विधवा मां और बेटा Chapter 4

 

               विधवा मां और बेटा Chapter 4

तो जैसे आपके पिचले अपडेट मुझे पढ़ा की शाम के 7 बजे बस में सोटे दोनो आप में बात करते हुए हर के अपने बदन को एक दसरे के अलगन में लेके सो गए थे…  की उसके भारी बदन ने आज इतनी टाइट लेगिंग्स और चड्डी में आज उसे बहुत परशानी का सामना काड़ा था, वो इसलिए गई थी अपने बेटे को अपने से सात के…

 इधर नमन को भी निंद आ गई थी और वो भी अपनी मां पर टंगे चढाये हुए तो गया था और एक हाथ को मां की पीठ पे ले गया था और दसरे हाथ को मां के चुतडो पे रख के सो गया था…

 अब उम्र…….

 रात के 9 बजे थे तो बिंदु और नमन अभी तक तो रहे थे उन लोगो का घर रात 12 बजे के बाद आने वाला था और अभी बस ने हाल्ट किया था तो अचानक नमन की नंद खुली और नमन ने देखा की बस रुकी ही और खिड़की में  से बहार देखा तो किसी अच्छे वाले होटल पे रुकी थी और बस की खिड़की से सिद्ध लेडीज और जेंट्स का टॉयलेट दिख रहा था जहां कहीं औरत बच्चे और के आदमी भी सुसु करने आते थे या नमन ने देखा और।  .

 नमन – माँ उठी (नमन ने माँ के छुटडो पे रखा हाथ हिलाया जिससे उसे माँ के बिना ओन्ती वाले गद्ररे लेगिंग्स में ढसे हुए पहाड़ बने हुए गदरये चुतड बहुत ही कभी नमन ने भी कभी कभी कभी जर…  बोलता रहा) मां उठो ना देखो हाल्ट किया वह बस ने आपको कहीं जाना वह सुसु वगेरा तो जाओ बाद में शायद न मिले शाम से बस चल रही वह तो देखो अगर जाना वह तो कर लो

 बिंदू – (जैसे तैसे नमन ने इतने बेरेहमी से चुतद हिलाने की वजह से वो नंद के आघोष से उठी तो नमन अभी भी उसके उठने के बाद भी चुतद को हिलाये जा रहा था और देख रहा था)  वह मगर मुझे बहुत डर लगा रहा वह इतनी रात में कहा जाउंगी तू चल न अपनी विधवा मां को ले चल बेटा बहुत जोरो से लगी वह बेटा…

 नमन – आर माँ उठा के खिड़की से देखो तो सही कितना मस्त होटल वह आप जाओ देखो आपके जैसे जा रहे हैं देखो और मैं भी आउंगा आपके साथ मुझे भी करना वह सुसु

 बिंदु – अरे तू वहा आएगा रे वहा तो सब औरते होगी न मेरे साथ नहीं आ सकता है न तू

 नमन – अरे माँ आप भी ना मेरा मतलब वो मुझमें आदमियों की मुतर्नी में जेक मुटुंगा आप चलो उठो बातो बातो में हाल्ट खतम ना हो जाए मेरी माँ…

 मैं बिंदु – हा बेटा चलो चलते हैं वह जल्दी ये कह के बिंदू बिना किसी संकट के उठी मां बहुत दर्द कर रहे हैं वह बेटा आया मां आज तो कमर रह गई मेरी बेटा थोड़ी छोटी जगाहा वह आने आने की मेरे  ऐसा कह के अपने छुटडो पे अपने ही हाथो से थप्पड़ मारी और कहा ) आहय है भगवान इस घोड़ी को बहुत दर्द हो रहा है यह कह के बोली बेटा तू उतर ना और मुझे उतर अपनी को मेरे घोड़े

 नमन – हा मां आजो में तू उतर चुका हूं आप बस घूम के मेरी तरह पिचवाड़ा कर के प्रति आला लाओ और उतरो में आपके चुटडो पे हाथ देता हूं और आपको उतरा हूं

 बिंदु – जैसे ही उतरी और प्रति रखा और पिचे से नमन ने चुतडो को अब और भी कास के पके और एक दम मस्त कास के जकड़ के मसाला दिया और बिंदू उइइइइइम्मा आराम से मेरे लाल है घोड़ी को दर्द

 नमन – आर माँ कैसा दर्द तू ही इतनी गदरायी की में तेरे छुटडो पे हाथ रख के तुझे कास के पकाड लेता है तुझे ऐसा लगता है

 बिंदु – नमन जुठ बोल रहा था उसे पता चल गया क्योकी नमन बिलकुल हवा से चुतडो को मसाला दिया था ये उसकी विधवा घोड़ी भानक गई थी मगर क्या कार्ति बेटे के प्यार में पिगल गई उसका बेटा जो इतना ध्यान

 नमन – ज्यादस टाइम वेस्ट ना करके उसे अपनी मां को उतरा और कहा चलो जल्दी मां कफी लोग वापस आ रहे हैं चलो आप जलदी कहि डेर न हो जाए ऊपर से आप ये टाइट लेगिंग्स वहा उतरने में भी डर करोगे

 बिंदु – आगे उम्र जल्दी चल रही थी और उसके चुतड़ न जाने कहा कह मटक जे जा रहे थे बिना चड्डी के चुतड़ एक दम पानी भरी थाली की तरह हिल के कभी ऊपर आला दय बय पटक हिल के पाठक  तो मानो एक दम भारी बदन के आला आके एक दम सिल्वते वाला उसके भरे हुए गडराय चुतडो को ढकने की नाकाम कोशिश कर रहा था जो भी बिंदु को देखता उसे नाजा उसके लिए चलादो पे अटका जाति थी इतने वसंत तियालते हैं।  किसी कामकुक लग रही थी….

 नमन – मां चलो आप थोड़ा जल्दी ( तकी उसे और भी ज्यादा हिलते चूतड देखने को मिले) देखो सामने ही टॉयलेट वह आपका आप वहा मेरे वाले में जेक आता हूं हम दोनो में से जो पहले आया होगा वो या

 बिंदु – हा बेटा बिलकुल तू मुझे छोड के मत जाना बस या कहते हैं बिंदू जल्दी चलते हैं गांद मटका मटका के जा रही थी जोर जोर से पटक पटक के मटकते हुए चुतड़ सब के महिलाओं लोडे खड़े कर रहे थे और में शौचालय  घुस गई…

 नमन – याहा नमन भी हाथ में अपना काला मसल गरम लोहे के डंडे जैसा अपना लोड लेके जोकी मां के छुटडो को सलामी करने के लिए खड़ा हो गया था उसे हाथ में पकड़ के आंख बंध लेगे।  छुटड को याद कर के मसाला हुआ मुत रहा था और मन में अपने मां के चुतडो को नंग कर के मसाला रहा था और सोच रहा था (आज तो बस मुझे अब घर आने तक और भी चुतडो को मसलुंगा)

 बिंदु – uiii मां बोहोत जोर से लगी है और है मां एक तो नमन के डांडे ने सब से हाल बड़ा है मेरा ये मेरी चुत कब की बह रही वह उई मां और पासिन से पुरा निकला हिसा और मिला हो गया सब फिर से  कहते हैं उसने वेस्टर्न टॉयलेट में घुस के लेगिंग्स को बड़ी मेहंदी ने अपने गदराए जंग और कमर से आला उतरी और अपनी दोनो टंगे फेल के जोकी शुद्ध टॉयलेट को कवर कर रही थी उसे मंसल जांघे उसे एक दम फेल के लागी ऊपर बेथे  रे कमर उइइइइइ मां मार गई ये कह के टॉयलेट पे बेटी और अपनी म्यूट को रोक के रखा था उसे छोड और अपने चुत रस को बहार निकलते हुए उसके काले थोड़े बालो वाले भोसदे में से एक जोर से एक जोर से  उसने धिमी करी और फिर और गिरी और जोरो से सिटी बजते हुए उसके भोसडे में से एक पिली और सफेद चुत रस के साथ मिक्स होके मुट निकली और बिंदू बोली उईई मां गई मां गई रे विद्वा घोड़ी तू तो ओहर जोर से  मत निकलने के बुरे चुत में से निको  से अलग बंद हुआ और अब जेक और अपनी चुत की तरफ देखा तो लेगिंग्स में कासी होने कीवाजा से उसके ऊपर लेगिंग्स के निशान बन गए और उसकी चुत और आस पास सब लाल लाल हो गया था और जांघ भी एक बांध  आप में घी घी के छिल गई थी

 आया है और बिंदु ने छुट पे हाथ रख के फेल के पीछे एक दो बंद को गिरा के उसपे पानी मार के साफ की और उई मां आहा सुबा से बह रही ही विधवा तेरी हवा जग दी रे तेरे बेटे के  सोच के सोचते लेगिंग्स को ऊपर बड़ी मेहंदी से चड्ढा के बहार निकल जाती वह वापस चुतड मटका मटका के बहार आती वह जहां नमन उसका इंतजार कर रहा था…. और उसके सामने देख के एक मुस्कान दे बोलती वह चलो बेटा अब हल्की  माँ चल बस मुझे..

 नमन – आर मां बस में सिरफ हम दोनो ही बाकी वह कब का रोक के रखा वह मुझे और अपनी मां का हाथ पकड़ के बिंदू को बस की और जलदी भगत वह और दोनो मां बेटे और बस में चढ़ जाते हैं  बस चल देता है वो..

 बिंदु – हाय मां बड़ा ख्याल रखता है तू मेरे राजा चल अब चड्ढा दे सोफे पे अपनी घोड़ी को मेरे घोड़े राजा

 ही नमन – चल गद्रेई घोड़ी मेरी और पिचवाड़े पे हाथ लगा के चुतड़ को वापस मसाला के चड्ढा देता बिना समय बर्बाद किए जोर से ढका देके उसे मां को ऊपर चड्ढा के खुद चढ़ जाता है और कहता वह मेरी तरह से  थी ना दबने को तो मेरे तेरी जंघे और चुतद दोनो की मलिश अब मस्त कर देता हूं तू आराम से सोजा बस

 बिंदु – आया है मेरे घोड़े राजा सही कहा ट्यून मेरे लाल बेटा बहुत दर्द कर रहे हैं वह चल मलिश कर दे अपनी विधवा घोड़ मां की और अपने बेटे की तरह गंद कर के इतनी गई…  के मेरे छुटडो को और भी जोर से मसलेगा जाए रे राम विध्वा तू तो गई अब तेरे भोसदे से और पानी बहेगा और चड्डी भी नहीं पहिनी गिली हो जाएगी पूरी लेगिंग्स)

 नमन – बिना चड्डी के सिरफ लेगिंग्स में मटवले बड़े फेल उथे हुए पहाड़ जेसे दोनो भारिभारखम चुतड़ को देख के और भी कामुक होके उसे जोश चड्ढा ज्यादा तो वो और भी ज्यादा जोर से चुतड मसाला लगा

 आइश बिंदू – अपने बेटे के दोनो हाथ अपने भारी छुटडो पे पाके उसकी कामगनी जाग गई और अब वो कहा सोने वाले थी उल्टा अपने बेटे के चुतदो के ऐसे मलने का काम आनंद ले रही थी थी हवा मैं उइहा  सिस्किया भरने लगी थी…

 नमन – पागलो की तरह चुटडो को बेरहमी से मालसे जा रहा था जोकी उसके चुतड लेगिंग्स में बिना चड्डी के उसकी वजह से मनो एक दम नंगे ही लगने लगे तो ऊपर से और ऊपर से उसकी चुत अब तक दिया था  रस उसकी लेगिंग्स को बीघो रहा था और भीगो के लेगिंग्स में चुट से होते हुए उसके आला गान की तरफ बढ़ा रहा था और वो हिसा पुरा भीग के ढाबे वाला होने लगा था इसकी वजाह से नमन को पता चला वो कभी कभी साथ था।  यह कभी कभी छुटड को एक हाथ से दाब के उसपे छटा के मार्ता और कभी अपना लुंड सहला देता और कभी जांगो को दो हाथो से भी चलता और बेरहमी से चलती बस में हिलते मतलके उडर फेलते पानी में दर्द होता है।  को मसाला रहा था…

 और बिंदू – जोर जोर से उई मां ओह्ह मार गई रे विधवा और डबा मेरे घोड़े आह या डबा आहा तेरी गद्रेई घोड़ी को बहुत दर्द दिया वह इसके चुतडो ने उई मां हाहा मार डाला रे ऐसीा जो  तकी और जोरो से मसले

 नमन – अरे माँ तेरा बेटा ही न तेरी सेवा करने तू चिंता मत कर तेरे सारे दर्द अब दूर करेगा ये तेरा घोड़ा मेरी गढ़रायी घोड़ी तू बस उसे सत्थ दे फिर देख के तेरे सारे दर्द दुर बेटा करता है  कर के चुतड पे एक थाप जाद दी

 मैं बिंदु – आर मां उइइइइ मांआआ मर गई आहा केसे मार्ता ही बस कर उई मां बहुत दर्द दीया तेरी मां के छुटडो को इसने मेरे लाल आज छोडना मत उसे और भी और डबा भाई अहह आह  आउ उइमा और अच्छी बीवी दे संस्कारी मेरे लाल आहा अपनी मां की सेवा कर… उइइइमाआ मार गई आह

 नमन – आर माँ तेरा घोड़ा कोई शादी वादी नहीं करना चाहता वह वो तो बस पूरी ज़िंदगी अपनी माँ के साथ होना चाहता है और उसकी सेवा करना चाहता है और हर सुख देना चाहता है तेरा घोड़ा माँ कहर और उसे  वह माँ ये ले बहुत दर्द कर रहे हैं ना ये ले जोर से चपत मार दी चुतडो पे ….

 बिंदु – उई मां सिस्किया भर भर के उसे अब चुट पे कबू नहीं था और बस रस छोड़े जा रही थी और कह रही थी बहुत बहुत पसीना हो रहा वह पूरी जगह से गिली हो चुकी हु….

 नमन – आर मां क्यो चिंता कर रही हे बस तू अपने प्रति की और चुतडो की मलिश का मजा लेना पासा छुटने दे मुझे कोई दिककत नहीं हे

 बिंदु – वो भी समाज गई थी की नमन को पता वह उसकी विधवा घोड़ी रस बहा रही थी लेकिन दोनो को उससे कोई मतलब नहीं था वो बस मस्ती से आहे भर रही थी और आनंद ले रही थी

 तकरीबन 11 बजे तक नमन ने दबया मसाला अब वो भी तो गया और उठा के वो भी अब सोने लग गया है बार तो उसे अपनी मां के चुटडो पे ही दोनो टंगे ऐसे चड्ढा दी की उसका लोडा उसमें लगा मैं धासी वाली  गया दर में और वो तो गया कब उसे पता भी नहीं चला थोडे समय बाद पता चला के बस रुकी हुई वह और सब उतर रहे वह और बिंदु उस गया था मुझे पता चला नमन का लोहा खड़ा है और एक  चुभ रहा वह तो वो सहा गई और अपने आप को सही कर के नमन को जगाई और दोनो अब उठ गए थे क्या उसका घर का स्टॉप आ गया था

 नमन – माँ आ गया वह उतर रहे थे, सब चलो में उतर के तुम को उतरा हू चलो तुम उतरो (और यह कह के दोनो मां बेटे बस से उतर जाते हैं और अब दो अपनी बाइक पे बेथ के घर पाहुच के 1  की आघोष में आके सो जाते ही और दोनो ने आरामदायक कपड़े पहन लिए थे जैसे की बिंदू नाइटी में पूरी और नंगी थी और दोनो सो जाते ही पता ही नहीं चलता दोनो को थकन की वजह से)

 जैसे की पिचले अपडेट में आपने पढ़ा की नमन और बिंदु अब घर जा चुके थे और उसकी मां की मन्नत पुरी हो गई थी और वो दोनो घोडे बीच के आरामदायक कपड़े में आके तो गए और दोनो को निंद आ गई थी और रात  ठंडा हवा में दोनो सो गए थे अब आ गए…

 दो इतना ठक चुके थे की दोनो में से किसी की निंद खुली नहीं थी दोनो सो गए द बज रहे थे सुभ के 7 बिंदु कुछ ऐसे सोया थी नाइटी में और उसे पता भी नहीं था अब वो कैसे सोया थी वो अब द्वारका  के साथ मरने के बाद अपने बेटे से थोड़ा और ज्यादा नाज़दिक आके खुल चुकी थी अब वो भी ज्यादा अपने बदन का ध्यान नहीं रख रही थी बस ऐसे ही कपडे पहन लेति थी घर में भी कभी कोई उसे कभी नहीं  पहन लेती थी वजाह से आज वो सोया थी और नाइटी तो ऊपर चाड छुकी थी उसे

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 व के दोनो मां बेटे घोडे बीच के सो रहे थे और बिंदु की नाइटी से निकला हिसा बहुत ऊपर चड्ढा चूका था जिससे उसके जंघे मंसल चिकनी गदरायी और उसकी पिंडिया साफ दिख रही थी बस थोड़ी चूड़ी राती अगर तो उसर ऊपर थी बस थोड़ी सी राती अगर  गांद के छेड़ दिख जाते हैं वो हवा से अपने बदन को सेकते हुए तो राही थी और नमन भी सोया ही था

 ऐसे ही सूबा के 10.30 बजे बिंदु की निंद खुली और देखा से 10.30 तक और उसे अब भी थोड़ी नींद आ रही थी मगर उसने अपनी खोज पर कबू किया और उसे देखा तो उसे रात पूरी चुकी कमर थी और उसे देख रहा था  के वो शर्म से पानी पानी हो गई है रे विधा अपने कपड़ों का ध्यान रख बाजू में ही जवान लड़का लेता है… जरा सी भी ऊपर हो जाती तो आला से पूरी नंगी हो जाति और चड्डी भी नहीं पाहनी में ऐसा सोच के शर्म से  लाल होके बेथ जाति ही गड्डे पे और अंगदैया लेके अपने छुटड़ को ईधर उधर कर के उठने लगा वह

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 और वो खादी होके सिद्ध रूम से निकला के चुतड मटका के बाथरूम में घुस जाति वह और देखती अपनी रात उठा के निकल जाती है और पूरी मदरजात नंगी हो जाती वह कुछ ऐसे

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 जो की आगे से और पिचे से कुछ फोटो में दिख वैसे दिख रही थी और अपने बदन के वजन को कोस्‍ते हुए उसके लिए के लिए बैठा था उसमें वजाह उइइआइ मां आआहह विध्वा कितना भारी बदन हो गया था इतना ही उफ्फ  लिए बेथने लगी और उई मां आह कर के सिस्किया लेने लगी क्योकी भारी बदन से बहुत दर्द हो रहा था

 दो हाथो को पिचे ले जेक उसे दोनो चुतडो को उसने सहल्या और उसे फेल के पिच से फदा और उसे फेला के आला बैठा गेर और अपने पर लगाने से उसके चुतद और भी फेल गए पिचे और साइड में और साह है के जोर से जोर से  धार छोटी और उसके भोसड़े में से गरम गरम मुट निकली और जोर से सिटी बजने लगी एसएसएसएसएसएस और वो दनदन म्यूटने लगी

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 एबी उसे पेट में जोदार गैस बनी थी उसे वजाह्स ए उसको जोर से पड़ा आई तो एक दम पुरा बाथरूम हिल जाए ऐसे बड़े चुतडो के छेद में से जोर से फिररारारक कर के पद मारी और बोली

 बिंदु – हाय रे विधवा आहाहा कल खली पेट गैस हो गया था अहह कर के जोर से पेट पे हाथ सहलया और जोर से मुत ना बंद हुआ और पद मारी थी कि जोर से उइइम्मा आ आ अहा गई विफवा घोड़ी तू तो ऐसा कह  हगना चालू कर दिया और जोर से टट्टी आवाज के साथ पैड निकल के गंदी बड़बुदार पद के साथ जोर से तती करने लगी और उसे अपने दो हाथों से चुतडो को फेल ये अटकी गांद का छेड और भी खुले से और भी और से खुले और  माँ अब पेट हलका हुआ

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 और अपने हाथो से चुतड मसाला लगी उई मां केसे मसाला वह बड़े छुटडो मेरा बेटा बहुत प्यार करता है उसे आया है तब उसे नमन का लोहे जैसा डंडा याद आया वह है रे कितना बहुत ज्यादा था।  द हाय रे घर में जवान लड़का और में गद्रेई घोड़ी कितना प्यार करता है वह मुझसे वो आया है कितना मसाला ता रे बेटा तू इसे बहुत दर्द देता है कि यह सोच के उसके मुह में से ये निकल जाता है वह अहा विद यह है  मिल जाए तो जिंदगी में मुझे कुछ नहीं चाहिए है विधवा के नसीब ऐसे डंडे ही कहा आया है मेरे लाल अपने बेटे को याद कर कर के बदले और लगने लगी और एक हाथ आगे अपने बालो वाले भोसड़े  पानी छोड रहा था और उसे सहलाने लगी और जोर से चुत के दने को मसाला लगी अब उसकी आंख बंद होके उसके कहयालो में उसके बेटे का मोटा मुसल लुंड था उसे ख्यालो में कल्पना कर या जोर से हमें लगा  अपनी एक उंगली चुत के छेद में घुस  के जोर से चुट को अनगली से मार्ने लगी और पाने बेटे के लोडे का ख्याल कर के हाय रे बिंदू घोड़ी गई तू तो आहा हाय रे विधवा साली आहा आपने आप को कोस्टे हुए 5 मिनट उनगली की अब कितनी बार बड़ी थी कर  इस लिए 5 मिनट में झड़ गई आह और अपनी सानो से पुरा बदन ऊपर आला हो रहा था और झड़ने की वजह से पूरा कान उठा और जोर से अपना हाथ बाथरूम की दीवार पे पटकने लगी और जोर से चुत को लागी जो थाप की  आवाज थाप छप चाप आने लगा था और जोर से उसकी चुत को मस्ती मसाला और अपनी सांसे जो की फुली हुई थी उसे सम्भलने लगी है बिच उसे पता ही नहीं चला था की वो शौचालय पे टंगे फील के और  प्योर टॉयलेट में फेल गई थी और उसके छुटडो पे भी लगी थी और पुरा संदास बड़बू से गुंज रहा था मगर ये बात उसे झड़ जाने के बाद पता चली और अपने आप पे कबू पाके उसे पता चला की पहली बार उसके बेटे  इतना मस्त कामुक झड़ी थी की उसे शर्म आ गई और सोचने लगी (हा  ये रे बिनफू कैसे मां हे तू अपने प्यारे से छोटे से बेटे को सोच के जाने वाली साली तू कामिनी कैसी वह एक पल ले लिए तो सोची की वो आंसू बेटा वह तेरा खून वह वो मगर उसके लोड ने हमें था सोच कर दी  मार्ने पे वो अपने आप को संभलते शौचालय पे बेटी और अब पानी मार्ने लगी चुटा और गंद पे लगा तट्टी को साफ किया और वापसी गांद को साफ कर के शुद्ध शौचालय में पानी डाला और उसके लिए सारे शौचालय अब को साफ किया आपके लिए क्या है  को सही कर के नहीं लगी और वापसी अपने साथ लेई हुई नाइटी और अंदर चड्डी के बिना पेटीकोट पाहन लिया और उसके ऊपर ब्रा में बड़े चूचे कास लिए और नाइटी कॉटन की पहन ली और बाहर आया तय 11.30 हो गया देखा तो हमें  उसने 1 घंटे तक अपने बदन से खेला और वापसी वो घर का काम करने लगी अभी तक नमन सो ही रहा था उसे अब सिद्ध दोपहर का खाना बनाना चालू कर दिया …..

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