कैसी मेरी संस्कारी मां रंडी बन गई.. Part 5
मम्मी जब मोबाइल देखा तो ये अंकल की कॉल थी.. मम्मी मोबाइल लेकर बहार गई या मुझे बोली 1 मिनट में आई.. बहार जाकर मम्मी ने कॉल पिक की..
अंकल : हेलो जान माई as चूका हु तुम खा पर हूं।
मम्मी: हम ऊपर लंच कर रहे हैं… या ऐप खा पर हो।
अंकल : मैं ग्राउंड फ्लोर पर हूं.. अभी आता हूं ऊपर मैं तुम्हारे पास..
माँ: नहीं नहीं मेरे पास मत आना अंकित साथ है मेरे… बीएसएस दरवाजा वह खड़े रहना कृपया।
अंकल : तुमसे दूर नहीं रह जाता अब मुझसे.. कुछ तो न जान मिलते हैं कहीं हम..
मम्मी : मिलना तो मैं भी चाहता हूं… अभी मेरे बेटे को कॉल आई थी वही जाना था.. लेकिन वो भूल गया… अगर कोई बात बनी तो बताती हूं आपको… अगर बनी तो मैं अंकित के साथ घर चली जाउगी..
अंकल : ओके बेबी लेकिन तुम कुछ ट्राई करो…जल्दी से..
मम्मी कॉल कट कर और आई.. आकार अपना लंच करने लगी माई अपना लंच खतम कर चुका था… या वही बैठा हुआ था… मम्मी ने मुझसे पुचा..
मम्मी: किसका कॉल आई थी तुम्हें क्या भूल गए हो तुम..
मैं: वो मम्मी मेरे दोस्त की कॉल थी आज उसका क्रिकेट मैच था उसे मुझे देखने के लिए इनवाइट किया था.. लेकिन मैं भूल गया फिल्म के चक्कर में…
मम्मी : कितने बजे हैं मैच? तुम्हें तो वह जाना चाहिए था।
मैं: 4 बजे बाद वह शुरू होना था… कोई अब हम घर चलते हैं.. ऐप अकेले हो जाएंगे नहीं तो..
मम्मी: अरे बेटा तुम मेरी चिंता मत करो मैं घर चली जाउगी.. तुम जाओ अपने दोस्त का मैच देखने कहीं वो बुरा ना मान जाए..
मैं: नहीं मम्मी कोई बात नी श्री बोल दूंगा दूधर का उपयोग करें .. ऐप अकेले हो आपको कैसे अकेले शोड कर जा सकता हूं ..
मम्मी : अरे माई कोई बची थोड़ी हू जो याह गूम हो जाउगी….तुम मेरी चिंता मत करो… माई चली जाउगी…तुम जाओ बेटा..
मैं: ओके मॉम चलो चले फिर.. माई आपको बहार शो देता हूं..
मम्मी : ईएसए करो तुम जाओ माई याहा थोड़ी देर या घूम लेति हु कुछ शॉपिंग कर लेटी हु. कितने दिन बाद तो आई हू अभी बहार गर्मी बहुत है..
मैं : हा ओके मॉम माई चलता हु फिर बाई मम्मी।
मम्मी :बाय बीटा… माई वहा से आला आने एलजीए…
जब माई आला आ रहा था… मेरे सामने वाले लिफ्ट से मैंने अंकल को ऊपर जाते हुए देखा… वो बिलकुल ऑपोजिट साइड द.. बीच में बिलकुल गोल शेप में स्पेस खली था… ऊपर से आला तक देखा जा सका था… मैंने ऊपर की तरफ देखा तो मम्मी मेरी तरह वह देख री थी.. मैने मम्मी की तरफ देखकरबोले मुस्कान की या जाने लगा… मम्मी मुझे तीसरी मंजिल से आला जाते वक्त तब तक देखती रही जब तक माई मॉल से बहार निकल गया… जैसे वह मैं मॉल से बाहर निकला.. मेरा फोन वाइब्रेट हुआ.. जब मैंने बहार निकल कर देखा तो.. मम्मी अंकल को कॉल एलजीए रही थी… फिर कॉल पिक हुआ..
अंकल : हा बोलो जान खा पर हो.. हुआ कुछ क्या..
मम्मी: हा अंकित चला गया है अपने दोस्त का मैच देखने ऐप खा हो..
अंकल : माई एसे वो शॉप में घूम रहा हूं याह… मैं अभी आता हूं तुम्हारे पास जान।
माँ: नहीं नहीं plss ऐप याहा मत आया .. याह बहुत से लोग है …. किसी ने हम साथ में देख लिया तो पीटीए नी क्या क्या सोचेंगे … ऐप पार्किंग में जा कर मेरा इंतजार किजिये मैं अभी वहा आती है…. कुछ समय बाद की तब तक अंकित बाइक लेकर चला जाए….
अंकल : ओके जान माई तुम्हारा वहा इंतजार करता हूं.. मेरी कार… जो आला दूसरा वाला पार्किंग एरिया है आला से वहा खादी है वहा जाना..
मम्मी : ओके बाय।
कॉल कट हुई मैंने जल्दी से अपनी पहली वाली जगह से बाइक निकल कर दूसरी जगह एलजीए दी… कहीं मॉम चेक करने ना आ जाए मैं चला गया या नहीं… मैने अपनी बाइक 1 वाले पार्किंग एरिया में लगी थी… ….. मॉल के आला 3 पार्किंग क्षेत्र .. पहला जो सबसे ऊपर फिर दूसरा आला तीसरा हमसे भी आला ….. जयदातर वाहन 1 या दूसरा मैं वह खड़े करता हूं। द लॉग… लास्ट वेले में वोही करता पार्क जिसन ज्यादा टाइम तक मॉल में रहना है… अंकल की कार सबसे आला थी… मैंने वह चेक किया… अंकल ने अपनी कार बिलकुल साइड मी एलजीए राखी थी … माई सेकेंड वाली पार्किंग में अपनी बाइक। लगाकर वहा चिपकर आला आने वाले रास्ते पर नज़र रखना एलजीए की माँ कब आएगी .. अगर मैं ऊपर जाता तो वह माँ मुझे देख भी शक्ति थी या कोई या जान पहचान का …….. माई वही आला रुको कर रहा था …. बहुत सी कार आ जा रही .. फिर एक कार आकार मुझसे थोड़ी दूर रुकी आकर एंड मी… इसमे से एक खूबसूरत सी औरत उतरती दिखई… दी जब वो घूमी तो वो श्वेता आंटी थी… माई दर गया कहीं श्वेता चाची ने मुझे देख लिया तो समस्या हो जाएगी.. मैं एक बड़ी कार के पीछे खड़ा हो गया कोई मुझे देख न खातिर.. या दूसरी तरह देखने एलजीए मम्मी आला आई या नहीं… फिर से मम्मी ऊपर आला आती हुई दीखाई दी… मम्मी बहुत तेज चल रही थी… घबरायी हुई थी या चुडवाने की जलदी थी ये तो मम्मी ही जाने… मम्मी जब दूसरी मंजिल से आला 3 पर जा रही थी… रेलिंग के लास्ट मैं जकार जब आला जाने के लिए घूमी तो मुझे एक आवाज सुना दी…” हे सुनिधि…”। श्यद मम्मी ने ये आवाज़ नहीं सुनी क्योंकि वहा पर गड़ियों का शोर था… जब मैंने दूसरी तरफ से मौसी की तरफ देखा तो वो अपनी कार को ताला कर रही थी या अपना पर्स समान साथ में ले रही थी… आंटी के होते हुए तो मैं आला जा नहीं सकाता था…वर्ण वो देख लेते… फिर मैंने देखा की चाची उस तारफ आला। जा रही है… श्यद मम्मी से मिलने जा रही होगी..चाची के पीछे पीछे मैं भी आला जेन एलजीए कार के पिच से होता हुआ… हम दोनो आला कहां गए… पहले तो। मम्मी हम निचे कही नी दीखाई दी….ना वो आंटी को… आंटी उम्र को जाने लगी…मम्मी को ढूंढती हुई… मैं भी आगे को गया… अचानक हम शन्न… शन्नं की आवाज सुना दी एक कोने में से…. आंटी हम तारफ को जाने लगी… माई आंटी के पिचे था… अचानक मैंने देखा की मौसी आते हुए रुक गई उनका मुंह खुला का खुला। रह गया या वो जलदी से एक कार के पीछे आकर बैठा तो… जब मैंने यूएसएस तारफ देखा तोह… चाचा या मम्मी ने वही एक कार के पीछे एक दूसरे को गले लगाया था या चुंबन कर रहे थे …. ….बहार वह …. चाची या माई ये सब चिपकर देख रहे थे .. फिर एक गाड़ी के हॉर्न की आवाज से दो अलग हुए … या गद्दी में जकर बैठा गए … ऊपर चली गई .. अंकल की कार जाने के बाद माई ऊपर गया .. तो देखा की श्वेता चाची भी उनकी कार के पीछे अपनी कार लेजाकर उनका पीछे कर ने लगी … उनके जाने के बाद माई भी उनके पीछे निकल गया .. कोई 20 मिन बाद शहर से थोड़ा बाहर की तरफ… अंकल की गाड़ी एक बिल्डिंग की तरफ़ मुड़ी या उसके अंदर चली गई… ये बिल्डिंग अभी निर्माणाधीन थी वहा अब काम बंद हो चुका था… बिल्डिंग अभी आधा वह बनी हुई थी … अंकल की कार और जाते देख आंटी ने अपनी कार पिच बहार ही रोड पर खादी कर दी… या रुको करने लगी…कोई 15 मिनट बाद आंटी अपनी कार से उतर कर बिल्कुल धीरे धीरे और की तरफ जाने लगी। .. बिल्डिंग के बिलकुल आला अंकल की कार खादी .. थी … आंटी चुप चुप कर और गई लेकिन कार के पास कोई भी था .. आंटी फिर अंदर की तरफ गई बिल्डिंग के … माई बहार से वह खड़ा होकर ये सब देख रहा था…. आंटी पहले और गई बिल्डिंग के कोई 3 4 मिनट बाद जल्दी से बाहर आई या बिल्डिंग के पीछे चली गई… मैने सोचा श्यद वो दोनो बाहर आ रहे हैं… इसलिय आंटी y पिचे गई होगी.. लेकिन कोई बहार नहीं आया… फिर माई और गया सबसे पहले माई बिल्डिंग के पीछे गया ये देखने की चाची udhar क्यु गई खा पर है … वो … जब मैंने बिल्डिंग के पीछे जकार देखा चाची एक जगह पर अपनी आंख लगकर और देख रही थी… माई स्मज गया की मम्मी या अंकल वही पर होंगे… सब खिडकियो को लकड़ी के फट्ते लगाकर बैंड किया हुआ था… यूएसएस रूम के अंदर देखने के लिए कोई जगाह नहीं थी वहा आला… यूएसएस रूम में के साथ ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां थी… मैने ऊपर की तरफ जब ध्यान दिया वहा पर एक रोशनदान था। अंकल ने मम्मी की कुर्ती… को ब्रा के साथ ही ऊपर उठा रखा था… मम्मी के दोनो मोटे दूध चूचियों बहार थी जिन्को अंकल चूस रहे थे… या ज़ोर ज़ोर से दबा रहे थे… अंकल की जीन भी आला गिरी हुई थी..उनका लुंड सिद्ध खड़ा था मम्मी की छूत के सामने… मम्मी ने अपने हाथ में अपना ठूक लगाकर अंकल के लुंड पर लगाकर इस्तेमाल करना किया.. फिर अपनी तांगो को खोला ऐसे ही… या अंकल का लुंड पकाकर अपनी छुट के छेद पर सेट कर दिया… अंकल ने मम्मी को बहो में पक्का रखा था… मूवी थियेटर के महूल या वहा की बातो से मम्मी पहले वह बहुत गर्म थी… अंकल ने मम्मी को चुनने वाले.. 3 4 ज़ोर ज़ोर के ढकके लगे… या अपना लुंड मम्मी की चूट में पूरा पल दिया… अंकल का लुंड पूरा मम्मी की छू में जा चुका था… अंकल ने मम्मी को छोडना शुरू कर दिया… वो ढकके पर ढकके मारे जा रहे थे। खड़े खड़े वह दो छुडाई कर रहे थे… मम्मी चुदाई का पूरा मजा ले रही थी ये मम्मी की सिसकारिया बता रही थी.. मम्मी की छुट अपना कामरस अंकल के लुंड पर बहा रही थी… OOOOOO Ahhhhhhhhhhh aiii गरीब zooorrr seeeee kaaarieiaaaaaa … Aahhh Baahuutt Amaamazaaa Aarrrhhahaa haiii jaan … oohhhhh oiii ahhhhh ufffffffff … siiii मम्मी अंकल को zor se chodne k liye bol rahi thi ..
चाचा :। आह्ह्ह्ह जान तेरी छुट का भोसदा बनाउगा मेरी रानंद आह्ह्ह येह लीर आह्ह ओर अंदर ले…
अंकल ने ज़ोर के ढकके मार्ने शूरू की मम्मी का पूरा जिस्म अंकल के.धक्को से कांप रहा था…मम्मी सिसके जा रही थी… आह्ह्ह ओह्ह।
अंकल : साली कुट्टिया रंद ये ले या अंदर ले मेरा लोडा..आपनी छुट के..ऊउह्ह्ह्ह्ह थप्प गरीब ले थप्प थप्पू थप्पू… आह्ह्ह्ह ऊओइह एसआईआईआई ओइइ उफ्फ्फ्फ्फ आह्ह्ह
मम्मी: आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्फ़फ्फफ्फ्फ़फ्फ़फ्फ्फ्फ़फ्फ्फ़फ्फ्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ बास अहह निबंध यहां कर्ती आह्ह्ह ओह ओह जान आफनी इसस राखहाइल कू ईएसई ज़ोर आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हियाल kiiiiiiii sshhhhhhhhhhhhhhiiiiiiiii sshhh sshh hehh choodoooo jaan … कुट्टिया Huuu maii apkiii। आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ आह्ह्ह्ह्ह.
मम्मी पूरी माधोशी होकर अपनी छुट चुड़वा रही थी। आज मैंने पहली बार मम्मी के मुह से गलियां सुन्नी थी। दिल्ली श्वेता आंटी भी मस्त हो चुकी थी बहार… कोई 20 मिनट ऐसे वह चुनने के बाद …. अंकल ने अपना लुंड बहार निकला या एक वहा पर पाए टेबल पर गए… मम्मी ने अपनी कुर्ती या ब्रा निकल दी … बीएसएस जोड़ी में हाई हील थी या गले में मंगलसूत्र .. जोड़ी में पायल हथो में चूड़ियां कानप में झूमके मांग में सिंदूर बीएसएस … बाकी। सब कुछ मम्मी उतर चुकी थी नंगी खादी थी वहा.. अंकल के सामने। फिर अंकल ने मम्मी को अपनी तरफ आने का इशारा किया..
अंकल : चल मेरी रंद इधर आकार मुझे अपनी छुट दे…
मम्मी उस तरह गई.. टेबल के दोनो तरफ, करेंगें करके मम्मी सीधी अंकल के ऊपर जकार खड़ी होगी.. अंकल का लुंड पूरा ऊपर को सीधा खड़ा था.. मम्मी ने एक हाथ से लुंड पका कर अपनी छूत पर सेट किया या धीरे धीरे धीरे बैठे लागी..अंकल के मोटे लुंड को अपनी छुट में लेने लगी.. मम्मी धीरे-धीरे बैठा तो गई या अंकल का पूरा लुंड अपनी छुट में उतर लिया.. अंकल ने अपने दोनो हाथ मम्मी की कमर पर राखे मम्मी को ऊपर आला करके छोडना शुरू कर दिया… मम्मी की चुदाई फिर से शुरू हो गई थी…मम्मी के दूध ऊपर आला को हिल रहे थे… अंकल मम्मी के मुह से गलियां सुनकर बहुत पैदा हुए थे.. अंकल ने अपने एक हाथ से मम्मी k.dono hilte doodh par zor zor se thappad mare thaacchhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh .. मम्मी Cheekhi..siiiiiihhhh ohhhhhhhhhhhaaaaahhhhhhhhhhhhh। मम्मी के दो दोदो लाल हो गए उनपर अंकल की उनग्लियों के निशान थे…मम्मी सिक जा रही थी..अंकल ने मम्मी को आला से चोदने की स्पीड बड़ा। दी..जब मम्मी उत्कर आला बैठा तो तो मम्मी की गान और ज़ोर से अंकल की झांघो से तकरा रही थी… आह्ह्ह थप्प थप्पू ऊह्ह्ह्ह सिइइ शन्नन शन्नन शन्नन ओइइ उफ्फ्फ्फ्फ सॉरी आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ सॉरी अहह ओर्र मम्मी…अब दो अपने चारमसुख की.या बुरे रहे थे..अंकल ने मम्मी को.ऊपर से उठाया या घूमकर टेबल के साथ घोड़ी बना दिया… पिचे आकार मम्मी की गांद पर ज़ोर से थप्पड़ मारे.. या मम्मी की गांद भी लाल कर दी..
अंकल : साली रांड चुड्वेगी मुझसे क्या.. बोल..
मम्मी: हा जान माई आपकी रैंडी हूं.. ऐप मुझे छोडिए..
अंकल : क्या चाहती है तू मुझसे रैंडी
मम्मी: आपका मोटा लुंड..
अंकल : मेरा लुंड ही क्यों तेरा पति नी छोटा क्या तुझे। या एक थप्पड़ मम्मी की गांद पर मार दिया..
मम्मी: नहीं जी.. मेरे पति ऐप हो अब ऐप ही मुझे छोडिये जल्दी से अपना लुंड मेरी छुट में दाल दिजिये..
अंकल ने एक या थापोड़ मम्मी की सॉफ्ट गंड पर मारा या अपना लुंड मम्मी की छुट में पेल दिया… दिया एक वह झटके में मम्मी की चीखें निकली… आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह. अंकल ने मम्मी की कमर पक्कड़ कर मम्मी की चुदई शुरू कर दी… अंकल मम्मी को पूरी स्पीड में छोड़ रहे थे… आज तो मम्मी को वो अपनी रंदी समाजकर वो छोड़ रहे थे… क्या नजर था…मम्मी भी उनसे ज़ोर से चुनने को बोल रही थी… अब मेरी शरीफ़ मम्मी एक चुदाकड़ रंडी बन रही थी…
मम्मी: आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आहह्ह्ह ….. ओह्हे siiiiiiii hhhhhsssssssssssss ooooooo … Apkaaa Luunnddd Muahuuttt Mazaaa detaaaa haiii..hhoo ..
अंकल : ये ले रांड मेरा लुंड अपनी मुझे छुट…या ढकके लगाने लगे…
अंकल के ढक्को से बेंच भी हिलने Laga … Khich Khicchh Khicchh Shaaannnnnnnnnnnnnnnnnnnnnhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh uffffffffhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhfhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh iiiiooo … shaannn shannnnnnnnnnn tthappp thappp kiaaaze aarahi thi bss …
मम्मी :: अहह माई झादन व्लाई हुउ उसे ज़ोरोर श्री कर्ती रहीया आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हों को देखते हैं … siiiiiii ufffffffff thappp poses … Ahhhhh एक zor keeeekh k saath mumy ka pani nikal gya … मम्मी अब शाट होन Lagi … पिचे अंकल का भी वीर्य निकलने वाला था… उन्होने ने भी अपनी स्पीड तेज कर दी या ढकके लगते हुए मम्मी की छू में झड़ गए… पूरा वीर्य मम्मी की छुट में निकलने के बाद अंकल ने अपना लुंड बहार निकला या टेबल। पर ले गए… मम्मी की छुट से दोनो का वीर्य तपक रहा था मम्मी आला बैठा निधल होकर या हाफने लगी… मम्मी अब संतुष्ट हो चुकी थी… जो आगे मम्मी की छुट में सब से लगी थी वो अब शांत हो चुकी थी….दो पाने से भीग चुके थे… फिर मम्मी उठी अपने मोबाइल पर टाइम देखा तो घबड़ा गई..अंकल से बोली..
मम्मी: जल्दी चलीया से कितना त्यं हो गया है.. कहीं अंकित घर न आ गया हो..
अंकल उठे या अपने कपड़े पहनने ने लगे…
अंकल : बताओ क्या आज तुझे ऐसे बहार मुझसे छुट मारवाने में मजा आया या नहीं..
मम्मी : मम्मी शर्मा गई..या बोली.. बहुत मजा आया. अब ऐप रोमांटिक होना शोडो या घर चलो .. मैंने ऊपर से वह नीचे बहार की तरफ देखा .. वह कोई भी था .. श्याद आंटी जा चुकी थी … दोनो ने और कपड़े पहनने या बहार की तरफ जाने लगे। या कार मुझे बैठाकर जाने लगे..बाते करते हुए..
मम्मी या अंकल दोनो कार में घर की तरफ जाने लगे। अंकल ने अपना एक हाथ मम्मी की थिग्स झांघो पर रख दिया या फिर दबने फिरने लगे … हम पर अपना पूरा हाथ घूम रहे थे … मम्मी ने अपना हाथ चाचा के हाथ के ऊपर रख दिया ..
मम्मी: क्या अभी भी आपका मन नी भर..जी.
अंकल: जिस्का इतना सेक्सी हॉट माल मिल जाए उसका मन तो कभी भी नी भरेगा..
मम्मी : अच्छा जी बीएसएस किजिये या जल्दी से घर पूँछ दिजिये..
अंकल: पहले जाएंगे घर भी.. पहले अपनी आईएसएस रैंडी के साथ थोड़े भूले तो कर लू..
मम्मी : अपने तो मुझे एक शरीफ औरत से रैंडी बना लिया आपने…
अंकल : हाहा जान तू तो मेरी बीवी है मेरी रखैल..भी…
मम्मी : वो तो माई हु अब।
अंकल : अज्ज तो तुम्हें छोड कर मजा आ गया.. जितनी बार तुम्हें छोड़ देता है ईएसए लगता है जैसे किसी कुंआरी छूत को मारने जा रहा हूं तेरी छुट बहुत गर्म है जान…
मम्मी: देखना कहीं आपका लुंड जल न जाए मेरी छुट की गरमी से..हेहेहे..
अंकल : ये लुंड तेरी छुट का भोसदा बनने के लिए है…मेरी कुटिया…
मम्मी: हा हा मेरे कुट्टे… मैं इतना भी नी करने दूंगा आपको मेरी प्यारी छुट फैट जाए..
अंकल : साली रंद अब तो मेरा दिल जब चाहा तब तुम छोडूंगा…
अंकल ने अपना हाथी उपर लेजकर मम्मी की चुप दबा दी … मम्मी की मुह से सिसारी निकली आहह्ह्ह्ह्हाहाहहहहह …..
मम्मी : मत कीजिये….ना.
अंकल ने मम्मी का हाथ अपने लुंड। पर रख दिया .. मम्मी ने ज़िप खोलकर अपना हाथ अंकल की जीन के अंदर दलकर दबाना शूरू कर दिया … दोनो एक दूसरे के भूलभुलैया लेटे हुए घर पहंच गए … मम्मी ने जब घर के मुख्य दरवाजे की तरफ देखा तो वह लॉक एलजीए हुआ था……
मम्मी: शुक्र है अंकित अभी तक नि आया… या मम्मी कार से उतर गई…
अंकल भी आला उतर गए… अंकल को आला उतरा देख एमम्मी बोली..
मम्मी: ऐप खा आ रे हो plss ऐप जाए अंकित भी आने वाला होगा..
अंकल : नहीं आता जान ये देखो तुम्हारे हाथ की गरमी ने इस्का क्या हाल कर दिया। अब इसे शांत भी करो..
मम्मी का हाथ पकडकर अंकल मम्मी को और ले आए मम्मी ने दूर खोला… दोनो और आए…
मम्मी : प्लीज ऐप जाए ना… अंकित और वाला… अब मत किजिये..
अंकल : ओके नहीं कर्ता आज तुमने मेरा लुंड नी चूसा ….इसे चूस कर इसके चुपके लगकर इसे … शांत कर दो..धर खिडकी के पास आओ अगर वो आएगा तो हम पीटीए चल जाएगा ….
अंकल दूर के साथ वाली खिड़की आई पास आकर खड़े हो गए या अपना लुंड बहार निकला दिया… मम्मी आला घुटनो के बल बैठा कर अंकल का लुंड चुनोने लगी… मम्मी के गरम मुह में अंकल का लुंड जाते वह अंकल कराह उठे। .. या मम्मी के मुह को छोडने लगे..कोई 10 मिनट में वह अपना सारा वीर्य मम्मी के मुह में निकल दिया या जल्दी से वहा से चले गए….मम्मी ने भी और जकर अपने कपड़े चेंज किया ताजा होकर डिनर बनाया …. मैं भी घर आ गया … सब नॉर्मल लग रहा था … रात को डिनर कर हम अपने अपने रूम में आकर आराम करने लगे …. रात को पापा की कॉल भी आई थी की वो कल आना जाएंगे…शाम तक…मैंने भी आज पूरा दिन को याद करके मुठ मारी या सो गया…
अगले दिन मम्मी भी अपने समय पर उठ चुकी थी। .. घर की सफाई कर चुकी थी.. ब्रेकफास्ट भी बना लिया… माई ब्रेकफास्ट कर कोल्ग गया…दोस्तो से मिला… कार्तिक से भी मिला… कार्तिक ने मुझे बताया की उसकी मम्मी ने आज हमारे घर आना है …… आईएसएस बात से मेरा दीमाग घूम गया या सोचने एलजीए की मौसी क्या बात करेगी मम्मी से … उन तो कल मम्मी की लाइव छुडाई भी देख की थी … कोल्ग से निकले कर बहार आज्ञा… या घर के कैमरे में चेक करने एलजीए…मम्मी क्या कर री है…मम्मी घर के कामो में वो बिजी थी…10 बज चुके थे…मम्मी का फोन की घंटी हुई ये कॉल श्वेता आंटी की थी..
आंटी : हाय सुनिधि कैसी हो
मम्मी : हाय दीदी ठक हूं एप सुनाओ..
आंटी : हम भी थक ही है… तूने तो हम भूला ही दिया है..
मम्मी: नहीं मैं आपको कैसे भूला शक्ति हूं..ऐप तो मेरी बड़ी बहन हो..
आंटी…: 1 वीक हो गया.. एक बार भी याद नी किया तूने.. सोचा माई वह याद कर लू।
मम्मी : सरी ड्राई ईएसआई कोई बात नी है.. बीएसएस बिजी थी थोड़ा।
आंटी : कोन से कमो में बिजी रहती हो जो टाइम नी लगता।
मम्मी : बीएसएस घर के वो..
आंटी : माई 1 घंटा में पहंचने जाउगी.ओके बाय.
मम्मी : बाय जी..
मैं भी पार्क में आकार बैठा गया… मम्मी ने आज फिटिंग वाला। सलवार सूट पहनना हुआ था… 11 बज गए माई पार्क में बैठा हुआ था कैमरा ऑन कर… दरवाजे की घंटी बाजी… मम्मी ने दरवाजा खोला सामने श्वेता आंटी खादी थी… आंटी ने लेगिंग या कुर्ती पेहनी हुई वो भी बहुत हॉट लग रही थी…दोनो ने एक दूसरे को गले लगा लिया.. या अंदर आ गए… मम्मी आंटी को सिद्ध अपने रूम में वो ले गई….आंटी मम्मी के रूम में जाकर सोफे पर बैठा गई। .मम्मी आंटी के लिए किचन से कुछ स्नैक्स या जूस लेकर आई दोनो आकार सोफ़े पर बैठ गई।या बात करनी शुरू कर दी।
मम्मी: या कैसी हो तुम
आंटी : माई तो थिक हु तुम सुनाओ खा रहती हो अबू
मम्मी : घर हे बीएसएस खा जाना मैंने या.
आंटी : क्या पता कहीं या दिल एलजी लिया हो हेहे।
मम्मी : ऐसा वैसा कुछ कुछ नी है..तुम लगो दिल
आंटी : अच्छा अगर कहीं दिल नहीं लगा है कल सिटी मॉल में किस हैंडसम के साथ घूम री थी..
मम्मी आईएसएस बात से घबड़ा गई या बोली..
मम्मी: कल माई अंकित के साथ मूवी देखने गई थी वो मेरे पति के दोस्त है तो वो मिल गए मुझे वहा अंकित अपने दोस्तो के साथ चला गया या मुझे घर ड्रॉप कर दिया।
आंटी : अच्छा अगर घर ड्रॉप किया तो उड़ हमें बिल्डिंग में क्या करने गए थे.. हेहेहे
मम्मी का आईएसएस बात से पूरा रंग उड़ गया…आंखों में मासूम आने वाले थे.. मम्मी की चोरी जो पकदी गई थी… मम्मी साड़ी दुनिया के सामने शरीफ जो थी लेकिन अब वो एक चक्कर कर रही थी जिसका उसे दोस्त को पीटीए चल चुका था मम्मी गिल्ट फील कर रही थी..आंटी को जब ये एहसास हुआ तो वो चुप हुई या आगे बढ़कर मम्मी को गले लगा लिया।
आंटी : अरे सुनिधि क्या हुआ रोने कू लगी तुमने कोसा कोई पाप किया है.. या दोषी क्यू फील कर रही हो ये सब कुछ अच्छा होता है.. भगवान की मर्जी से वह हुआ है सब.. दारो मत मुझसे मैं तुम्हारी बहन हु… माई कोन सा किसी को बताने वाली हो ये सब यह कॉमन ही है….
मम्मी ने डरावने ऐप को smbhala..or boli।
मम्मी: थैंक्स श्वेता माई क्या कार्ति कितने सालो से तड़फ रही थी।
आंटी : अरे मेरी बहन तुम कुछ गलत नहीं किया है.. यह सब गृहिणी कार्ति है ईएसए तुमने कोई पाप नी किया.. अब मुझे ये बताओ की ये सब कुछ कब या कैसे शुरू हुआ..
मम्मी ने फिर सारी बात आंटी को बतायी..
मम्मी : बीएसएस ये सब कुछ हुआ..
आंटी : गुड करण तो बहुत लकी है कितना इतना। हॉट माल मिला चोदने को..
मम्मी : ईएसआई डर्ट वर्ड्स मैट बोलो plss.
आंटी : करण बोले या तुम बोलो वो सही माई बोलू तो गलत ये खा का इंसाफ है.. कल करना से चुदते वक्त तो बहुत बोल री थी .. अपनी आईएसएस रैंडी की छू मारो कुटिया मैं आपकी ..अब शर्मा राही
मम्मी : श्वेता चुप भी करो ना…
आंटी : हेहे मैं नी चुप करुगी तुमने मेरा दिल दुखाया है..
मम्मी: मैंने कब तुम्हारा दिल दुखाया या कैसे..
आंटी: तुमने मुझे अपने या करन के बारे में कुछ नी बताय.. मैंने तुम्हें अपनी बहन स्मजकर सब कुछ बताया या तुम मुझसे बात चुपती हूं।
मम्मी: ऑर श्री श्वेता सच में सॉरी.. माई बदनामी से डरती थी की लोग पीटीए नी क्या सोचेंगे…इसलिये नी बताय… अब माफ़ करदो मुझे।
आंटी : एक शार्प पर करूगी माफ़..
ममी : कोन सी
आंटी : ये की तुम आगे से मुझसे कुछ नी चिपाओगी.. कभी जरूरत पड़ी तो तुम्हारी मदद कर दूगी।
मम्मी : ओके ओके सब कुछ बताउगी तुम्हें अब करो माफ
आंटी : हा कर दिया माफ़…….वैसे अब तुम भी सुनिधि रंडी बन चुकी हो.. अपने करन की.हेहे.
मम्मी : तुमसे बड़ी रंडी तो नहीं हु….हेहे।
आंटी : अब मेरे मुकाबला करेगी सुनिधि रंडी..
या दोनो आईएसएस बात पर है दी..
आंटी : अब दार तो नी लग रा तुमे..
मम्मी: नहीं नहीं तुम्हारे साथ बात करो मेरी सब टेंशन दूर हो जाती है..
आंटी : ओके थैंक्स सुनिधि… अब कब मिलने का प्रोग्राम है तुम्हारा.. श्री करण से चुडवाने का प्रोग्राम है…हेहे।
मम्मी : पागल..पीटीए नहीं आज रात को ये भी आने वाले है..
आंटी : सो उदास.. कोई बात नी हो जाएगी मैनेज..
मम्मी : साल करण प्रोटेक्शन यूज़ नी करते हैं… रोज़ पिल्स ख़नी पड़ती है क्या करू यर..
आंटी : अरे। इतनी गरम माल की गरम छुट को बिना सुरक्षा के चोदने का वह मजा आएगा…हेहे।
मम्मी: चुप भी करो अब अप्प हेहे..बताओ ना कुछ।
आंटी..: टेंशन ना लो मेरी एक दोस्त डॉक्टर है मैं तुम्हें हम से एक गोली ला दुगी… इस्तेमाल करो एक बार खालो फिर सिक्स मंथ तक कोई गोली खाने की जरूरत नी..
मम्मी: ओके ओके थैंक्स जल्दी ला देना..
आंटी : पैसे भी लिए हम से या नहीं..
मम्मी : माई क्यू लुंगी उनसे पैसे साल..
आंटी : ले लो इतना अमीर है वो अपनी रैंडी को कुछ दे मि सक्ता तुम्हारे अपने पास खुद के पैसे होंगे तो कुछ भी कर सकती है… पति से मैंगोगी तो वो हिसाब मांगेंगे .. कोई अपना व्यक्तिगत बैंक खाता खिवाओ .. या जितनी बार उनसे मिलो उठी बार पैसे मांग लेना उनसे…
मम्मी: साल ये गलत तो नहीं होगा..
आंटी : कुछ गलत नहीं है तुम उन्हे अपनी छुट दे शक्ति हो तो क्या वो तुम्हारे पैसे नी दे सके…
मम्मी: मेरा बैंक अकाउंट नहीं है याह… अगर पति ने पक्का लिया तो..
आंटी : कुछ नी होगा.. मेरे साथ चलो अभी तुम्हारा बैंक अकाउंट खुलवा देता हूं…
मम्मी : ठीक है
आंटी : चले अभी क्या बाकी बात आकर करते हैं..
दोनो वहा से चली गई … … उन लोगों के एसबीआई बैंक में मम्मी का खाता खोलो करवाए … या 2 घंटे बाद घर वापस आ गई .. 2 बज चुके थे …
मम्मी और आंटी को घर पूँछे कुछ डर वह हुई थी की मैं भी घर आ गया.. हम सबने साथ में लंच किया या फिर अपने अपने रूम में आ गए… आंटी फिर से मम्मी के साथ उनके कमरे में चली गई… .दोनो बिस्तर पर बैठ गई या फिर से बात करनी शुरू कर दी..
आंटी : तुम्हारा तो काम हो गया सुनिधि अब जल्दी से आईएसएस खाली अकाउंट को भर लो…जल्दी से पैसे..
मम्मी : कैसे भारी यार क्या बोलूगी मैं उनको..
आंटी: तू तो बहुत भोली बनती है.. बोल्डे न कुछ भी जरूरी है शॉपिंग करनी है… मेरे पास पैसे भी.. पति पैसे नी देते मुझे.. या ले लेना कुछ भी बोल कर।
मम्मी : तू श्वेता सच में मुझे रंदी बना देगी दोसरो की…
आंटी : हर ओरत के अंदर एक रैंडी होती है.. मेरी जान… ज्यादा मत सोचो या भूले-बिसरे.. कोई समस्या हो तो देना मुझे…
मम्मी : हा जरूर यर। Thnx श्वेता..
आंटी: थानक्स की कोई जरूरत नहीं… अब मैं चलती हूं मेरा बेटा भी घर आ गया होगा..
मम्मी : ओके बाय…
दोनो ने हग किया आंटी अपने घर चली गई.. मम्मी अब नॉर्मल लग रही थी.. इवनिंग को पापा 7 बजे आए… पापा के आने से मम्मी खुश नहीं थी… ये उनके मुरझाए हुए चेहरे से वह पीटीए चल रहा था … पापा तो मम्मी को छोटे नहीं हैं… अब तो मम्मी को रोज रात को लुंड चाहिए था… हमने डिनर किया.. पापा ने मुझसे कोल्ग का स्टडी का पूछा कैसी चल री.. मैने खा सब थक.. फ्री सब फ्री होकर.. अपने अपने रूम में चले गए आज कुछ भी होने वाला था… पापा सो चुके थे… मम्मी भी बेड पर एक साइड पर सो गई तदफ्ती हुई… मुझे भी पापा का आना अच्छा नहीं एलजीए था सारा मजा खराब हो चुका था हमारा…अगले दिन भी हमारा नॉर्मल वह गया पापा को छुट्टी थी सब घर पर वह सब…
अगले दिन पापा ऑफिस गए… मम्मी को अंकल का फोन भी आया.. लेकिन मम्मी ने मिलने से दिया था पापा के डर से हम दिन…या अंकल को घर आने के लिए भी मन कर दिया था… क्यूकी पापा कभी भी घर आ सकते थे या मम्मी बहार जा नहीं शक्ति थी.. मम्मी अब बिलकुल सती सावित्री पत्नी की तरह व्यवहार कर रही थी… रात हुई… मम्मी सो गई… मम्मी को चुड़े हुए 2 दिन हो गए थे… मम्मी की छुट की प्यास खराब चुकी थी अंकल से चुदने के बाद… मम्मी की छुट को अब लुंड की जरूरत थी होने लगी थी… मैं भी यही चाह रहा था कि पापा जल्दी से चले जाएं या एमएमआई अंकल की बहो में समा जाए… …. मैं अपने सब दोस्तों से मिला वहा… वह सुनील भी आया था… खेलने के बाद वही रुक गया सब चले गए… घर जाकर भी तो बोर वह होना था … मुझे देखकरबोले सुनील भी वही रुक गया..
सुनील: अबे कैसा है बड़े दिन बाद आया खा रहा है
मैं: कही नी भैया बीएसएस घर पर वह आराम कर रहा था..
सुनील : अब ठीक है क्या तू।
मैं : हा सब ठीक अब तो।
सुनील : कहीं कोई लड़की तो नी पीटीए ली कोल्ग में जो आता नी खेलने..
मैं: नहीं भाई ईएसए नहीं है..मैं क्या करुगा लड़की पाटाकर.. लड़की के साथ क्या करना होता है..
सुनील: हाहाहा सच में नी पीटीए तुम्हारे जीएफ बीएफ क्या करते हैं।
मैं: नहीं बीएसएस बात करते रहते हैं अकेले बबैथ कर या लडे रहते हैं…
सुनील: हम्म उनके चेहरे पर स्माइल आ गई वो बोले तुम अभी बचे हो.. बहुत भोले हो अगर कुछ पूछना हो या बताना हो तो मुझे बोलना कोई मदद चाहिए हो तो वो भी कह देना
मैं: हा भैया…
सुनील : या घर में मम्मी ठीक है…
सुनील ने मेरी मम्मी को देखा था एक बार दुकान पर वह … उसकी नजरों में भी मम्मी के लिए हवा वह थी श्यद इसलिये वह पूछ रहा होगा
मैं: हा अच्छा है..
सुनील : वैसा लगेगा नहीं तुम्हारी मम्मी को देखो की वो तुम्हारी मम्मी होगी..
माई भोला बांकर..
मैं: फिर क्या लगता है आपको।
सुनील : यही की वो तुम्हारी बड़ी बहन होगी..
मैं: हाहाह नहीं वो मेरी मम्मी ही है…
सुनील : हम कभी घर में लेकर आएंगे अपने…
मैं: ले जाउगा.. आज चलो चलते हैं..
सुनील : ओके कोन है घर पर आज।
मैं: माई मम्मी या पापा।
सुनील : पापा भी घर वो है..?
मैं: हा
सुनील: फिर किसी दिन चलेंगे… मुझे कुछ काम है।
सुनील ने अपनी बात घुमा दी..
मैं: ओके भईया बाय अंधेरा हो गया घर चलते हैं अब
मैं घर आ गया नेक्स्ट डे कोल्ग गया… सब नॉर्मल वो रह… माई 3 बजे घर पहूँचा गया… माई जब घर पहूँचा… मम्मी बहुत खुश लग री थी… मैंने सोचने एलजीए ईएसए क्या मिल गया मम्मी को कही चुदने तोह जाने वाली आज या चुदवाकर आ गई… है…लेकिन घर पर तो कोई भी आया था… या ना वो मम्मी बहार गई थी… मैने हम्मी से वह पूछ लिया। .
मैं: मम्मी क्या बात है आज बड़े खुश लग रे हो…
मम्मी : कुछ भी ऐसे ही बीएसएस जोक्स याद आ गया था..
मैं: ओके ओके पापा आ गए या नहीं…
मम्मी: हा आए थे या चले भी गए..
मैं : खा गई
मां :। दिल्ली गए हैं कल आएंगे..कोई जरूरी काम था उनको..
मैं: ओके ओके मम्मा..
पापा याहा इंस्पेक्शन कर आए थे वहा की इंस्पेक्शन रिपोर्ट दीन दिल्ली हेड ऑफिस जाना था… इसलिये वो निकल गया ता की रात रात तक वहा पहंचना जाए या रिपोर्ट सबमिट कर कल आए समय से.. मम्मी इसलिय खुश थी की आज पापा घर नहीं है या वो छडवाने वाली होगी….मेरे आने से कोई 15 मिनट पहले ही पापा गए थे… हमने लंच किया अपने अपने रूम में आ गए… रूम में जाते वो मम्मी ने अंकल को कॉल एलजीए दीया..
मम्मी: हाय जान कैसे हो।
अंकल : भें की लोदी आज याद आई मेरी.. ठीक है तू सुना..
अंकल के मुह से गली सुन के मम्मी पहले घबरा गई फिर नॉर्मल हो गई।
मम्मी: मैं ठीक है आपके बिना…
अंकल : मिलने तो एक बार वी नी आई। हमें कुट्टे विनोद के लुंड पर बैठी रहती है.. हम को तुम्हारे कुछ लगते हैं..
मम्मी: नहीं जान जी ईएसए नहीं है.. मैं उनको हाथ वी नी लगाने देता हूं.. अब मेरे जिस्म के बीएसएस ऐप वह मलिक..हो..वैसे मैंने आपको एक अच्छी खबर देने के लिए कॉल किया..
अंकल : क्या है वो न्यूज जल्दी बोल रंद …..
मम्मी अंकल के मुह से अपने आपको रैंडी बोलता सुन गर्म हो गई…
मम्मी: आज वो कुट्टा घर से चला गया है कल शाम को आएगा…
मम्मी के मुह से पापा को कुट्टा बोलता सुन माई हेयरन हो गया..मम्मी अब पापा को बिलकुल भी पसंद नहीं कारती थी…मम्मी के हवास मम्मी के संस्कारी पर भरिहो रही थी…
अंकल : तो फिर क्या करू माई अब साली कुटिया रैंड.. मेरे को क्यू फोन किया..
मम्मी : आपसे मिलने का दिल कर है इसलिय… अपनी आईएसएस कुटिया को छोडने के लिए नी आओगे..
अंकल : तेरी छुट मरने के लिए तो मैं कहीं भी आ स्कट हु… मगर माई नी आउगा… तुम्हारी प्यास भुज जाने पर तू मुझे घर भाग देती हो… प्यासा वो..
मम्मी : ऐप भी याद ना अंकित के डर से… माई अपने बेटे की नजरो में बुरा नी बन न चाही…
अंकल : नींद की गोली दाल देना उसके खाने में रात को या सुला देना… अगर तू मुझे सुभा तक चोदने देगी तबी आउगा वर्ना नहीं… ******** ये दवा ली के रूप में ओरर उसे खिला दे सुबाह तक नी उठेगा फिर वो..
मम्मी: ऐप ला दिजिये ना प्लीज माई घर से खा बहार जौगी..
अंकल: हरामजादी कुट्टिया.. लुंड भी चाहिए या कुछ करना भी नी.. अगर तुम मुझे अपने पास चाहती हो तो ये सब करना पड़ेगा वर्ना रहने दो…
मम्मी: plss ऐप नराज मत होय्या माई कर लुंगी आरंगे कितने बजे आएंगे ऐप।
अंकल : 10 बजे आजुगा.. अपनी छुट को तेल लगकर रखना अज्ज।
मम्मी : हा जरूर जान ग अब बाय..
अंकल : अलविदा रैंडी..लव यू..
अंकल अब मम्मी को रंडी या कुट्टिया ही बोल्ते थे.. मम्मी को भी ये सब अब अच्छा लगने एलजीए था.. क्यूकी मम्मी के साथ ऐसा पहली बार जो हो रहा था.. उनके लिए नया अहसास था ये सब… अंकल से बात करने के बाद मम्मी ने श्वेता आंटी को कॉल किया…
श्वेता : कैसी हो जान क्या काम पद गया..
मम्मी : बीएसएस साल अज्जज करन से मिलना था तो तुम्हारी मदद चाहिए थी..थोड़ी सी.
आंटी : ऊहहू आज महारानी सुहागरात मनने वाली है… बोलो क्या करू बिस्तर सजदु आकार तुम्हारा हेहेहे।
मम्मी: मजा शोदो साल ईएसए कुछ नी करना … साल मुझे वो गोलियां चाहिए थी.. या xxxx दवा ये वाली… अंकित घर पर है उसे देना ये कहीं उठ ना जाए..
आंटी : अच्छा अच्छा कोई बात नी ईएसए कर अभी 3:30 वह हुआ…. सिटी मॉल आजा मैं तुम वही मल्टी हूं.. थोड़ी शॉपिंग भी कर लेंगे या अपनी दवा भी ले लेना..
मम्मी : ओके माई अड़े घंटे में वहा… पाहुंचे कर कॉल करती हूं..
आंटी : ओके आराम से आना.. अलविदा अभी वही मिलता है..
ममी : अलविदा
मम्मी जल्दी से रेडी होने लगी मम्मी ने पिंक लेगी या येलो कुर्ती पेन ली साथ में हील पेहनी…. मम्मी मुझसे बूली बेटा मुझे कॉलोनी के बहार तक शो आया… मम्मी के आईएसएस रूप को देख मेरा लुंड खड़ा हो चुका था। मैंने मम्मी से पूछा ऐप खा जा रे हो इतना तय होकर कोई जरूरी काम है .. मम्मी बोली “हा बेटा श्वेता आंटी ने बुलाया है शॉपिंग करने के वो अकेली है तो इस्लिए जाना है “.. मुझे बोला” ओके कोई माई बात नी मम्मी आपको वहा शो आता हूं.. “मम्मी बोली..” नहीं बेटा तुम इतनी गर्मी में जाएंगे मुझे बहार शो दो मैं बस से चली जाउगी.. आएगी।” 5 मिनट में आपको शो कर आजुगा … घर वापसी “… मम्मी बोली ..” ठीक है बेटा जैसे तुझे लगे। मेरा प्यारा बेटा मुझे बिलकुल भी तकलीफ में नहीं देख सकता “। मम्मी ने मुझे गले लगाया। मम्मी के मोटे गर्म दूध मेरी छाती से दब गया आला तंबू बन चुका था बिट मैंने कंट्रोल किया गले लगाने के बाद माई बिस्तर से उठा .. घर ताला लगाकर हम जाने लगेंगे.. मैंने बाइक निकली मम्मी पिचे बैठ गई मम्मी ने काला चश्मा भी लगा रखा था..
मम्मी चूड़ीदार सूट या लेगिंग मी ईएसआई दिखी है… हम कॉलोनी से बाहर निकल कर थोडा वह आए द की वहा साइड मी .. सुनील खड़ा था किसी से कॉल पर बात कर रहा था … उसका ध्यान मुझ पर गया या मेरा हम पर… उसने कॉल कट कर दी थी.. वो हम ही देख जा रहा था उसका ध्यान आगे काम या मम्मी पर ज्यादा था.. मैं अपनी बाइक धीमी की या उसके पास जकर रोक दी.. वो बीएसएस मम्मी को वो देखे जा रहा था… माई बाइक रोकी वो पास आया… मम्मी ने भी मुझसे पूछा “बेटा बाइक क्यू रोकी।” माई बोल.. “वो मेरा दोस्त है इसलिय…” सुनील ने मेरे पास आकर मुझसे हाथ मिलाया.. लेकिन उसे नज़र मम्मी के सेक्सी जिस्म पर वह थी..
सुनील : हाय अंकित कैसे हो खा जा रे..
मैं : ठीक हूं भैया एप बताओ। .. बीएसएस मम्मी को सिटी मॉल शोडने जा रहा हूं शॉपिंग करनी है… ये मेरी मॉम है..
मम्मी ने भी नज़र उठाकर सुनील को देखा…सुनील ने भी मम्मी को देखा… अपनी हवा से नज़र से।
सुनील : नमस्ते आंटी कैसे हो ऐप।
मम्मी : ठीक है बेटा… तुम बताओ..
सुनील : मैं भी ठक हूं..लगता है ऐप जल्दी में हो आपको चलना चाहिए..
मम्मी : हा बेटा वो शाम होने वाली है..अब
सुनील : इट्स ओके अंकित जाओ फिर तुम बाद में मिलते हैं..
मैं: ओके भैया..
सुनील मम्मी के सेक्सी जिस्म को वह देखे जा रहा था पेंट में उसके तंबू बन चुका था.. मेरी मॉम थी वह इतनी हॉट की बुद्धो का भी लुंड खड़ा करवा दे ये तो फिर भी एक जवान मर्द था। मम्मी को याद कर आज पूरी रात मुठ जरूर मरेगी वो… हम वहा से निकल गए… वो पिचे से मम्मी को। वह देखता रह जब तक हम दूर। नहीं निकल गए हम मॉल पहुंचे चुके थे.. मम्मी बोली बेटा तुम घर जाओ क्या गर्म में घुमोगे मैं श्वेता के साथ आ जाउगी घर… 4 बज चुके थे…उधार से श्वेता आंटी भी आ गई वो भी पूरी बम लग री थी बट मम्मी से काम वह थी डोनो को बाय बोलकर माई वहा देखें निकल गया कोई 10 मिनट बाद में फिर से मॉल में गया .. पार्किंग में बाइक लगा कर ऊपर चला गया मम्मी या आंटी को ढूंढ़ने की वो खा चली गई है… तलाशी ढूंढती माई ऊपर गया मम्मी या आंटी एक शॉप में जा रही थी। वहा लेडीज के लिए अंडरगारमेंट्स या नाइटी मिली थी… ये सब आंटी मम्मी को लेकर दे रही थी की मम्मी सेक्सी दिखे अंकल के लिए आज इतने टाइम बाद जो मिलने वाले थे.. कोई 40 मिनट बाद मम्मी या आंटी वहा से बाहर आई। मम्मी के हाथ में एक बैग था अब… दोनो चलते हुए एक कॉफी शॉप पर बैठ गई… आंटी ने अपने पर्स से एक पैकेट निकल कर मम्मी को दिया….
आंटी: ये ली सुनिधि तुम्हारा समान… या ऐश कर…हेहेहे। ये गोली बीएसएस 1 बार वह खाना है या 6 माहिने ऐश फिर तेरी जितनी मर्जी लुंड और ले जीता मर्जी पानी और दलवा कोई डरने की बात नी …. एहेहेहेह ..
मम्मी : चुप भी करो श्वेता क्या तुम भी सब जग शुरू हो जाती हो कहीं कोई सुन लेगा तो क्या सोचेगा..
आंटी : तुम क्यू इतना डरती हो कोई नी सुनेगा ऐश करो बस्स मेर जान.. चलो अब चलते हैं मुझे कहीं या भी जाना है….
मम्मी : हा चलो बहार।
आंटी : तुम्हें कोई लेने आ रहा है क्या..
मम्मी: नहीं.. मैंने तो अंकित को घर भेज दिया था की मैं तुम्हारे साथ के रूप में जौगी घर..
आंटी : ऊ श्री यार मुझे कुछ जरूरी काम है.. नहीं तो तुम्हें शोड आती.. मैं तुम्हें रोड पर शोद देती हूं वहा से तुम्हें ऑटो या बस मिल जाएगी घर जाने के लिए..
मम्मी : हा इट्स ओके, जल्दी चलो घर.. देर से हो री हु..
माई पार्किंग में चिप गया आंटी या मम्मी आई कार में बैठाकर चली गई.. 1 मिनट बाद माई भी उनके पीछे चला गया… आंटी ने मम्मी को आगे जाकर रोडसाइड पर उतर दिया। मम्मी वहा खड़े होकर इंतजार करने लगी.. आने जाने वाले सब मर्द मम्मी को घुरकर जा रहे थे.. मम्मी के सेक्सी जिस्म को अपनी नजरो से वो छोडे जा रहे थे… मैने सोचा क्यू ना माई ही मम्मी को घर ले चलता हूं.. अगर मम्मी ने पूछा की घर नी गया तो बोल दूंगा की दोस्त का याहा चला गया था… मैंने जैसे ही बाइक स्टार्ट की… तबी मैंने देखा की मम्मी के सामने एक कार खादी हुई… है गाड़ी को पहचानने में मुझे डर न लगी। ये कार सुनील की थी… सुनील उतरकर मम्मी के पास आया मम्मी के सेक्सी जिस्म को घोरता हुआ…
सुनील : हाय आंटी आप याह किसका इंतजार कर रे हो अंकित का..
मम्मी: नहीं मुझे घर जाना ऑटो का इंतजार कर री थी..
सुनील : अंकित आया था आपके साथ वो खा गया..आंटी जी.
मम्मी : मैंने घर भेज दिया था इस्तेमाल करो। सोचा की इतनी गरमी में वो याह। क्या करेगा..
सुनील : मैं भी उस तरह से जा रहा हूं आओ बैठो कार में मैं आपको शो देता हूं..
मम्मी : आपको प्रॉब्लम होगी माई चली जाउगी ऑटो से..
सुनील: इसमे क्या समस्या होनी मुझे रास्ते में आपको शोधना ही है.. मैं भी तो हम तारफ ही जा रहा हूं… सुनील ने कार का दरवाजा खुला किया..
मम्मी: ओके थैंक्स बीटा।
मम्मी आगे होकर कार में बैठ गई… या ड्राइवर सीट पर सुनील बैठा जकार… ट्रैफिक बहुत था कार धीरे-धीरे चल रही थी… सुनील ने मम्मी से बात करनी शुरू कर दी..
सुनील : आपको हमारा शहर कैसा एलजीए आंटी जी..
मम्मी : बहुत अच्छा है एडवांस है ब्यूटीफुल है..
सुनील: आपको भी एडवांस होना होगा अब यह रहने के लिए..हाहाहा..
मम्मी: हेहेहे कोई नी हो जाएगा…वैसे जैसे हम है वैसा ही वह है हेहे..
मम्मी हसी आईएसआई के साथ वह मम्मी का दुपट्टा राइट शोल्डर से निचे .. मम्मी का गोरा चित्त क्लीवेज सामने नंगा हो चुका था… मम्मी के मोटे दूध ब्रा में कासे हुए थे गरीब तने हुए थे… सामने की या… जब अब सुनील ने मम्मी से कुछ बोले के लिए मम्मी की तराफ मुह घुमाया तोह..उसका ध्यान मम्मी के क्लीवेज पर चला गया… मम्मी के दूध थोड़े थोड़े ऊपर से बाहर को थे…उनकी ब्रीच की डर भी दिखी दे रही थी ऊपर से.. सुनील के नजरे मम्मी के दूध की डर में वह फस गई… मम्मी अपने तारफ वाली खिड़की से भर देख रही थी… इसलिय सुनील मम्मी का क्लीवेज देखे जा रहा था… अचानक मम्मी का ध्यान हमें तारफ वाले आईने में गया या देखा की सुनील दूध देख रा है…मम्मी सेहम गई या अंदर वह अंदर निराश हुई… प्राथमिकी। मम्मी ने सोचा की ये सब कुछ भगवान का दिया हुआ है नेचुरल है अब मैं क्या कर सकती हूं.. अगर लड़के देखते हैं तो.. फिर मम्मी थोड़ा सा हिलकर घूमाया या सामने देखने लगी.. सुनील भी होश में आ गया
सुनील : जब मैंने आपको पहली बार देखा था न मुझे एलजीए की ऐप अंकित की बड़ी बहन हो… जब अंकित ने बताया की ऐप उसके मॉम हो तो मैं हेयरन हो गया… मुझे याकेन ही हो रहा था की मम्मी हो..
ममी : ईएसए क्यू एलजीए एप्को।
सुनील: की ऐप बहुत यंग हो .. एक कॉलेज स्टूडेंट गर्ल की तरह लगते हो .. आपको कोई देख कर नहीं कह सकता है कि ऐप शादी होगी या एक 16 साल के बच्चे कम मम्मी हाहाहा..
मम्मी : हेहेहे क्या ऐप भी मजा कर रे हो बेटा..
सुनील: सच में आंटी… श्री क्या मैं आपको भाभी कह सकता हूं… आप आंटी तो बिलकुल भी नी लगते हैं।
मम्मी: ओके ओके हेहेहेहे।
सुनील: हांजी भाभी जी क्या पो जिम जाते हो।
मम्मी : न्ही घर हे बीएसएस एक्सरसाइज कर लेति हु थोड़ी बहुत..
सुनील : तबी अपने ऐप आपको मेंटेन किया किया हुआ है.. अच्छा
ममी: हम्म। सुनील की बॉडी को देख मम्मी बोली… ऐप तो जिम.जते होंगे..इतनी बॉडी जो आपकी..
सुनील: हा 12 साल से जिम जा रहा हूं जिम ट्रेनर भी हूं मसाज भी करता हूं… अगर कोई मदद चाहता हो तो देना भाभी जी।
मम्मी: हा कोई मम्मी सुनील के मसल को घोर रही थी श्यद मम्मी को सुनील की बॉडी अच्छी लगी थी..
सुनील : घर बोर नी होते ऐप अकेले
मम्मी : नहीं बीएसएस घर के काम में टाइम निकल जाता है…
सामने वाली गाड़ी अचानक रुक गई.. सुनील ने भी ब्रेक एलजीए दी जिस मम्मी का पर्स आला गिर गया हाथ से छुटकर … ऊ मम्मी यूज़ उठान के लिए आला को झुकी तो मम्मी का दुपट्टा फिर से आला गिर गया… या मम्मी का क्लीवेज एक बार फिर से सुनील के सामने नंगा हो गया… या सुनील की नजर भी मम्मी के दूध पर जा चुकी थी… मैनु को भी इस्का पीटीए चल चुका था मम्मी जैसे वह पर्स उठाकर ऊपर को उठने लगी। मम्मी की नज़र सुनील की जीन पर गई वह एक बहुत लंबा या मोटा सा उपहार हुआ पड़ा था। मम्मी को याद में डर ना लगी की वो क्या है.. मम्मी ने जल्दी से ऊपर उठाकर अपना दुपट्टा सेट किया या सीधी होकर बैठा गई… मम्मी तो पहले ही आज अंकल से चुदने के लिए बेटाब थी..लेकिन सुनील के लुंड का प्यार देखकरबोले मम्मी या गरम। गेट आज्ञा… सुनील कार को.और ले आया या हमारे घर के पास आकर रोका… मम्मी उतर गई कार से.. मगर सुनील नि.उतर उसे कार में से वह मम्मी को अलविदा बोला..
सुनील : अलविदा भाभी मैं चलता हूं.. मुझे कुछ काम है.
मम्मी : घर तो आओ..
सुनील : फ़िर कभी..
मम्मी घर के अंदर आने लगी.. सुनील ने मम्मी के घर के अंदर आने तक मम्मी की सेक्सी गांद पिचे से देखता रह या फिर चला गया..या मम्मी जल्दी से अपने बैग लेकर घर के अंदर आ गई..