कामूकता की इंतेहा Chapter 3

कामूकता की इंतेहादोस्तो, उस सर्दी की शाम में भी हम दोनों इस तूफानी चुदाई से पसीने से तरबतर थे। उसका मुझे पता नहीं, लेकिन मुझे चुदते वक़्त किसी और चीज़ की होश नहीं थी, शायद इसे ही जन्नत कहते हैं।खैर मुझे चोदते चोदते एकदम ढिल्लों रुका और चलता हुआ वाइब्रेटर एकदम मेरी गांड से बाहर … Read more

कामूकता की इंतेहा Chapter 2

कामूकता की इंतेहावो बोला- नखरे मत कर, बाहर गाड़ी खड़ी है, चुपचाप चल के बैठ जा, समझी!मैं मुँह सा बनाती, उन ऊंची एड़ी के सैंडलों पर धीरे धीरे उसके साथ चलने लगी। ऐसा लग रहा था कि मेरे चूतड़ निकर फाड़ के कभी भी बाहर आ सकते हैं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।चूतड़ मटकाती उसकी फारचूनर … Read more

कामूकता की इंतेहा Chapter 1

कामूकता की इंतेहा लेखिका:-रुपिंदर कौर नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम रूपिंदर कौर है और मैं पंजाब की रहने वाली हूँ। मेरा कद 5’2″ इंच है और रंग गोरा है। शादी से पहले मैं बहुत जिम जाती थी क्योंकि मेरे मम्मे तो बहुत बढ़ गये थे लेकिन मेरा पिछवाड़ा थोड़ा कम बाहर निकला था। इसलिए मैंने वहां … Read more

भाई बहन की करतूतें

मेरा नाम विशाल है, और मेरा परिवार उत्तरी भारत के एक छोटे से कस्बे में रहता है। मेरे पिताजी एक पब्लिक सैक्टर युनिट में काम किया करते थे, लेकिन जब मैं सिर्फ़ सात साल का था तभी पापा का दिल का दौरा पड़ने से स्वर्गवास हो गया था। मम्मी की अनुकम्पा के आधार पर पिताजी … Read more

सीता –एक गाँव की लड़की अध्याय 2

कोमल दीदी खुद ही चलकर मेरे पास आ गई।“सीता,मैं आप लोगों की दिल दुखाना नहीं चाहती थी। मैं तो बस एक दोस्त की तरह जुड़ना चाहती हूँ। अगर आप लोगों को मेरी बातों से ठेस पहुँची हो तो प्लीज माफ कर देना। पर प्लीज दोस्ती मत छोड़ना।”मैं उन्हें एक टक देखी जा रही थी। उनकी … Read more

सीता –एक गाँव की लड़की अध्याय 1

ट्रेन से उतरते ही सीता की जान में जान आ गई। वो भगवान का शुक्रिया अदा की। बिहार की ट्रेन में भीड़ ना हो ये कभी हो नहीं सकता। इसी भीड़ में गाँव की बेचारी सीता को अपने पति श्याम के साथ आना पड़ा। श्याम जो कि T.T.E. है। हालाँकि वो भी गाँव का ही … Read more