कैसी मेरी संस्कारी मां रंडी बन गई.. Part 7
मेरी नींद एक मर्द की आवाज से खुली… ये कार्तिक था जो मुझे उठा था.. उसके हाथ में चाय का कप था..
कार्तिक:-उठो भैया कितनी देर तक सोटे रहेंगे शाम के 6:30 हो चुके हैं..
मैं घबड़ा कर उठा… मैं डर गया वह कार्तिक को देख कर.. मैं बिस्तर पर अभी भी नंगा ही था.. मेरे ऊपर एक चादर थी.. मैं हड़बडा कर उठा… सोचेगा कि कार्तिक क्या सोचेगा अब क्या बोलेगा मेरे को… मगर उसके चेहरे पर कोई भी गुस्से के भाव नहीं थे.. उसका चेहरा बिलकुल नॉर्मल था… वो एकर बिस्तर पर वह बैठा गया.. उसे मेरी चिंता को भाप कर खुद ही मुझसे बोला..
कार्तिक :- भैया आप को डरने की कोई जरूरी नहीं है ना ही घराने की.. मुझे सब पता है की आप मम्मी के साथ ये। मगर मुझे कोई गुस्सा नहीं इस बात का.. अब जलदी से चाय लो फ्रेश हो जाओ… उसे एक मुस्कान दी..
मैं सोच में पड़ गया की इस्तेमाल ये सब कैसे मालुम हुआ.. और उसके दिमाग में क्या चल रहा था.. क्या बात है.. कहीं वो भी कोयल तो नहीं..
कार्तिक मुझे सोच में डूबा देख फिर से बोला..
कार्तिक :- अरे भाई ज्यादा सोचा मत फ्रेश होकर बहार आओ तुम जो भी पूछना है पूछना लेना मगर पेहले चाय पी लो.. मुझे अपना शोटा भाई समझो आप।
मैंने चाय ली.. उसे मेरे कपड़े जो आला गिरे थे वो उठाकर बिस्तर पर मुझे पक्का बाहर चला गया.. मैं जल्दी से चाय खतम करके फ्रेश हुआ.. मैं जली से वहा से निकला जाना चाहता था.. मैं बाहर आया मुझे की आवाज सुन दी ..
आंटी:-उठ गए बेटा जरूरत तो अच्छी आई ना..
बहार सोफ़े पर वह कार्तिक बैठा हुआ था.. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उसके सामने मैं क्या बोलू..
मैं :- हा आंटी जी सब बढ़िया है अब मैं चलता हूं तो बहुत हो गया है..
आंटी भावुक होते हुए बोली..
आंटी :- क्या तुम मुझे अपनी माँ नहीं मानते हो जो अभी भी आंटी बोल रे हो
उनकी आंखें नम थी.. एसा लग रहा था की वो मुझे अपने असली बेटे से भी ज्यादा बढ़कर बेटा मंती है..
मैं:- सॉरी मॉम.. अब से मैं आपको मॉम ही खाऊंगा
वो मेरे पास आई.. उन्होने ने मुझे गले लगा लिया। मेरा मुह उनके दो दूध पर दब गया.. क्या मजा आया.. मेरे मुर्झाये लुंड में जान आने लगी.. आंटी के जिस्म की गरमी से मेरा लुंड खड़ा होने लगा.. वही कार्तिक सोफे पर बैठाकर ये सब देखा… . माई अलग हुआ..
मैं :- अब मैं चलता हूं बहुत समय हो गया है
आंटी :- ओके बेटा ध्यान से जाना घर पहूँच कर कॉल कर देना की पांव गए हो.. अरे कार्तिक थोड़ा अपने भाई को कॉलोनी के बहार तक शो आओ
कार्तिक :- ओके माँ
कार्तिक भी खड़ा हो गया.. हम दो साथ में बाहर निकले मैं उससे कोई बात नहीं कर पा रहा था.. मुझे उसके साथ शर्मिंदगी महसूस हो रही थी.. खुद ही मुझसे बात करनी शुरू कर दी
कार्तिक :- आओ अंकित भाई मैं तुम्हें यहाँ की सबसे स्वादिष्ट आइसक्रीम खिलाता हु चलो मेरे साथ..
मैं :- ओके कार्तिक.. (मेरे मुह से बस इतना ही निकला)
उसे इक. शॉप से 2 आइसक्रीम लिए.. मुझे लेकर वही साथ में बने पार्क में ले गया.. वहा या भी लोग आइसक्रीम का मजा ले रहे थे.. हम दो लास्ट में जकार एक बेंच पर बैठे गए। हम दोनो आइसक्रीम खाने लगे। लेकिन मैं उस से कोई बात नहीं कर पा रहा था… पता नहीं क्यू..
कार्तिक :- भाई तुम इतना टेंशन में क्यों हो कोई बात है क्या..
माई कुछ ना बोला मैं उस से आंखें भी मिला पा रहा था..
कार्तिक:- भाई ऐप क्यू किस बात से डर रहे हैं.. ऐप मेरी माँ के साथ सोये मुझे कोई समस्या नहीं है.. एक बेटा अपनी माँ के साथ तो वह शक्ति है..
मैं उसकी बात सुनकर उसी तारफ घोर कर देखने लगा। . माई शॉक्ड हुआ की इस्तेमाल सब पता होते हुए भी.. उसे कुछ नहीं खा क्या बात है.. वो बिलकुल नॉर्मल था..
मैं :- भाई तुम्हें कोई गुस्सा नहीं क्या मुझे पर…
कार्तिक :- नहीं भाई तुम मेरे बड़े भाई जैसे हो.. और माँ तुम्हारे अपने बेटे की तरह मंती है वो तुम्हारे भी उतना ही चाहता है जितना मुझे… प्लीज तुम भी उन्हे अपनी असली माँ की तरह प्यार करना.. मुझसे वादा करो… .
उसकी आंखें नम थी जैसे मुझसे कोई उम्मेद हो.. मैंने भी उस से वादा किया
मैं :- हा भाई मैं उन्हे तुमसे भी ज्यादा प्यार दूंगा..उनका पूरा ख्याल रखूंगा। . तुम चिंता करने की कोई बात नहीं… लेकिन…
मैं इतना बोलकर चुप कर गया मेरे दिल में देखालो का भंडार था।
कार्तिक :- हा भाई जो भी पूछना है तुम मुझसे पूछ सकते हो कोई डरने की बात नहीं है..
मैने हिम्मत कारी..
मैं:- क्या माँ को पता है कि तुम्हारे हमे देखा उस ने मुझे..
उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ गई..
कार्तिक :- हा मेरे या मेरे माँ के बीच कोई राज़ नहीं है…उन्होने वह मुझे चाय लेकर भेजा था… मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है की वो अपनी पर्सनल लाइफ में क्या करती है… बस मुझे उनकी खुशी की परवाह है की वो कही हर्ट ना हो बास।
मैं:- क्या तुम्हें उनकी से…
माई चुप कर गया..
कार्तिक :- तुम यही जान ना चाहते हो ना की मुझे माँ की सेक्स लाइफ के बारे में पता या नहीं
मैंने आंखों से ही हा का इशारा किया जिसे वो समझ गया..
कार्तिक:- हा मुझे उनकी सेक्स लाइफ के बारे में सब कुछ पता.. और मां को भी पता है कि मैं सब जनता हूं… मैं उनसे हर हर एक बात कर लेता हूं और वो मुझे सब कुछ देता है… बात ये है की पापा माँ पर बिलकुल भी ध्यान नहीं देते हैं.. ना वो साल भर घर आते हैं। बस फॉरेन में पैसे कमने लगे रहते हैं..उन्हे तो हमारी कोई परवाह नहीं… इस्ली अगर मम्मी अपनी खुशी के लिए कुछ भी करती है तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है..
मैं :- क्या तुमने देखा कभी माँ को सेक्स करते किसी के साथ..
कार्तिक :- हा बहुत बार..
मैं:- सच में तुमने कभी बोला नी उनको… या उन्होन कभी रोका नहीं तुम्हें।
कार्तिक:- नहीं भाई कभी भी नहीं.. मैंने उनको खुद बोला था की.. अगर वो किसी के साथ संबंध में रहना चाहता है तो रह सकती है.. मैं किसी को कुछ नहीं बताउंगा… किसी को मिलना हो तो घर वह बुला लेना.. बहार कहीं लोग बदनामी ना कर दे… और उन भी मेरी बात मणि.. वो अपने बॉयफ्रेंड को घर पर ही ले आती थी.. याहा दिल करता था वही पर सेक्स करते वो… और मैं घर पर वह होता था उनको देख लेता था..
मैं उसे बातो से बहुत हेयरन हुआ.. सोचने लगा जिसे मैं बेवकुफ समझौता था वो तो बहुत आगे निकल चुका है…उसकी बातो से मेरा लुंड खड़ा हो गया… जिस उसे भी देख लिया…
कार्तिक :- भाई तुम्हारा तो मूड बन गया श्यद..
मैं :- हा क्या करू मॉम है वह इतनी सेक्सी की उनको याद करके बन वह जाएगा ना…
कार्तिक:- हा प्लीज उनका ख्याल रखना मैं कामजोर हूं उनकी रक्षा करना मेरे लिए मुश्किल है.. मगर तुम मेरी मॉम को सब प्रॉब्लम से बचाओगे ना..
मैं :- हा भाई मैं उनकी पूरी केयर करुगा एक पति की तरह….
कार्तिक:- हम्म स्माइल के साथ… अब चलते हैं बाकी बात बाद में करेंगे अंधेरा हो गया है..
मैं:- हा भाई.. अब मैं चलता हूं ब्या..
कार्तिक :- आते रहना अपने है भाई या माँ से मिलने
मैं :- हम जरूर भाई.. हमने गले लगाया किया मैं अपने घर वापसी। आ गया..
अंधेरा हो चुका था.. माई घर वापसी पहुंचा..
माँ खाना बनाना थी वो श्यद मेरा वह इंतज़ार कर रही थी.. मैं घर के अंदर गया.. माँ टीवी देख रही थी..उन्होने मुझे देखते ही ज़ोर से गले लगा लिया…उन्हे श्यद मेरी चिंता होने लगी थी। वो भावुक थी। . मुझे देखते हुए वो मेरे पास आई मुझे जोर से गले लगा लिया…
माँ :- खा था इतनी रात तक देर आना था तो कॉल तो कर देता मेरा फोन भी नी उठा मुझे पता कितनी चुनता हो रही थी..
मुझे भी माँ पर बहुत प्यार आया उने मेरी इस दुनिया में सबसे ज्यादा फ़िकर जो थी। . मैंने भी उन्हे जोर से गले लगा लिया। . उनके मोटे टाइट चुचे मेरे से दब गए… मगर मुझे भी माँ पर बहुत प्यार आ गया था..
मैं:- मॉम वो मोबाइल साइलेंट था जल्दी में देखा भी नहीं श्री आगे से ऐसा नहीं होगा मॉम आई लव यू
माँ :- आई लव यू बेटा.. चल अब आजा दिन करता है..
हमने एक साथ डिनर किया… मैं अपने रूम में चला गया.. बिस्तर पर ले आज जो पूरा दिन हुआ इस्तेमाल करना याद करूंगा.. अब मुझे ऐसा लगेगा कि चाची भी मेरी मां को रंदी की तरह चुदवाना चाहती है.. वो मेरी मदद मांगेगी एसा करने के लिए..जिस से मेरे दिल की भी कल्पना पूरी हो जाएगी… और दूसरा अब मैं मुथ मरने की वजय चाची के साथ भूलभुलैया ले सकता था… मैं बहुत खुश था। पता नहीं आने वाले दिनो में और कितना मजा आने वाला है.. और मैं सो गया
अगले दिन माई घर पर ही था। सुबाह फ्रेश होकर अपना हॉलिडे होमवर्क पूरा करने में लग गया। माँ भी घर के काम ख़तम करके फ्री हो चुकी थी… 11बजे घर की दरवाजे की घंटी बाजी। . माँ ने दूर खुला किया तो सामने संगीता चाची खादी थी… दोनो एक दूसरे को देख कर ख़ुश हुए.. माँ उन्हे अंदर बुलाया… वो एकर सोफ़े पर बैठा गई..
माँ :- कैसे हो आप
आंटी:- मैं तो ठक तुम सुनाओ कैसी हो दीखाई ही नी देता हो
माँ:- कही भी नी घर पर ही बस साल..
आंटी :- तुम तो 2 महिने से मुझे मिली भी नहीं… कभी आ जया करो बात करने…
माँ:- हेहे जरूर अब घर के कामो में वह समय निकला जाता है।
मॉम चाय बनार आई..
आंटी:- मैं कुछ काम से आई थी यहाँ:
माँ :- बता क्या काम है..
आंटी :- वो हमारी कॉलोनी के दूसरे साइड एक मंदिर है वहा पर सत्संग का प्रोग्राम है वो 7 दिन चलेगा तो उसी के बारे में बताने आई थी.. की तुम भी आना है वहा… सत्संग करना..
माँ:– हा टाइम निकला तो जरूर आउंगी कब से है स्टार्ट टाइमिंग क्या उसकी..
आंटी :- आज से वह समय रात 9 बजे से 11 बजे तक कभी कभी 12 या 1 भी हो जाता है।
माँ:- रात को दिन में क्यू नहीं….फिर तो बहुत मुश्किल होगा मेरे लिए आना.. अंकित घर पर अकेला रहेगा इस्तेमाल रात को शोड कर नहीं आ शक्ति..
आंटी :- हा रात को सब फ्री हो जाते हैं दिन के सब काम खतम करके इसलिय… कुछ नी होता वो अब बड़ा हो चुका है… जरूर आना तुम
आंटी की आवाज़ सुन कर मैं भी आला आया… उन्को नमस्ते करके उनके पास वो सोफ़े पर बैठा गया..
माँ:- हा देखेंगे अगर टाइम मिला तो..
मैं :- क्या हुआ मम्मी
आंटी :- वो मंदिर में सत्संग है उसके लिए बुलाने आई थी आज रात से.. और तुम्हारी माँ मन कर रही है की तुम्हें अकेला शोड कर वो नहीं जाएगी… (आंटी ने मुझे पूरी बात बतायी)
मैं:- मॉम अब मैं बड़ा हो चुका हूं ऐप चले जाना.. भगवान का नाम लेना भी तो जरूरी है… भगवान हमारी रक्षा करेंगे ना
माँ:- अच्छा बेटा कोई नी चली जौगी..
आंटी :- अच्छा तो अब मैं चलती हूं… मुझे और भी दोस्तों और घरो में निमंत्रण के लिए जाना है.. हम भी याद करते रहना… और कभी कभी मिलने भी आते रहो पडोसियों को
माँ :- हा जरूर रात को मिलते है मंदिर में..
आंटी चली गई.. माई अपने रूम में आ गया। . आज पूरा दिन यही निकला गया… शाम को हम दो चाय पी रहे थे आला हॉल में टीवी देखते हुए… अचानक माँ का फोन रिंग हुआ। तो उन उठा लिया उठाकर अपने रूम में जाने लगी.. जब मॉम और चली गई मैं भी जल्दी से उनके कमरे की खिड़की के पास जाकर बैठा गया.. ये लाला की कॉल थी..
माँ :- मैं अच्छा हूँ आप सुनाओ..
दूसरी तराफ लाला था
लाला :- हमारा तो बुरा हाल आपके बिना..
माँ:- अच्छा जी तो इसमे मैं क्या कर सकती हूँ (मुस्कान करते हुए)
लाला:- तुम वह सब कुछ कर सकती हो मुझे ठक कर शक्ति हो अपना प्यार देकर
माँ:- टाइम नहीं है मेरे पास
लाला :- बोलो तो मैं आ जौ
माँ :- नहीं जी मेरा बेटा घर पर है..
लाला :- तो तुम आ जाना रात को..
माँ:- नहीं आ शक्ति मुझे आज मदिर जाना है सत्संग के लिए।
लाला:- तो मेरे मंदिर में आ जाओ साथ में सत्संग करेंगे.. हाहाहा
माँ:- नहीं
लाला:- आ जाना 1 घंटा वह खर्च करना मदिर में उसके बाद इधर आ जाना आज मैं यहीं रुक जाऊंगा।
माँ:- कुछ समस्या हो गया तोह
लाला :- अरे जान रात के और यहां में क्या होगा तुम आ जाना..
माँ :- हा देखुगी..
लाला :-देखोगी नी चुपचाप आ जाना मुझसे रहा नहीं जा रहा है कल का अधूरा काम आज पूरा करुगा माई..
मॉम:- ओके बाय अब मैं घर हूं.. रात को कॉल करूंगी..
लाला :- ओके बाय डार्लिंग मुझे इंतजार रहेगा..
कॉल कट हुआ मैं अपनी जग पर आकर बैठा गया। मॉम भी पास में आ गई उनके चेहरे पर स्माइल थी..
माँ:- क्या तुम चलोगे मेरे साथो
मैं:- नहीं माँ मैं घर वह रहुगा होमवर्क पूरा करके सो जगा..
माँ:- एसा करना आज के दिन मुझे मदिर शोद आना तू भगवान के दर्शन करके आ जाना मैं सत्संग में चली जाउगी..
मैं :- ओके मम्मी एसा कर लेंगे…
मॉम ने डिनर बनाया हमने 8 बजे तक डिनर किया उसके बाद मॉम रेडी होने चली गई..
मैंने भी न्यू लोअर टीशर्ट पहनने लिया.. मॉम ने आज सलवार कमीज पेहन लिया व्हाइट कलर… जब मैंने ध्यान से देखा तो.. साइड से उनकी ब्लैक पेंटी दिख रही थी सलवार में से। . माँ बहुत ख़ूबसूरत लग रही थी.. उन अपने सर के ऊपर चुनरी लेकर अपनी चाट को अच्छे से कवर कर लिया.. मगर मम्मी का फिगर गंद जो बहार निकली थी आग लग दे रही थी…
हम दो चले गए .. जब वह पहुंचे तो वह बहुत ज्यादा थे .. बहुत से औरते वह अपने बचाओ पति के साथ आए थे .. जब मॉम वहा पहुंची तो सबकी नजर उन पर चली गई सब मम्मी की खूबसूरत सेक्सी फिगर को निहारने लगे…. मैने पार्किंग में बाइक लगी। . जैसे ही हम वहा से बाहर आए.. सामने सुनील था… वो मम्मी को देखते ही खुश हो गया.. लेकिन मॉम ने कुछ ज्यादा नहीं पहुंच गए.. श्यद मैं था साथ में..
सुनील :- कैसे हो अंकित..
मैं:- ठक भैया आप सुनाओ..
सुनील :- मैं भी अच्छा हूं आंटी जी आप कैसे हो
माँ :- थक हू
सुनील :- अपका जोड़ी कैसा है अब अपने दूसरी बार मसाज नहीं करवाई
मॉम यूज घोरते हुए फिर मेरी तराफ इशारा किया उसे मैटलैब की मैं साथ हूं.. लेकिन सुनील स्माइल कर रहा था।
माँ:- वो ठक हो गया था तब वह..(माँ ने मेरी तरफ देख कर) चलो बेटा और चलते हैं भगवान के दर्शन करने
सुनील :- हा चलो चलते है मैं भी वही वह जा रहा था भगवान के दर्शन करने
मैं:- मॉम ऐप लाइन में खड़े हो जाओ मैं प्रसाद लेकर आता हूं..
मंदिर में जाने के लिए भगतो को सिंगल लाइन थी.. मॉम उसमे जकार पिचे खादी हो गई..उनके पिचे वो सुनील भी जकर खड़ा हो गया.. माई शॉप पर गया जो वहा पर वह थी साइड मी अस्थाई प्रसाद देने के लिए.. मेरा ध्यान उस तरह से था.. उनके पीछे कुछ और लोग आकर खड़े हो गए.. सुनील ने मोका देखा मम्मी के साथ पूरा चिपक गया.. उसका लुंड मम्मी की गांद की दरर के बीच में चिपक गया.. मम्मी ने पिचे मुडकर का इस्तेमाल किया.. घोर कर देखा मगर सुनील के चेहरे पर कातिल मुस्कान थी… फिर उन्होने बात करनी शुरू कर दी..
सुनील :- ऐप तो बहुत खूबसूरत लग रहे हैं सुनिधि जी..
इसी के साथ वह उसे मम्मी की गांद में हलका सा ढका मार दिया.. मम्मी थोड़ा सा आगे को हिली।
माँ:- क्या कर रहे हैं यह कोई देख लेगा तुम मेरी बदनामी करवाओगे याह..
सुनील :- हाय मेरी जान कुछ नहीं होता है या और यहां मुझे कोई देख नहीं पा रहा है… उसे इतना कहकर एक तरफ से मम्मी की कमर पर हाथ रख के घुमने लगा..
एक पल के लिए मम्मी की आंखें बंद हुई.. फिर झटके के साथ खोल दी..
मम्मी :- प्लीज ये सब मत करो मेरा बेटा भी यही है… कोई देख लेगा हम
मम्मी उसके टच से गर्म होने लगी थी… मम्मी लुंड की प्यासी जो थी… उन अपनी इज्जत का पूरा ख्याल था… सुनील ने अपना कमर वाला हाथ से ऊपर ले जाते हुए मम्मी के दुपट्टे के आला से उनके दूध पर रख दिया…मम्मी चोंक गई…उसने पीछे से धीरे-धीरे अपना लुंड रागना शुरू कर दिया… …मम्मी की सिस्की निकल गई…आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हू… शर्म आला से पानी भी निकलेगा… सोचने वाली बात ये थी की मम्मी का इस्तेमाल हटा भी नहीं रही थी.. बस दार रही थी की कोई देख न ले.. उसे अपना दूसरा हाथ भी कमर पर रख के मसाला शुरू कर दिया.. मम्मी गरम होने लगी थी .
मम्मी: एसा मत करो याहा आह्ह्ह एसएसएसएसआईआईआईआईआईआईआई
सुनील खुश हो गया उसे दूसरी बार मम्मी को गरम कर दिया…
सुनील :- पहले बताओ मुझे मिलोगी न सुनिधि अकेले मैं तुम्हें पसंद करता हूं.. आई लव यू
माँ:- नहीं मैं शादी शुदा हूं.. तुम्हारे दोस्त की मां हूं तुम कैसी बात कर रहे हूं… प्लीज शोदो मुझे..
उसे मम्मी के दूध को ज़ोर से दबा दिया। या पिचे से हलका सा ढाका मार दिया.. मम्मी की छोटी निकल गई.. मम्मी धीमे आवाज़।
मुमी :- हा मिलुगी मगर अब जा तू मेरा बेटा देख लेगा हम
सुनील :- अपना वादा याद रखना बेबी.. तुम बहुत खूबसूरत प्यारी हो आई लव यू..
मम्मी अपनी तारिफ सुनकर खुश हुई.. सुनील वहा से लाइन से निकल कर चला गया.. मैं प्रसाद लेकर लाइन में आ गया.. मम्मी के आगे खड़ा हो गया..
मैं:- सुनील भैया खा गए..
मम्मी:- बेटा वो चले गए उन्हे कोई जरूरी काम था..
मम्मी ने पीछे मुड़कर देखा वो वापस जा रहा था आखिरी में खड़ा होकर हम वह देख रहा था.. जैसे वह मम्मी ने पीचे मुडकर देखा …. दोनो की नजरें मिली.. सुनील ने मम्मी को आंख मार के चुंबन कर दी। ..
मम्मी के चेहरे पर स्माइल आ गई.. स्माइल करते हुए मम्मी ने इस्तेमाल घोरा.. मगर मम्मी उस से नराज़ नहीं थी अब.. मम्मी आगे को देखने लगी.. वो. अपनी बाइक लेकर वह से चला गया… जब मंदिर के अंदर मां ने झुक्कर परनाम किया तो पुजारी की नजर मम्मी की पिच निकली हुई गांद पर वह अटक गई.. हम वहां से बाहर आए.. एक तरफ मुझे हॉल में सत्संग चल रहा था.. मम्मी हमारी तरफ जाने लगी..
मैं:- मम्मी मैं घर जा रहा हूं मुझे नींद आ रही है..
माँ :- अच्छा बेटा मैं दूर को अच्छे से ताला कर लेना फिर तो जाना मुझे पता नहीं कितना समय लगेगा।
मैं :- ओके बाय मॉम
माँ जकर संगीता आंटी के पास बैठ गई वह उनकी कुछ और दोस्तों बन गई कुछ महिलाओं से उनकी बात हुई.. माई पार्किंग से बाइक लेकर घर आ गया.. बाइक को घर में लगा कर मैं फिर से मंदिर चला गया.. मंदिर हमारे घर से 20 25 मिनट की दूरी पर था.. इसी में मेरे 40 मिनट निकल गए.. मैंने चुपके से और जकर ध्यान दिया की मां यही है या कहीं चली गई.. माँ वही थी सत्संग में… माई वह से साइड में जकर और यहां मैं बैठा याहा किसी का भी ध्यान मेरे ऊपर ना जा खातिर.. मुझे मंदिर में आने जाने वाले सभी दिखाई देते रहे.. कोई आधे घंटे बाद मैंने मम्मी को संगीता चाची को कुछ बोले देखा.. उसके बाहर मां … जब मॉम वहा से निकली तो वो तेजी के साथ चलते हैं जाने लगी.. मैंने उनका पीचा किया। माँ बार बार पीचे देख रही थी की कोई उन्हे देख तो नहीं रहा… माँ लाला की दुकान पर पांच गई.. वह मम्मी ने अपना मोबाइल निकलाकर एक कॉल किया.. उसके 2 मिनट बाद वह दुकान का शटर ऊपर हुआ.. मम्मी अंदर चली गई.. लाला ने शटर फिर से नीचे कर दिया… माई जल्दी से दुकान के पीछे वाली सिद्धियों से ऊपर चला गया.. खिडकी में से और देखने लगा.. एक कमरे की रोशनी पर थी.. मगर कोई नहीं था.. 1 मिनट बाद लाला मम्मी के साथ और आया उसने आते वह मम्मी को लिप किस करना शूरू कर दिया.. मम्मी जो पहले से ही गर्म थे उसने भी अपने दोनो होंठ लाला के होंथो में दाल दिया.. दोनो पगलो की तरह एक दूसरे को चुनने लगे। लाला मम्मी के गरीब जिस्म पर हाथ फिराने लगा.. कमर गान पीठ सब जगः मम्मी तो पहले से ही पूरी गर्म थी.. लाला ने मम्मी को ढका देकर सोफ़े पर गिरा दिया.. मम्मी सोफ़े पर बैठा गया. कपडे उतरने शूरु कर दिए वो नंगा हो गया। मम्मी ने भी कमीज और ब्रा उतर दी.. मम्मी ऊपर से नंगा बैठी थी उसके मोटे गोरे टाइट दूध बहुत वो सेक्सी लग रहे थे.. लाला ने पास आकर मम्मी को अपना लुंड चुनने का इशारा किया.. मम्मी ने झटके से उनका लुंड अपने मुह में भर लिया.. आज मम्मी खुद चुदने के लिए तयार थी.. लाला ने मम्मी के मुह की चुदाई शुरू कर दी.. उन्होन अपना एक हाथ मम्मी के सर के पीछे रख दिया..आगे से शॉट लगाए। मम्मी के ठुक की लार निचे उनके दूध पर तप रही थी। मम्मी के मुह से गूउउउउउगूउउउ की आवाज निकल रही थी। मगर लाला अपनी स्पीड से लगा रहा.. कुछ डर लुंड चुस्वाने के बाद मम्मी को सोफ़े पर लिया दिया.. उनकी सलवार का नादा खोल के उनकी काली पेंटी सलवार को एक साथ बहार निकला कर बहार फेंक दिया। कर खोला.. मम्मी की चिकनी गुलाबी टाइट चूट लाला की आंखों के सामने आ गई.. उसे अपना मुह छू पर रख के छूत चाटने लगा.. अपने एक हाथ को मम्मी के एक दूध पर रख के इस्तेमाल किया। उंगली मम्मी की छुट में और बाहर करने लगा.. मम्मी सिस्कियां लेने आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्फ्फ्फ्फ्फ.. मम्मी ने अपने दो हाथ लाला के सर पर रख के इस्तेमाल अपनी छूत पर दबाना शुरू कर दिया. .. मम्मी की छुट गिली हो चुकी थी .. लाला उठा उसे अपना लुंड मम्मी की छूत पर सेट किया.. उनकी आंखों में देखते हुए एक झटके के साथ अपना पूरा लुंड छुट में पेल दिया.. मम्मी की गाल निकल गई..
माँ:- आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उफ्फ्फ धीरी सीइइइई ऊह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् खोज अनुमति देखभाल बचाव उपचार देखभाल उपचार सेवा इसे कहा जा सकता है कि इसे देखा जा सके।
लाला :- तेरी छुट में लुंड दाल के एसा लगता है जैसे हर बार किसी नई नवेली चूट में लुंड दाल रहा हूं… आह्ह्ह्ह इस्स छुट का भोसड़ा बनेगा मेरी रैंड..
लाला ने ज़ोर से चुदाई शुरू कर दी… लाला ने मम्मी की दोनो झांघो को ज़ोर से पक्का रखा था.. हर शॉट के साथ मम्मी के दूध ऊपर आला हिल रहे थे.. मम्मी की आंखें बंद हो चुकी थी.. वो . अपने हाथो को लाला की झंगो पर रख के धीरे करने को बोले लग्गी सिस्किया लेटे हुए… मगर लाला पूरा हवा से भरा पड़ा था..
माँ :: – Aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhffffffffffffffhh uffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffhhheereee kkaaaroooo naaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhahahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhiiiiiiii baahuttttyy ddaaardd hoon rrrhhaaa aahhhhhhh।
है मगर लाला मम्मी की टाइट छुट का पूरा मजा ले रहा था.. पूरे कामरे में मम्मी की चुड़ियां पायल की आवाज शन्नन शानन्ननं गूंज रही थी साथ में लाला की झांघो की मां की। मम्मी की दमदार छुडाई देख मेरा लुंड और गया… दोनो पास से भीग चुके थे.. उसके बाद लाला साइड में होकर सोफे पर बैठा गया..
लाला :- चल रैंड चूस मेरा लुंड..
मम्मी भी आला जकर बैठा उसने लाला के लुंड को अपने मुह में भर लिया जिस पर उनकी अपनी छुट का रस लगा हुआ था। . मम्मी बिना कुछ बोले इस्तेमाल चुनें लगी.. लाला मम्मी के मासूम से चेहरे को देखने लगा.. उनके गुलाबी होते मैं अपना काला लुंड देख के वो और उत्साहित हो गया..
लाला :- चल आजा ऊपर मेरे..
मम्मी चुप चापू उत्कर लाला के दोनो साइड अपने घुटनो के बाल सोफ़े पर बैठ गई। मम्मी ने अपने एक हाथ से लाला के लुंड को अपने छेड पर सेट करके आला बैठना शुरू कर दिया। जैसे जैसे लुंड और था। की छोटी निकलने लगी….
मम्मी ::- आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्..
मम्मी पूरा निचे बैठा गई.. लुंड पूरा उनकी छुट में समा गया.. लाला ने मम्मी के एक दूध को अपने मुह में भर के चुना शूरु कर दिया। ..उसने दो हाथ पीछे लेजाके माँ की गांद की फांको को पकाड़ के मसाला लगा। मेरे अपने दो हाथ लाला के पीछे सोफे पर रख के लुंड पर उचल कूड करनी शुरू कर दी। …. मम्मी का जिस्म पूरा जवान था टाइट माधुरी दीक्षित की तरह सेक्सी…
माँ: – uffffff ahhhhhhhhhhhhahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ooooo ummmmmmmm aaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh ..
मम्मी के जिस्म पर पास की बूंदे रोशनी में चमक रही थी… जिस्म से मां का गोरा बदन ज्यादा चमक रहा था… मम्मी बस सिकिया लेटे हुए चुदवे जा रही थी..
माँ:- आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…
कफी डेर एसे ही चोदने के बाद लाला ने मम्मी को ऊपर से उतरा। उसे मम्मी को सिंगल सोफे के ऊपर घोड़ी बन ने खा। लाला ने मम्मी की गांद पर पहले जोर से थप्पड़ मारा.. उसके बाद लाला ने मम्मी की छुट पर ऊपर से आला तक लूं फिरने लगा..
लाला :- जान मजा आ रहा है न मुझसे चुडवाने में….
मम्मी :- हा अब करो ना जल्दी..
आज मैंने पहली बार माँ के मुह से ये बात सुनी की वो और डालने को बोल रही थी खुद .. लाला ने भी छुट के छेद पर अपने लुंड का टॉप सेट किया। जोर का झटका मारा.. मम्मी की चीकख निकल गई… आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ः एक वह झटके में पूरा लुंड और.. उसके बाद लाला एक हवा शॉट लंगा .. झूठे हुए चुचे आए पीछे को हिलने लगे.. मम्मी बस मजा लेटे हुए चिल्केये जा रही थी.. मम्मी का जिस्म लाला को पागल कर रहा था.. . लाला ने माँ को पीछे से छोडना शुरू कर दिया खड़े होकर… मम्मी के चेहरे पर भूलभुलैया या दर्द के मिले जुले भाव थे.. माँ भी सेक्स के नशे में पागल हो चुकी थी.. माँ ने भी अपनी गांद को पीछे को करके लुंड को छुट की गहरी तक लेजाकर महसूस करने लगी…
माँ: – Aaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhfffffffaahahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhiiiiiii ohhhhh aaaaaaaaa …. aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh hiiiiiiiii …. आईएसआई के साथ चीकहे ह्यू मम्मी का pani nikal gya … mumy ka garm pani apne lund par padte he lala ne apni गति ko और बड़ा दीया….
लाला :- आह मेरी रैंड ये ले मेरा लोडा बहन की लोदी कुट्टिया आह्ह्ह्ह ओह्ह बड़ी सेक्सी है तू कुट्टिया.. आह्ह्ह
मम्मी:- आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.
इसी के साथ वह लाला ने एक ज़ोर का झटका मारा पूरा लुंड जद तक मम्मी की छुट में दाल दिया .. इसी के साथ वह लुंड से विर्या की पिचकारी निकली जो सिद्ध बचदानी से तकानी लगी… गरम पानी और डालते हैं… मम्मी पूरी संतुष्ट हो गई.. पूरा पानी छुट में निकल के बाद। .. लाला साइड के सोफ़े पर बैठा कर हफ़्ने लगा.. मम्मी की छुट से दोनो का मिला जुला रस आला गिर रहा था… मम्मी भी सीधी होती हुई उस सोफ़े पर दोनो टैंगो को खोलकर बैठा गई… मुझे से पानी सोफ़े पर गिर रहा था.. जब दो शांत हुए.. मम्मी लाला को देख कर शर्मा गई.. लाला ने भी मुस्कान की.. मम्मी का हाथ पका कर इस्तेमाल किया वहा से उठाकर अपनी भगवान में बिठा ते हुए बोले..
लाला :- तेरी यही शर्म मुझे तुम्हारा दीवाना बना देती है… इतना मजा किसी ने नहीं दिया जीता तुम्हारी छुट में आता है पूरी कुमारी होंटम
मोम शर्मा गई हसने लगी..
माँ:- बस भी करो अब आप..
लाला ने मम्मी के होठों पर होठों पर रख के किस करने लगे… 5 मिनट बाद दोनो की चुंबन टूटी..
लाला:- तुम बहुत रसीली हो मन नहीं भरता..
माँ:- तो किसने रोका है आपको पीछे रहो रस आप हीहे..
मम्मी का ध्यान दीवर पर लगी घडी पर गया… जब टाइम देखा तो मम्मी हड़बडा के भगवान मुझ से उठ गई..
माँ:- अब मुझे चलना चाहिए 1 बजने को है.. घर पर मेरा बेटा अकेला है..
लाला ने मम्मी का हाथ पकड़ा के रोक लिए खड़े हो गए मम्मी को गले लगा लिया।
लाला:- रुक जाओ ना आज रात वो तो गया होगा सूबह चली जाना जली उसके उठने से पहले कुछ नी होता..
माँ:- नहीं अगर वो उठा हुआ हो तो मुझे प्रॉब्लम हो जाएगी..
लल्ला :- नहीं जान आज मैं तुम्हें जाने दूंगा.. मेरी प्यास भुजने के बाद वह जाना.. दोनो की तांगें एक दूसरे की तांगो में फासी थी..
माँ:- प्लीज जाने दो.. मुझे चिंता हो रही है..
लाला :- कुछ नहीं होगा अगर वो जाग रहा होगा तो तुम कॉल कर दूंगा तब चली जाना .. कुत्ते तुम अपने पति को
माँ:- मैं आपके साथ आपके बिस्तर पर पडी हु याही उनकी साजा है आज के बाद वो कभी भी मुझे टच नहीं करेंगे…
दोनो ने एक दूसरे को गले लगाते हुए किस किया… मम्मी ने एक हाथ से लाला के लुंड को पक्का के हिलाना शुरू कर दिया… बैठे हुए लुंड में जान आने लगी वो फिर से फिर से लगाने लगा..
मम्मी उठ के बैठा वो लाला के सामने दो तांगो के बीच एकर बैठा गया… उन एक हाथ से लाला के लुंड को पक्का कर चुना शूरू कर दिया… लाला सिसकते हुए मम्मी को अपने लुंड के छिपे हुए दे। ..
लाला :- choooosssss mmmeeriiiiii जानेन्नन्नं पूरा ली मुह्ह्ह्ह मी.. रंडी… आह्ह्ह
लुंड पूरा खड़ा हो गया.. मम्मी के ठुक से सना पड़ा था.. मम्मी कातिल स्माइल करते हुए हुए ऊपर आई… लाला की दोनो टैंगो के साइड में अपनी टांगे रख के लुंड पर बैठने लगी… धीरे धीरे करते हुए हुए पूरा लुंड मुझे छोड़ दो। दोनो ने एक दूसरे के हाथों को पक्का लिया। मम्मी ने ऊपर आला होते हुए अपनी छुट चुड़वानी शुरू कर दिया… मम्मी की सिस्किया एक बार फिर से गूंजने लगी। … क्या नजर था … मम्मी के दूध भी ऊपर आला हो रहे थे। … … मम्मी को पीछे को लाइट दीया.. दोनो तांगो को अपने कांधे पर रख के मिशनरी स्टाइल में छोड़ना शुरू कर दिया… मम्मी की आंखें बंद हो गई.. मम्मी गरीब भूलभुलैया से अब अपनी छूत चुड़वा रही थी… आज तो मम्मी की चुदाई देख कर सबसे ज्यादा मजा आया.. मैं एक बार मुठ मार चुका था.. अब दूसरी बार हिला रहा था… । Chodne Lage … Lala Toh Aaj Naye Naye Pose Banakar Chudai Kar Rha था … मम्मी का पैनी Nikalne …. Aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh mmaaaaaaa hhhoooooaaahhhhhhhhhhh … Magar Lala Ne Ek Na Suni .. मम्मी फिर से गर्म होने लगी… उसके बाद लाला ने मम्मी को घाड़ी बनाकर अगे से पूरा आला को झुका दिया। जिस्की वजह से मम्मी की गोल मोती गान और ऊपर कर बहार को आ गई। आज मम्मी किसी भी बात के लिए लाला को मना नहीं कर रही थी। नि. एक ही झटके में मुझे पूरा लुंड और पेल दिया… माँ का छुट मारवाना फिर से शुरू हो गया.. मम्मी की सिसकियां पूरे कमरे में गूँजने लगी… जैसे उन कोई परवाह ना हो कोई सुन लेगा… लाला भी अपना हवा मिटाने पर लगा हुआ था…. इसी पोजीशन में चुदवते हुए मम्मी का दूसरी बार पानी निकल गया… लाला का भी होने वाला था…उसने छुट से लुंड बहार निकल कर
लाला :- चल मुह में ले मेरा लुंड जल्दी से..
मम्मी ने भी जल्दी से लाला का लुंड मुह में भर के चुना शूरु कर दिया.. लुंड पर लग अपनी छू का रस वो चटने लगी.. 2 मिनट बाद वह लाला के लुंड ने विर्या की पोचकारी मुह में शोद दी… मम्मी अपना फेस साइड पर करना ही वाली थी की लाला ने जोर से पक्का लिया..
लाला :- ये मेरे प्यार का रस है पी जाओ इसे…
मम्मी ने भी धीरे-धीरे करके सारा वीर्य पी लिया.. लुंड ढीला पड़ाव गया.. दोनो पूरी तरह ठक चुके थे… मम्मी नंगी वह बिस्तर से उठी.. रूम में बने अटैच्ड बाथरूम में जेकर पिसब करके नंगी वह बदला बिस्तर पर लाला के पास आ गई.. रूम में नंगी घूमती हुई मां पूरी रंडी जैसी लग रही थी.. दोनो साथ में जाने दें. लाइट ऑफ कर दी… कुछ वह डर में दो नींद के अगोश में चले गए… सुबाह के 3 बजने वाले थे.. मैं भी 2 बार पानी निकल कर थाक गया था.. मैं भी घर वापस आकर सो गया.. .
सुबाह बहार हलकी सी रोशनी और शहरर की आवाज से आंख खुली.. वो पूरी रात लाला के साथ नंगी पड़ी हुई थी.. मम्मी ने समय देखा के 6 बज चुके थे. … फेस वाश करके बहार आई लाला भी उठा चुका था अपने कपड़े पहचानने था..
माँ :- मुझे बहार शो दिजिये जलदी टाइम बहुत हो गया है..
दोनो साथ में आया आया.. माँ आगे थी लाला पीछे था.. जब माँ आला पाहुंची तो… सामने इरफान दुकान में झाडू लगा रहा था.. इरफान ने भी जोड़ी की आवाज सुन कर मम्मी की तरफ देखा.. दोनो की आंखें मिली.. मम्मी घबड़ा गई… मॉम ने शर्म के मारे अपनी आंखें आला कर ली.. जलदी से वहा से निकल कर बहार आ गई.. घर की तरफ बढ़ने लगी… मम्मी की हलत देख कर कोई भी समाज स्कता था की वो पूरी रात चूड़ी है..इरफ़ान भी समाज गया होगा.. मम्मी की चल भी थोड़ी बड़ी गई थी… उस समय कोई भी बहार नहीं था.. मम्मी जल्दी से घर में गई थी.. मेन डोर ओपन करके और आई. माई तब सो रहा था.. मम्मी सिद्ध अपने रूम में गई दूर और से ताला किया.. मिरर के सामने जकर गरीब नंगी हो कर अपने जिस्म को निहारने लगी.. एक बांध फिट टाइट.. एक बार तो माँ भी शर्मा गई.. बाथरूम में जकर माँ ने न्हाया ताज़ा होकर एक सलवार सूट पहनने लिया… घर पर मंदिर में पूजा करने के बाद खाना बनाना कर मुझे उठा।
माँ:-उठ जा बेटा कितना समय हो गया 9 बज गया खाना खा ले..
आंखें मसाला हुए मैं उठा..
मैं:- ओके मैं मैं अभी आया..
मॉम वापसी आला चली गई.. मैं भी सा फ्रेश होकर आला आकार टेबल पर बैठा गया.. मॉम खाना लेकर आने लगी.. मैंने भी आज मॉम को थोड़ा लड्डूदते हुए चलते देखा… हम दो टेबल पर बैठे.. मॉम ने मुझसे पूचा..
माँ:- बेटा तुम कितने बजे सोय द।
मैं:- मैं 11 बजे सो गया था होमवर्क करके और आप कितने बजे आए..
माँ कुछ सोचते रंग..
माँ:-मई 12 बजे आई
माँ ने मुझसे साफ झूठ बोल दिया..
मैं:- आपके पेयर में दर्द है मम्मी क्या जो सही से चल नहीं पा रहे हैं..
मम्मी ने चेहरे पर एक कातिल मुस्कान आ गई.. फिर से कुछ सोचते हुए बोली..
मम्मी :- हा बेटा वो रात के और यहां में आते आते पाओ ऊपर आला हो गया तो दर्द करने लग फिर से…
मैं :- ऊ ठक तो हो ना आप ज्यादा दर्द तो नी हो रहा..
मम्मी :- नहीं बेटा बस अच्छा है..
मैं:- मैं सुनील भैया को कॉल कर देता हूं वो मसाज कर दूंगा शाम में आकर
मम्मी हडबडेट रंग
मम्मी :- नहीं मैं जब शाम को सत्संग में जाउगी तोह अग्र वो वह हुआ तो खुद बोलूंगा इस्तेमाल क्यों तुम बार बार कॉल करके परशान करोगे.. खाना खाओ जल्दी से मुझे बाकी करना बेटा..
हम दो ने खाना खाया.. मम्मी अपने रूम में जेकर सो गई। पूरी रात सेक्स सत्संग जो किया था.. मैं भी अपने रूम में आ गया…..
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लेकिन मेरा अपने रूम में दिल नहीं लग रहा था.. मुझे मम्मी की चुदई बार बार याद आ रही थी.. मेरा लुंड बैठाने का नाम वह नहीं ले रहा था… मैने सोचा क्यू न श्वेता आंटी के पास चलो भूल जाता हूं कर लुंगा… साथ में लुंड भी शांत हो जाएगा… माई आला आया… माई मम्मी के कमरे की तरफ बड़ा मुझे मम्मी के मोबाइल पर किसी के साथ बात करने की आवाज आई… माई कान लगाकर ध्यान से सुनेंगे ..
मम्मी:- आपके हमें नोकर ने आते हुए देखा लिया… क्या होगा अब.. वो किसी को कुछ तो तो नहीं देगा.. मेरा बदनाम हो जाएगा..
(माँ इरफ़ान के बारे में बात कर रही थी उसे माँ को सब देख जो लिया था और समाज भी गया होगा की छुडाई करवा के आई है)
दूसरी तराफ लाला था
लाला :- अरे मेरी जान क्यों फालतू में टेंशन ले रही हो वो किसी को कुछ नहीं बोलेगा.. वो मेरा वफादार है.. मेरा गुलाम है..तुम्हे उसके बारे में चिंता करने की कोई जरूरी नहीं… वो किसी को कुछ नहीं बोलेगा.. तुम टेंशन फ्री रहो।
मम्मी:- मुझे ऐप पर भरोसा है मगर फिर भी… (लाला तोते हुए)
लाला:- मैंने खा न कुछ नहीं होगा.. बस तुम अगली बार मिलने की तयारी को मेरी जान..
मम्मी :- आपको तो बस यही रहता है.. पहले कल रात की थकन तो दूर करली.. हेहेह। अलविदा अभी सोना है..
लाला :- अलविदा मेरी जान लव यू
उसके बाद कॉल कट हो गया… माई भी मॉम के रूम में चला गया…
मैं :- मम्मी मेरा घर दिल नहीं लग रहा.. मैं बहार जा रहा हूं।
माँ :- अच्छा बेटा ध्यान रखना अपना..
मैं इतना बोलकर बहार आ गया.. मम्मी सोने चली गई.. मैं सिद्ध कार्तिक के घर चला गया.. 10 बज रहे थे… मैं जब वहा पहंचा तो वह बहार एक कटम बाइक खादी थी.. मुझे लगा घर गेस्ट आए हुए होंगे तो वापस चला जाता हूं… फिर मैंने सोचा अगर मौसी के साथ कुछ ना करने को मिला तो कार्तिक के साथ वो टाइम स्पेंड कर लुंगा… अब आया तो हुआ… मैंने दरवाजे की घंटी बजाई… दरवाजा 5 मिन वह खड़ा रहा किसी ने भी दूर खुला नहीं किया.. मैं वापस जाने के लिए मुदा अभी 2 3 कदम वह आया था.. मुझे दूर खुलने की आवाज सुना दी… मैंने पिचे मुद्रा देखा तो सामने श्वेता चाची खादी थी। लोअर टी शर्ट पहनने वाले बाल खुले… माई आंटी देख कर समझ गया की अंदर कुछ चल रहा था.. आंटी मॉम की तरह पूरी सेक्सी लग रही थी.. मैं तो आंटी के जिस्म में वह खो गया.. उनके तनी हुई चुचियो पर मेरी नज़र अटक गई।
आंटी की आवाज़ से मैं होश में आया..
आंटी :- बेटा खा जा रे हो.. कैसा आना हुआ काम था कोई.. आंटी मुस्कान रही थी..
माई थरथराते हुए बोला।
मैं :- वो वो मैं बस इसी वह घूम आया था मम्मी.. आगर आप बिजी है तो मैं चला जाता हूं..
आंटी:- अरे पागल.. कोई मां अपने बेटे को यही वह बहार आवारा जाएगी क्या.. आजा और…
मैं और देख खुश होते हुए..
मैं :- कार्तिक खा है माँ
आंटी :- बेटा वो सुबा से वह अपनी मौसी के घर चला गया है…
मैं घर कर अंदर दखिल हुआ… आंटी ने दरवाज़ा बंद किया.. मुझे बहार लॉबी में लगे सोफ़े पर बैठने को खा.. मैं वहा जकर बैठा गया.. आंटी किचन में कुछ लेने चली गई… माई वही पर बैठा हुआ.. मुझे आंटी के कमरे का दरवाजा खुलने की आवाज आई.. अंदर से एक हटा लड़का जीन या अंडरशर्ट पहनने बाहर निकला… उसकी बॉडी बहुत मस्त थी.. जैसे जिम जया होगा.. बाइसेप्स ट्राइसेप देख कर तो मैं उसका फैन हो गया…. मैं स्वाल भारी नजरो से देख रहा था। की इतने में आंटी 3 ग्लास में जूस लेकर आ गई… वो भी मेरी तरफ देख कर मुस्कान… बहार आकर साइड सोफे पर बैठा गया…. आंटी उसे देखते हुए बोली..
आंटी :- तुम भी आ गए… ये लो जूस
पहले आंटी ने हमें जूस.. फिर मुझे… माई सेंटर में लगे बड़े सोफ़े पर बैठा हुआ था.. बीच में… या वो लड़का मेरे राइट साइड सिंगल सोफ़े पर… आंटी मेरे साथ आकर बैठा गई। . मेरे राइट साइड… हम दोनो के बीच में..
आंटी:- ये भी मेरा बेटा अंकित है.. मेरी सहेली का लड़का है… मगर मेरे लिए कार्तिक की तरह ही है…
माई आंटी की तरफ देख कर मुस्कान दीया.. वो भी मुझे देख कर स्माइल कर रहा था… माई जूस पीने लगा…
आंटी :- अंकित ये मेरा दोस्त है गौरव… ये पहले मेरा जिम ट्रेनर था…
गौरव :- हाय कैसे हो अंकित….
मैं:- मैं अच्छा हूं आप बतायः
गौरव :- मैं भी बढ़िया हूं… क्या करते हो तुम..
मैं :- स्टडी करता हूं +1 में अभी तो.. आप क्या करते हो..
गौरव :- मैं तो जिम ट्रेनर हूं.. जिम है मेरा अपना.. लोगो को फिट करने का काम मेरा… और मसाज का भी…. देखो ना तुम्हारी माँ को कैसे फिट किया हुआ है..मैंने (इतना) बोलकर उसने पास में बैठी आंटी की जांघ पर हाथ रख के झांझ को दबा दिया..) आंटी की आह निकल गई..
आंटी :- आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् धीरे गौरव.. हेहेहे
मैं :- भाई मसल बहुत बढ़िया है मुझे भी इसे बनने है कैसे करू..
गौरव। :- जिम ज्वाइन करें कर लो अची डाइट लो हो जाएंगे जलदी वह पहले घर पर वह थोड़ी प्रैक्टिस करो थोड़ा स्टैमिना बन ने के बाद वह जिम ज्वाइन करना ..
मैं ठीक हूं
गौरव :- श्वेता तुम्हारी मसाज करने का समय हो चुका है… फिर मुझे जाना भी है कब शुरू करें….
आंटी :- हा ये मेरा बेटा है बिकुल कार्तिक की तरह हे… मैंने दोनो में कोई फर्क नहीं पड़ता है.. आई लव यू बेटा अंकित..
इतना बोलकर आंटी ने साइड से मुझे अपने गले लगा लिया… आंटी के आए दूध के साथ लगते ही मेरा लुंड खड़ा होने लगा…
मैं:- लव यू मॉम..
फ़िर हम अलग रंग
आंटी :- चलो शुरू करते हैं…
गौरव :- चलो बेडरूम में..
आंटी :- नहीं गौरव अज याही लॉबी में वह करता है यही सोफे पर… अंकित भी देख के मसाज करना सीखेगा… इसे अभी कुछ ज्यादा पता नहीं है… मैं इसे सब कुछ सीखना बताता हूं… मैं अपने इस बेटे को बिलकुल तुम्हारे जितना ताकतवर मजबूत बनाना चाहता हूं। (मुस्कान करते हुए ..)
गौरव :- जैसे तुम्हें अच्छा लगे मेरी जान… अगर तुम एसा चाहती हो तो मैं भी तेरा पूरा साथ दूंगा इसमे… इस्की पूरी मदद करुंगा…
आंटी :- हा बेबी थैंक्स.. चलो शुरू करते हैं अब…
गौरव :- मैं अभी तेल लेकर आता हूं
गौरव उत्कर अंदर चला गया..
आंटी :- कैसा लगा तुझे मेरा दोस्त…
मैं :- बहुत हैंडसम है स्ट्रॉन्ग है… मॉम.. क्या कार्तिक जनता है इनके बारे में… वो आपको मसाज करवाते देखता है….
आंटी:- हा इस्तेमाल मेरे बारे में सब मालुम है.. हम दो मां बेटे भी हैं या बेस्ट फ्रेंड्स भी… आज तुम मजा लो मसाज का… इसे देख कर देखना सब कुछ… देखना वो तुम्हारी इस मां की मसाज कैसे करता है…
मैं:- ठीक है माँ…
आंटी उत्थान स्टोर रूम में गई वहा से एक सिंगल गद्दा उठाकर बाहर लेई टेबल के साथ आला बिचा दीया… इतने में गौरव भी अंदर से बाहर आया उसके हाथ में 1 तेल की बोतल थी। उसे इस्तेमाल टेबल पर मेरे सामने रखा दिया … अब दोनो गद्दे पर एक दूसरे के सामने खड़े थे …. (चाची मेरी तरफ देख के बोली)
आंटी:- बेटा अब ध्यान से देखना या देखना मैं नी चाहता हूं कि तुम कार्तिक जैसे कामजोर रह जाओ.. मैं तुम्हें इस्स गौरव की तरह तकतवर देखना चाहता हूं….
मैं :- ओके मम्मा..
गौरव मेरी तरह देख कर एक शैतानी हसी में रहा था….
उसे फिर मौसी की तरफ देखा चाची के दो हाथो को पक्का कर अपनी तरह से लिया ..” तू इतनी इतनी दूर खादी है इधर आ न मेरी जान”….. आंटी उसके साथ टकरा गई। गौरब ने जल्द से अपने होने आंटी के होंतो में दाल के चुंबन करना शुरू कर दिया… अपने दो हाथों को चाची की गंद पर लेजाकर दोनो फांखो को जोर जोर से मसाला शूरू कर दिया। … कुछ देर बाद दो अलग हुए… आंटी मेरी तरफ देख कर…
आंटी :- कैसा लगा अंकित बेटा तुम्हें अपनी माँ को इसे देख कर…..
मैं कुछ ना बोला… इतने में गौरव बोला…
गौरव :- क्या तुम्हें अच्छा नी लगा अपनी मम्मी को खुश होते देख अंकित… अगर नहीं अच्छा लगा तो मैं चला जाता हूं…
मैं :- नहीं ऐसी बात नहीं है… माँ की खुशी में वह मेरी खुशी है… बस थोड़ा नर्वस हूं …. पहली बार ऐसा हो रहा मेरे साथ इसलिय…
गौरव…:- कोई बात नहीं अब अपनी मम्मी को एसा देखने की आदत दाल लो बहुत से मोके मिलेंगे अब तुम… वैसा भी तुम्हारा हत्यार सच बोल रहा है हाहाहा।
मेरा 5 इंच का लुंड तंबू बना चुका था…. मैंने अपना बगीचा आला कर ली… शर्म महसूस करने लगे।
गौरव :- क्या इधर देखो हमारी तारफ… (हम तीनो की आंखें मिली) तुम्हारी मां जय वह इतनी खूबसूरत की बच्चे बुद्धो जवानो सबी के लुंड में आग लगाती है… आराम से देखो तुम अपनी मां या मुझे… डरने की कोई बात नहीं..
आंटी:- हा बेटा सच बताओं मजा आ रहा है ना अपनी इस मम्मी को किसी गैर के साथ चुमा चाटा करते देखते तुम। …मुझसे आंखें मिला के बोलो.. मुस्कान करते हुए..
मैं :- हा मम्मी बहुत अच्छा लगा रहा है…
आंटी:- अपनी सुनिधि मम्मी को देखना चाहिए ऐसे करते हुए गौरव के साथ…
मैं चुप रहा…
आंटी :-.. मतलब तुम मुझसे प्यार नी करते अपनी मम्मी नी समजते मुझे… जो अपनी दिल की बात नी बताते हो… माई बैंड करने लगी सब यही… गौरव तुम भी जाओ…
माई जल्दी से
मैं :- हा मुझे अच्छा लग रहा है.. और मम्मी को भी यह देखना चाहता हूं..
आंटी स्माइल करते हुए ये हुई ना बात मेरे बेटे मेरे शेर.. अब देखो ये तुम्हारी मम्मी को कैसे खुश करता है..
इतना बोलकर दोनो पास हुए.. गौरव ने आंटी की टीशर्ट को दोनो साइड से आला से पक्का कर ऊपर उठा शूरू कर दिया.. आंटी ने भी अपने दो हाथ ऊपर कर दिए… उसे जल्दी से टी शर्ट को बहार निकल कर.. आंटी को ऊपर से पूरा नंगा कर दिया.. आंटी ने कुछ भी नहीं जाना था..उनका गोरा सेक्सी बदन तने हुए 36 के दूध पिंक निप्पल बहुत सेक्सी लग रहे थे.. मेरा गाला सुखने लगा…
गौरव :- ओ अंकित ये ले अपनी रंडी मां की टी शर्ट… इतना बोलकर उसे टी शर्ट मेरे मुह पर फेंक दी… मगर मुझे बुरा नहीं लगा… जब उसे मां को रंडी बोला तो मेरा लुंड अकड़ गया। .. मैंने माँ की खोज को अपनी भगवान में रख लिया… या फिर से देखने लगा….
गौरव ने एक हाथ आंटी के दूध पर रख के इस्तेमाल मसाला लगा ज़ोर से वो निप्पल को भी दो उन लोगों के बीच लेकर दबा रहा था… अपने दूसरे हाथ को कमर पर घुमा रहा था… किस करने के बाद उसे चाची के जिस्म को चूमना चटना शुरू कर दिया… आंटी के गले पर किस किया उनके कंधे पर किस किया.. उनपर अपनी जीभ फिरकर अपने मुह से निकलने वाली ठुक की लार आंटी के जिस्म पर वह शोडने लगा… ऐसे ही वह दरार से होते हुए चाची के चुचियों तक पांच गया। . . Usne dono chuchiyon ko baari bari choosa …. चाची Uske सर को apne doodh par dabanelagi … चाची Sisk Rahi Rhi “Aahhhhhhhhhhhh zorrrrseeee haaahhhhhhhhhhhhhhhhiiii uffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffffff कभी दूसरे को…. आंटी मेरी तरफ देख कर..
आंटी :- आह्ह्ह बेटा। देख कैसे ये तेरी मां को रंडी समाज के दूध चूस रहा है…. आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ष्टवर उतने ही देरात..
मैं :- हा माँ मुझे बहुत पसंद है…
आंटी खुश हो गई.. गौरव ने भी दूध को चुना शो… पेट को चुम्ते हुए आ गया… उसे चाची के लोअर को दोनो साइड से पका कर एक झटके में आला गिरा दिया.. लोअर आंटी के जोड़े में पाड़ा हुआ… जिस एक झाटे में निकल कर गौरव ने इस्तेमाल भी मेरे मुह पर फेंक
गौरव ..: – देख कैसे तेरी मां एक बजारू औरत की तरह मेरे सामने पूरी नंगी खादी है … और तू मदरछोड अपनी मां का वह दलाल बन के बैठा हुआ है … अब देखना तेरी मां की कैसे छूत फड़ता हूं …… (मेरी तारे देखते हुए एक मुस्कान के साथ..) देखना चाहोगे अपनी मां की छूत मुझसे फट ती हुई… बताओ अंकित… तुम्हारी इज्जत के बगैर मैं कुछ नहीं करुगा..
मैं :- हा (मैं भी पूरा गरम हो चुका था.. मेरा लुंड फत्ने को था पूरा)
उसके बाद गौरव ने अपनी अंडरशर्ट उतर दी… अब वो ऊपर भी ऊपर से पूरा नंगा था..उसके सिक्स पैक बॉडी मसल क्या हॉट लग रही थी.. मैं तो उसका फैन हो गया था… उसे टेबल पर पारदी ऑयल की बोतल उठाई… यूज़ खोलकर आंटी के शोल्डर पर ऑयल गिराने लगा दोनो साइड क्लीवेज बैक गार्डन पर भी… ऑयल बेहता हुआ आंटी के जिस्म पर ऊपर से आला तक जाने लगा… ऑयल की बूंदे चाची के गोर सेक्सी बदन पर और भी चमक रही थी… जब तेल दूध से होते हुए पेट छूत झांघो से होते हुए जोड़े तक पहंच गया तो उसे तेल की बोतल साइड में रख दी अपने दो हाथो को चाची के जिस्म पर मसाला लग… तेल को पोर जिस्म पर लगान लगा.. उसने चाची के जोड़े से तेल को जिस्म पर मसाला शूरू किया.. तेल को मसाला मसाला वो झांगो पर आगया… आंटी आहिन भर रही थी… लगी… गौरव ने झंगो पर तेल लगा ले बाद आंटी की सेक्सी गुलाबी शेव्ड छुट पर भी ज़ोर ज़ोर से तेल रागद दिया….. आंटी पूरा गरम हो जी मैं। उनकी छोटी निकल गई “”” आह्ह्ह्ह्ह्ह गौरववव्वववववववववववव्वववव्वव्वव्वव्वव्वव्वव्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्व्वव्वव्वव्ववव..
फिर वो पेट पर आया उसके बाद दूध को फिर से ज़ोर से मसाला कर उनपर तेल लगा दिया.. फिर वो चाची के पीछे चला गया… आंटी की पूरी वापस को मसाला के बाद उसे गांद को भी जोर से मजाल कर दिया..उसने गांद की दारा को खोलकर चाची के गंद की पूरी लाइन होल पर तेल लगा दिया… उसके बाद उसे एक ज़ोर का थप्पड़ आंटी की गंद पर जद्द दिया.. “थप्पप्प”… आंटी की गाल निकल गई.. “आह्ह्ह्ह्ह्ह हुउउउउ” लेकिन मन नहीं किया… माई भी ये सब देख के छोंक गया या सोचने लगा की मौसी तो प्रो लगी है… फिर वो मौसी के आए आया…उसने चाची को मेरी.. तारफ घुमा दिया
गौरव…: देख तेरी मम्मी नंगी कितनी सेक्सी लगती है पूरी और लगती है.. कपड़ो में गरीब संस्कारी देवी..हे हीहेहे आंटी भी उसकी बातो पर मुस्कान करने लगी..
उसे आंटी के एक दूध को पका कर ऊपर आला हिलाया फिर इस्तेमाल करें मुझसे पूछे…
गौरव :- bta kaise लगे अपनी सेक्सी चुदकड़ रंडी मम्मी के दूध….
माई कुछ न बोल सका.. वो फिर दे बोला
गौरव…:-जल्दी बना कैसे है ये दूध..
आंटी :- बताओ ना बेटा जो भी ये पूछ रे है…
मैं :- बहुत सेक्सी है….
गौरव:- तेरी मां है वह खूबसूरत..उसने दूध को मुझ में भरके चूस लिया…उसके बाद उसे आंटी की एक झांघ को उठाकर टेबल पर रख दिया या दूसरी को थोड़ा साइड मी। कर दिया…. आंटी की सेक्सी छुट मेरे सामने थी अब.. मेरी नज़र छूट पर वह चिपक। गई..
गौरव :- ये बटा कैसी लगी अपनी मां की छुटी
माई होश में आते हुए..
मैं:- ये भी। बहुत सेक्सी है..
गौरव :- क्या तुझे पता तेरी मां की छुट ने कितने लुंड खाए हैं… और आज उसकी छू को फदुगा माई… देखेंगे न मुझसे अपनी मां को चुदते हुए…
मैं :- हा भैया… जल्दी करो ना अब…
उसे मेरे सामने आंटी की छुट को मसाला दिया। उसके बाद दो खड़े हुए… गौरव ने चाची को बोला
गौरव :- जा पहले अपने बेटे को आजाद करदे कितना टंग होना बैठा हुआ है… बेचारा… अभी तो इसे और भी बहुत कुछ देखना है मेरी जान… आई लव यू..
आंटी :- ओके मेरी जान लव यो… दोनो ने एक लिप किस किया… फ़िर आंटी नंगी वो मेरी तरफ आने वाली।उन्हे दूध हवा में। झूलते हुए बहुत वह सेक्सी लग रहे थे… आंटी मेरे पास पांच गई… मेरी सांसें तेज चल रही थी… आंटी ने एक हाथ से मेरे चेहरे को ऊपर उठा लिया मेरी आंखें में देखते हुए… आई लव यू बेटा …… बोलकर अपने होते हैं मेरे होने पर रख के किस करने लगी… पहले तो मुझे बिल्कुल भी समझ नहीं आया… फिर मैंने भी रिस्पॉन्स मी। किस करना शुरू किया.. आंटी मेरे दो होंतो को ज़बरदस्त तारिके से चुनो रही थी.. जैसे की बहुत प्यासी हो… माई किस करने में उनका मुक़ाबला नहीं कर पा रहा था… मेरे दोनो हाथ चाची पर की नंगी कमर चले गए… जिस मैं सहलाने लगा… कुछ डर बाद आंटी ने तोड़ा… माई। पूरा हवस के नशे में था अब…. आंटी ने मेरी टी शर्ट उतर के मुझे नंगा कर दिया… ऊपर से.. फिर मेरी छाती को चुमते हुए वो सामने सामने मेरे टेबल पर बैठ गई… गौरव भी मेरे साथ लगे सिंगल सोफ़े पर एकर बैठा कर हम देखकर स्माइल कर रहा था…
आंटी :- खड़े हो जाओ बेटा….
मैं बिना कुछ बोले खड़ा हो गया… आंटी ने जल्दी से मेरी बेल्ट खोली साथ में वह जीन का बटन खोल के अंडर वेयर के साथ आला को खिस्का दिया… मेरा 5 इंच का लुंड जो की अकड़ चुका था वो आंटी के या गौरव के सामने था.. मेरी आ रही निकल रही थी..
मैं – ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुख आआहहह
गौरव :- कैसे इस्का लुंड अपनी माँ के सेक्सी जिस्म। को देख के फड़फड़ा रहा है… उमर के हिसाब से तो इसका साइज अच्छा है ना। जान..
आतिश मस्कुर्ट रंग..
आंटी :- तो तो है लेकिन मैं अपने बेटे के लुंड को तुम्हारे लुंड जितना लंबा मोटा करना। चाहती हूं…. ताकी मेरा बेटा अपनी मां को छोड खातिर… जो सब औरतो लड़कियों की तस्ली करवा दे….
गौरव साइड के सोफ़े पर बैठा हुआ था.. उसे चाची के हाथ को पक्का कर अपनी तरफ़ खीचा। . “जान इधर आओ ना..मुझे भी आज़ाद कर मेरी रंड”… मम्मी गौरव की तरफ घूम गई.. मैं अब वहा पूरा नंगा बैठा हुआ उन दोनो को देखने लगा…
आंटी पूरी नंगी ऑयल से भीगी हुई.. टेबल पर बैठी थी गौरव के सामने.. गौरव सामने सोफ़े पर.. आंटी उठी गौरव को होठों पर किस करें आला जाने लगी… आंटी उसके जोड़ी में बैठा कर.. उसकी जीन का हुक खोलने लगी..
गौरव :- जल्दी खोल ना कुट्टिया अब सबर नहीं हो रहा है..
आंटी:- हा मेरे मालिक मैं आपकी ही हूं..
इतना बोले वो आंटी ने जीन और अंडरवेयर दोनो को एक साथ पैकड के आला कर दिया.. गौरव ने भी अपना गाना उठा के सब कुछ निकलाने में मदद की.. जैसे वह पेंट उसकी जांघो से आला गई.. खादी हो गई… वो उसका 9 इंच का मोटा लुंड था.. मैं इसे देखता ही रह गया। . . मेरी आंखें फटी की फटी रह गई… आंटी ने उसे जीन जोड़ी से निकल कर साइड में फेंक दी… मेरा लुंड उसके लुंड के सामने बच्चा लग रहा था… गौरव मुझे अपने लुंड को इस भूत देख मुस्कुराने लगा.. .
गौरव :- क्या हुआ अंकित पसंद आया मेरा लुंड पहली बार देखा क्या किसी का लुंड.. हाहाहा
मैं:- नहीं वो इतना बड़ा मोटा पहली बार देखा है। ..
गौरव :- अब देखना जे तेरी मां की छुट कैसे फटा है… दार तो नी एलजी रा तुझे देख के..
मैं:- नहीं ..
आंटी फिर से टेबल पर बैठ गई.. उसके लुंड को अपने हाथ में भर के धीरे-धीरे ऊपर आला करने लगी….
गौरव :- आह मेरी जान तू तो मर्द को खुश करने मेरी पूरी विशेषज्ञ हो चुकी है एक विशेषज्ञ रांड की तरह…
आंटी:- हाहाहाहाहाहा ये सब तो तेरा वह पढ़ाया हुआ है.. खा एक संस्कारी औरत से रंडी बना के रख दिया मुझे तूने… दोनो ने एक स्मूच किया..
आंटी ने मेरी तरफ़ मुह घुमा के खा…
आंटी:- ऊ मेरे प्यारे बेटे इतनी दूर क्यों बैठे हो याहा पास आओ ना…
माई खिसक कर आंटी के पास चला गया अब हम। सब साथ साथ वो बैठे हुए थे.. आंटी ने दूसरे हाथ से मेरे लुंड को भी पक्का कर ऊपर आला करना शुरू कर दिया…
आंटी :- मेरे दोस्त का लुंड देखा.. कैसा लगा तुझे..
मैं :- बहुत बढिया है…. भैया बहुत किस्मत वाले है…
आंटी :- किस्मत वाली तो मैं हूं जो ये लुंड मुझे मिला है… लेने को… मेरे बेटे।
माई चुप रह.. आंटी मुस्कान करते हुए उसके लुंड को ऊपर निचे कारती जा रही थी…
आंटी:- मैं तुम्हारा लुंड भी इतना बड़ा कर देना चाहता हूं… क्या तुम चाहते हो इतना बड़ा लुंड करना…
मैं:- हा मम्मी मुझे भी ऐसा ही चाहिए…
आंटी:- हा मेरे बेटे में हो जाएगी.. मगर तुझे मेरी हर एक बार को मन न होगा एक अच्छा आग्यकारी बेटे की तरह… मनोगे..
मैं:- हा आप जो बोलोगी मैं वही करुगा… मॉम आई लव यू..
आंटी :- अपनी रंडी सुनिधि मां को चुदवोकगे ऐसे लुंडो से
मैं जो पूरा उत्साहित था हवा के नशे में ..
मैं :- हा मम्मी माई। अपनी सुनिधि माँ को भी इतने बड़े लुंड से चुदते देखना चाहता हूँ।
आंटी :- हम दो को छोड़ देंगे अपने बड़े लुंड से फिर…
मैं:- हा मैं ऐप दोनो को छोडना चाहता हूं.. और चुदते देखना वी चाहता हूं…
मेरा होने वाला था आंटी ने मेरा लुंड शो दिया… वो मुझे तड़फा के मजा। ले. राही थी..
आंटी :- अब देखना ये घोड़े जैसा लुंड। कैसी तेरी मां की छुट फड़ता है..
आंटी फिर गौरव की तरफ घूम गई.. आला को झुक कर उसका लुंड अपने मुह में लेने लगी.. पहले तो आंटी ने उसके मोटे गुलाबी टोपे पर अपनी जिंदगी फिरई.. उसके ऊपर अपने थूक लागी… को अपने मुह में भरना शुरू कर दिया.. लुंड को चुनेंगे चैट ते अधे से ज्यादा लुंड को मुह में और बाहर करने लगी.. गौरव आंटी के सर पर हाथ फिरने लगा.. जैसे वो अपनी पलटू कुट्टिया को हो… अन्य के मुह से गू गू करने की आवाज़ आने लगी… गौरव चाची के दोनो मोटे दूध पका कर दबने लगा। … आंटी सिस्किया लेने लगी … मैंने भी अपने लुंड को हिलाना शुरू कर दिया … गौरव मेरी तरफ देखने एलजी .. लुंड को चुने चैट ते ज्यादा से ज्यादा लुंड को मुह में अंदर बाहर करने लगी… गौरव आंटी के सर पर हाथ फिराने लगा.. जैसे वो अपनी पलटू कुट्टिया को सेहला रहा हो… और के मुह से गू गू करने की आवाज़ आने लगी… गौरव चाची के दोनो मोटे दूध पका कर दबने लगा। … आंटी सिस्किया लेने लगी… मैंने भी अपने लुंड को हिलाना शुरू कर दिया… गौरव मेरी तरफ देखने एलजी..
गौरव:- अपनी मां को। दूसरे से चुदवाते देख कितना मजा आता है तुझे..
मैं :- बहुत आता है…
गौरव :- आज लाइव मजा ले अपनी मां के चुदने का…
फिर उसे आंटी के सर को तेज़ ऊपर आला करके अपना लुंड चूसवाने लग.. वो आंटी के मुह की चुदई कर रहा था.. आंटी भी किसी विशेषज्ञ रंदी की तरह उसका लुंड चुनें जा रही थी .. कोई 20 मिनट के लिए के बाद उसे आंटी को उठा… दोनो ने एक लिप किस करा… उसके बाद गौरव ने मौसी के दोनो शोल्डर को ढका देकर टेबल पर वह लिया दिया मेरे सामने.. अब बारी आंटी की थी। … आंटी ने भी अपनी दो तांगो को खोल दिया… आंटी की साफ गुलाबी चुन बिलकुल गौरव ले सामने थी… वो भी जल्दी से चाची की छुट पर झुक कर छूत पर चुंबन करने के लिए … उस पर अपनी जीभ फिरने लगा… भूले-बिसरे मौसी की आंखें बंद हो गई… वो सिसकने लगी… वो सिसकने लगी..
चाची :: – SIIIIIIIISSHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHHE
गौरव आंटी की पूरी छुट को मुझ में भरके चूस रहा था… वो अपनी जीब को छुट की दरर में फिरते हुए। . चूट के और डालेंगे.. तेज तेज और बाहर करके आंटी की छुट चोदने लगा अपनी जीभ से ही.. आंटी ने भी अपनी झांगो को उसके सर पर क्रॉस करके अपनी छुट पर और जोर से दबने वाली लगी… मैहा बस हुआ ये सब देखता रहा.. अब मुझसे भी बरदाश्त नहीं हो रहा था… मैंने भी हिम्मत करके… अपने एक से मौसी के एक दूध को पक्का कर दबाया… आंटी ने सिसकते हुए आंख खोली.. मेरी के लिए मुस्कुराई…
आंटी :- आह्ह्ह्ह उफ्फ… अपनी मां के दूध दबाने का दिल कर रहा मेरे बच्चे का…. चल आजा दबा ले। इनहे… आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह..
मैं भी आ गया हो गया.. मैंने. दोनो हाथो से चाची एक दूध को पका कर दबने लग्गा.. दूध बहुत ही ज्यादा गरम हो चुके थे… निप्पल भी गरीब मुश्किल हो चुका था.. और भी ज्यादा सिसकने लगी…. वो मेरे तार वह देखे जा रही थी… मुस्कुराते हुए… मैं पागलो की तरह उनके दूध दबने लगा… आंटी ने एक हाथ से मेरा लुंड पका कर हिलाना शुरू कर दिया…मुझे बहुत मजा आ गया था.. ये मेरी जिंदगी का पहला अनुभव था… कोई 2 मिनट वह आंटी ने मेरा लुंड हिलाया होगा की.. मेरा पानी निकलेगा.. मैं जल्दी से चाची के साथ टेबल पर खड़ा हो गया… मेरे लुंड से निकलने वाली विर्या की पिचकारी… आंटी के दूध पर गिरने लगी… जब तक मेरा सारा पानी उनके दूध पर नहीं निकला गया… वो मेरा लुंड हिलाती रही… उसके बाद मैं वही सोफ़े पर गिर कर बैठा गया…. पानी निकलने के बाद भी मेरी उत्तेजना कम नहीं हुई थी… गौरव भी छुट से उठा… उसे चाची के दूध पर पाए मेरे वीर्य को देखा…. .
गौरव :- मजा आया अपनी मां के दूध डबा के..
मैं :- हा बहुत मजा आया ये मेरा पहली बार था..
आंटी :- मेरे बेटे का माल मेरे दूध पर पड़ा है इसकी मसाज करदो ना मेरे दूध पर गौरव..
गौरव :- क्यू नहीं मेरी जान..
इतना बोले वह गौरव ने अपने दोनो हाथ चाची के दूध पर रोके यहां मेरा बीज गिरा हुआ था.. चाची के गरीब दूध पर मसाला दिया का प्रयोग करें … अब चाची के दूध मेरे वीर्य से चमकने लगे … फिर गौरव सिद्ध खड़ा हो गया..उसने अपने लुंड को चाची की छुट के होल पर सेट किया..
गौरव :- अब देखना मैं तेरी मां की कैसे छुट फड़ता हूं रंदी की तरह… रंदी का बच्चा है तू हरामी..
मैं उसके मुह से गलियां सुन के फिर से उत्साहित होने लगा दोनो को देख के… उसे आंटी की दोनो तांगो को फेला के साइड में कर दिया.. एक साथ से चाची की कमर को पक्का या फिर से एक जहां को पक्का के। । ईके शॉट मारा … आईएसआई के साथ गरीबी लॉबी मी एक चीक गोयनजी .. “आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हेह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह” uska adha लंदन चाची की चुट्टी मी चूहा जीवाई .. धीरे धीरे लुंड और बाहर करता एक और ज़ोर का ढकका मां दिया.. इस बार पूरा मोटा लुंड चाची के छुट के और था .. वो सीधा खड़ा हो गया … आंटी फिर से सिस्की आह्ह्ह “.. गौ से सिस्की आह्ह्ह।” मुझे बोला..
गौरव :- चल यहां आ के देख कैसे तेरी मां मेरा पूरा मोटा लुंड और निगल गई .. तू खुद वह कितनी बड़ी रंडी ये कुटिया.. इसी के साथ उसे आंटी की चुदाई शुरू कर दी. था था.. गौरव का पूरा 8 इंच का लुंड जद तक चुत के अंदर बाहर हो रहा था.. उसके ढकके इतनी जोर के थे की.. आंटी का जिस्म पूरा हिल रहा था.. उनके दूध किसी हाई स्पीड कार की तरह हिल घूम रहे थे.. रूम में थप्पड़ की आवाज़ और आंटी के सिसकने की आवाज़ थी….
चाची: —- Aahhhhhhhhhh siiiiii अह्ह्ह Esssee …… Heeeeee ….. Aahhhhhh …. Baahutttttt …. dinoooooo ……. siiiiiiii …. ufffff … … Yehhhhhh suuuukhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh hii मिइइल्ला हिइ… आह्ह्ह्ह और ज़ोर से करू नाबाबी…. आह्ह्ह्ह
गौरव :- ले मेरी रंद और अंदर तक ले मेरी कुटिया… आज तेरी छुट मार मार के सुजा दूंगा दूंगा बहन की लोदी…. कुट्टिया… थप्प थप्प थप्प….उसने चाची की गंद पर 5 6 ज़ोर ज़ोर के थप्पड़ मार दिए.. आंटी की गन लाल हो गई.. वहा उसकी उनग्लियों के निशान चिप गए… आंटी ज़ोरसे चिल्लै… “आआआआआ…हह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ः उतना मुश्किल हो गया.. था …. हफुह पूरी मस्ती में अपनी छुट मारवा रही थी… गौरव भी पूरी तकत से चाची की छुट फड़ रहा था… रूम में बस चाची की चीखें वह गूंज रही थी …
मुझे बहुत मजा आ रहा था… . ऐसा लग रहा था जैसे कोई मशीन आंटी को छोड़ रही हो.. कुछ डर इसे ही चुनने के बाद… गौरव ने अपना लुंड छू से बहार निकला… पीचे सोफ़े बैठा गया… आंटी भी उठ… गौरव की तरफ पीठ करके दनो तांगो को साइड करके उसके लुंड पर बैठने लगी… आंटी ने खुद वह उसका लुंड पकाड़ के सीधा किया। इस्तेमाल करें छुट प्रति टीका के धीरे धीरे नीचे नीचे शूरू कर दिया। ऐसा लगा। आंटी की छुट में जा रही हो… जब तक पूरा लुंड छुट में नहीं समा गया आंटी नीचे बैठा समय गई.. गौरव ने पीछे दे आंटी की कमर पक्का ली..
गौरव :- बहनछोड़ मजा दे मुझे अब अपने मदरचोद बेटे के सामने…
चाची नी Ukske लंदन Par Upar Iniche Hona Shuru Kar diiya .. Apni चूतु Chudwani Shuru Kar di … Aahhhh ufffff ahhhhhh siiii baahutttt amaaazzaa aaahhh aahhh haiiii jaannnnnn … अह्ह्ह्ह …। . तुमेंहर लंद तोह आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हेहेह्हेहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स भुजा ….. siiiiii deetttaaaaa haiiiii .. अहह …… चाची ने ab tezi kath lund par uchal kooda shuru kar di … चाची की चुटकी मुझे मोटा लुंड और खाते देखते हैं बहुत अच्छा लग रहा था.. माई आंटी की जगाह मॉम को भी कल्पना कर रहा था… फिर गौरव ने चाची की कमर को जोर से मजबूती से नीचे से भी ढके लगाए शुरू कर दिए। इस फ़िर आंटी के मोटे दोध ऊपर नीचे झूलने शुर हो गए … …. मेरा दिल उन्हे अभी जकर चुनने को करने लगा। . . . …. आंटी ने मेरी आंखों को पढ़ा लिया… मुझसे मुझे अपनी तरफ से बुलाया.. मैं भी चाची के सामने चला गया… कर दिया.. गौरव हम दो को देख के और जोश में आ गया..उसने अपने ढकको की स्पीड बड़ा दी.. आंटी ने मुझे अलग करके मेरे मुह को अपने छू के। साथ चिपका लिया..
चाची: —- अहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्फ़फ ने meereeeee baccheeeee utheeeesssssssss … अहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हेर iheriii maaa keeee doooodhh teereeeeee liyyeeee hee haaiiiii। . . . ज़ोर देखिए…..आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्…
मैंने आंटी के दो दूध को दबाना या चुना शुरू कर दिया फिर से.. मुझे बहुत मजा आ गया था.. मेरा लुंड एक बार फिर से आकड चूका था… हम दोनो के डबल भूलभुलैया से चाची एक गाल के साथ। …. आंटी ने मुझे अलग किया.. फिर आला बैठा कर गौरव के लुंड को अपने मुह में भर लिया… हम पर मौसी का काम लगा हुआ था… एक हाथ से मेरे लुंड को पक्का कर हिलाने लगी.. माई सत्वे अस्मन पर पांच गया… कुछ डर लुंड चुनने के बाद….
गौरव… :- चल कुट्टिया.. घोड़ी बन आला जकर…
आंटी आला जकर घोड़ी बन गई … गड़े पर … गौरव भी उसके पीछे जकर बैठा गया .. अपने लुंड को चाची की छुट पर सेट करके .. अंदर डालेंगे .. उसे चाची की कमर को पकड़ के चुदिया शुरू कर दी आंटी की पूरी गोल गान ऊपर को उठी बड़ी सेक्सी लग रही थी.. वो आंटी के गांद पर थप्पड़ व मार रहा था… .. उफ्फ्फ्फ…. आंटी किसी पिस्टन की तरह उसके लुंड पर आगे पीछे हो रही थी… माई आंटी के आगे जकर मुह के पास घुटनो के बल बैठे.. मैने अपने लुंड को चाची के होने के पास किया… आंटी ने स्माइल करके… मेरा लुंड अपने मुह में लेकर उसकी चुसाई शुर कर दी.. आंटी मेरे लुंड के तोपे पर अपनी जीभ फिराने लगी… मेरी सिकिया निकलने लगी… आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्,.. .
अंत पूरा दर्द से मेरे लुंड को मजा दे रही थी… गौरव ये देख के बोला..
गौरव:- चुस्वा अपनी रंदी मां को अपना लुंड या बन जा मदरछोड़ बेटा… दोसरो से चुडवा के बन जा इस का दलाल… मजा आ रा अपनी मां के मुह में दे के..
मैं :- आह्ह्ह बहुत मजा आ रहा है आह्ह्ह्ह। ये मेरी जिंदगी का पहला अनुभव था…
कुछ डर मेरा लुंड चुनने के बाद चाची नीरा लुंड मुह से बहार निकला दिया…
आंटी :- अभी मेरे मदेरछोड़ बेटे दूध दबा अपनी मां के…
मैंने भी जल्दी से दो मुम्मो को मसाला शुरू कर दिया… अंती आंखें बंद करके सिसकने लगी… आह्ह्ह उसे दमदार कुटिया बन के चुदने के बाद… उसे चाची को खड़ा किया… अपनी ताराफ घमैकर एनी की एक तांग को टेबल के उपर रख दीया …. एने लंदन को पकाद के चुप के बराबर राख के ईके वह झटके मी आंदार पेल दीया … चाची अहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उउउफ्फ़फ्फफ कार्ती हुई यूलर को उचल पाडी … गौरव ने पीचे से आंटी की दोनो गंद की फंको को पक्का कर छोडना शुरू कर दिया.. आंटी का पूरा जिस्मने लगा….उसने गंद को पूरा खोल दिया.. मुझे अब चाची की गंद का सेक्सी होल साफ साफ दिखने लगा.. गंद छेड थोड़ा खुला हुआ था.. एसा लगा की मौसी गान और भी मारवा चुकी है.. आंटी ने सिसकते हुए.. गौरव को गले लगा लिया क्योंकि आंटी से खड़े रहना मुश्किल हो गया था… गौरव ने मुझे चाची हुए। बोला..
गौरव :- कुट्टे कैसी लगी तुझे अपनी मां की गंद… सेक्सी है ना
मैं :- हा माँ की गंद बहुत मस्त है… पूरी सेक्सी… क्या अपने माँ की गांद मारी है..
गौरव :- हा बहुत बार मारी है.. मगर अभी भी फुल टाइट… चल अपनी मां की गंद चाट आ के…
माई भी जल्दी से आला बैठा गया मम्मी की गंद के पास… माई धीरे धीरे अपना मुह गंद के। पास ले जा रहा था… गंद छुट से आने वाली खुशबू… मुझे और मस्त करते जा रही थी.. मैंने अपनी नाक आंटी की गांद में घुसा दी… उसे महक करके। फिर मैंने अपनी जीब निकल कर गंद के छेद को कुरेदना शुरू करड़िया… इस्तेमाल करें चैटे… आंटी इस्स दोहरे प्रहार समुद्र ज्यादा उत्साहित हो… वो अपनी गांद को पीछे को करके मेरे चेहरे पर दबने लगी… माई ऐसे ही वह लगा… चैट टा रहा.. गौरव आंटी की छुट फड़ता रहा….उसके उसे चाची को टेबल के ऊपर घोड़ी बना दिया.. और जल्दी से अपना लुंड एक बार फिर से फिर से मुझे दाल दिया… इस बार उसके चुनने की स्पीड चार मैं… और चाची के चिलनेकी भी… आह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ऊम्मम्म्मीरीई बची ही आपनेनिई मां किइइ चुदाईई काआ आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह माफफ माफ दल दीया … जेस चाची पूयर भूलभुलैया से चोडन लगी …. चाची एफआईआर सेझेदन वाली … थी ….. चाची ने मेरे लंदन का एक ज़ोर सा चुपपा मार या झाध्ने लगी .. अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह .. मेरा भी माल निकलाने लगा… मैने आंटी के मुह में वह अपना पानी शोद दिया… जिस आंटी सारा पी गई… अपने लुंड पर आंटी का गर्म पानी लगते ही …उसने भी पानी षोड दिया…उसने अपना सारा पानी चाची की छुट में वह उड़ेल दिया.. एक पुछ की आवाज से उसका लुंड छुट से बहार निकला.. आंटी जल्दी से आला बैठा गई.. गौरव के लुंड को चुना चैटने लगी.. उसके लुमद पर लगे.. उसके और अपने विर्या को पूरा चाट गई … दोनो पास से भीगे हुए थे.. मुझे मिले सिंगल सोफ़े पर बैठा गया… आंटी आला पाए गदे पर ले कर आने लगी…उनकी छुट से गौरव और उनका वीर्या बहार आ रहा था……… एक चुदाई का तूफान आकर था चूका था …. कुछ डर बाद… सब नॉर्मल ह्यू.. पास मी पड़ी पेंटी से आंटी ने अपनी छुट साफ की… आंटी वहा से उत्थान मेरे पास आकर बैठा गई… मेरे कांधे पर हाथ रख के..
गौरव :- कैसा लगा अपनी मां की छुडाई देख के मजा आया..
मैं :- हा बहुत मजा आया..
गौरव :- देख तेरी रंडी मां की छुट कैसे लाल हो गई है…..
आंटी ने अपनी तानेंगे खोल के अपनी छुट खोल दी… वो सच में लाल हो चुकी थी..
आंटी :- देख मेरे बचे अपनी मां की छुट कैसे फड़ दी इसने… तू फड़ेगा अपनी मां की छुट इसी वह..
मैं :- हा माँ …. मुझे भी भाई जीता लम्बा लुंड करना है अपना … गौरव के लुंड की तरफ इशारा करते हुए बोला ..
आंटी :- हो जाएगा मेरे बचे….. गौरव बताओ ना क्या करे ये..
फिर गौरव ने मुझे कुछ एक्सरसाइज करने को बोला 2 टैबलेट या एक मसाज के लिए तेल लेने को बोला… माई वो सब नोट कर लिया… ओके अब मुझे चला मेरी जान… वो और बाथरूम में चला गया… आंटी एसे वह नंगी किचन में चली गई 3 गिलास जूस या कुछ फ्रूट्स ड्राई फ्रूट लेकर आई खाने को। . . हम दो मैं और आंटी होंगे वो सोफ़े पर बैठे थे… गौरव भी अंदर से तैयार हुआ जूस पीकर जाने लगेगा.. आंटी ने नंगी ने वह मैं दरवाजा खोला… उन किसी बात का डर नहीं था.. गौरव बहार चला गया.. आंटी दरवाज़ा बंद करके फिर से मेरे पास आने लगी… मैंने अपने कपड़े पहनने के लिए तो चाची बोली..
आंटी:- तुम्हारी मां नंगी घूम रही है और तुझे कपड़े पहनने ने है..
मैं:- सॉरी मॉम मैंने सारे कपड़े फिर से आला फेंक दिए..
आंटी ने वो गद्दा उठा कर फिर से स्टोर रूम में रख दिया।
The End