Maa and son

  .निर्मला ए,सी, की ठंडी हवा में अपने कमरे में अपने पति के साथ गहरी नींद में सोई हुई थी कि अचानक उसे ऐसा महसूस हुआ कि कोई उसे उसकी बांह पकड़ कर सीधे पीठ के बल कर दीया, और तभी ऊसे ऊसकी गाउन ऊपर की तरफ सरकती हुई महसूस होने लगी। एक पल तो … Read more

एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 7

             एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 7 नीलम- हाँ देख रही हूँ मेरे लाला.. मेरी चूत भी तो तेरे लण्ड को देखते ही पानी छोड़ने लगती है। मैं कैसे बर्दाश्त करती.. इस लण्ड को किसी और की चूत में घुसता देख कर… जिससे मैंने रोज मालिश करके इतना तगड़ा … Read more

एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 6

             एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 6 जया- अच्छा ठीक है ये छोरा कौन है? रजनी- ये.. इसे सेठ जी ने घर के काम-काज के लिए रखा है। अच्छा रमेश तुम दोनों शादी के लिए कब निकल रहे हो? रमेश- जी दीदी बस आपका इंतजार था.. बस अभी ही … Read more

एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 5

             एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 5 रजनी ने अपनी आँखें खोल कर सोनू की तरफ देखा, सोनू अपनी अधखुली आँखों से रजनी की गुंदाज चूचियों की तरफ देख रहा था और उसके नकुओं से गरम हवा निकल कर उसकी चूचियों से टकरा रही थी, जिससे एक बार फिर … Read more

एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 4

             एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 4 मालकिन.. तेल से मालिश करूँ?’ सोनू ने उत्सुक होते हुए पूछा। रजनी- हाँ.. तेल ले आ और अच्छे से मालिश कर दे। सोनू बिस्तर से उतर कर सामने रखी तेल की बोतल उठा कर जैसे ही पलटा तो उसका कलेजा हलक में … Read more

एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 3

             एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 3 अब सोनू के हाथ आज़ाद थे, जिसका पूरा फायदा उसने उठाना शुरू कर दिया। उसने धीरे-धीरे बेला की चूचियों को अपने हाथों में भर कर दबाना शुरू कर दिया। बेला एकदम मस्त हो चुकी थी, उसने अपने सर को सोनू के कंधों … Read more

एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 2

           एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 2 बेला ने अपना मुँह घुमा कर पीछे देखा, सोनू की नज़रें बेला की गाण्ड पर ही टिकी हुई थीं और उसका हाथ अपने 8 इंच के लण्ड को पजामे के ऊपर से मसल रहा था। जब बेला ने ये सब देखा तो उसके … Read more

एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 1

    One man and two women Chapter  1            एक पुरुष और दो महिलाएं अध्याय 1 ये 1910 के दौर की बात है, जब हमारे देश पर अंग्रजों का राज था। उ.प्र. के एक छोटे से कस्बे में अंग्रेज सरकार की छावनी हुआ करती थी और उसी कस्बे में हलवाई … Read more

करण और मीना अध्याय 5

            करण    और मीना  अध्याय   5 तबी बहार से कुछ बजाना की आवाज बहुत है करन तो टीवी देख रहा था।     अगर आप कमरे की खिड़की से बाहर निकलना चाहते हैं, तो अपने गधे पर क्लिक करें और और देखें।     उसने खिड़की पर हाथ रखा और उसका … Read more

करण और मीना अध्याय 4

          करण    और मीना  अध्याय   4 मीना- “हां तेरा कसा-कासा जाएगा और मेरा फटा जाएगा हम्म्म, अब मुझे जाने दे”     करण: “कहाँ जा रहे हो?”     मीना: तुम नहीं जानते कि रसोई में कितना बचा है, चोर अब। करण: माँ बिना केला खाई चली जाएगी तू। और चलो “और … Read more