माँ की बस एक बार.. Part 5
माँ की बस एक बार.. Part 5 माँ-लकीन नानी-तू जा में हु ना माँ से कोई समस्या हो तो मुझे फ़ोन करदेना माँ नानी-ओके बेटी माँ जा कर आपने साड़ी बदल कर के आये बहार नानीजी बहार पड़ोशियो साई बात कर रहे थे … Read more
माँ की बस एक बार.. Part 5 माँ-लकीन नानी-तू जा में हु ना माँ से कोई समस्या हो तो मुझे फ़ोन करदेना माँ नानी-ओके बेटी माँ जा कर आपने साड़ी बदल कर के आये बहार नानीजी बहार पड़ोशियो साई बात कर रहे थे … Read more
माँ की बस एक बार.. Part 4 अनीता की अच्छी तरह से आकाश ने देखा। आकाशवाणी में अनीता की बात यह है कि आकाश में आकाश में हों, जैसे वे आकाश में हों, इसलिए वे आकाश में थे, जैसा कि वे आकाश में थे, जो … Read more
माँ की बस एक बार.. Part 3 आस्क की 5वीं परीक्षा खतम होबो, बोहो 6वीं परीक्षा का टेस्ट तैयार करेगा। बो अनीता को अपने प्रेम का इज़हार कर के लपेटे हुए, अब बोहो फिर चाहे आपके प्रिय हो तो अनीता से, या बो अनीता काई रूम काई … Read more
माँ की बस एक बार….Part 2 अगले सुभा में जितने भी पढना चाहु में नहीं पढ़ पा रहा था, में माँ की बार में न चाहते हुए भी सोचा ने लगा था, थोड़े डर में माँ कार्यालय काई लिया निकल जाते हैं या मैं सोचता हूं … Read more
माँ की बस एक बार….Part 2 अगले सुभा में जितने भी पढना चाहु में नहीं पढ़ पा रहा था, में माँ की बार में न चाहते हुए भी सोचा ने लगा था, थोड़े डर में माँ कार्यालय काई लिया निकल जाते हैं या मैं सोचता हूं … Read more
माँ की बस एक बार…………. Part 1 ये एक धीमी प्रेम कहानी है एक बेटा या उसके माँ के, जो के एक वह झटके साई सुरु नहीं हो पायेगी। मेरा नाम आकाश है, मैं 19 साल का हूं, 5.7 हाइट। बहुत पहले डैड काई गुजर जाने काई बाद में या … Read more
माँ की बस एक बार…………. Part 1 ये एक धीमी प्रेम कहानी है एक बेटा या उसके माँ के, जो के एक वह झटके साई सुरु नहीं हो पायेगी। मेरा नाम आकाश है, मैं 19 साल का हूं, 5.7 हाइट। बहुत पहले डैड काई गुजर जाने काई बाद में या … Read more
कली और फूल – दो बहनों की दास्ताँ Part 2 कोमल को उसके रूम में छोड़ कर आने के बाद अंकिता अपने रूम में आ गई | हॉल में लगी घडी ११ बार घंटी बजा रही थी , वहा बेड पे आलोक फ़ोन पे किसी … Read more
कली और फूल – दो बहनों की दास्ताँ Part 2 कोमल को उसके रूम में छोड़ कर आने के बाद अंकिता अपने रूम में आ गई | हॉल में लगी घडी ११ बार घंटी बजा रही थी , वहा बेड पे आलोक फ़ोन पे किसी … Read more
कली और फूल – दो बहनों की दास्ताँ मैं अभी कहानी लेखन में बहुत ही नई कलम हु। मैंने इसके पहले कभी कोई कहानी या कविता नही लिखी.. ये मेरी प्रथम कहानी होगी इस मंच पर.. इससे पहले की मैं थ्रेड स्टार्ट करू कुछ बाते … Read more