपडे इश्र उड़ान से इकठे किए लाला को दे दिए।  लाला ने भी अपने कपड़े पहनने लिए… मम्मी ने उन जलदी से भेजा दिया।  लाला खुश होता हुआ चला गया.. अंदर मम्मी ने वापस आकर रूम की हलत ठक की.. या अपने रूम में चली गई.. मैं भी जल्दी से वहा से निकला वही वापस बाइक के पास जाकर टाइम स्पेंड किया 3 बजे घर वापस आ गया  ..  मम्मी सो रही थी.. माई चुप चाप अपने रूम में जाकर मुठ मार के सो गया..

 

  मैं मार्केट में मोलेस्ट करावाओ…पुरा सहर बुर्खे के अंदर नंगी हो के गुम लाला के साथ

 माई इवनिंग को 6 बजे उठ के आला गया।  मम्मी ने वोही ब्लैक लेगी टाइट कुर्ती पहनने कर किचन में काम कर रही थी।  मैंने किचन में जकार पन्नी पिते हुए मम्मी के सेक्सी जिस्म को निहारने लगा।  मम्मी के सेक्सी जिस्म को देख कर मेरा लुंड खड़ा होने लगा। मेरा लुंड नहीं बाल्की लूली है 5 इंच की।  सामान्य आकार जितनी मोती है।  5 इंच से भी थोड़ी कम ही है।  मेरा वी दिल मम्मी को चोदने को करता था।  मगर मम्मी की पायस सिर्फ 8 इंच या इस से बड़े लुंड से वह भुजने वाली थी।  मम्मी की छुडाई देख देख कर मैं पूरी तरह कोयल बन गया था।  मेरा दिल बीएसएस मम्मी की चुदाई किसी मोटे कुंड से होते हुए देखने को करता रहता था.. या मेरी ये ख्वाइश पूरी वी होती जा रही थी।  मम्मी किचन से बहार की तरफ गई तो मेरी नजर मम्मी की मोती गोल गान पर पड़ी.. मम्मी की चाल आज बदली हुई थी।  लाला ने आज मम्मी की जोरदार ठुकाई जो की थी अपने मोटे लुंड से…  .  मम्मी धीरे-धीरे चलती हुई बहार की तरफ गई लंगड़े हुए।  मैंने सोचा क्यों न मम्मी को थोड़ा परशान किया जाए।  अपने आदमी में मुस्कुराते हुए मैं मम्मी से बोला।


 मैं:- मॉम मॉम.. क्या हुआ आपको ये ऐप अज टेढ़ा टेढ़ा क्यू चल रे हो..


 मम्मी ने पिचे मिट्टी कर मेरी तरह देखा.. कुछ सोचते हुए.. मम्मी हलका सा मुस्कुराई सोफ़े पर बैठा ती हुई बोली..


 मम्मी:- बेटा वो रूम में चलते चलते बिस्तर से तंग टकरा गई।  वो ही हल्की हल्की दर्द हो री है.. वैसा तो अच्छा है सब।


 (मम्मी ने साफ झूठ बोल रही थी.. क्यूकी विद्वान मैं जनता जो था)


 मैं :- ओके मॉम कोई हेल्प हो तो बता देना.. क्या मैं खेलने जाउ अब..


 मम्मी:- हा बेटा घूम आ तू मैं खाना बनाना लेटी हु…..


 माई घर से चला गया।  मम्मी खाना बनने लगी।  माई ग्राउंड में पांच कर या लड़को के साथ खेलने लगा।  इतने में वहा पर सुनील वी खेलने आ गया.. कोई 7 बजे खेल कर मैं मुफ्त हुआ या घर वापसी आने लगा.. सुनील ने मुझे आवाज लगा दी।


 सुनील :- हेलो अंकित कैसा है।  खा जा रहा है तूतनी जल्द।


 मैं :- हाय भैया बी एस फाइन एसबी.. कुछ नी घर जा रहा हूं..


 सुनील :- इतनी जल्दी कोई काम है क्या।  रुक जा थोड़ी देर गप्पे मरते हैं..


 मैं ठीक हूं


 सुनील :- चल आजा उधर बैठा ते है


 हम दोनो तरफ जकार बैठे गए.. मैंने भी पाने मन में एक योजना बनाया


 सुनील :- घर सब कैसे है माँ पापा तुम्हारे।


 मैं :- ठीक है सब।  सैड तो फॉरेन चले गए हैं… मॉम है घर बीएसएस।


 मैंने इस्तेमाल किया अब कुछ बता दिया.. (अपने दिल में मैं मस्कुरा रहा था।)  मेरी ये बात सुन कर सुनील के चेहरे पर मुस्कान आ गई।  जैसे उसकी कोई मुराद पूरी हो गई हो।


 सुनील :- पापा कब आएंगे अब वापसी


 मैं :- पता नहीं कब आता है 6 महीने से पहले तो आने वाले है।


 सुनील :- ओके ओके मॉम ठक है घर तुम्हारी।


 मैं :- हा अच्छा है।  आज उनके घुटने पर दर्द हो री थी.. बिस्तर से ले गई थी।  चलने में थोड़ी समस्या हो री थी उनको.. क्या ली जलदी घर जा रहा था उनकी मदद कर दू कोई।


 सुनील :- मसाज वगैरा कर देते तुम..


 मैं:- मुझे आती है करना.. भैया ऐप कर दो ना।  ऐप तो त्रिनेर भी हो..


 सुनील :- कर तो दू मगर रहने दो..


 माई जनभुजकर जिद करने लग।


 मैं :- चलो ना भैया घर चलते हैं।  वैसा वी आप बोल रे द की आपको हमारा घर देखना है..


 सुनील :- हम्म ओके चलो चलते है..


 मैं अपनी एक्टिवा या सुनील अपने बाइक पर मेरे साथ आने लगा.. वो मेरे पिचे आ रहा था.. थोड़े डर में हम घर पहंचे.  मैंने अपना एक्टिवा एंड्रा लगा ली या सुनील ने अपनी बाइक बहार हे खड़े रहने दी.. हम दो एक साथ और आए।  मैंने दरवाजे की घंटी बजाई.. 1 मिनट में माँ ने दरवाजा खोला.. पहले माँ ने मुझे देखा फ्र उनका ध्यान सुनील पर गया या कुछ सोच में पैड गई।  ( श्यद उन्हे पिच्ली मुलकत याद आ गई थी)।  मम्मी ने एक ब्लैक लोअर या साथ में रेड टी शर्ट पेहनी हुई थी.. माई जल्दी से बोल पडा


 मैं:- मम्मी ये मेरा फ्रेंड सुनील भैया है.. आज मैं इन्हें ज़बरदस्ती घर लेकर आया हूं..


 सुनील आगे होकर बोला।


 सुनील:- नमस्ते आंटी जी श्री भाभी जी


 मम्मी : नमस्ते और तो आओ आप।


 मम्मी दरवाजा के साइड पर हुई माई या सुनील डोनो और जकर बैठे सोफे पर.. मम्मी किचन की तरफ जाने लगी मैं उनसे बोला


 मैं:- मम्मी ऐप याहा बैठाओ आकार मैं ले आता हूं किचन से कुछ आप ठक नी हो..


 मम्मी:- नहीं बेटा मैं ले आउगी..


 माई जलदी से उत्थान किचन में चला गया।  मम्मी साइड के सिंगल सोफ़े पर आकार बैठा गई..


 सुनील :- वो अंकित ने बताया की आपकी लेग पर चोट लग गई है.. अब कैसे हो ऐप


 इतने में मैं 3 ग्लास में कोल्ड ड्रिंक लेकर आज्ञा.. मैंने दोनो को ग्लास देकर खुद वही साइड के सोफे पर बैठा गया..


 मम्मी:- हा वो रूम में चलते चलते बिस्तर से तकरा गई थी.. अब ठीक हूं..


 मैं :- मॉम मसाज करवालो लेग पर.. सुनील भैया जिम ट्रेनर या मसाज है.. इसलिये ही उन्हें घर लेकर आया हूं..


 मम्मी :- नहीं बेटा इसकी कोई जरूरी नहीं है…।  हो जाएगा ठीक यही वह..


 सुनील:- ऑटि जस्ट कर देता हूं जल्दी हो जाएगी आपकी दर्द..


 मैं:- मम्मी मैं भी तो यही बोल रही हूं मालिश करने से दर्द जल्दी हो जाती है..


 मम्मी झिझक रही थी वो कुछ बोलना चाहती थी मगर बोल नहीं पा रही थी… क्यूकी दर्द मम्मी की लेग में नहीं बाल्की छुट में हो रही थी वो भी प्यार भरी…  न झिझक रही हो इस लिए मैंने सोचा माई वह फोर्स करता हूं दोनो को मालिश करने के लिए ता की कोई घबराये ना।  .


 मम्मी:- हो जाएगी ठक अपने ऐप वो चली जाएगी खुद वह 1 2 दिन में..


 मैं:- अब 1 2 दिन ऐप एसे वह दर्द स्वस्थ रही गे।  आपको मेरी कसम लगे ऐप मसाज करवा लो लेग की जलदी ठक हो जाएगी..


 मम्मी :- बेटा कसम मत दे.. चलो करवा लेति हु..


 मैं :- हा मम्मा।


 सुनील हम दो मां बेटे की बातो को सुन रहा था.. जब मैंने मां को मालिश के लिए मन लिया तो सुनील का चेहरा चमक उठा श्यद उसमें कोई दिल की बात पूरी हो गई हो।


 सुनील :- आंटी जी तो फिर कब करे मसाज..


 मम्मी कुछ सोचते हुए बोली.. फ्र मम्मी ने टाइम देखा..


 मम्मी:- सुनील बेटा पहले डिनर कर लेते हैं फ्री हो के करते हैं मसाज.. डिनर का टाइम वी तो हो गया.. है..




 सुनील के चेहरे पर मुस्कान आ गई.. मेरी खूबसूरत मम्मी को टच करने का मोका जो मिल गया था.. वो भी खुद एक बेटे ने मां को टच करने का मोका इस्तेमाल दिया था।  मम्मी उत्कर किचन में चली गई डिनर की तयरी करने के लिए.. सुनील मम्मी को पिच से जाते हुए देख रहा था मम्मी की गोल मटकी हुई गंद को.. सुनील के लुंड में आना शूरु हो चुका था… मम्मी किचन में चली  गई.. फिर वो मेरी तरह देखने लगा..



 सुनील :- तुम्हारा कमरा खा है अंकित।


 मैं:- भैया वो मेरा कमरा ऊपर है.. वही सोता हूं मैं..


 सुनील :- और मम्मी या अकेली निचे सोती है..


 मैं :- हा ये वाला बेडरूम मॉम का है।


 सुनील :- ठीक है..


 मम्मी किचन से खाने का सामान लकर वही टेबल पर रखना लागी.. मैं वही मम्मी के साथ समान लेने लगा.. जब सब समन यहां पहंच गया तो।  मैं भी साइड सोफ़े पर बैठा गया.. मम्मी ने एक प्लेट में खाना दलकर मुझे दे दिया.. फिर झुककर सुनील को सबजी डालने लगी.. सुनील की नज़र सीधी मम्मी के क्लीवेज पर टिक गई.. जब मम्मी ने सबजी डालते वक्त सुनील से  ये पूछे को या लोगे तो.. मम्मी को पता चल गया की सुनील उनका सेक्सी क्लीवेज देख रहा है.. मम्मी थोड़ा शेम गई।  मम्मी ने कोई रिएक्शन नहीं किया या साइड वाले सोफ़े पर बैठा कर खाना खाने लगी..


 सुनील :- आपका घर बहुत अच्छा है बहुत सुंदर।


 मम्मी :- thnxx..


 सुनील :- कभी ऐप भी हमारे घर आया गा..


 मम्मी:- हाहा कोई बात नी.बेटा।  कभी टाइम होगा तो जरूर आएंगे।


 सुनील बी एस एस तीसरी नज़र से मेरी मम्मी के जिस्म को वह घोरे जा रहा था… हम सब ने खाना ख़तम किया।  .  मम्मी ने बरतन उठे.. या किचन में रखने लगी.. मैं सुनील को लेकर ऊपर रूम में आ गया अपने.. हम वही पर बात करने लगे.. कोई 30 मिनट बाद मम्मी रूम में आई.. दूध लेकर.. हमने दूध पिया  .. दूध पीकर माई बोला..


 मैं :– सुनील भैया मम्मी की लेग की मसाज कर दो की वो जल्दी हो जाए..


 सुनील हस्कर बोला..


 सुनील :- हा कर देता हूं भाई.. (फिर वो मम्मी की तरफ देख कर मम्मी से पूछने लग) आंटी जी खा पर क्रू मसाज..


 मम्मी कुछ सोच बोली..


 मम्मी:- वो आला चलते हैं याहा अंकित पढ़ लेगा डिस्टर्ब नी होगा वो..


 सुनील :- हा ये अच्छा रहेगा…


 मम्मी भर चली गई..


 सुनील भी मुझे अलविदा बोलकर आला जाने लगा..


 मैं :- ओके बटा भैया मुझे बहुत कम है मैं नोट्स बना लेता हूं..


 मम्मी आला पाहुंच कर सिद्ध अपने रूम में गई.. सुनील आला जाकर हॉल में वह बैठा गया.. मम्मी एक छोटी ऑयल की बोतल लेकर बहार आई..


 मम्मी:- सुनील खा क्रोगे मसाज..


 सुनील :- ऐप देख लो खा कम्फर्टेबल लेगे एपको..


 मम्मी कुछ सोच कर..

 मम्मी:- एसा क्रो तुम बेडरूम में वह आ जाओ।


 मम्मी फ्र से अपने बेडरूम में चली गई.. या पिचे पिचे सुनील भी चला गया।  .  सुनील पिचे से मम्मी की मटकी हुई गांद को देख रहा था…. मम्मी नादर जाकर जल्दी से पिच को घूम गई।  सुनील ने भी जलदी से अपनी नज़र ऊपर को कर दी.. मम्मी स्मझ वह गई होगी की सुनील क्या देख रहा होगा.. एमजीआर मम्मी ने कोई प्रतिक्रिया नी किया बराबर है


 मम्मी :- खा बैठू माई..


 सुनील :- एसा क्रो की आप सोफे पर बैठा पर बैठा जाओ माई आला बैठा जाता हूं..


 मम्मी: – नहीं नहीं ऐप आला नी बैठा स्केट ऐप हमारे गेस्ट है।


 सुनील :- अरे कोई बात नी आंटी ये तो हमारा काम है।


 ममी :- ओके


 मम्मी ने तेल की बोतल टेबल पर राखी।  या सिंगल सोफ़े पर बैठा गई.. सुनील भी आला मम्मी के जोड़े में बैठा गया… फ्र सुनील ने एन मैं चे बैठाकर ऊपर मम्मी की आंखों में देखा स्माइल करके मम्मी के जिस्म को अपनी आंखों से निहारता हुआ आ गया को आ गया..


 सुनील :- अपना लोअर ऊपर किजिया याह मसाज करनी है… अगर कोई शॉर्ट है तो वो पता लो ऐप।


 मम्मी :- नहीं हज.. माई लोवर ऊपर कृति हु।



 मम्मी ने अपनी दोनो साइड से लोअर को ऊपर इकथा करना शुरू दिया।  मम्मी की आला की लेग्स पूरी नंगी हो गई.. लोअर घुटनो तक चला गया था.. मम्मी की मोती मसाला लेग्स चिकनी गरीब दोशित जैसी गोरी जोड़ी वी भी गोरे या उन्मे पायल बहुत वह सेक्सी लग रही थी.. सुनील भी देख घोर कर  रहा था.. सुनील ने फ्र अपना एक हाथ आगे कर मम्मी की राइट लेग के पिचे रखा.. मम्मी की लेग को उठाकर मम्मी का पेयर अपनी थिग्स के ऊपर रख दिया.. सुनील के टच से एक पल के लिए मम्मी की आंखें बंद हो  गई थी।  मम्मी बीएसएस आला को सर कर्क सुनील की तरफ वह देखे जा रही थी.. या सुनील आला की या अपना काम कर रहा था।  फ़िर सुनील ने तेल की बोतल उठाकर अपने एक हाथ में तेल डाला.. फ़िर यूज़ मम्मी की लेग पर मसाला लगा एक हाथ से मम्मी की लेग पर ऑयल लगाने लगे.. फिर उसे अपना दोसरा हाथ भी मम्मी की चिकन लेग पर रख दिया..  या मालिश करनी शुरू कर दी.. वो अपने दो हाथो को लेग पर ऊपर से आला की या ले जा रहा था मसाला रंग।  .  .  .पहले वो हलका हाथ ही फिर रहा था.. मम्मी भी मस्त होती जा रही थी.. मम्मी ने पिचे को सर करके अपनी आंखें बन कर दी..


 सुनील :- कैसा लग रहा है ..


 मम्मी :- अच्छा लग रहा है..



 सुनील :- पेंट तो नी हो री मसाज से।


 ममी:- नहीं।


 सुनील ने अब अंबर हाथो को थोडा सा लेग पर दबाकर मालिश करेन एलजीए .. मम्मी की सिस्की निकाल गेई .. “आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ..

 कोई कुछ नी बोला.. सुनील मस्कुरा उठा.. फिर उसे अपने एक हाथ को सॉफ्टली या दूसरे को थोड़ा दबाकर मसाज करना लगा…।  मम्मी की एक या छोटी निकली “ऊह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उफ्फ्फ” सुनी बोल उठा इस बार


 सुनील :- क्या हुआ आंटी जी… दर्द हो री है


 मम्मी होश में आई बोली..


 मुमी: – नहीं नहीं ऐप क्रते रहो इसी हे


 सुनील :- ओके अच्छा लग रहा है ना आपको..


 ममी :- हनजी


 असल में मम्मी टच से गरम हो रही थी.. चुदाई की भुखी जो थी मम्मी.. सुनील एसे वो मसाज करता रहता है..


 सुनील:- आंटी जी ऐप बहुत खूबसूरत हो..


 मम्मी मुसकुराती हुई..


 मम्मी :- thnx g yeh baat app पहले पेहले v बोल चुके हो.. Heheheh.


 सुनील :- हजी क्या करे आपको देख कर रुका हे नी जाता.. दिल करता है आपको उद्देश्य कर सु..


 मम्मी:- हाहाहाहा ये क्या बोल रे हो ऐप.. मसाज करें बीएसएस..


 सुनील :- वो तो कर रहा हूँ.. पर क्या करू आपको देखे बिना आप से बात की बिना वी नी रह जा रहा..


 मम्मी :- ऊ तोह जीएफ तो होगी ही तुम्हारी तो..


 सुनील :- नहीं कोई नी है .. बस व्यस्त रहता है जीएफ बनने का समय वह नी मिलाता ..


 ममी :- ओके जी


 सुनील :- क्या ऐप बनोगे मेरे gf..


 मम्मी:- ये क्या बोल रे हो तुम मेरे बेटे को दोस्त हो.. मम्मी सीरियस होते हुए बोली..


 सुनील :- pls ऐप सीरियस मत होया माई तो इसी वह बात कर रहा हूं


 मामा:- ठीक है ठीक है..


 फ़िर सुनील ने चुपचाप मसाज करने लगा.. इस बार उसे सेक्सी तारिके से मसाज करना लगा.. श्यद उसका प्लान अब मम्मी को गर्म करने का था.. इसी तरह अब वो दूसरी लेग पर मसाज करने लगा.. मम्मी ने एक बार अपनी तांग  को बीच दिया.. एक सिस्की के साथ “आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् और या और या और और औरद्ध.  सुनील स्मज गया की मम्मी गरम होने लगी है…उसने घुटनो से लेकर जोड़े तक मसाज की.. मम्मी की आंखें बंद थी वो माधोशी में थी.. ये देख सुनील ने मसाज करना बंद किया.. या आला को झुक कर मम्मी के  खूबसूरत जोड़ी पर किस किया…  मम्मी की सिस्की निकली.. “” आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ‘‘फिर सुनील ममी की लेफ्ट लेग को किस करना हुआ ऊपर की या जाने लग..उसने दोनो हाथ मम्मी की एक लेग पर राखी हुयी या उन सेहला रहा था.. मम्मी उसके किस करने  पर कोई रिएक्ट नी किया बीएसएस अनेहिन बैंड करके लेती रही.. जैसे जैसे वो किस करते हुए ऊपर जा रहा था वैसा ही उसने अपने हाथों को फिरता हुआ ऊपर को ले जाने लगा.. मम्मी किस घुतनो तक दोहरी लेग पर उसे  करनी शुरू की .. मगर हाथो को लोअर के ऊपर से फिरते हुए थिग्स पर ले गया या उन दबने .. लग… उसके हाथ मम्मी की छूत पर पहंचने वह वाले की मम्मी हड़बड़ा गई .. अचानक से होश में आई .. अपने  हाथो को सुनील के हाथो पर रख के रोक दिया.. मगर अभी हटा नहीं.. मम्मी थोडा आंखें बड़ी करके सुनील की ट्रफ देख रही थी..


 मम्मी:- ये क्या कर रहे हैं तुम।  तुम्हारे दोस्त की माँ हु मैं..


 सुनील :- आंटी मुझे पता है मगर मैं क्या करू।  अप्प हो वह इतने खूबसूरत आपके साथ साथ में भी मधोश हो गया था..


 मम्मी कुछ ना बोली.. मम्मी को खामोश देख सुनील बोला..


 सुनील :- क्या आपको अच्छा नी लगा मेरा मसाज करना।  मेरा स्पर्श..


 मम्मी कुछ ना बोली फिर से..


 सुनील :- कृपया बताओ भी सुनिधि ..


 मम्मी:- ये जो भी है गलत है..


 सुनील :- pls ऐप मेरी बात का जवाब दिजिये..


 मम्मी:- हा तुम अच्छी मसाज करते हुए मगर ये सब नी कर स्केते हम।  मैं शादी शुदा हूं.. या तुम्हारे दोस्त की मम्मी भी.. अगर वो हम देख लेता तो क्या सोचा मेरे बारे में.. प्लस तुम चले जाओ याहा से।


 सुनील :- ऐप गुस्सा मत होया अगर वो कुछ देखता फिर वह ना.. अगर कुछ पता ही न चले कभी.. जब मैंने आपको पहली बार देखा था तो तबी आप पर फिदा हो गया था.. आपको पाने के लिए वह मैंने आपके  बेटे से दोस्ती की.. ये बात कह कर उसे मम्मी की नंगी नंगी पैर या जोड़ी पर फिर से हाथ फिराना शुरू कर दिया…।


 मम्मी जो आज वह लाला से चुड़ी थी सुभा सुभा.. फिर से गरम हो चुकी थी.. मम्मी की और पेंटी गिली हो रही थी.. मगर मम्मी ने अपने ऐप को रोक रखा था… सुनील के टच से मम्मी फिर से गरम  होन लगी थी।  मम्मी की आंखें 5 सेकेंड के लिए बंद हुई।  फिर से एक सिस्की निकली आआआह्ह्ह्ह.. सिस्की लेने के बाद मम्मी ने अपनी आंखें जलती से खोली।  सोफ़े से खादी हो गई।  जल्द से उठाकर वहा से साइड में चली गई बेड के साथ जकर खादी हो गई.. दूसरी तरह से मुंह करके.. सुनील पिचे वह आला बैठा हुआ था.. मम्मी की पिच से सेक्सी गोल मोती गढ़ को देख रहा था… जो बहार  को थी… मम्मी उसी तरह मुहं करके बोली..


  मम्मी :- अब तुम यहाँ से चले जाओ..


  मगर मम्मी की सेक्सी गांद को देख कर सुनील लार टपकाने लगा था।  मम्मी थी जो इतनी सेक्सी की बुद्धो का भी लुंड खड़ा हो जाए ये तो जवान मर्द था अभी… लेकिन सुनील खड़ा हुआ जब घूमा तो।  उसके पजामे में तंबू बनाना हुआ था.. उसका लुंड लाला या करण अंकल के लुंड से बड़ा लग रहा था।  .  वो चलते हुए मम्मी के पिचे गया।  उसे अपना लुंड पजामे में वह सिद्ध किया.. आगे चलकर उसे अपना लुंड सिद्ध मम्मी की गांद में दरर के बीच में सेट करके मम्मी को पिच से गले लगा लिया.. इस अचानक हुए हमले से मम्मी चोंक गई।  मम्मी चटपटाने लगी।  .  .  “शोदो मुझे ये क्या कर रे हो…” मगर सुनील ने मम्मी को पिच से अपनी बहो में जोर से पक्का हुआ था।  .  मम्मी हिल वी नहीं पा रही थी.. मम्मी के दो दूध सुनील के हाथो के दब गए थे.. सुनील ने मम्मी के दो दूध को अपने हाथो से ज़ोर से दबना शुरू कर दिया.. मम्मी जो पहले से ही गर्म थी वो  फिर से गरम होने लगी.. सुनील ने पिचे से मम्मी की गांद पर ढकके मारे।  उसका अधा लुंड मम्मी की गण के दरर में फस गया…।  सुनील ने अपने होते हैं मम्मी के नेक पर रख दिया.. वहा इस्तेमाल चैटने या चुम्ने लगा.. मम्मी पर हो रहे 3 तारफ के परहरो से.. मम्मी कुछ डर बाद फिर से मधोश होने लगी।  ..उनकी छुट से पानी निकलेगा.. मम्मी का छत्ता कम हो गया… सुनील मम्मी के नेक से किस करना हुआ शोल्डर तक आ रहा था.. वो दो हाथो से मम्मी के दूध दबये जा रहा था.. मम्मी को माधोश  होता देख वो मम्मी के पिचे ढाके लगने लगे धीरे धीरे.. उसका लुंड ऊपर से वह मम्मी की गांद में घुस्सा हुआ था.. मम्मी को भी उसके लुंड की गरमी कपडो के ऊपर से महसूस रही थी… मम्मी जो लुंड की  वो पूरी तरह गरम हो च..सुनील भी उकी थी.. मम्मी का छत्ताना धीरे-धीरे पूरा कम हो गया.. सुनील वी समझ गया की मम्मी अब मस्त हो चुकी है.. उसे अपनी पकाड़ मम्मी पर धीमे कर दी..  .  अब वो बड़े सॉफ्टी मम्मी के दूध को अपने हाथ में लेकर दबा रहा था.. मम्मी की सिस्किया निकलने लगी..  मम्मी की आंखें बंद हो चुकी थी… सुनील पिचे अपने लुंड को मम्मी की गांड में रागड़े जा रहा था…।  सुनील को पता चल गया की मम्मी अब उसके लुंड के भूलभुलैया ले रही है…. उसे ही वह मम्मी के पीछे अपनी बॉडी का डबाब बनार.. मम्मी को आगे को झुकना शुरू कर दिया.. मम्मी भी अब धीरे-धीरे आला को होती  जा रही थी .. या मम्मी के साथ वो सुनील भी ढकके लगा हुआ मम्मी पर पूरा झुक गया.. सुनील लगार मम्मी के नेक पर किस किया जा रहा था या दो दूध दबा रहा था..  मम्मी को कोई होश नहीं थी अब… मम्मी पर बस्स हवा सावर थी.. फिर सुनील ने मम्मी के दो दूध को शोधकर अपने हाथ बहार निकल कर मम्मी की गांद में कुंड फसये हुए वो सिद्ध खड़ा हो गया… सुनील के चेहरे  पर हवा सावर थी मेरी मम्मी को देखो .. उसे मम्मी की टी शर्ट को आला से पक्का कर ऊपर करना शुरू किया .. टी शर्ट मम्मी के पेट के आला दबी हुई थी .. जो ऊपर को नहीं हो पा रही थी .. अचानक से  मम्मी ने थोड़ा सा अपना जिस्म ऊपर को उठा… टी शर्ट ऊपर होना शुरू हो गई।  पर जकार रुक गई.. मगर मम्मी की सेक्सी पीठ (बैक) सुनील के सामने नंगी हो चुकी थी मम्मी की ब्रा के स्टेप्स भी सुनील की आंखों के सामने आ गया था.. सुनिल आला को झुका मम्मी की नंगी कमर को पक्का कर  बैक पर किस करता हुआ ऊपर को जाने लगा.. वो अपने हाथो को भी मम्मी के जिस्म पर मसाला हुआ ऊपर को ले जा रहा था… ऐसे ही करते हुए वो मम्मी के स्ट्रैप्स पर पांच  गया .. आला मम्मी की सिस्किया निकले जा रही थी .. “आह उफ्फ्फ्फ अइइइइआह ओह्ह्ह्ह”। सुनील ने अपने दांतो से मम्मी की ब्रा का हुक खोल दिया .. जल्दी से अपने दोनो हाथ मम्मी की ब्रा में डालकर ..  के दो नांगे दूध पर रख दिए… मम्मी की एक ज़ोर से गाल निकली.. “आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ”… सुनील मम्मी के दूध की गरमी पाकर या गार्न हो गया.. उसका लुंड या भी थाक…  वह ज़ोर से ढकके फिर से लगने लगा… या साथ साथ में वो मम्मी के दो दो ज़ोर से ज़ोर से था था… मम्मी के खड़े निपल्स को अपनी उंगलीयों के बीच में लेकर दबा रहा था.. मम्मी की  वापस को छू चाट रहा था…. मुझे वी ये सब देख कर बहुत मजा आ गया था.. मेरे लुंड से विर्या की पिचकारी निकल गई… फिर मैंने सोचा क्यू ना आज इनका मजा खरब कर दू… माई अपने रूम  से बहार आया ऊपर सिद्धियों से वह… “मम्मी मम्मी” चिलता हुआ आला को जाने लगा.. पहले मैंने ऊपर ही खड़े होकर 2 आवाज लगाई… जो की मम्मी या सुनील दोनो को सुन गई… मेरी आवाज सुनेंगे  .. मम्मी भी पूरी हो  श मी आ गई .. मम्मी सीधी खादी हुई .. सुनील को हलका सा ढका देकर पिचे को कर दिया या वहा से हटकर .. बिस्तर के दूसरी साइड चली गई .. अपनी ब्रा का हुक लगकर टी शर्ट आला को कर ली .. साथ  मैं दूर की तरफ देख जा रही थी कि कहीं मैंने देखा तो नी लिया.. मगर मेरी जाग ऊपर से आई थी तो.. मम्मी ने आपको आपको जल्द ही सेट कर लिया।  रूम से बाहर सोफ़े पर बैठा गया… माई आला पहूँचा… सामने सुनील बैठा हुआ था।  वो अपने जूते पहचानने था..


  मैं :- हाय भैया कर दी मसाज मम्मी की..


  सुनील मेरे भोले चेहरे पर हाथ फिरकर मस्कुराते हुए बोला..


  सुनील :- हा बेटा कर दी…


  मम्मी भी अंदर से बाहर आई.. मम्मी की ड्रेस बिलकुल सही थी पहले की तरह.. वही मासूम सा चेहरा भोला सा.. मम्मी अब बिलकुल सही चकर और से बाहर आ रही थी..

 

  अगले दिन, आज 1 जुलाई थी..अज्ज मंगलवार था..गर्मी बहुत हो चुकी थी… इन 4 महीने में मेरी सेक्सी संस्कारी मम्मी 2 लोगो से चुद छुकी थी या एक के साथ सिरफ ऊपर से वह हुआ था.. मेरी दिल  की आरजू तो पूरी हो चुकी थी मम्मी को चुदता देखने की लेकिन अब मेरा भी दिल मां को चोदने का करता था.. मगर मेरा लुंड अभी इतना बड़ा नहीं था कि मां को छोड़ देता हूं और उसे उसे खुश करता हूं।  डायरेक्ट बोल दू जकार.. मेरी मॉम बहुत सख्त भी थी..


  माई मॉर्निंग में अपनी रूटीन के हिसाब से फ्रेश होकर आला गया.. मम्मी किचन में खाना बनाना छुकी थी.. मम्मी की आदत इतनी ज्यादा की थी.. वो सबसे पहले फ्रेश होती फिर पूजा पथ कार्ति.  उसके बाद खाना बनाने लगी.. मैं भी सिद्ध किचन में गया।  किचन में जाते ही मेरी नजर मॉम की गांद पर पड़ी मम्मी ने सफेद कुर्ती के साथ लाल चूड़ीदार लगाना हुआ था।  मम्मी का कटावदार फिगर पिच से साफ दिख रहा था.. मम्मी को देख मेरा लुंड खड़ा हो गया।  रसोई में जाते वो..


  मैं:- गुड मॉर्निंग मॉम


  मॉम ने पिचे मुडकर मेरी तारफ देखकर साथ में प्यारी सी स्माइल करते हुए बोली।

  मम्मी:- गुड मॉर्निंग मेरे राजा बेटा।


  मैंने मम्मी को साइड से हग करके उनके लड़कियों पर किस कर दिया।  ये हमारे बीच नॉर्मल था ये मां बेटे का पवित्र प्यार था।  लेकिन अब ये प्यार मेरी तराफ से हवा बन चुका था अब माई बीएसएस मम्मी के जिस्म के भूलभुलैया लेने के लिए वह उन्हे टच किया करता था मेरी मम्मी थी वह इतनी खूबसूरत की लड़की को भी फेल करदे… माई फिर चाय लेकर  मैं आकार बैठा गया।  सोचने लगा नी माँ आज इतनी हॉट और सेक्सी क्यों बनी हुई है क्या योजना है उनका आज का.. माँ खाना लेकर आई जब मम्मी ने खाने की प्लेट टेबल पर राखी तो मेरा ध्यान उनके बीच की दरार पर चला गया उनके दूध के बीच की सर  दिखाई दे रही थी .. अब मम्मी का कपड़े पहनने ने का तारिका मॉडर्न होता जा रहा था ये सब मॉडर्न सोसाइटी में रहने या लोगो से चुदकर जवान होने का रिजल्ट था.. मम्मी घर पर कोई दुपट्टा नहीं लेटी है जब कोई आए तबी  .. मम्मी खाना देकर चली गई मैं भी खाना खाकर मम्मी को बाय बोलकर कॉलेज के लिए निकल गया… लेकिन मेरा ध्यान घर पर वह था की वहा क्या हो गया होगा…


  कॉलेज जाकर मैं अपने दोस्तो से मिला आज सब बहुत देख दे रहे थे.. जब मैंने उनकी खुशी के बारे में पुचा तो वो बताने लगे की आज हमे गर्मी की छुट्टियां होने वाली है 1.5 महीने.. ये खबर सुनकर मैं खुश हूं हुआ  24 घंटे मम्मी पर नज़र रखने का समय मिल रहा था.. दूसरी तरह में चिंता में भी था की मम्मी मेरे घर होते हुए क्या ये सब करेगी.. लेकिन फिर मेरे दिमाग में आया की “औरत खाने के बिना रह सकती है।  नहीं “जब उपयोग छुट मारवाने का चस्का लग जाए.. फिर हम लेक्चर लगे सब टीचर्स ने हम हॉलिडे में करने के लिए होमवर्क दिया.. सब फ्रेंड्स प्लान बनने लगे की वो परिवार का साथ यहां वह घूम जाएंगे.. इसी बीच से मैं  मिला वो भी भूत था मैंने हमसे पूछा की “कार्तिक तुम घूमने जाओगे हॉलिडे मी”


  कार्तिक:- भाई अभी तो कुछ प्लान नहीं किया घर जाकर मम्मी के साथ तय करुंगा.. वैसा मैंने सोचा है की किसी कोल्ड प्लेस पर जगा।

  तुम्हारा क्या प्लान है।


  मैं :- साल कार्तिक मैंने भी कुछ तय नहीं किया मुझे तोह क्लग एकर पता चला की हम छुट्टियाँ होनी आज…तो मैं शॉक्ड हो गया।  पता नहीं अभी कुछ अपने गांव (गांव) जाए या यही पर वह रहे.. लेकिन गांव जाने का अभी मेरा मन नहीं वह बहुत गर्म होगी.. जो मम्मी बोले जी वही करना पड़ेगा… हेहेह।


  कार्तिक :- हा यर अगर हम कहीं घूमेंगे तो तुमको बटा देंगे।  तुम भी हमारे साथ वह चलना घूमे


  मैं :- thxx भाई जरूर बाटा देना दोनो का टाइम पास भी अच्छा हो जाएगा या होमवर्क भी कर लेंगे।


  कार्तिक :- हं सही खा तुमने


  फ़िर हमने प्यार की थोड़ी बहुत बाते की हमने सब लेक्चर आतें किए सब होमवर्क नोट किए.. आज मैंने सब लेक्चर अटेंड करें तो हुए तो मुझे 3 बजे कॉलेज से घर के लिए निकला और 3:30 बजे मेरा घर पहंच।  से धक धक कर रहा था की मम्मी पता नी क्या कर रही होगी.. जब मैं घर पहुंचा तो मां घर पर टीवी देख रही थी.. उन्होन सुबह वाला वह सूट करना हुआ… उन्हे देख कर मेरी सांस में सांस आया घर पहंते  वह मैंने माँ के जोड़े चूए.. फिर उन्हें गले लगाया किया प्यार से उनके नरम तने हुए दूध मेरी शाति में चुभ गए… मुझे देख कर


  मम्मी:- आ गया मेरा राजा बेटा आज बड़ी डेर कर दी मुझे टेंशन होने लगी थी अभी तक आया नहीं..


  मैं :- नहीं मम्मी वो आज कुछ एक्स्ट्रा लेक्चर लगे हम होमवर्क देने के लिए हम गर्मियो की छुट्टियां पड़ गई आज पूरे 45 दिनो के लिए.. मैं बहुत खुश था..


  मम्मी ने मुझे गले लगाया किया


  माँ:- ये तो बड़ी अच्छी बात है अब पूरा 45 दिन मस्ती करनी तू घर पर..


  मैं:- हाहाहा नहीं थोड़ी पढाई भी करुगा.. खा घूम चले हॉलिडे मैं हम मम्मी कहीं घूम के आते हैं..


  माँ:-बेटा इतनी गरमी में जाना है रुक जा थोड़े दिन अपना होमवर्क पूरा कर ले फिर देखते हैं जाना है.. मैं सोच री गांव जा आते हैं..


  मैं: – नहीं मम्मी गांव नहीं जाना वहा तो और भी गरमी होगी वह हम अगली छुट्टियां मैं जाएंगे कहीं या चलते हैं।


  मम्मी:- कोई नी कुछ सोचते हैं तुम्हारे पापा से भी पूछेंगे अगर वो घूमेंगे की इज्जत देंगे तबी घूम पाएंगे.. अगर उन्होन गांव जाने को बोला तो वही जाना मिलेगा फिर.. होमवर्क पूरा कर लेंगे..


  मैं खाना खा कर अपने रूम में गया मैंने दिन भर की रिकॉर्डिंग देखी मम्मी आज घर पर वह रही थी या कोई भी घर पर नहीं आया था… उसके बाद सो गया या सोचने लगा की ये छुट्टियां क्या नया रंग लेकर आएगी…  मैं शाम को खेलने के लिए ग्राउंड चला गया.. 8 बजे घर वापसी आया मम्मी डिनर बना चुकी थी.. हम दोनो ने जैसे वह डिनर खत्म किया.. मॉम के मोबाइल की रिंग बाजी.. मम्मी ने फोन उठाया ये पापा का फोन  था ..


  मम्मी:- हाय ऐप कैसे हो।


  पापा :- मैं अच्छा तुम कैसी हो अंकित कैसा

  .

  मम्मी:- ठीक वो भी अभी डिनर करके फ्री हुए हैं।  उसे 2 महीने की गर्मी की छुट्टियां पड़ गई है वो तो बहुत खुश है.. कहीं घूम जाने की ज़िद कर रहा है।


  पापा:- घुमा लाई कही इस्तेमाल साथ में तुम भी घूम आओ मैं पैसे भेजूंगा वो याहा कहे बहि घुमा लाना अंकित को।


  मम्मी:- हा देखती हूं एक तो गरमी भी बहुत हो राखी है..


  पापा:- चलो ठीक है, मैं खाना खाने जा रहा हूं..


  इतना बोलकर पापा ने फोन कट कर दिया।  मैंने मम्मी की बात सुनी थी तो मैं उत्साहित होते हुए बोला..


  मैं:- क्या बोले पापा घूमने जा रहे हैं या नहीं


  मम्मी:- पापा ने हा बोल दिया है.. लेकिन फिर अपना होमवर्क पूरा करो जल्दी से सारा फिर वह घूमेंगे।


  मैं :- ( माई बहुत खुश था) ओके मम्मी


  मैं वही हॉल में सोफ़े पर बैठाकर टीवी देखने लगा.. मम्मी सब बरतन लेकर किचन में चलने चली गई।  .  मम्मी का फोन खाने की टेबल पर वह पड़ा हुआ था… सब बार्टन धोकर मम्मी मेरे पास आकर बैठा कर टीवी देखने लगी.. इतने में मम्मी के मोबाइल पर रिंग बाजी फिर से… मम्मी जल्दी से सोफे पर से उठकर कॉल पिक करने के  लिए गई.. जब मम्मी ने अपना मोबाइल देखा तो इसे देखें मम्मी की आंखें बड़ी हो गई.. मम्मी मेरे पिचे थी तो मम्मी ने पहले मेरी तरफ देखा फिर मोबाइल लेकर अपने रूम में चली गई।  .  .


  ममी:–नमस्कार


  दूसरी तरफ (ये श्वेता कार्तिक की मम्मी का फोन था)


  अंत्य:- हाय कैसी हो मैडम जी आप


  माँ:- ठक तुम बताओ श्वेता


  आंटी:- हम भी थक ही है मैडम जी


  माँ :- क्या मैडम जी मैडम जी लगा रखा है क्या बात है हेहे


  अंती :- अब आप बड़े लोग हो हम जैसे गरीबो को याद करते हैं तो ऐप मेरी मैडम जी वह हुई ना


  माँ :- अरे एसा वैसा कुछ भी नहीं है.. मैं तुम्हारी दोस्त वो हू वो यार इसी वो बहुत बिजी या बोर होती रहती हु कुछ ख्याल हे नी रहता..


  अंती :- अब तुम्हारे खा मेरा ख्याल आएगा तुम्हारे ख्यालो में तो कोई और होगा हेहेहे


  माँ :- क्या श्वेता तुम हमें तांग खिचने लगी रहती हो हेहेहे


  अंती :- अच्छा अब मैं तुम्हारी तांग भी नी खीच स्कति हा अब इनको भी कोई और खीचता होगा हेहेहे


  माँ:- तू भी ना पागल है….कोई नहीं है खीचने वाला याहा कुछ भी.. कैसी हो तुम .. क्या कर रही थी।


  अंती :- अच्छा मेमसाहब डिनर करके फ्री हुए हैं तुम बताओ।


  मम्मी:- हम भी फ्री हुए अभी भी तो तो हॉलिडे पैड गई है।


  अंती :- हा क्या प्लान किया तूने जाना घूमने तुम लोगो ने


  माँ :- अभी कुछ पता नहीं अंकित तो बोल रहा था की कही चलती है.. मैने खा पहले अपना हॉलीडे होमवर्क पूरा कर ले तब चलेंगे तब तक कुछ तय भी करेंगे।  तुम बताओ तुम्हारा क्या प्लान है।


  अंत: हमारा भी अभी कुछ नहीं है.. सोच री हु कहीं ठंडी जगह पहाड़ो में या बीच पर घूमे चले.. मगर कोई जगह तय नहीं हो पा रही है… इकाठे चले क्या हम सब घूमने इस बार


  माँ :- हा प्लान तो बहुत अच्छा है अकेले घूमे में भी खा मजा आता है कोई साथ हो बात शेयर हो जाती है।  .  कुछ प्लान करोगी तो बताता देना…


  अंती :- हा मेरी जान घर क्या करोगी अब तुम।


  माँ :- कुछ भी करना क्या घर के काम… फ्री या तुम क्या करती हो।


  अंती :- कुछ भी दोस्त के पार्लर में चली जाती हो काम करने का टाइम पास हो जाता है घर पर पूरा दिन बोर हो जाती है


  माँ:- तू कबसे बोर होने लग गई.. बॉयफ्रेंड खा चले गए तेरे तुमे बिजी रखने वाले हेहेहेहे


  अंती :- अच्छा अब तुम मेरी तांग खिचोगी.. बॉयफ्रेंड कहे के है….सब अपना अपना हवा मिटाने के लिए दोस्त बनते हैं… उनके साथ मैं अपनी मिटा लेटी हूं.. मेरे पति को तो कोई चिंता नहीं मेरी।  … पैसे भेजे देते हैं महीने के महीने.. तुम्हारा हुआ कुछ करन के जाने के बाद ये अकेले ही तदफ रही हो बिस्तर पर..हेहे


  माँ:- चुप कर पागल… कुछ नी हुआ है… (मम्मी ने लाला या सुनील के साथ हुए सीन के बारे में कुछ भी नहीं बताया था अंत को मम्मी अपनी बात चुपती थी उनसे पता नहीं क्यों)


  अंती :- कोई बात नहीं घूमते चलते है वह कुछ नया ट्राई करेंगे जो और तक सुख दे… हेहेहेह


  माँ:- तू भी ना.. वो बाद में देखेंगे पहले घूम तो ले..


  आंटी:- किटी पार्टी में चलोगी मेरे साथ या बार में


  माँ :- मैं कभी गई नहीं हु ऐसी जग लोग क्या सोचेंगे जब देखेंगे..


  अंत: तुम्हारे तो अपने से ज्यादा लोगो की पड़ी रहती है.. अपने ऊपर भी ध्यान दो अपनी जवानी को क्यों बरबाद कर रही है किसी के काम आने दे इसे.. हेहेहे


  माँ:- बस अब तू व्याख्यान मत देना शुरू कर देना कुछ नी देखता हूं अभी मैं क्या कर सकती हूं जब फैसला हो जाए जाना है तो मुझे भी बता देना..


  अंती :- हा जरूर मेरी जान ओके बाय टाइम लगे तो मिलने भी आ जाना महारानी


  मम्मी:- हा आ जाउंगी तू आ जाना अगर तेरा टाइम पहले लगे तो देवरानी हाहाहा ओके बाय


  मम्मी बहार आई “” बेटा मैं सोने जा रही हूं .. तूने कब सोना है .. “” माई टीवी देखते हुए बोला .. “मॉम माई ये मूवी देख कर सूगा ऐप सो जाओ जकर” मम्मी ने मेन डोर लॉक करके अपने रूम में सोने  चली गई .. कोई 2 घंटे बाद खतम हुई उसके बाद मैं भी सोने चला गया .. अब मुझे छुट्टियां पड़ गई थी तो सुबह उठने की कोई पुरानी नहीं थी मुझे अब…  थी.. मैं भी सो गया.. अगले दिन मैं सबह भूल भुलैया से 9:30 बजे उठकर आला गया.. मैं किचन में गया लेकिन मॉम वहा नहीं थी.. फिर मैं मम्मी के कमरे की तरफ जाने लगा.. रूम की खिड़की से  मुझे फुसफुसाने की आवाज सुना दी शयद मम्मी फोन पर किसी से बात कर रही थी… मैंने वही खड़े होकर ध्यान से सुन ने लग…


  मम्मी:- मैं नहीं आ शक्ति वहा आज मेरा बेटा घर है छुट्टियों का इस्तेमाल पैड गई है..


  दूसरी ट्रफ लाला था (ये लाला की कॉल थी)


  लाला :- यूज़ घर रहने दो तुम आ जाओ बहुत दिल कर रहा तुमसे मिलने का अब रहा नहीं जा रहा कुछ वी करके आ जाओ… वो अकेला घर रे लेगा कोई भाना बना के आ जाओ…


  मम्मी:- नहीं मुझे डर लगता है मैं नहीं आउगी आपकी दुकान पर आपका नोकर भी तो है इस्तेमाल भी पता चल जाएगा अगर किसी मोहल्ले वाले ने वहा मुझे आते जाते देख लिया तो मेरी बदनामी हो गई।  मैंने नहीं आना वहा..


  लाला :- तो मैं आ जाता हूं तुम्हारे घर


  मम्मी हड़भदते हुए बोल


  माँ :- नहीं ऐसा मत करना मेरा बेटा घर है .. जब टाइम होगा मैं आपको बोल दूंगा

  प्लीज ऐसे जिद मत किजिये लाला जी..


  लाला :- जान लगता है तू तो मुझे प्यार वह नी कर्ता मुझसे मिलना ही चाहता है..


  माँ: – ऐप मेरी बात को समझिए अगर समय हुआ तो मैं आपको बोल दूंगा कब आना है.. या मैं आ जाउगी वहा जब मुझे सुरक्षित लगेगा अब फोन रखिए मेरा बेटा उठने वाला है .. ठीक है अलविदा


  लाला:- ओके बाय जान


  मम्मी ने कॉल कट की.. कुछ सोचने लगी.. सोचते सोचते मम्मी की आंखें बंद हो गई.. लग रहा था की मम्मी का भी चुदने का मन हुआ.. लेकिन 2 मर्दो से चुदने के बाद भी मम्मी की शर्म नहीं गई थी।  .. ये मम्मी के गांव में रहने का नतिजा था.. याहा एकर वो बेहक तो जराूर गई थी… लेकिन उनकी इज्जत या शर्म का पर्दा हमा उन पर भारी रहता था..उन्हे हमशा समाज का डर लगा रहेगा कि लोग क्या करेंगे  अगर उन्हे मम्मी की इस कमो के बारे में पता चल गया.. वो किसी से आंख मिलाकर बात भी नहीं कर पाएगी… हलकी हम यह लोग ज्यादा जनता भी नहीं… पता नहीं मम्मी कब बेशरम बनेगा…


  मम्मी की बात सुनकर मैं समझ गया की जब तक मैं घर हूं मां कुछ नहीं करेगी..उन्हे अपनी इज्जत का पूरा ख्याल था.. मेरे सामने तो बिलकुल भी कुछ करेगा.. वर्ना वो मेरी नजरो मैं.  मैं अपने दिमाग में घर से बाहर जाने का प्लान बनने लगा की मम्मी मेरे किसी को अपने घर बुलाकर चूड़े..उन्हे चुदते हुए देखने की मेरी वी इचा पूरी हो जाएगी.. लेकिन आजा का दिन मेरी पहली ही रंग लेने वाली और  थी.. जब मुझे लगा की माँ बहार आने वाली है मैं सिद्दियों के पास चला गया।  .  मम्मी मम्मी बोलता हुआ आने लगा.. मम्मी भी जल्दी से उठ गई मुस्कान कार्ति हुई अपने रूम से बहार आई..


  माँ:- हो गई नींद पूरी..


  मैं:- हा मॉम हो गई..


  माँ:- कुछ पढाई लिखी भी करले अब सोटे ही रहना है पूरा दिन


  मैं :- अभी तो बहुत टाइम पड़ा है पहले कुछ दिन बाकी तो करने दो.. जल्दी से खाना लेकर आओ बहुत ज्यादा लगी है.. उसके बाद मुझे खेलना भी जाना है..


  मम्मी:- इतनी गर्मी में खा खेलना है घर पर वह रे.. बहार बहुत धूप है..कही बिमार ना हो जाए तू..


  मैं:- मम्मी कुछ नी होता आज मेरा मैच है वह जाना मुझे..


  मम्मी के चेहरे पर फिर से एक मुस्कान आई.. लेकिन इस मुस्कान को मम्मी ने अपने चेहरे पर नहीं आने दिया..


  मम्मी:- तू मानेगा तो है नहीं.. लेकिन जाना खा तू खेलने… कब तक लोटेगा घर वापसी..


  माई मैन में (( साली कुट्टिया का इरदा आज अपनी भोसदी चुडवाने का है क्यू ना मैं भी ज्यादा समय बटा दू की ये रंद और आराम से चुदवे और मुझे मजा आया ..)


  मैं:- पता नहीं मगर शाम के 5 6 बज जाएंगे… आज 2 मैच है.. मॉर्निंग वाला किसी दूसरी टीम का वो पहले देखना मैंने… उसके बाद हमारा… है।


  मम्मी:- ऊ तो लंच खा करना भूला रहेगा क्या वहा.. उसके लिए तो घर वापस आएगा ना..


  ((मम्मी बात को गोल मोल करके सब कन्फर्म कर रही थी की कहीं मैं पहले ना आ जाउ)


  मैं :- नहीं माँ अब बार बार वापीस घर पर वह थोड़ी और रहा वैसा ही जाना है वो जमीन याह से कोई 10 12 किमी दूर है .. तो अब शाम को वह घर वापस आउगा लंच भी वही कर लुंगा पैसे ले जगा मैं अपने।  .


  मम्मी :- अच्छा खाना खले फिर जल्दी से धूप ज्यादा तेज होने से पहले चल जा नहीं तो गरमी में भीग जाएगा तू..


  इतना बोलकर मम्मी गांद मटकाती हुई किचन में चली में चली गई.. माई पिच से मम्मी की मटकी हुई गांद को देखता रहा… मम्मी ब्रेकफास्ट लेकर आई हम दोनो ने साथ में खाना खाया… मैंने अपना स्पोर्ट्स बैग पैक करके बाइक पर  निकल पड़ा.. जब तक मैं घर से बहार नहीं चला गया बाइक लेकर मम्मी मुझे देखती रही… मगर मेरा कोई मैच तो था नहीं ये तो बस एक बनाना था मम्मी की छुडाई देखने का…


  माई बाइक लेकर घर से बाहर आ गया… मेरा कोई मैच तो था नहीं… माई दूसरी गली मिस्टर आकर जो खाली घर था वह चला गया बाइक लेकर… माई घर के अंदर बाइक लगाकर थोड़ा सा मैं गेट खोल के बाहर देखने  एलजीए.. Phle मैंने मोबाइल ऑन करके घर के कैमरे में मैंने देखा… मुझे मम्मी कहीं भी नहीं दिखी दी… कोई 10 मिनट बड़े मम्मी के कमरे के बाथरूम का दरवाजा खुला हुआ… मम्मी नंगी वह बाथरूम से बाहर आई।  .. मम्मी के जिस्म पर पड़ी पानी की बूंदे मॉम के जिस्म को बहुत ज्यादा कामुक बना रही थी… मम्मी के सेक्सी जिस्म को देख कर मेरा लुंड खड़ा हो गया। मेरा मन तबी घर जाने को करने लग गया।  ओपन की उसमे से ब्लैक अंडरगारमेंट के साथ व्हाइट कलर का सलवार कमीज पेन कर मेकअप करके रेडी हो गई।  उसके बाद मम्मी ने मोबाइल उठाकर लाला को कॉल की..उठते ही लाला बोला को बुलाओ..


  लाला:- हाय कैसी हो मेरी जान आ गई याद अपने आशिक की..

  मम्मी जल्दी से रंग..


  माँ:- ऐप तो हम याद वो रहते हो।  .  वो मैंने कहना था की अंकित चला गया है कहीं वो शाम को आएगा अब..


  लाला :- ये हुई ना बात अभी 2 मिन में आया मैं

  मम्मी जल्दबाजी हुई :- हेहेहेहे आ जाये..


  थोड़ी सी बात करके वो कॉल हुई… मम्मी बसबरी से घर लाला का इंतजार करने लगी कोई 5 मिनट बाद मुझे बाहर एक स्कूटी के जाने की आवाज आई.. घर के पास पहंचकर लाला ने हॉर्न बनाया.. हमारे घर का दरवाजा खोलो  हुआ और से मम्मी बहार आई वो एक परी लग रही थी लाला का मुह खुला का खुला ही रह गया… लाला ने घर के अंदर स्कूटी खादी करके जल्दी से आगे होकर बाहर मैं दूर पर वह मम्मी को गले लगा लिया।  वह रे गई .. मम्मी ने जल्द से जल्द उडर देखा कोई देख तो नहीं रहा।


  मम्मी:- रुकिए थोड़ा सबर तो किजिये ऐप तो बहार ही शुरू हो गए और तो आया..


  लाला:- तू माल वह ऐसी है की रुक आ ही जाता है उसके साथ ही लाला ने माँ के गुलाबी होंठ पर अपने काले मोटे होते हैं रख कर मम्मी के होने चुसने लगे…. मम्मी की भी आंखें बंद हो गई।  लाला मम्मी को घिसेते हुए ऐसे ही और ले गया लाला ने मम्मी को अपनी बहू में दबकर पिचे हाथ फिर रहा था… कोई 5 मिनट बाद जब दोनो की सांस फूल गई तो वो अलग हुए दोनो ज़ोर से सांस लेने लेने लगे..


  मम्मी:- ऐप और चलिये मैं दरवाज़ा बंद करके आती हूं..


  मम्मी ने पिचे आकर दरवाज़ा बंद किया.. जैसे वह पीछे को मुड्डी लाला ने मम्मी को बाहों में उठाकर बेडरोम में ले जा कर बिस्तर पर पटक दिया…


  मुझसे भी कंट्रोल नहीं हुआ.. मैं जल्दी से वहा से निकलकर झड़ियों में से होता हुआ अपने घर के बहार आ केर धीरे से घर के अंदर धीरे धीरे चलता हुआ घर के पीछे आ गया मम्मी के कमरे में ड्रेसिंग कर गया  टेबल और अलमारी के बीच स्पेस थी यहां से सब कुछ और दिखलाई देता था..


  जब मैंने और देखा.. बिस्तर पर मम्मी पड़ी थी उनके ऊपर लाला पड़ा हुआ था अपने दो हाथो में मम्मी के बड़े उरोज लेख जो ज़ोर से मसाला रहा था मम्मी को किस करता हुआ हुआ.. दोनो पागलो की तरह को चुंबन एक दूसरा  जैसे बहुत जनमो के बाद उन्हे अपना प्यार भुजने का मोका मिला हो…  हफ्ते हुए दोनो के होते अलग हुए.. लाला मम्मी के ऊपर से उठ के आला खड़ा होकर मम्मी के एक हाथ को पक्का कर बिस्तर के किनारे पर बिठा दिया…. लाला ने मम्मी की कमीज को दोनो साइड से पक्का कर दिया दिया।  जिस से मम्मी काली ब्रा में लाला के सामने आ गई।  लाला जल्दी से अपना कुर्ता उतर कर ऊपर से नंगा हो गया .. मम्मी ने खुद ही आगे हो कर अपने हाथो से लाला के पजामे को ढीला करके अंडरवेयर के साथ आला को खिस्का दिया जो की सिद्ध लाला के जोड़े में…  का फैनफनाता हुआ लुंड सिद्ध मम्मी के होने के सामने आ गया.. ये देख कर लाला और ज्यादा खुश हुआ की मम्मी खुद उनका लुंड चुनना चाहता है.. लाला ने अपने एक हाथ को मम्मी के सर के चेहरे को अपने रखे हैं  तारफ ढकेला…


  लाला :- चल आजा चूस न मेरी रंदी.. बहुत तड़फया है तू मुझे…


  लाला के अपने आपको रंडी बुलाने पर मम्मी कुछ भी ना बोली.. बीएसएस मस्कुरेट हुए एक हाथ से लाला के मोटे लुंड को पक्का कर अपने मुह में लेना शुरू कर दिया.. जैसे जैसे लाला का काला लुंड मम्मी के गुलाबी होते और होते हैं  जा रहा लाला उतना ही मस्त होता जा रहा था.. मम्मी आधा लुंड अपने मुह में अनादर बहार कर रही थी.. मां की आंखें बंद हो चुकी थी.. लाला मस्ती के मारे साते आसमान पर उड़ रहा था..  आगे बढ़ कर पिच से मम्मी की ब्रा का हुक खोल के ब्रा को उतर कर आला फेंक दिया.. मम्मी के ताने हुए दोनो मोटे दूध लाला की आंखों के सामने आ गए जिन्हे देख वो और उत्साहित हो गया.. लाला ने मम्मी के चेहरे को  दो हाथो से पक्का कर अपना लुंड तेजी से अंदर बहार करना शुरू कर दिया.. मम्मी की मुह चुदाई शुरू हो चुकी थी।  .. मम्मी की goooooooo goooooo की आवाज के साथ ठुक की लार लाला के लुंड से होते हुए आला गिर रही थी … लाला का लुंड मम्मी के ठूक से पूरा चिपा हो गया था … कोई 15 मिनट मुझे छोडने के बाद लाला  ने अपना लुंड बहार निकला .. मम्मी को दोनो कांधो से ढका देकर बिस्तर पर पिचे को गिरा के लिया दिया .. उसके बाद लाला ने मम्मी की सलवार को पेंटी के साथ वह उतर कर पूरी नंगी कर दिया …  बिस्तर पर पड़ी थी.. जब लाला ने मस्कुराते हुए मम्मी की आंखों में देखा तो मां ने शर्ममेकर आंखें दूसरी तरफ फेर ली..  फ़र्ने लगा .. मम्मी करना लगी… “” आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ एसआईआईआईआई….. लाला मम्मी के चेहरे के बदलते एक्सप्रेशन को देख के खुश होने लगा.. अखिर कर उसे एक खूबसूरत संस्कार और को दूसरी को बार-बार  था.. अपने आप पर गर्व महसूस हो रहा था… लाला ने अपने एक हाथ से मम्मी के प्यारे चेहरे को सहलाकर पका के अपनी  तारफ को सिद्ध करके बोले..


  लाला :- सुनिधि जान आंखें खोलो न मेरी तरह देखो


  मम्मी ने धीरे से आंखें खोली… जब उनकी नजर सीधी लाला से मिली तो मम्मी ने फिर से शर्म के मारे अपनी आंखें बंद कर ली… लाला मम्मी की अदाओं को देख के मस्कुराने लगा..


  लाला :- जान मैं चाहता हूं की जब मैं तुम्हारी चुदई करू तुम मुझे देखो.. अब आंखें खोलो जल्दी से.. तुम्हारे मेरे और तुम्हारे बेटे की कसम..


  कसम सुनते ही मम्मी ने झटके के साथ अपनी आंखें खोल दी..


  मम्मी:- प्लीज मुझे मेरे बेटे की कसम मत दिजिए.. मैं इसे नहीं कर पाऊंगी.. मुझे बहुत शर्म आ रही है..


  लाला :- अब इस शर्म के परदे को तोडने का समय आ गया है… अब तुम आंखें बंद नहीं करनी है जब तक मैं अपना पूरा लुंड तुम्हारी छुट में न दाल दू..


  मम्मी:- मगर ऐसे गंदी शब्द का इस्तमाल करके तो बात मत किजिया.. मैंने ऐसा कभी नहीं किया.. नहीं तो मैं आपसे आंखें नहीं मिला पाउंगी..


  लाला :- अब तुम इसी आदत दाल लो जान.. अब बातें भी यही वह होगी और चुदाई भी…


  इतने बोलके लाला ने अपने एक हाथ से मम्मी के एक मोटे दूध को पक्का लिया और दूसरे से अपने लुंड को मम्मी की छुट के होल पर सेट कर के.. दूसरे हाथ से मम्मी की झांघ को पक्का लिया। लाला ने एक  पूरी हवा भारी नज़र से देख कर मस्कुराते हुए।  इतना अच्छा लंका मारा… इस ढकके के साथ वह मम्मी की गाल निकल गई ..  .. मम्मी की आंखों में मैं अनसून की बूंदे आ गई… जिने देख कर लाला को और जोश आ गया.. थोड़ी देर मम्मी के दोशत और जिस्म को सहलाने के बाद एक और ढकका जोर से जद दिया… इस ढके से लाला का  पूरा लुंड मम्मी की टाइट छुट को चिरता हुआ जद तक और ग़ुस्सा गया.. इस बार भी मम्मी ज़ोर से चिलयी… दोनो बार मम्मी की चीखों की आवाज़ घर के बाहर आई थी.. अगर कोई भी हमारे पास होता तो आ गया  ये आवाज़ें सुन लेता है…. मम्मी आंखें खोले हुए लाला को वह देखे जा रही थी।  मम्मी के चेहरे पर दर्द के साथ साथ खुशी के मिले जुले भाव थे.. मम्मी आंखें वह आंखों से लाला को रुकने का इशारा कर रही थी जो की लाला समाज भी गया था।  जिस से मम्मी के मोटे उरोज ऊपर आला होने लगे।  लाला फिर से आपने पोजीशन में आ गया.. मम्मी की आंखों में देखते हुए मम्मी की चुदई शुरू कर दी.. लाला सिरफ अपना 25% वह लुंड बहार निकल कर और दाल दे रहा था..  के लिए कर रहा था.. इसी के साथ वह मम्मी की सिस्कियां निकले शुरू हो गई..


  मम्मी: – Aaahhhh ufffffffff aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhyyyyyy gooidddd niiiiiiiiiiaaaaaaahhhhhheeeeeeeeeeeeeeeeee aahhhhhhh siiiiii ugfffffffffffffffffffhhhhhhhhhhhhhhhhhh


  लाला मम्मी की आवाज़ सुन के मस्त हो गया था…. बहार मैंने भी अपना लुंड बहार निकल कर हिलाना शूरु कर दिया… मुझे भी कोई होश नहीं थी कि मैं बहार हूं… अचानक मुझे अपने कांधे पर एक हाथ  महसूस हुआ।  .  मैं डर गया जल्दी से ऊपर की तरफ देखा तो सामने श्वेता चाची मुझे घोर कर देख रही थी… मैं अचानक उन्हे वह देख कर डर के मारे सुन हो गया… एक दूसरे की आंखों में देखने के बाद चाची का ध्यान  आला मेरे लुंड की तराफ गया.. जो की अभी भी मेरे पास वह था… दार के मारे ढीला हो चुका था.. बहार गरमी के मारे एक तो मैं पास से भीगा हुआ था.. अब दार के मारे मुझे और पासेना  आने लगा… मैं सोचने लगा की अब क्या होगा… आंटी क्या सोचेगी… जब माँ को बताएगा तो हमारा रिश्ता खराब हो जाएगा माँ बेटे का… जिसको बचाने के लिया माँ हर वक़्त कोशिश करती रहती थी…  आंटी मेरे डर को महसूस कर चुकी थी… आंटी भी जल्दी से आला बैठा कर और देखने लगी की मैं और क्या देख रही हूं… जब चाची ने और देखा तो और … लाला  ने मम्मी की दोनो तांगो को अपने कंधो पर रख के माँ को छोड रहे थे… किसी पागल कुट्टे की तरह…. मम्मी भी उनकी रंडी कुट्टिया बन के ज़ोर से गालते हुए चुड़वा रही थी..


  मम्मी: – आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्फ़फ्फफ।  .. Siiiiiiiiiiiiiiissssiiiiiii .. Ooooiiiiiiia huhhhhhhahahahahha hhhhshshshuhuuhs .. Oohhhhhhhehhhhhu dhhhhheeereeee hahahah akkiijjiyyeaaaaaa daaarrrrrddd hhhhhooooooooooooo oohhhhhhhhhh aaahhhhh ओह hoooooooo rrrrraaaaaa haaaaiiiiiiii Ahhhhhh ruuuukkiiyyyeaaaaaa aahhhhhhhhh ओह ehhhhhh uffffrffffuuuffuufufufufuf aahhhh oiii ..


  ये आवाज कामरे से बाहर रही थी… माई वैसा का वैसा ही बैठा हुआ था डर के मारे…बीएस यही सोच रहा था की पता नी क्या होगा अब… कोई 5 मिन मम्मी की छुडाई देखने के बाद आंटी  वहा से पिचे होकर फिर से घूम कर मुझे।  देखा…. मुझे सेहमा हुआ देख कर आंटी के होठों पर एक शैतानी मुस्कान आ गई… माई आसमाझ में पद गया की चाची पा नी क्यू मस्कुरा रही है… आंटी ने मस्कुराते हुए अपने होंठ मेरे कान  के पास ला केर बोली..


  आंटी :- कैसा लगा अपनी मम्मी की छुडाई देख कर… मजा आ रहा है ना…


  माई कुछ नहीं बोला मैं डर के मारे बुरा हाल था… माई हिल वी नी पा रहा था….

  आंटी पीछे को हुई मेरा चेहरा देख कर वो मेरा हाल समझ गई..


  आंटी:- अरे बेटा दड़ो मैट मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगी…… मम्मी की चुदाई देखना पसंद तुम्हें…..


  मैं फिर कुछ नहीं बोला… इतने में और से एक गाल की आवाज बाहर आई… आंटी ने मुझे और देखने का इशारा किया… मगर मैं किसी पुत्तल की तरह वैसा ही बैठा रहा… नजर नीची कर ली..  मगर और नहीं देखा… फ़िर आंटी ने मुझे घूरा या खा… “चल और देख मैंने बोला ना…”… चाची के चेहरे का गुसा देख के मैं और देखने लगा…. मुझे  ऐसा करते देख आंटी मुस्कान कर… खुद भी मेरे साथ और देखने लगी…


   अंदर लाला ने लास्ट वाला ढका बहुत जोर से मारा जिसकी गाल हमने बहार सुन्नी थी.. इस शॉट के बाद लाला ने अपना लुंड मम्मी की टाइट छुट से बहार निकला.. जो की फक्कच्छ्ह्ह्ह्हुह की आवाज के साथ।  … लाला ऊपर आकार बिस्तर पर टंगे खोल के बैठा गया…


   लाला :- चल इदर आ मेरी जान मदेरछोड़ रंदी…. लुंड चूस मेरा..


   लाला का लुंड मम्मी की छुट के पन्नी से पूरा सना पड़ा था… देखने में बड़ा वह भानक लग रहा था।  .  मम्मी भी किसी रंदी की तरह लाला की बात माने हुए लाला की दोनो तांगो के बीच आ केर घुटनो के बाल बैठा गई… मम्मी ने हाथ बढ़ाके लाला का लुंड पका कर झुकी हुई लाला के लुंड के पास अपने गुलाबी।  आंख बंद करके एक झटके में वह मम्मी ने लुंड को मुह में भर के और बाहर करना शुरू कर दिया…. ममी साथ में लुंड पर लगे अपनी छुट के लगे कामरास को भी पीट जा रही थी…


   Lala: —— Aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ho jaan mazaa aa gya …


   लाला ने मम्मी के बालो को ऊपर से मजबूती के तेज के साथ मुह छोडने लगा…


   बहार ये सब देख के आंटी मुझे से बोली…


   आंटी :- देख बेटा कैसी तेरी मां जो हर वक्त संस्कारी बनी रहती है कैसे एक प्रार्थना मर्द से अपनी छुट चुड़वा रही है… मजा आ रहा है ना तुमे अंकित मम्मी की छुट छुडाई दूध देख के…


   माई चुप रहा।  आंटी मेरे तारफ ही देख रही थी…


   आंटी :- तुम चाहे मत बोलो मगर तुम्हारा हाथ सब कुछ बता रही है… हेहेहीह।


   जब मैंने आला की तरफ देखा तो मेरा 5 इंच का लुंड फिर से खड़ा हो चुका था।  .  .  मैं ये देख के फिर से शर्मिंदा हो गया… बगीचा आला कर ली..


   आंटी:- हैं अंकित बेटा ये शर्मिंदा और डर क्यूं रहे हो… माई सच में किसी को कुछ कहने वाली… तुम मेरे बेटे की तरह नहीं हाल की मेरे बेटे हो… इतना बोल के आंटी  ने मुझे नॉर्मल करने के लिए अपने एक हाथ से मेरा खड़ा लुंड पक्का लिया



   आंटी ने मेरा लुंड को अपने कोमल हाथो में पकाड़ के हलका सा डाबा दिया… मेरे मुह से सिस्की निकल्ल गई आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह हुउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्म्‍उउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्म् कैसा लगा मेरे बेटे… मां बताओ हाथ इस…


   कुछ डर चुप रहने के बाद मैं बोला..


   मैं:- बहुत अच्छा…


   आंटी मुस्कान के मेरे लुंड पर अपना हाथ आगे पीछे चलने लगी… मेरी मुथ मारनी शूरू कर दी… जिंदगी में आज फली बार किसी औरत ने मेरे लुंड को चुआ था… इस अहसास से मेरी उत्तेजना बढ़ा…  मेरी आंखें बंद कर ली… आंटी ने भी नोटिस कर लिया की… मेरी उत्तेजना बढ़ रही है.. कहीं मेरा पन्नी न निकल जाए… आंटी ने अपना हाथ हटा लिया… मैं ने अचानक से खोली आंखें  वह आँखों से उनसे पूछा “हाथ क्यों हटा अपने”


   आंटी..:- थोड़ा साबर करो फले और का खेल तो देख ले… इतने बोल के हमने बिना बात की और देखना शुरू कर दिया मैंने अपने हाथ से ही अपने लुंड को धीरे धीरे हिलाने लग…


   अंदर का देखा…  .


   मम्मी ने लुंड चुना शोडा.. लाला ऐसे ही बैठा कर।


   लाला :- चल मेरी गॉड में आ के मुझे छोड मजा दे मुझे अपनी रसीली छुट का… कामदेवी है तू तो सुनिधि… हेहेहे।


   मम्मी भी लाला की बातें सुन के शर्मा गई.. मम्मी ने चुदाई करते समय कभी ऐसी गंदी बातें नहीं की थी.. ये मम्मी के लिए एक नया अनुभव था.  .  गलीया सुन के माँ की चुडवाने की उत्पन्ना बढ़ती जा रही थी.. मम्मी भी जल्दी से उठ कर बिस्तर पर खादी हो गई।  फिर अपनी दोनो जोड़ी को लाला की दोनो झांघो के बहार रख के बैठा शूरु कर दिया.. माँ ने दूसरे हाथ से लुंड को पके हुए के होल पर सेट करके धीरे-धीरे बैठाने लगी।  खुला हुआ और जा रहा था।  जब आधा लुंड और चला गया तोह.. लाला ने कमर को पक्का के आला से ज़ोर का झटका मार के पूरा लुंड और दाल दिया… मम्मी की गाल निकल गई… आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्म्म नहीं मम्मी बनने लाला..  लिया.. उसका मुह मम्मी के दो दूध के बीच में दस चुक्का था।  … मम्मी ने लाला के लुंड के ऊपर अपनी गांद को ऊपर आला करके अपनी छुट चुडवानी शूरू कर रही थी… हम दोनो बाहर ये देखा देख के गरम हो चुके थे … मम्मी के अंदर तो गर्मी ही बहुत थी  …. दोनो पूरे मजा के साथ चुदाई कर रहे थे.. कुछ डर बाद लाला ने मम्मी को कमर को पक्का के खुद झटके देना शुरू कर दिया.. अब तेजी के साथ लाला का पूरा लुंड छुट तक जा रहा था ऊपर  मम्मी की bachedani ke sath takra RHA था … मम्मी बीएसएस chillaye siskiya lete jaaa रही थी …. ugffffdddaahhhhhhh oohhhhh aaahhhh ohhhhh siiiiiiii ahhhhhhhh maaaazaaaaa aaaaaaa gyaaaaaaaaaa aahhhhhhhh laaalllllaaaaaaa jiiiiiiiiiiii ….. Ppyaaaarrrrr hahhhhhhh oouuu uffffffff ssssssssssseeeeeeeeeeee cccccccchhhhhhhhhhoooodddddiiyeeaaa naaaaaaaa hahhhhaaaaahhhhh drrrrrddd hooooo  रह्हा आ आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ siiiiii


   लाला अपनी मस्ती में किसी हवासी की तरह छोडे जा रहा था… कोई मतलब नहीं मम्मी के दर्द से… तो मम्मी की गालियां मजा दे रही थी… लाला ने 25 मिनट इसे छोड़ दिया…  दोनो का साड़ी पास से भीगे चुक्का था.. अंदर एक होने के बाद भी दो पाने से लठपथ थे… मम्मी लुंड के ऊपर से खादी होकर साइड में हो गई…  .


   लाला इसी वह बिस्तर पर घुट्टों के बाल बैठा गया… मम्मी को।  इशरे से आगे आकार कुट्टिया बनने को कहा… मम्मी समझ गई.. लाला के आकेर बिस्तर पर घुट्टनो के बाल बैठे के आने को अपने हाथ रख के कुट्टिया बन गई… पिचे से मम्मी की गोल मोटी गांड़…  हो गई.. जिसे देख कर लाला के मुह में लाला आ गया.. लाला ने जल्दी से अपने लुंड को मम्मी की छुट में रख के कमर को जोर से पक्का के शॉट लगा दिया.. मम्मी की कमर अकड़ गई लाला का पूरा लुंड सिद्धा  अंदर छुट में दाल दिया जो बचानी से तकरा गया… लाला ने उसी स्पीड के साथ मम्मी को छोडना शुरू कर दिया।  इस बार उन्हे मॉम के दर्द की कोई परवाह नहीं थी.. मम्मी की चीखें सुन के माई और आंटी भी बहार मस्त हो गए… आंटी मुस्कान लगी…


   Mumy :: — aaaaaahhhhhhhh ….. oooooooohhhhhhhhhh ….. aaahhhhhhhhhhuuuffffffffffffffff ____ siiiiiiiiiisssisiisiiiiii … Maaarrrrrrrrrr ….. ggggaaaayyyyyyiiiiiiiiiiii … mmmmmmaaaaaiiiiiiiiiii … ttttttoooooohhhhh ….. Aaaahhhhhhh dhhheeeereeeeee kaaariiiyyyyeeeeaaaaaaa .. Mmmmeeerrriiiii chhhhooooootttttt faaaaattttt  raaaaaahhhhhhhiiiii hhhhhaaaaaaaiiiiiii aaaaaahhhhh uuffffffffff ohhhhhh


   लाला पीछे से गुरते हुए…


   लाला:—– आआह्ह्ह्ह म्म्मीरीइ जाआनन्नन मेरीइइइइ कुट्टियाआ क्याया चूत हैइइइइ तुम्म्म्हारीइइइ.. तुम्म्हाराई जाइइस्साआ माआलल्ल फह्लल्लिइइइइइ बयाअर्र चूड़र चूड़…  .  .. आह्ह्ह माज़ाआ अगय्या तेरी तीन तियत्तत्त छुट कूू चूडद्दद्द कीई हारामज़ाआदिइइ… आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ्फ


   यहाँ पर लाला की झाँघू की मम्मी की गान से तकरांरे से फाछ्ह्ह्ह्ह्ह फाच्छ की आवा मम्मी किकिइ चुद्दियों की शन्नन श्श्श्हंन करने की आवाज पायल की आवाज सुन के ऐसा हुआ।  गोल गोरी गान ढको से लाल हो चुकी थी… मम्मी एक गाल के साथ झड़ गई… मम्मी की छुट से बहता हुआ मम्मी का काम लुंड से होते हुए झांघो पर जा रहा था… मम्मी के गरम पानी को लुंड पर  लगते ही.. लाला की भी कराह्ह निकल गई… उसे अपना सारा पन्नी मम्मी की छुट के और वह शोद दिया… जब उसका सारा पन्नी निकल गया.. उसे मम्मी की गांद पर ज़ोर दार थप्पड़ मार के ढाका देकर  को गिरा दिया… मम्मी उसे वह बिस्तर पर गिर कर ले गई… उधार लाला भी उसे बिस्तर पर बैठा गया… लाला का लुंड मम्मी या अपने पानी के मिले जुले रस से चमक रहा था..  दोनो हंफ ते थे .. दोनो के जिस्म पास से भीगे हुए थे…  .


   इतने में लाला के मोबाइल की रिंग बाजी.. लाला ने कॉल उठाई… ये कॉल उनकी दुखन पर काम करने वाले इरफान की थी..


   लाला :- हा क्या हो गया..


   इरफान:- मलिक वो डीलर आए हैं आपको मिलना चाहते हैं।


   लाला :- साला इन मदेरछोड़ो को भी आना था.. उनको बिठा आया मैं 15 20 मिनट में..


   इतना बोल ले लाला बिस्तर से उठ कर बाथरूम में गया.. अंदर से ताजा हो कर वो नंगा ही बहार आ कर अपने कपड़े पहनने ने लगा.. मम्मी बिस्तर से उठी.. मम्मी अभी भी नंगी वह थी.. मम्मी जब अपने कपड़े पहनने  ने लगी तो लाला ने उनका हाथ पकड़ा लिया…


   लाला :- अरे मेरी जान तू कपड़ो के बिना ही अच्छी लगती है…


   मम्मी पूरी तरह शर्मा रही थी… अभी 2 घंटे वो लाला के साथ नंगी होकर किसी रंदी की तरह चुदाई कर रही थी। लेकिन अब मम्मी के तेवर पूरी तरह बदल चुके थे।  समझौता बड़ा मुश्किल है।


   मम्मी :- आप ल्हा जा रहे हैं..


   लाला :- दुकान पर जा रहा हूं जरूरी काम है


   मम्मी : ओके जी।


   लाला ने जाते हुए एक लिप किस करके माँ को नंगी को वह वहा शोडकर चले गए.. लाला के जाने के बाद माँ भी बाथरूम में चली गई… माई और मौसी भी वहा से निकल कर बहार आ गए..


   माई आंटी के साथ वह था.. लेकिन मेरी नजर नीचे को थी… आंटी बीच बीच में मेरी तरफ देख कर मुस्कान रही थी…


   आंटी:- अब क्या करोगे तुम घर जाओगे


   मैं :- नहीं यही बहार वो टाइम पास करुगा..


   आंटी मस्कुरेट रंग..


   आंटी :- चलो मेरे घर चलते हैं.. आओ पीछे बैठो स्कूटी पर।


   मैं:- नहीं मेरी बाइक भी यही अंदर है मैं उस पर आता हूं।


   आंटी मस्कुरेट ह्यू.. “चल आजा”।

   माई बाइक चलता हुआ हुआ आंटी के पीछे पीछे उनके घर चला गया…  दीपक।  .  ये देख कर मैं सोचूंगा की मौसी ने ऐसा क्यों किया.. आंटी मुझे अपने रूम में ले गई.. आंटी ने प्लाजो और कुर्ती पहनने राखी थी…


   आंटी:- तुम यह बैठा मैं कुछ खाने को लेकर आती हूं


   आंटी किचन में से 2 गिलास जूस के साथ कुछ स्नैक्स को ला कर टेबल पर रख दिया..


   आंटी :- खा लो कुछ बेटा धूप में बैठ कर अपनी मां की छुडाई देखने से कमजूरी आ गई होगी…


   मुझे समझ नहीं आ रहा था की मौसी क्या चाहती है वो मेरा मज़ाक बना रही या मेरे भूले-बिसरे राही.. आंटी मेरे साथ आकर बैठ गई.. हम दोनो ने जूस पिया…


   आंटी :- अब बताओ अंकित कब से चल रा सुनिधि का ये सब चक्कर…

   मैं :- मुझे नहीं पता आंटी…


   आंटी:- अंकित मैं तुम्हें अपना बेटा समझती हूं मैं चाहता हूं की तुम भी मुझे मां कह के बुलाओ….


   मैं:- ओके आंटी सर ओके मम्मी।


   श्वेता आंटी :- हेहे हा बेटा तुम्हें जो कुछ भी चाहिए हो मुझे बताना मैं तुम्हें दे दूंगा…।  किसी को बताऊंगी भी तुम्हारी मां सुनिधि को भी नहीं..


   मैं :- ओके मॉम.. लेकिन ऐप कब आया था वहा।  क्यू आये द.


   आंटी :- अरे मैं तो सुनिधि से मिलने आई थी सोचा यूज सरप्राइज देता हूं मगर तुम लोगो ने तो मुझे ही सरप्राइज दे दिया।  …

   जब मैं वहा पहुंची तो मैंने वहा एक अनजान स्कूटी देखी.. मैंने दरवाजा खोलने की कोशिश की… वो खुला नहीं हुआ.. मैं सुनिधि को कॉल करना ही वाली थी की मुझे और से गाल सुन दी… गाल सुनकर माई  जल्दी से भाग कर पीछे गई घर के तो तुम वह पहले से ही.. माँ की चुदई देखकर अपना हाथियार हिला रहे थे।  उसके बाद तो तुम्हें पता ही है..


   आंटी :- अब तुम बताओ.. तुम कब से अपनी माँ की चुदई देल् रहे हो.. कैसा पा चला तुमे.. अब शर्मो मत बता अपनी इस माँ को साफ साफ


   मैंने नीचे देखते हैं आंटी को बताना शुरू किया.. मैं सिर्फ लाला वाला ही बताया की मैंने उन स्टोर पर थोड़ा बहुत करता देखा उसके बाद घर पर और आज दुसरी बार देखा उन्हे करता हूं.. मैने आंटी को करण बार में चाचा या सुनील के  कुछ नी बता की मैं शुरू से वह उनकी छुडाई देख रहा हूं।  घर के कैमरे के बारे में कुछ नहीं बताया… माई ये सब कुछ छिपाना चाहता था… मुझे डर था की अगर मौसी ने माँ को बताया तो फिर लाइव सेक्स घर पर आकर तो नहीं देख पाउगा उस वक्त कैमरो पर तोह  देख सकता हूं… …


   आंटी ये सुन कर खुश हो गई…


   आंटी :- अब तुम मेरे देखालो का सही सही जवाब देना… कसम खाओ मेरी

   मैं :- कसम की कोई ज़रुरत नहीं ऐप जो पुचोगे सच वो बताउगा माँ..


   आंटी मेरे पास हो गई मेरे माथे पर एक किस किया उन्होन..


   आंटी:-तुम्हे कैसा लगा अपनी मम्मी की छुडाई देख कर मजा आता है ना..


   माई कुछ ना बोला..


   आंटी ने अपना दूसरा हाथ उठाकर मेरी जीन के ऊपर से मेरे लुंड पर रख दिया… मम्मी की बात सुनाते समय मेरा लुंड खड़ा हो गया था.. उस पर हलका हलका अपना हाथ फिरने लगी।


   आंटी:- मम्मी की चुदई देखने में मजा आता है ना..तुम्हे


   माई एक्साइटेड हॉट ह्यू..


   मैं :- हा माँ

   आंटी :- किटना

   मैं :- बहुत


   आंटी ने मेरा लुंड हलका सा दबा दिया.. मेरी सिसकारी निकल… आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् / / / / / / /


   मौसी:- मजा आया अपनी माँ को अपना लुंड पक्का कर।

   मैं :- हा माँ

   आंटी:- तुम्हारा दिल करता है सुनिधि को चोदने..

   मैं :- हा करता है मम्मी।

   आंटी:- अच्छा अगर तुम एक विकल्प मिले की तुम माँ को चुदते देखना चाहते हो या चोदना तो बताओ क्या चुनोगे तुम


   माई कुछ ना बोला… आंटी ने इस बार मेरा पूरा लुंड हाथ में पक्का के डबा दिया..


   मैं :— (आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह भूलभुलैया से) चुदते देखना चाहुगा।

   आंटी:- आई लव यू बेटा।  मैं भी तुम्हारे जैसा वह बेटा चाहता हूं.. सच सच बता क्या तुम मुझे दिल से अपनी माँ माने हो.. सुनिधि के ब्रबर दर्ज़ा दोगे मुझे..


   आंटी की आंखों में नामी थी इस बार.. श्यद वो सच में अपने दिल की फीलिंग बता रही थी.. मैं भी उनके प्यार में बह गया।


   मैं :- हा मॉम आज से मैं आपको मम्मी कहकर ही बुलाउगा.. ऐप भी मुझे अपना बेटा ही समझो..

   आंटी:- तू तो मेरा प्यारा बेटा है..


   आंटी ने मुझे गले लगाया… उनके दूध मेरे साथ दब गए.. फिर हम अलग हुए।  माई आंटी को हवा भरी नज़र से देख रहा था.. आंटी भी मेरी मॉम की तरह वह खूबसूरत थी..


   आंटी :- एसा क्या देख रहा है अपनी मम्मी को घोर के….

   मैं :- कुच।  नहीं ..

   आंटी:- गर्लफ्रेंड है क्या तुम्हारी कोई..

   मैं:- नहीं है क्या आप बनूंगी मेरी gf.

   आंटी-मुस्कुराते हुए… अच्छा अपनी माँ को अपनी जीएफ बनेगा… बेटा अभी तुम बचे हो.. तुम मुझे सम्भल नहीं पाओगे.. हेहेहेहेहेहे


   माई कुछ न बोला


   आंटी :- सेक्स किया तुमने कभी।

   मैं:- नहीं कभी भी नहीं..

   आंटी:- मम्मी को किसी और से चुदवाते हुए देखना चाहती हूं..

   माई कुछ ना बोला..


   आंटी ने मेरे होठों पर अपने होंठ रख के मेरे लुंड को हलका सा सेहला दिया..


   मेरे मुह से निकला “हा”… आंटी ने एक कातिल मुस्कुराहत दी..


   आंटी:- हा बेटा तुम्हारी सुनिधि मां बहुत खूबसूरत है.. मैं भी बहुत पसंद करती हूं.. मैं भी अपनी संस्कारी चूट मारवाटे हुए देखना चाहती हूं… लगता है ये मेरी बात का वह असर पर है।  . अभि तो शुरवात है.. हेहेहे .. आई लव यू सुनिधि।  देखना मैं इस्तेमाल और भी लोगो से चुडवाओगी….तुम्हे अच्छा लगेगा ये सब अगर मैं तुम्हारी मां सुनिधि को किसी या से चुडवा डू।


   मैं फिर से कुछ ना बोला… आंटी समझ गई की माई डर रहा हूं अपने दिल की बात कहने से मेरी बात सुन के वो पता नी क्या सोचेगी।


   आंटी :- मुझे नंगी को देखना चाहते हो

   माई झट से “हा”

   आंटी :- हेहेहे आचा जब मैं और कुछ पूछती हूं वो तो बताते नहीं हो… तुम तो मुझे अपनी मां तो क्या अपनी दोस्त वी नी समझौता हो।


   मैं :- नहीं ऐसा नहीं है मम्मी… वो बस मैं थोड़ा डर रहा हूं मुझे बहुत शर्म आ रही है…


   आंटी:- अभी मैं तुम्हारी सारी शर्म दूर की जाती हूं


   आंटी सोफ़े से उठकर सामने जकार बिस्तर के साथ खादी हो कर अपने कपड़े खोलने शुरू कर दिए… आंटी ने सलवार कमीज पता था जिसे उतरकर बिस्तर पर फेंक दिया अब मौसी मेरे सामने लाल रंग की ब्रा पेंटी में खड़ी थी…  जिस्म पोर्नस्टार ऑड्रे बिटोनी की तरह का था एक दम पूरा फिट सेक्सी बड़े स्तन 34 के पतली कमर मेरा देखते ही लुंड खड़ा हो गया.. मेरे गले से पन्नी सुखने लग


   आंटी :- कैसी लगी तुम्हें ये अपनी मम्मी


   मैं :- बहुत ही ज्यादा सेक्सी और हॉट


   आंटी चलते हुए मेरे पास आई मुझे वही पर खड़ा करके मेरी टी शर्ट उतर दी… फिर खुद सोफे पर बैठा के मेरी जीन का बटन खोल दिया… अंडरवेयर के साथ वह आला मेरे घुटनो तक खिस्का दिया… मेरा पताला  5 इंच का लुंड सिद्ध चाची के सामने था.. आंटी मेरे लुंड को देख के मुस्कान लागी..

   आंटी ने मेरे लुंड को हाथ में पकड़ कर सहलाने लगी..


   आंटी :- कैसा लग रहा बेटा मजा आ रहा है ना अपनी माँ से मुठ मारवाते हुए..


   मैं आह्ह्ह्ह बहुत ज्यादा यही वह करता है आप प्लीज।


   आंटी:- अगर तुम चाहते हो की ये मजा तुम मिले मिलते रहे और बार बार मिले तो तुम्हारे मेरे बतो के सच सच जवाब देने होंगे दोगे ना बेटा..


   मैं :- उफ्फ्फ हा मम्मी ऐप जो बोलो गे मैं वही करुगा।


   आंटी:- बताओ तुम्हें सुनिधि को चुदते देखना अच्छा लगता है ना… तुम यूज और भी लोगो से चुदते देखना चाहते हो ना..


   मैं :- हा माँ मुझे मम्मी की चुदाई देखना बहुत पसंद है… मैं चाहता हूं की वो ऐसे ही अलग लोगो से करता रहा… आह्ह्ह


   आंटी:- अपनी मां सुनिधि को चुडवाने में मेरा साथ दोगे तुम..


   मैं :- हा मॉम जो एप बोलोगे वही करुगा.. मुझे मम्मी या आपकी कसम।  .  माई आपका पूरा साथ दूंगा..


   आंटी :- ये हुई ना बात..


   आंटी ने आगे को झुक कर मेरे लुंड के ऊपर पर किस करके धीरे धीरे अपने मुह में भरना शुरू कर दिया… ये पहली बार था जब किसी औरत ने मेरा लुंड मुह में डाला था एक तो मम्मी कर मैं  एक्साइटेड था.. आंटी के मुह में मेरा पूरा लुंड चला गया… आंटी ने लुंड मुह में लेकर उस पर थोड़ी देर जीभ से चैटकर और बाहर करना शुरू कर दिया… माई सातों आसमान पर था.. मैंने एक्साइटमेंट में अपने दोनो  हाथ आंटी के दो दूध पर रख दिया.. मैं ब्रा के ऊपर से वह उन मसालों लगा.. कोई 5 मिनट बाद वह मैं चार्मसिम्हा पर पाहुच गया..


   मैं :- आह्ह्ह्ह्ह्फ्फ्फ्फ्फ आह्ह्ह्ह मम्मी आई लव यू.. एप बहुत सेक्सी हू आआह्ह्ह्ह बहुत अच्छा चुनती हो एप..


   इतना कहकर मेरा वीर्या आंटी के मुह में वह शूट गया.. मेरे वीर्य की मौसी के मुह में पिचकारिया बजने लगी… लेकिन चाची ने मेरा लुंड बहार नहीं निकला.. वो मेरा पूरा का पूरा वीर्य पी गई.. आंटी में लुंड चो  एक्सपर्ट थी… जब मेरा पूरा को आंटी आंखरी बूंद तक पी गई.. तो वो साइड हुई.. मैं ऐसे ही सोफ़े पर गिर के आधे लगा.. आंटी मेरी हलत देख कर मुस्कान लगी..


   आंटी:- मैंने कहा था ना बेटा तुम मुझे अभी नहीं संभल पाओगे… आई लव यू बेटा मुहा…


   मैं :- मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ माँ सच में…


   मैने उन्हे हग कर लिया… ये हग एक प्यार भरा था.. जिस आंटी ने भी महसूस किया।


   आंटी:- आई लव यू बेटा..


   हम अलग हुए.. आंटी ने उठकर कपड़े उतारे ने के लिए… ये देख मैं बोला..


   मैं :- मम्मी क्या करने लगे आप.. (मैं भी अपनी जग से उठूंगा वह उनके पास गया)।


   आंटी:- कुछ नहीं कपड़े पहनने ने लगी.. क्या हुआ।


   मैंने उनके कपड़े लेकर टेबल पर फेंक दिए।


   मैं :- नहीं माँ मैं इसे वह आपके साथ आपको गले लगा कर सोना चाहता हूँ… आपकी ममता लेना चाहता हूँ


   आंटी :- अच्छा मेरे राजा बेटा..


   हमने फिर से गले लगाया… आंटी या मैं दोनो बिस्तर पर ऐसे ही अध नंगे ले गए… मैंने उन्हे गले लगाया था.. मेरा सर उनके दूध पर था.. वो मुझे धीरे-धीरे प्यार से सहला रही थी..  पता ही नहीं चला मुझे कब नींद आ गई..

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