खूनी सुन्दरी Part 2

 खूनी सुन्दरी 

“समझ लो, आज का मुसाफिर पहुंच गया है ।” हैरी बोला। 

खिड़की से भोजन की प्लेंटे बढा दी गयीं तो मारिया 

उन्हें हैरी के पास ले आई और टेबल पर सजाने लगी। जब हैरी के पास ले आई और टेबल पर सजाने लगी। जब हैरी ने छुरी-कांटा उठाया, तो वह सर्विस टेबल पर जाकर ब्रेड काटने लगी। 

“तुम्हारे डैड ही सभी रसोई बनाते है ?” हैरी न पूछा । “हां ।” मारिया न कहा । उसने ब्रेड हैरी के सामने रख दिया, फिर मन्त्रमुग्ध भाव से उसे निहारने लगी । उसने इस किस्म का शक्तिशाली, बलिष्ठ तथा खूबसूरत 

आदमी पहले नहीं देखा था, सिवाय फिल्म के पर्दे पर | “तुम्हें शायद यकीन न आए, लेकिन मैं और डैड पिछले बीस सालों से यहां हैं । मैं यहीं जन्मी थीं।” “तुम्हें यहां अच्छा लगता हैं ?” हैरी ने पूछा । 

“हां, बहुत अच्छा लगता है ।” मारिया ने बताया, “हालांकि शाम का वक्त थोड़ा मन्दा रहता है । न तो डैड की और न ही मुझे टी०वी० की चिन्ता रहती है, लेकिन जब लोग लंच के लिए आते हैं, तो काफी मनोरंजन हो जाता है।” 

“ऐसा स्वादिष्ट स्पैगट्टी मैं पहली बार खा रहा हूं।” 

हैरी न प्रशंसा की। 

हैरी की कही बात अपने डैडी को बताने के लिए मारिया किचन की ओर भागी। 

हैरी क्षुधातुर भाव से खाता रहा । जब उसने भोजन 

खत्म किया, तो झूठी प्लेटें एक ओर सकता दी और गिलास में बची बीयर पीने लगा । मारिया एक ट्रे में सामान लिए वापस आई । उसने ट्रे सर्विस टेबल पर रख दिया, हैरी की जूठी प्लेटें हटाई और खाली गिलास को बार में ले जाकर फिर से भरने लगी तो हैरी ने मना कर दिया। 

उसने हैरी को फिर से दो चॉप सर्व किए, फिर तले हुए 

आलू और हरे मटर की प्लेटें सामने रख दीं। 

“खाओ।” उसने कहा और जूठी प्लेटें लेकर किचन की ओर चली गई। 

हैरी की जी चाह रहा था कि वह पास ही रहे, ताकि वह उससे बातें कर सके । वह सामान्य ढंग की। सीधी-सीधी इटालियन लड़की थी, जो हैरी को पसन्द थी । सायगोन से लौटते समय उसने नेपल्स और कैप्टरी में एक महीना गुजारा था । उसे इटालियान लड़कियां पसन्द आ गयी थीं । उसे वे निहायत सुलझी हुई और दयालु प्रकृति की लगी थीं – लड़कियां, जिनके पास कोई समस्या नहीं होती थी । न्यूयार्क में 

ठहरने के दौरान वहां की लड़कियों से वह तंग आ गया था । उन सभी के पास कोई-न-कोई समस्या जरूर होती थी – अगर यह सैक्स से सम्बन्धित नहीं होती, तो पैसे से होती, पैसे से नहीं तो डायटिंग से, डायटिंग से नहीं तो अपने भविष्य से सम्बन्धित जरूर होती थी। लगता था, जैसे सारी दुनिया की चिंता सिर्फ उन्हीं को है । वे बतियाती रहती – “बम, पिल्स, आजादी, 

भगवान, राजनिति और खुदा जाने किस-किस के बारे में ? उसे लगा था – वे इन्हीं समस्याओं को लेकर 

अपनी जिन्दगी तबाह कर रही थीं। 

अभी वह दूसरा चाप ही उठा रहा था कि एक आवाज सुनकर वह थम गया, उसका हाथ बीच में ही रुक गया 

कोई सड़क पर भारी कदमों से दौड़ रहा था, जूते के सोल की आवाज से लगता था, जैसे कोई तेज रफ्तार से बेतहाशा आगे आ रहा है । हैरी ने चॉप का टुकड़ा नीचे रख दिया। 

दूसरे पल ही, दौड़ने वाला धमाके के साथ रेस्ट्रां की सीड़ियां चढने लगा, जिससे समूचा मकान हिल गया, फिर झटके से रेस्ट्रां का दरवाजा खुल गया। हालांकि हैरी उस आदमी को घूर रहा था जो दरवाजे पर प्रकट हुआ था, लेकिन उसे बाहर सड़क पर आती हुई कई लोगों के कदमों की आहटें सुनाई दे रही थीं। वे धीरे-धीरे दौड़ रहे थे, फिर भी उनकी इन धीमी रफ्तार से एक अनोखा आतंक झलकता था – जैसे भेड़ियों का झुण्ड अपने शिकार को घेर लेने पर करता

हैरी की तेज नजरें दरवाजे पर खड़े हांफते व्यक्ति पर पड़ी । उसकी उम्र कोई छब्बीस साल की होगी और कद औसत से कुछ कम था । उसके बाल कंधों तक झूल रहे थे और उसका पतला व भयभीत चेहरा महोगनी के रंग जैसा हो चुका था । दाई आंख के ऊपर लगे जख्म से खून बह रहा था और जबड़े पर चोट का नीला निशान पड़ गया था । उसकी छाती सांस लेने के क्रम में उठी हुई थी, पसीने से बाल सिर पर चिपक गए थे । लाल और सफेद रंग की उसकी चारखाने की कमीज फट गई थी । और सफेद हिप्स्टर धूल में अटा हुआ था । बाएं हाथ में वह कैनवास केस में गिटार 

थामे हुए था और कंधों पर एक छोटा-सा डफेल बैग लटकाए हुए था । यह सब हैरी ने एक पल में ही देख लिया । 

उस लड़के ने घायल जंगली पशु की तरह कमरे के चारों तरफ देखा । जब उसकी नजर हैरी पर पड़ी, तो अपनी कांपती उंगली से उसने सड़क की ओर इशारा किया। 

“वे लोग मेरे पीछे पड़े हुए हैं ! मैं कहां छिप जाऊं?” उसकी आंखों में दहशत के नंगे भाव देखकर हैरी खड़ा हो गया । 

“वहां, बॉर के पीछे छिपकर बैठ जाओ।” उसने कहा 

वह लड़का बार के पीछे जाकर छिप गया। 

हैरी फिर बैठ गया । उसने रकसैक को अपनी ओर खींचा और उसमें खौंस रखे डंडे को कसकर पकड़ लिया, जिसे उसे सैम बैन्ज ने दिया था। 

नजदीक आ रही आहटों को सुनते हुए वह इन्तजार करने लगा । अब आहटें बिल्कुल करीब सुनाई देने लगी थीं, तभी मारिया किचन से निकल आई । बार के पीछे दुबके व्यक्ति को देखकर वह ठिठक गई और सांस खींचने लगी। 

“घबराओ मत !” हैरी सामान्य स्वर में बोला – “किंचन में लौट जाओ । शायद थोड़ा बखेड़ा हो जाए, लेकिन मैं संभाल लूंगा।” 

उस लड़के के भयभीत चेहरे पर बह रहे खून को देखकर मारिया जल्दी-से किचन की ओर चली गई। 

कुछ देर सन्नाटा छाया रहा, फिर रेस्ट्रां का दरवाजा धीरे-धीरे खुला। वे सभी एक-एक कर भूत की तरह चुपचाप अन्दर दाखिल हुए – चार नौजवान और एक लड़की, जिसके हाथ में एक ट्रांजिस्टर रेडियो था । हैरी फौरन समझ गया कि ये वहीं पांच हैं, जिनके बारे में पुलिस सार्जेंट ने उसे बताया था, जिन्होंने ट्रांजिस्टर रेडियो और तीन मुर्गियां चुराई थीं। 

हैरी ने डंडा मेजपोश के नीचे अपने दोनों घुटनों के बीच दबाए रखा और दोनों हाथ टेबल के ऊपर, प्लेट 

के दोनों तरफ टिका दिए । 

चारों नौजवान एक ही किस्म के दिख रहे थे – सभी की उम्र सत्रह से बीस साल के बीच की थी । सभी के गंदे, चिकने बाल कंधों तक झूल रहे थे, तीन की अभी दाढी 

उगने लगी थी, सभी इतनी गन्दगी से भरे हुए थे कि उनके जिस्म से निकल रही बदबू कमरे में फैलने लगी 

थी। 

लड़की करीब सोलह साल की थी – छोटी-सी, पतली-दुबली, दुश्चरित्र और बेशर्म । वह काला ब्लाउज और धब्बेदार लाल रंग की गंदी पतलून पहने 

हुई थी । हैरी को लगा, वह उन चार लड़कों से भी बदतर गन्दी रही होगी। 

“वह यहीं घुसा था, चक ।” एक लड़का बोला – “मैंने देखा था ।” 

जाहिर था कि चक नाम का युवक इस टोली का सरदार था । वह सबसे बड़ा, कद ऊंचा और सबसे ज्यादा बदमाश दिखाई दे रहा था । उसने चारों तरफ निगाहें घुमाई, फिर हैरी को देखा । वह कई क्षणों तक हैरी को घूरता रहा । हैरी ने भी उसकी ओर देखा । 

बाकी के चार हैरी की मौजूदगी से आगाह हो, चुपचाप खड़े रहे । हैरी की भावहीन निगाहों से चक को थोड़ी बेचैनी होने लगी । वे नीली आंखें असन्दिग्ध थीं – वहां आतंक या डर का कोई चिन्ह नहीं था | चक के लिए यह नई बात थी। 

“तुमने गिटार के साथ एक लड़के को देखा, बस्टर ?” उसने पूछा। हैरी ने अपनी कुर्सी को थोड़ा पीछे की ओर खिसकाया ! वह चुपचाप व निश्चल भाव से चक को लगातार घूरता रहा। चक तिलमिला उठा। “बहरे हो क्या ?” वह गुर्राया। “मैं सुन भी सकता हूं और तुम्हें देख भी सकता हूं।” 

हैरी बोला – “अपने इन साथियों को लेकर चलते बनो । तुम लोग यहां दुर्गन्ध फैला रहे हो ।” चक फुफकारते हुए थोड़ा पीछे हटा । उसका खूखार चेहरा सहसा सफेद पड़ गया था । 

“कोई मेरे साथ इस तरह पेश आने की जरूरत नहीं करता ।” वह गुर्राया – “मैं…” 

। 

। 

। 

“अरे, भाग जाओ !” हैरी बोला – “जाकर अपनी मां से कहो, तुम्हें नहला दे ।” “ठीक है । अगर तुम यही चाहते हो तो यही सही !” चक की मुट्ठियां भिंच गयीं – “सिर्फ तुम्हारी इस गुस्ताखी के लिए हम इस जगह को तबाह कर देंगे – तुम्हें भी तबाह कर देंगे।” 

हैरी ने अपनी कुर्सी को कुछ इंच पीछे की ओर धकेला, अब टेबल से अलग वह मुक्त था । उसने घुटनों के बीच छिपा रखे डंडे को कसकर पकड़ा । “ऐसा मत करना, वरना तुम्हें चोट आ सकती है । मैं छोटे बच्चों को चोट पहुंचाना नहीं चाहता…”

जब चक ने नजदीक की एक टेबल को पकड़कर उलट दिया, तो हैरी भौंचक्का-सा रह गया । गिलास और छुरी-कांटे फर्श पर गए और गिलास झनझनाकर चकनाचूर हो गए। “तोड़ डालो सब-कुछ !” चक चिल्लाया-“तबाह कर दो।” 

हैरी टेबल के पीछे से उठ खड़ा हो गया और इतनी तेजी से उसके सामने जा पहुंचा कि चक को पता नहीं चल सका । उसने चक की कलाई में प्रचण्ड रूप से डंडा दे मारा । ऐसी आवाज निकली जैसे सूखी लकड़ी टूट गई हो । हड्डी चटक गई । चक चीखते हुए, तीव्र पीड़ा से बिलबिलाते हुए घुटनों के बल बैठ गया । 

हैरी उछलकर दूसरों के सामने जा खड़ा हुआ । उसके 

चेहरे पर क्रूरता के भाव देखकर सबके होश फाख्ता हो गए थे और वे पीछे हटने लगे। 

“भाग जाओ…जल्दी !” हैरी चिल्लाया । 

जब वे हिचकिचाने लगे, तो हैरी आगे बढा । वह सबसे कम उम्र लड़के की तरफ डराने के अन्दाज में झपटा, तो वह लड़का भय से चीत्कार करते हुए पीछे की तरफ उछला । डंडा लहराते हुए दूसरे लड़के की पीठ से टकराया और वह भी चीखते हुए घुटनों के बल बैठ गया। 

“आऊट !” हैरी फिर चिल्लाया । 

हैरी की ओर मुंह करके उस लड़के ने थूक दिया, फिर मुड़कर भागने लगी । दो लड़के दरवाजे से पहले निकलने के लिए एक-दूसरे की खींच-तान रहे थे। 

दूसरा लड़का अपना कंधा संभालते हुए खड़ा हो गया 

और दरवाजे की ओर बढने लगा । जब वह दरवाजे पर पहुंचा, तो हैरी ने पीछे की तरफ से उसकी पीठ पर 

अपने भारी जूतों से इतनी जोर से लात मारी कि वह लहराता हुआ सीढियों पर लुढकने लगा और सड़क पर जा गिरा। 

हैरी वापस उस जगह आया, जहां चक अपनी टी कलाई थामे घुटने टेककर बैठा था और बिलख रहा था 

“निकल जाओ !” हैरी चिल्लाया – “जल्दी !” 

उसकी ओर कातर दृष्टि से देखते हुए चक उठा और अन्धाधुन्ध बाहर निकल गया । 

हैरी दरवाजे के पास जाकर बाहर झांकने लगा । उसने भागते हुए झुण्ड की ओर देखा । उनमें से कोई भी चक की सहायता के लिए नहीं रुका, जो उनके पीछे-पीछे लड़खड़ाता हुआ जा रहा था । हैरी ने दरवाजा बन्द कर दिया और बार के करीब चला 

आया । उसने दुबके बैठे लड़के की ओर देखा। 

“वे लोग चले गए ।” उसने कहा – “मेरा ख्याल है तुम्हें एक ड्रिंक चाहिए।” वह लड़का खड़ा हो गया । उसकी आंखें अभी तक भयग्रस्त थीं और वह कांप रहा था। “मैं…मैं समझता हूं, अगर उन्होंने मुझे पकड़ लिया होता तो मार डालते ।” बार में झुकते हुए वह बोला । “घबराओ मत ।” हैरी ने कहा और उलटी टेबल के पास जाकर उसे सीधी खड़ी कर दिया । मारिया के पीछे-पीछे उसका बाप भी किचन से निकल आया, जो हल्के-हल्के कांप रहा था । 

“इसके लिए मुझे गहरा अफसोस है।” हैरी ने मारिया से कहा – “मुझे उसे गिलास तोड़ने का मौका ही नहीं देना चाहिये था ।” 

“तुम तो कमाल के आदमी निकले ! मैं सब-कुछ देख रही थी!” मारिया ने प्रशंसात्मक नजरों से उसकी ओर देखा । “अगर तुम यहां न होते, तो हमारी कोई चीज सलामत नहीं रहती।” 

हैरी मुस्कराया। “क्या तुम हमारे दोस्त का ख्याल रखोगी ? उसे गहरी चोट आई है।” 

मारिया ने जख्म की जांच की, फिर सिर हिलाकर किचन की ओर भागी। 

मोरेली ने बड़ी गर्मजोशी के साथ हैरी से हाथ मिलाया 

“कमाल कर दिया तुमने तो ! यहां हर कोई इस गिरोह के सामने भीगी बिल्ली बन जाता है । थैक्यू, मिस्टर ! हमें तुम जैसे आदमी की जरूरत है।” बेचैनी-सी महसूस करते हुए हैरी बोला – “आओ, सब लोग एक-एक ड्रिंक लें ।” वह गिटार वाले की और मुड़ा । “स्कॉच के बारे में क्या ख्याल है ?” 

“मेरा नाम रैंडी रोच है ।” उस लड़के ने कहा और हाथ आगे बढाया । “हां, मैं स्कॉच लेना पसन्द करूंगा।” 

“मैं हैरी मिचेल ।” हैरी ने उसके हाथा मिलाया । “चलो, स्कॉच लेते हैं।” 

मुस्कराते हुए मोरेली ने ड्रिंक तैयार किया, तो मारिया गर्म पानी का बर्तन, तौलिया और प्लास्टर लेकर आ गई। उसने जख्म को धो-पोंछकर साफ किया और उस पर प्लास्टर लगा दिया । रैंडी ने उसका शुक्रिया 

अदा किया, फिर अपना गिलास उठाकर हैरी की ओर इशारा किया। 

“बहुत-बहुत शुक्रिया, दोस्त ! वे लोग मेरा गिटार छीनना चाहते थे । वे एक मील से मेरे पीछे पड़ गए थे । अगर तुम न होतो, तो मैं गिटार के साथ-साथ अपनी नौकरी भी खो चुका होता ।” 

हैरी ने स्कॉच की चुस्की ली, फिर पूछा – “किधर जा रहे हो?” 

“पैराडाइज सिटी । क्या तुम भई सफर कर रहे हो?” 

“हां और उधर ही जा रहा हूं।” हैरी, मोरेलो की तरफ मुड़ा – “वह एप्पल-पाई का क्या हुआ, जिसका मुझसे वादा किया गया था ?” फिर उसने रैंडी से कहा – “क्या तुमने भोजन कर लिया? यहां का स्पेशल व लाजवाब होता है।” 

रैंडी ने कहा कि वह स्पेशल भोजन कर लेगा, फिर दोनों हैरी की टेबल पर जाकर बैठ गए, तो मोरेली किचन की ओर चला गया । मारिया और ब्रेड काटने 

लगी। 

“अगर तुम्हारी मंजिल भी पैराडाइज सिटी ही है, तो हम एक साथ सफर कर सकते है ।” रैंडी ने 

उम्मीद-भरी नजरों से हैरी की ओर देखा – “एक के बदले दो होने से हम अधिक सुरक्षित रह सकते हैं।” 

“जरूर ।” हैरी बोला – “मुझे बड़ी खुशी होगी।” मारिया स्पैगेट्टी और एप्पल-पाई की प्लेटें ले आई। “डैड ने कहा है कि वह खाने का पैसा नहीं लेगा,” पलकें झपकते हुए उसने कहा – “और कमरे का भी 

“अरे, सुनो….” हैरी अप्रसन्न भाव से कहने लगा, मगर मारिया ने इन्कार में सिर हिलाया । 

“डैड जो कहता है वही होगा और उसने ऐसा ही कहा है।” 

वह फिर किचन की ओर लौट गई । 

हैरी ने रैंडी की ओर देखा और कंधे उचका दिए । “बहुत भले लोग हैं…उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।” “मैं नहीं कह सकता । मेरा विचार है तुमने उसका रेस्ट्रां बचा दिया है। उन झक्कियों ने मजा चख लिया है। इस एहसान के बदले अगर मैं तुम्हारे लिए कुछ कर सकता हूं, तो बताओ।” रैंडी ने बड़ी तत्परता के साथ कहा – “अगर मुझसे गिटार छिन जाता, तो मैं सचमुच मुसीबत में पड़ जाता । इसी से मैं जीविका कमाता हूं । पैराडाइज सिटी में मेरे लिए एक अच्छी-सी नौकरी तैयार है । इस दफा मेरा यह तीसरा सीजन है जहां मैं काम करने जा रहा हूं – वह एक बहुत अच्छा, ऊंचे दर्जे का रेस्ट्रां है जिसे एक मैक्स 

अपनी बेटी के साथ चलाता है । कुछ ऐसे ही ढंग का रेस्ट्रां है, लेकिन बेहद शानदार और उसकी बेटी…” वह आंखों की पुतलियां नचाने लगा, “अगर उसे देख न लो, तो तुम्हें यकीन नहीं आएगा ।” फिर वह कुछ देर तक खाता रहा, “वाकई ! लाजवाब स्पैगेट्टी है !” 

हैरी सिर हिलाते हुए बोला – “तुम काम कब से शुरू कर रहे हो?” 

“वहां पहुंचते ही।” रैंडी एक कौर निगलने के बाद बोला – “तुम काम की तलाश में हो ?” “हां । लेकिन मुझे इसकी चिंता नहीं।” 

रैंडी ने कुछ सोचते हुए हैरी की ओर देखा ।

“शायद मैं सोलो को तुम्हारे बारे में कुछ करने के लिए तैयार कर सकू…वह एक रेस्ट्रां का मालिक है – सोलो डोमिनिको । वह जल्दी ही कर्मचारियों को नियुक्त करना शुरू कर देगा । तुम्हें तैरना आता है ?” । 

“तैरना ?” हैरी मुस्कराया – “यह तो मुझे बहुत ही अच्छी तरह से आता है ! पिछले ओलम्पिक खेलों में मैंने फ्री स्टाइल और डाइविंग में कांस्य पदक जीता था 

रैंडी मुंह बनाए उसकी ओर घूरने लगा। “ओलम्पिक में ? हे भगवान ! तुम मुझे उल्लू तो नहीं बना रहे हो ?” “बिल्कुल नहीं।” “जब तुम फौज में थे, तो कभी वियतनाम गए थे ?” 

“तीन साल तक वहां रहा हूं।” “मगर इस बात से क्या ताल्लुक ?” 

रैंडी ने हंसते हुए हैरी का हाथ थपथपाया । “फिर तो मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि तुम्हें नौकरी मिल जाएगी । सोलो का बेटा भी फौज में है 

और वियतनाम में है । उस बुड्ढे को किसी ऐसे शख्स से बातचीत करने में दिली खुशी होगी, जो हाल ही में फौज से निकला हो, दूसरी ओर वह अपने समुद्र-तट के लिए एक लाइफ गार्ड को नियुक्त करेगा, जिसका एक प्रशिक्षित तैराक होना जरूरी है । इस काम के लिए उपयुक्त व्यक्ति को तलाश करना उस बेचारे के लिए बड़ी परेशानी की बात होती है। जो लोग तैरना जानते हैं, वे दूसरे काम करना नहीं चाहते – मसलन, धूप की छतरियों को ठीक-ठाक रखना, समुद्र-तट को साफ-सुथना रखना, ड्रिंक सर्व करना आदि और जो लोग यह सब कर सकते हैं, उन्हें तैरना नहीं आता ।” रैंडी मुस्कराने लगा – “क्या इस किस्म का काम ठीक रहेगा तुम्हारे लिए? वह कोई ज्यादा पैसे तो नहीं देगा, लेकिन काम भी बहुत आसान है और खाना भी बढिया मिलेगा।” 

“चलेगा । लेकिन, हो सकता है उसने किसी को रख लिया हो ।” 

“मैं दावे के साथ कह सकता हूं, उसने किसी को नहीं रखा है । सीजन शुरू होने में अभी एक सप्ताह बाकी है । पैसों के मामले में सोलो काफी होशियार है, वह इतनी जल्दी किसी को नहीं रख सकता।” 

“तुम कौन-सा काम करते हो वहां?” 

“बार की देखभाल करता हूं और डिनर और लंच के वक्त एकाध गाना गाता हूं । सोलो का धंधा काफी जोर-शोर के साथ चलता है । बड़े-बड़े अमीर लोग आते हैं वहां, इस जैसा नहीं है।” 

“सुनकर तो लगता है, अच्छा है ।” हैरी ने एम्पल-पाई खत्म किया और आराम से बैठकर सिगरेट सुलगाने लगा। 

“तुम्हारे विचार में वहां पहुंचने में कितने दिन लगेंगे?” 

“यह तो इस बात पर निर्भर है कि हमें कोई लिफ्ट मिल जाती है या नहीं । मैं रात में चलता पसंद करता 

हूं । इस प्रकार हम उन हिप्पियों से बच सकते हैं, क्योंकि वे सिर्फ दिन में निकलते हैं – लेकिन लिफ्ट मिलने की संभावना नहीं रहती है। अगर लिफ्ट मिलते 

का संयोग हुआ, तो तीन दिन, वरना चार दिन लग जाएंगे।” 

“ठीक है, मुझे भी कोई जल्दी नहीं है।” हैरी बोला, “और रात में पैदल चलते का आइडिया मुझे भी पसंद है…गर्मी भी कम रहेगी । दिन में तो बिल्कुल झुलस जाएंगे।” 

“हां । रात के वक्त हम तेज रफ्तार से चलकर अधिक दूरी तय कर सकेंगे । मान लो, कल शाम सात बजे के लगभर यहां से रवाना हो जाएं तो कैसा रहे ? यहां दिन भर सोते हुए आराम करेंगे, फिर रात भर चलते रहेंगे 

हैरी ने सहमति दी, फिर वह उठ खड़ा हो गया। “मैं उस लड़की से बात करता हूं।” वह बार के पास चला आया, जहां मारिया गिलास धो रही थी। 

“हमारा कल शाम को यहां से रवाना होने का इरादा है 

तुम लोगों को कोई एतराज तो नहीं होगा ?” उसने पूछा। “नहीं तो !” मारिया बोली – “तुम लोग नहाना चाहते हो, तो गर्म पानी तैयार है । अगर किसी भी चीज की जरूरत हो, तो कह देना ।” 

“हां । नहा लेना ठीक रहेगा।” 

“मैं ऊपर जाकर बिस्तर वगैरह तैयार कर देता हूं। अभी नहाना चाहोगे ?” “क्यों नहीं ? मैं तुम्हारे साथ ही ऊपर चलता हूं।” 

हैरी वापस रैंडी के पास चला आया, जो मोरेली द्वारा प्रस्तुत पोर्क-चाप चबाना शुरू कर ही रहा था । उसने रैंडी को बताया कि वह नहाने के लिए जा रहा है और वे कल सुबह किसी वक्त मिलेंगे। 

मोरेली ने दोबारा उससे हाथ मिलाया और रेस्ट्रां को बचाने के लिए शुक्रिया अदा किया । फिर वह हैरी को मारिया के साथ सीढियां चढते हुए देखता रहा । 

“बहुत अच्छा आदमी है ।” उसने रैंडी से कहा, “ऐसे आदमी को अपना बेटा मानने में मुझे बड़ी प्रसन्नता होती।” 

“ठीक कह रहे हो ।” रैंडी बोला और चाप का टुकड़ा काटने लगा । जब मोरेली किचन की ओर लौट गया, तो वह अचानक खाना छोड़ चिंतिति मुद्रा में सोचने लगा । मान लो, सोलो ने हैरी का रखना नहीं चाहा तो ? कभी-कभी ऐसा भी होता था कि सोलो का दिमाग अकड़ जाता था और उसे किसी भी प्रकार नहीं मनाया जा सकता था । कुछ भी हो, हैरी ने उसके गिटार और जीवन की रक्षा की थी। उसे कुछ तो करना ही होगा। 

जब उसने भोजन खत्म किया, तो वह उठकर टेलीफोन बूथ के अन्दर घुस गया और सोलो डोमिनिको के रेस्ट्रां का नम्बर घुमाने लगा । उसने नीग्रो बारमैन के साथ बात की जिसने बताया कि सोलो वहां मौजूद नहीं है। “जरूरी बात है, जोए ।” रैंडी बेचैनी के साथ बोला – “कहां मिल सकता है वह ?” 

जोए ने उसे शहर से बाहर का एक फोन नम्बर बता दिया। 

रैंडी ने कनैक्शन काट दिया, बॉक्स में फिर से सिक्के डालकर नम्बर डायल करने लगा। 

सोलो की भारी गरजती-सी आवाज सुनाई दी। 

“यस…हेय ? कौन है ?” 

“पहचाना मुझे?” रैंडी बोला – “रैंडी रोच । मैं आ रहा हूं | मैं तुम्हारे लिए एक लाइफ गार्ड भी साथ लेता आ रहा हूं, सोलो…एक ओलम्पिक चैम्पियन । अब सुनो…” 

वे तीन घंटे से बराबर पैदल चल रहे थे। 

खुले आसमान में चांद चमक रहा था और धूल भरी सफेद सड़क पर उज्जवल चांदनी बिखरे रहा था, जिस पर उनकी साफ व काली परछाई पड़ रही थी। हवा गर्म थी और सड़क के दोनों ओर का घना जंगल ठोस व काली दीवार जैसा लग रहा था । 

वे चुपचाप चल रहे थे – हैरी थोड़ा आगे-आगे, दोनों के दिमाग अपने-अपने विचारों में व्यस्त थे, लेकिन दोनों 

एक-दूसरे की मौजूदगी से आगाह तथा साथ-साथ होने 

की वजह से सन्तुष्ट थे। 

सात बजने के तुरन्त बाद वे यलो-एकर्स से चल पड़े थे | मोरेली ने दोनों के हाथों में खाने की चीजों का एक-एक बड़ा-सा पैकिट थमा दिया था, जो सफर के दौरान उनके काम आ सकता था । बार-बार हाथ मिलाए गए थे और हैरी ने वायदा किया था कि लौटने 

वक्त वह जरूर उनसे मिलेगा।

इस वक्त हैरी मारिया के बारे में सोच रहा था । वह मारिया की उस लड़की के साथ तुलना कर रहा था, जिसके साथ उसने न्यूयार्क में दो रातें गुजारी थीं । वह लड़की लगातार सिगरेट पीती रहती थी और बोरियत के सिवा और कुछ न थी । उसे मारिया के स्वच्छ आचरण तथा मासूमियत से हैरानी हुई थी । उसने सोचा, हो सकता है उसकी भी अपनी समस्याएं हों, मगर वह उन पर काबू पा सकती थी । हर किसी के पास कोई न कोई समस्या होती है । यह इस बात पर निर्भर है कि कोई इसे किस ढंग से सम्भालता है। कई 

लोग अकेले ही खुद निपट लेते हैं, कई दूसरों से । सलाह-मशविरा लेते हैं और कई इसी मसले पर बातें करते नहीं अघाते । हैरी के लिए यह गर्व की बात थी कि उसे अपनी समस्याओं पर दूसरों को खींचने की आवश्यकता नहीं पड़ती थी। उसने उदासी के साथ मुंह बिचकाया । उसके पास ढेर सारी समस्याएं थीं, लेकिन यह समय उन पर विचार करने का नहीं था । वह अपनी चिंताओं पर काबू पाने में सक्षम हो चुका था । वियतनाम में गुजारे गए तीन सालों के विषय में सोचना व्यर्थ था और जहाज पर हुए उस जुए के बारे में भी, जिसमें फौज की सेवाओं के बदले मिली तमाम रकम वह हार गया था । ओह हां, उसके सामने ढेर सारी समस्याएं थीं, लेकिन उन पर विचार करने का वह उचित समय नहीं था । कम-से-कम रेस्ट्रां की नौकरी निश्चित दिखाई दे रही थी । रैंडी ने बताया था कि उसने सोलो से फोन पर बातचीत की थी और सोलो गहरी दिलचस्पी ले रहा था । 

अचानक रैंडी ने कहा – “यहां से कुछ मील आगे हम हाईवे पर निकल जाएंगे।” उसने रुककर चांद के उजाले में घड़ी की ओर देखा । “इस समय साढे दस बज रहे हैं । अगर किस्मत ने साथ दिया तो हमें कोई 

सवारी मिल सकती है।” वह आगे बढकर हैरी के साथ-साथ चलने लगा । “इस वक्त हाईवे पैदल यात्रियों से खाली होगा।” 

“तुम्हारे सिर की चोट अब कैसी है ?” हैरी ने पूछा । 

“ठीक है…थोड़ा दर्द हो रहा है, लेकिन कोई बात नहीं ।” रैंडी ने बड़ी उत्सुक निगाहों से हैरी की ओर देखा । 

“जिस ढंग से तुमने उन छोकरों को संभाला था, उसका झटका मुझे अभी तक लग रहा है । तुमने तो उसकी कलाई ही तोड़ डाली थी…नहीं ?” 

“क्या तुम घबरा रहे हो ?” हैरी की आवाज में अजीब-सा पैनापन था। 

“नहीं । मैं घबरा नहीं रहा हूं…फिर भी..टूटी कलाई ।” “इसका मतलब तुम घबरा रहे हो । क्या कभी फौज में रहे हो?” 

“मैं ?” रैंडी हड़बड़ाकर बोला – “नहीं तो ! मैंने अपना ड्राफ्ट कार्ड जला दिया था । मैं, और वियतनाम जाऊं 

“किसी को तो जाना ही पड़ा होगा।” “हो सकता है…लेकिन मुझे नहीं।” “ऐसी क्या खास बात है तुममें ?” 

“सिर्फ इतनी कि मैं उन बुड्ढों को बर्दाश्त नहीं कर सकता जिनके नियन्त्रण में मुझे रहना पड़े । आखिर उन खूसटों को क्या हक है कि मुझे वहां भेजें?” 

हैरी हंसने लगा। 

“ड्राफ्ट कार्ड में धोखेबाजी करने वालों के साथ वे कठोरता से पेश आ सकते हैं ।” 

“पहले मुझे पकड़ सकें – तभी ना ?” रैंडी निश्चिन्त भाव में बोला। 

“यह तुमने कैसे सोच लिया कि वे तुम्हें पकड़ नहीं सकेंगे?” 

“अब तक तो नहीं पकड़ सके ! जब कुछ हो जाता है, तभी मैं चिंतित होता हूं वरना नहीं ।” “उसी तरह – जब मैंने उस झक्की की कलाई तोड़ दी थी?” रैंडी ने अपना डफेल बैग एक कंधे से दूसरे में डाला । 

“मैं नहीं कहता कि उससे में चिंतित हो गया था या घबरा गया था; लेकिन ऐसा लगता था कि तुम उसकी कलाई तोड़ने पर तुले हुए थे । मेरा मतलब यह दुर्घटना नहीं थी । उसे अवश्य सबक मिल गया ।” “हां, मैं उसकी बांह तोड़ देना चाहता था । एक बात, फौज में यही सिखाया जाता है कि लड़ाई के दौरान कभी कोई गलती मत करो । अगर किसी पर प्रहार करना है तो इस प्रकार करो कि दोबारा उठ न पाए । अगर मैंने कमजोर वार किया होता, तो वे सभी एक साथ मिलकर मुझ पर टूट पड़ते । इस प्रकार उन्हें संभाल पाना मुश्किल हो जाता । उसकी बांह तोड़कर मैंने उन्हें सकते में डाल दिया, उनके हौसले पस्त कर दिए 

और तुम्हारे साथ दुर्व्यवहार करने से रोक दिया ।” उसने रैंडी की ओर निगाह डाली । “अभी तक घबरा रहे हो?” 

“तुम्हारी बातें बिल्कुल सच हैं ।” रैंडी बोला, फिर मुस्कराने लगा। 

दस मिनट बाद वे हाईवे पहुंच गए । रैंडी ने अपना गिटार और डफे बैग नीचे रख दिया । 

“यहां हम आधा घंटा सुस्ता लें और देखें कि क्या होता है ?” उसने कहा – “हम खुशकिस्मत भी हो सकते हैं । यहां से पचास मील आगे एक स्नैक-बॉर है, जो रात भर खुला रहता है । प्रायः सभी ट्रक वाले वहां रुकते हैं 

अगर हमें वहां तक पहुंचने के लिए कोई सवारी मिल गई, तो यह निश्चित समझो कि मियामी तक के लिए कोई न कोई ट्रक मिल ही जाएगा, और फिर मियामी से आगे कोई दिक्कत नहीं होगी।” 

वे सड़क के किनारे बैठकर इंतजार करने लगे । कुछ मिनट बाद दूर पहाड़ियों की ओर से एक बड़े ट्रक की हैडलाइट की रोशनी दिखाई दी । रैंडी उठकर सड़क के किनारे खड़ा हो गया और हाथ हिलाने लगा। ट्रक आंधी की तरह गुजर गया, ड्राइवर ने रैंडी की ओर ध्यान ही नहीं दिया। 

रैंडी बड़बड़ाते हुए गालियां बकने लगा, जबकि हैरी घास पर बैठकर सिगरेट के कश लगाता रहा । 

अगले पंद्रह मिनट के अंदर चार ट्रक और गुजरे, सभी ने रैंडी के इशारे को अनदेखा कर दिया । 

“मेरे ख्याल में पैदल चलना ही ठीक रहेगा।” हैरी बोला – “मुझे यकीन नहीं कि वे तुम्हारी ओर ध्यान देंगे 

“पद्रह मिनट और देखते हैं । शायद उन्हें मेरे बाल पसन्द नहीं, तुम कोशिश करके देखो, तो कैसा रहे ?” 

उन्होंने जगह बदली, मगर उससे भी कुछ फायदा नहीं हुआ । तीन ट्रक तूफानी रफ्तार से रुके बगैर गुजरे । 

रैंडी ने मैक्सिकन बूट उतारे और पैरों में ठंडक लेने 

लगा। “कोशिश जारी रखो।” वह बोला – “कोई न कोई दरवाजा तो खुल ही जाएगा।” 

वह बोल ही रहा था कि एक कार की हैडलाइट्स दिखाई दीं । उजली चांदनी में हैरी ने देखा, वह कार एक मस्टांग थी और उसके पीछे एक छोटा-सा टू-बर्थ 

कैरवान जुड़ा हुआ था । “उम्मीद तो नहीं है, फिर भी कोशिश करता हूं।” हैरी ने कहा। 

वह सड़क की ओर थोड़ा आगे बढा, ताकि हैडलाइट्स का प्रकाश उस पर पड़ जाए । उसने हाथ उठाया और हिलाते हुए मुस्कराने लगा। 

ब्रेक दबाने पर पहियों के चीखने की आवाज सुनाई दी, और हैरत की बात थी कि कार की रफ्तार कम हो गई और वह हैरी के सामने आकर खड़ी हो गई। 

रैंडी ने जल्दी-जल्दी एक हाथ में अपना गिटार और डफेल बैग और दूसरे हाथ में बूट उठाए और हैरी के पास चला आया । 

हैरी ड्राइवर की ओर झांक रहा था । 

“क्या मियामी की ओर जा रहे हो ?” उसने पूछा – “क्या हमें लिफ्ट मिल सकती है । प्लीज !” 

जब वह कुछ और नजदीक आया तो उसने डैशबोर्ड की बत्ती के प्रकाश में देखा, ड्राइवर एक लड़की थी – इससे उसे थोड़ी हैरानी हुई । वह उसके चेहरे को अच्छे तरह नहीं देख पा रहा था । वह लड़की गहरे पीले रंग का बड़ा-सा गॉगल्स पहने हुए थी । उसने सिर में एक सफेद स्कार्फ बांध रखा था, जिससे उसके बात और 

चेहरे का बाकी हिस्सा छिप गया था । 

हैरी को अनुभव हुआ कि गॉगल्स के पीछे से उसकी 

आंखें उसे घूर रही थीं। 

“क्या तुम ड्राइव कर सकते हो ?” 

उस लड़की की आवाज धीमी व सूखी थी और हल्के दबाव के साथ उच्चारित हो रही थी। 

“क्यों नहीं, जरूर !” 

“ड्राइविंग लाइसेंस है ?” 

“हां । मेरे साथ ही है।” लड़की ने गहरी सांस ली। “वंडरफुल । तुम्हें लिफ्ट मिल सकती है, बशर्ते खुद ड्राइव करो।” “क्या मुझे भी ?” रैंडी ने उत्सुकता के साथ पूछा । लड़की ने पलटकर उसकी ओर निगाह डाली, फिर हैरी की ओर । 

“क्या यह तुम्हारे साथ है ?” उसने पूछा । 

“हां।” 

“तुम्हें रास्ता मालूम है ना?” 

“सीधा आगे।” 

“ठीक । मैं पिछले अट्ठारह घंटों से ड्राइविंग कर रही हूं 

और थककर चूर हो गई हूं ।” लड़की ने कार का दरवाजा खोला और बाहर निकल आई । “अगर मैंने थोड़ी देर आराम नहीं किया, तो कार सड़क से उलट जाएगी । मुझे इस कैरावान की डिलीवरी मियामी में करनी है । जिस शख्स ने इसका आर्डर दिया था, उसका कहना है, अगर उसे कैरावान की डिलीवरी कल तक न मिली, तो वह आर्डर रद्द कर सकता है।” हैरी को थोड़ा अचम्भा हुआ। 

“क्या तुम कैरावान का व्यवसाय करती हो?” 

“नहीं । मैं तो सिर्फ डिलीवरी देती हूं। अब अंदर बैठ जाओ और चलते बनो । मैं कैरावान के अंदर सो रही हूं | जब तक मियामी नहीं पहुंच जाते, भगवान के वास्ते, मुझे हरगिज मत जगाना ।” लड़की तेजी से कैरावान के पीछे की तरफ चली गई। उन दोनों ने दरवाजा खुलने क आवाज सुनी । दरवाजा फिर जोर से बंद हो गया और उसके बोल्ट के बंद होने की आवाज आई। 

दोनों ने एक-दूसरे की ओर देखा, फिर हैरी ड्राइविंग सीट पर बैठ गया ।

“अगर पैदल चलने का इरादा नहीं है, तो बैठ जाओ अन्दर ।” उसने रैंडी से कहा। रैंडी ने कार का ऑफ साइड दरवाजा खोला और हैरी की बगल वाली सीट पर बैठ गया । कार धीरे से आगे बढने लगी। “वैल, क्या समझे ?” रैंडी बोला – “है न किस्मत की बात ? सुबह सात बजे तक हम मियामी पहुंच जाएंगे 

“किस्मत भी हो सकती है, कुछ और भा।” हैरी ने कहा – “क्या आजकल लड़कियां अट्ठारह घंटों की नॉन-स्टाप ड्राइविंग करके कैरावानों की डीलीवरी । दिया करती हैं ? मुझे नहीं मालूम, मैं तीन साल बाहर रहा हूं।” रैंडी मुस्कराते हुए बोला – “मैं कहता हूं दोस्त, आजकल ये गुड़ियाएं हर चीज कर लेती हैं । हम मर्दो की वे परवाह ही नहीं करतीं !” 

“अजीब बात है ।” हैरी सोचपूर्ण ढंग से बोला – “इस तरह कार रोकना और उसे हमारे हवाले कर देना ! उसे मालूम नहीं, उस पर हमला हो सकता था और वह बलात्कार की शिकार हो सकती थी ?” 

“बलात्कार की शिकार बनना वे पसंद करती हैं – यह एक प्रकार का नया मनोरंजन है उसके लिए।” रैंडी कड़वाहट के साथ बोला – “मेरा दावा है कि वह तुम्हें पुराने फैशन के सीधे-सादे किस्म के आदमी के रूप में देखकर निराश हो गई होगी।” 

“ग्लोब कम्पार्टमेंट में एक नजर डालो, शायद उसमें कोई कागजात रखे होंगे ।” हैरी ने कहा । स्पीडमीटर की सुई अब पचास मील प्रति घंटे पर स्थिर थी। 

रैंडी ने ग्लोब कम्पार्टमेंट खोला, तो उसमें एक प्लास्टिक फोल्डर रखा हुआ मिला, जिसके अन्दर कुछ कागजात रखे हुए थे । उसने लाइट का स्विच 

ऑन किया और उन कागजात को निकालकर अध्ययन करने लगा। 

“यह हर्ट्ज की किराये का कार है, जिसे वीरो बीच से जोएल ब्लाच नामक आदमी ने किराये पर लिया है, जिसका पता है 1244, स्प्रिंगफील्ड रोड, क्लीवलैंड 

“क्या माइलेज दर्ज है ?” “हां, 1550 मील ।” 

हैरी ने डैशबोर्ड पर माइलेज काउन्टर की ओर देखा 

और मन-ही-मन हिसाब लगाने लगा। 

“जब से कार किराये पर ली गई है, तब से सिर्फ 240 मील चली है । इसे अट्ठारह घंटे की ड्राइविंग नहीं कहा 

जा सकता ।” रैंडी मुड़कर उसकी ओर ताकने लगा। “क्या तुम्हारी हरकतें सदैव ऐसी ही होती हैं ? मैं तुम्हें समझ नहीं पा रहा हूं।” 

“उस लड़की का नाम जो भी हो, मगर जोएल नहीं हो सकता । वह अट्ठारह घंटे की ड्राइविंग नहीं कर रही थी । यह सब बातें मेरे गले नहीं उतर रही हैं । शायद उसने यह कार चुराई हो ।” “देखो ।” रैंडी गम्भीरता से बोला – “अपनी किस्मत को धक्के मत मारो । हमें कार मिल गई और हम सात बजे मियामी पहुंच सकते हैं । वहां से हम आसानी से पैराडाइज सिटी रवाना हो सकते हैं । अगर कोई 

सवारी नहीं भी मिली, तो भी हम बस द्वारा जा सकते हैं । लिहाजा फिक्र करने की क्या बात है ?” 

“तुम्हें फिक्र करनी पड़ेगी – अगर संदेश फैला दिया गया हो और कुछ पुलिसमैन हमें रास्ते में रोक दें।” 

“ओफ्फ ! रात के इस वक्त और इस हाईवे में, सभी पुलिसमैन बिस्तर में होंगे।” हैरी हिचकिचाया । उसे लग रहा था कि इस सैट-अप में कहीं कोई गड़बड़ी जरूर है, जिसे वह पसंद नहीं 

कर रहा था, लेकिन उसने खुद से कहा कि यह तो उस लड़की का मामला है । अगर पुलिस ने उन्हें रोका भी तो उनसे निपटने में कोई कठिनाई नहीं होगी। अगर रैंडी यह खतरा उठाने को तैयार है, तो वह क्यों चिंतित हो? 

उसने धीरे से गैस पैडल पर दबाव बढाया और कार पैंसठ मील की रफ्तार से भागने लगी। 

रैंडी ने अपना डफेल बैग खींचा और उसमें से मोरेली द्वारा दिया गया पार्सल निकाला । “मेरी तो अंतड़िया कुल-बुलाने लगी हैं ।” उसने पार्सल खोलकर चिकन रोस्ट और कोई और खाने की चीजे निकालीं । “उस मोटू को सचमुच बढिया भोजन तैयार करना आता है ! तुम कुछ खाना चाहते हो ?” 

“अभी नहीं ।” 

“खैर, मैं खाता हूं।” रैडी संतोष के साथ खाने लगा। मुंह में एक कौर ठूसकर वह बोला – “लड़कियों का जिक्र चला है, तो बताओ वियतनाम की लड़कियां कैसी होती है ?” 

“जब तुम्हें वहां जाना नहीं है, तो पूछकर क्या फायदा ?” कार की हैडलाइट्स से प्रकाशित सड़क पर नजरें गड़ाते हुए हैरी ने कहा। रैंडी ने मुंह बिचकाया। 

“माफ करना, मैं बातें ज्यादा करता हूं । हां…क्या फायदा ?” उसने हड्डी का एक टुकड़ा कार की खिड़की से बाहर फेंक दिया और चिकन की दूसरी टांग चबाने लगा। 

हैरी ने बेचैनी के साथ उस वियतनामी लड़की के बारे में सोचा, जिसे वह सायगोन में छोड़ आया था । जब 

भी वह जंग के अग्रिम मोर्चे से लौट आता था, उस लड़की को वह हमेशा अपने इन्तजार में पाता था । वह सड़क के कोने पर बैठकर खाने-पीने का सामान बेचा करती थी । हैरी यह देखकर आश्चर्यचकित रह गया था कि वह अपना कुकिंग स्टोव, बर्तन व दूसरे सभी सामान बांस के एक डंडे पर लटकाकर कंधों पर लिए चला थी । वह तो उसे एक गुलाबी पंखुड़ियों 

वाली तितली समझ रहा था, लेकिन बाद में उसे पता चला कि वह कितनी मजबूत व मेहनतकश लड़की थी 

वियतनाम की अपनी तीन साल की जिन्दगी में वह लड़की हैरी के लिए सबसे ज्यादा वेशकीमती चीज बन गई थी । कम-से-कम उन उकताहट भरे तीन सालों के दौरान तथा अंधेरी खौफनाक रातों से गुजरने के बाद । वह उसके साथ बड़ी कोमलता तथा दिलचस्पी के साथ पेश आती थी और प्यार करती थी । बाद में जब एक वियतकांग बम विस्फोट में दूसरे कई लोगों के साथ उसके भी जिस्म के परखच्चे उड़ गए थे, तो हैरी ने फिर किसी दूसरी वियतनामी लड़की की ओर निगाह तक 

नहीं डाली थी । उसने फिर किसी के साथ वियतनामी लड़कियों के बारे में जिक्र तक नहीं किया था – न तो अपने सहयोगियों के साथ और न ही रैंडी जैसे आदमी के साथ, जिनका ख्याल है कि वियतनामी लड़कियां सिर्फ बिस्तर तक ही साथ देती हैं । उनके बारे में किसी 

के साथ बातचीत करना उसे गवारा नहीं था । वह लड़की, जो उसके लिए अपनी जान तक देने को तैयार थी, उसे इतनी गहराई से चाहती थी कि हर पल उसके इंतजार में रहती थी, हैरी के लिए वियतनाम की लड़कियों को प्रतिनिधि थी – किसी दूसरी औरत की निन्दा करना उसकी निन्दा करने के समान थी । 

कार के व्यू मिरर में उसे एक कार की हैडलाइट्स दिखाई दीं, जो आधे मील के फासले पर उनके 

पीछे-पीछे आ रही थी। उसने गैस पैडल पर दबाव थोड़ा कम किया । उस हाईवे में रफ्तार की सीमा साठ मील प्रति घंटा थी, और पीछे से आ रही कार कोई 

पुलिस पैट्रोल कार भी हो सकती थी । वह कोई अनचाहा झंझट नहीं मोल लेना चाहता था ।कार की रफ्तार कम होती महसूस कर रैंडी ने उसकी ओर देखा। 

“पीछे एक कार है ।” हैरी ने बताया । 

हैरी ने एक बार फिर मिरर में झांका । वह कार एक ही रफ्तार से आ रही थी । अब भी वह आधा मील पीछे थी। 

“पुलिसमैन इस वक्त बिस्तर में होंगे ।” रैंडी बोला – “ग्यारह बजे के बाद मैंने कभी उन्हें सड़क पर नहीं देखा है।” “कुछ भी हो, साठ की रफ्तार बहुत होती है ।” रैंडी ने एक सिगरेट सुलगाई और पीछे की तरफ झुक गया। 

“क्या तुम इस वक्त सचमुच कुछ नहीं खाना चाहते ? मैं भी ड्राइविंग कर सकता हूं।” 

“नहीं।” हैरी बोला। 

“मुझे एक कप बढिया और स्ट्रोंग कॉफी पीने की इच्छा हो रही है।” “हां, मुझे भी।” 

“पंद्रह मिनट बाद हम रात भर खुलने वाले उस स्नैक-बॉर में पहुंच जाएंगे जिसके बारे में मैंने तुम्हें बताया था । वहां कॉफी अच्छी मिलती है । हम वहां रुकेंगे । पांच मिनट से ज्यादा वक्त नहीं लगेगा । शायद वह गुड़िया भी एक कप पीना चाहे ।” 

“उसने कहा था कि मियामी पहुंचने से पहले उसे नहीं जगाना है ।” हैरी ने उसे याद दिलाया – “अगर वह सोना चाहती है, तो सोने दो।” 

“क्या तुमने उसका चेहरा देख लिया था ?” “जितना तुम देख पाए थे।” 

“वह छलावा भी हो सकती है।” “तुम्हें क्यों फिक्र हो रही है, पगले ?” 

रैंडी हंसने लगा। 

“सोलो के रेस्ट्रां में यही तो खासियत है । वह जगह हमेशा ऐसा ही तितलियों से भरी पड़ी-रहती है। लाइफ गार्ड के रूप में तुम्हारे पास इनकी कमी नहीं रहेगी, जितनों को तुम संभाल सको । बॉर के पीछे बैठकर मुझे वह सब मौके नहीं मिल सकेंगे जो तुम्हें मिलने वाले हैं । सोलो तैराकी के पाठ प्रचारित 

करवाता है, जिसे तुम संभालोगे । कामविह्वल गुड़ियों के साथ समुद्र में अठखेलियां करना कितनी मजेदार बात होगी !” 

“तुम अभी तक बिलकुल बच्चे हो ।” हैरी मुस्कराते हुए बोला। “इसमें गलत बात क्या है ?” “कुछ नहीं । लेकिन शायद मैं तुम्हारे बचपने से डाह कर रहा हूं।” 

“हेय ! तुम तो ऐसे बोल रहे हो जैसे मेरे बाप हो ! क्या तुम यह कहना चाहते हो कि तुम्हें गुड़ियों से दिलचस्पी नहीं?” 

हैरी को अपनी पत्नी की याद आई जो बाथ-टब में मुर्दा पड़ी थी और उसकी कलाई की नसें कटी हुई थीं। उसने न्हान के बारे में सोचा जो ईट की दीवार के सामने मलबे के ढेर के रूप में पाई गई थी। उसके जीवन में आई बाकी सभी लड़कियों का हश्र कुछ ऐसा ही हुआ था । ऐसी कोई लड़की नहीं थी, जिसे याद करके वह खुश हो सके। 

“मुझे तुम्हारा बाप बनने में दिलचस्पी नहीं है ।” हैरी ने रैंडी के सवाल को नजरअन्दाज करते हुए कहा। रैंडी हंस दिया, फिर एक ‘डफनट’ खाने लगा। 

“जब हम लड़कियों के बारे में ही बातें कर रहे हैं।” वह बोला – “तो मैं तुम्हें नीना के बारे में बता देना चाहता हूं।” 

हैरी ने फिर व्यू मिरर में देखा । पिछली कार की हैडलाइट्स अभी तक आधे मील की दूरी पर दिखाई दे रही थीं। 

“नीना ?” 

“हां…सोलो की बेटी । शायद मुझे पहले सोलो के बारे में बताना चाहिए । बीस साल पहले चोरी के धंधे में सोलो के मुकाबले दूसरा कोई नहीं था । ऐसा कोई सेफ नहीं था, जिसे वह खोल न सके । लेकिन, आखिरकार एक दिन वह पकड़ गया और पन्द्रह साल के लिए अंदर भेज दिया गया । अभी वह जेल ही में था कि नीना जन्मी और उसकी मां की मौत हो गई । जेल से निकलने के बाद सोलो ने गैरकानूनी धंधों से हमेशा के लिए हट जाने का फैसला किया और पैराडाइज सिटी में उसने यह रेस्तरा खोल लिया । वह अभी तक सर्वश्रेष्ठ ‘पीटरमैन’ माना जाता है और समय-समय पर उसके पास पुराने धंधे में वापस लौटने के प्रस्ताव आते रहते हैं । मगर अब वह इस काम कि लिए बिल्कुल तैयार नहीं होता । उसका व्यवसाय अच्छा चल रहा है, खुब मुनाफा कमा रहा है और नीना जैसी बेटी उसके पास है ।” रैंडी कुछ देर रुककर फिर आगे बोलने लगा 

“सोलो के साथ सावधानी से बर्ताव करना । हालांकि वह पचास से ऊपर का हो चुका है, लेकिन जब मूड बिगड़ता है, तो सचमुच ही खूखार बन जाता है और उसमें अभी तक ताकत कूट-कूटकर भरी है । जब कोई पियक्कड़ बखेड़ा शुरू करने की कोशिश करता है, तो सोलो उसे दुरुस्त कर देता है । एक बार मैंने देखा था कि तीन गुण्डों ने नीना के साथ छेड़खानी करने की कोशिश की थी, तो सोलो ने उन्हें ऐसा सबक सिखा दिया था कि बेचारों को अस्पताल की शरण 

लेनी पड़ी थी । लेकिन सोलो है दिलदार आदमी । उसे स्टाफ के किसी आदमी से लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में कोई शिकायत नहीं रहती, जब तब कि खुद लड़कियां इसे पसन्द करती हैं । लेकिन नीना के मामले में वह किसी को बर्दाश्त नहीं कर सकता – न तुम्हें न मुझे !” रैंडी कुछ देर डफनट चबाता रहा, फिर बोला – “मैं तुम्हें यह सब इसलिए बता रहा हूं, ताकि तुम किसी मुसीबत में न पड़ जाओ । नीना भी एक विशेष लड़की है । उसे देखे बिना तुम उस विशेषता को नहीं समझ सकोगे । जब मैंने उसे पहली बार देखा था, तो मैं कई रात ढंग से सो नहीं सका था । निगाहें उस पर से हटने का नाम ही नहीं लेती थीं और मैनुअल ने – वह वेटरों का कैप्टन है – मुझे चेतावनी दी थी। 

उसने कहा था कि अगर मैंने कोई ऐसी वैसी हरकत की, तो सोलो मेरा क्या कर डाले इसका कोई पता नहीं । वह मेरा खात्मा ही कर डालेगा।” 

हैरी ने बेचैनी के साथ पहलू बदला । 

“देखो रैंडी” वह बोला, “मैं मानता हूं कि तुम मुझे यह सब बता रहे हो । फौज में मैंने दूसरी बात सीखी है कि ऐसा कुछ भी अपनी दहलीज पर नहीं करना है । अगर 

मैं सोलो के लिए काम करता हूं, तो उसकी बेटी मेरे लिए कुछ ऐसे-वैसे मायने नहीं रखती।” 

“ऐसा मत कहो । अभी तुमने उसे देखा नहीं है।” “माना कि मैंने उसे नहीं देखा है” हैरी ने कहा, “लेकिन मैं तुमसे चार-पांच साल बड़ा हूं और यह एक फर्क बनता है हम दोनों में । जब मुझे औरत की जरूरत पड़ती है, तो मैं बगैर किसी झंझट के प्राप्त कर लेता हूं । मैं ऐसा अहमक नहीं कि ऐसी औरत पर हाथ डालूं जो मुसीबत की जड़ हो ।” 

“ब्वाय, तुम तो मेरे बाप से भी गए-गुजरे निकले,जो हमेशा ऐसी ही बातें किया करता था !” रैंडी बोला, 

“कुछ भी हो, मैनुअल की ओर से चेतावनी मिलने से पेश्तर, मैंने सोचा कि मैं ही तुम्हें आगाह कर दूं, तो बेहतर है । तुम मैनुअल को पसन्द नहीं करोगे । वह इस लायक है भी नहीं । लेकिन तुम्हें फिक्र करने की जरूरत नहीं है । तु बिल्कुल बाहरी आदमी बनोगे – सीधे सोलो के तहत । मै कहता हूं वह तुम्हारी ओर एक नजर देखते ही निगाह फेर लेगा।” 

“वह लड़की क्या करती है ?” हैरी ने पूछा । 

“वह दफ्तर का काम देखती है – रिजर्वेशन और हिसाब-किताब | शाम के वक्त वह बार और रेस्ट्रा की देखभाल करती है । सोलो के जिम्मे खरीददारी और रसोई की काम है । वह सिटी के सबसे अब्वल दर्जे के तीन रेस्ट्रांओं में से एक है । प्रचण्ड कम्पीटिशन चलता है, लेकिन इससे सोलो का कुछ आता-जाता नहीं । वह वास्तव में अपने काम का जानकार है।” 

हैरी को सामने एक बड़ा-सा साईन बोर्ड दिखाई दिया, जिस पर लाल और पीले अक्षरों में लिखा हुआ था – स्नैक्स: चौबीस घंटे सर्विस । 

“यही वह जगह है।” रैंडी बोला, “पैराडाइज सिटी के बाद इस तरफ यहीं अच्छी कॉफी मिलती है।” 

“तब तो हम जरूर रुकेंगे।” हैरी ने कहा, “उसके बाद तुम ड्राइव करना, मैं भोजन करूगा ।” “बिल्कुल ठीक। 

हैरी ने मस्टांग की रफ्तार कम कर दी और कैफे की तरफ मोड़ दिया । वहां चार ट्रक और धूल से अटी कई कारें खड़ी थीं हैरी ने दो ट्रकों के बीच एक खाली जगह पर मस्टांग और कैरावान रोक दिया । “हमें ज्यादा देर नहीं करनी है ।” वह बोला और कार से निकल आया । एक क्षण खड़े होकर उसने अपने पीछे हाईवे की ओर निगाह डाली । उनके पीछे आ रही कार की हैडलाइट्स तेजी से नजदीक आ रही थी।

रैंडी कैफै के दरवाजे पर पहुंच चुका था, हैरी भी उसके पास चला आया । दोनों ने अंदर प्रवेश किया,जहां चार ट्रक वाले काउंटर पर खड़े कॉफी पी रहे थे । दूसरे कुछ आदमी कुर्सियों में बैठे हुए थे, जो संभवत: कार वाले होंगे। 

दोनों बॉर के सामने पहुंचे और उन्होंने कॉफी का 

आर्डर दिया । हैरी ने अपना कैंमल का पैकेट निकाला 

और दोनों ने सिगरेट सुलगाई । ट्रकवालों ने रैंडी की ओर गौर से देखा। 

तभी बाहर एक कार के आकर रुकने की आवाज सुनाई दी । हैरी ने नजदीक की कुर्सी से झांककर बाहर देखा । उसे एक मर्सिडीज एस० एल० 180 दिखाई दी 

और वह सोचने लगा, पीछे से आने वाली कार यही होगी । अच्छी तरह सोचने लगा, पीछे से आने वाली 

कार यही होगी । अच्छी तरह देखने के लिए वह खिड़की के करीब चला आया, मगर तब तक कार फिर से आगे बढ़ने लगी थी । ड्राईविंग सीट पर बैठे 

आदमी की वह एक झलक ही देख पाया, जो स्लाउच हैट पहने हुए था, अंधेरे की वजह से उनकी आकृति देख पाना सम्भव न हो सका । शक्तिशाली इंजन के शोर के साथ वह मर्सिडीज तीर की तरह आगे निकल गई। 

“कॉफी कैसी लगी?” रैंडी ने पूछा । 

हैरी ने अपने प्याले पर चुस्की लगाई और सिर हिलाकर सहमति दी । फौज की कॉफी के अलावा उसे कोई भी कॉफी अच्छी नहीं लगती थी। उसने कैमल के दो पैकेट खरीदे और काउंटर हैंड से आग्रह किया कि रास्ते के लिए वह एक पिंट कॉफी का कार्टन तैयार करवा दे। 

। 

पांच मिनट बाद दोनों फिर से मस्टांग में सवार थे, जिसे 

अब रैंडी चला रहा था । 

उस लड़की के संबन्ध में हैरी का दिमाग अभी तक उलझा हुआ था, उसने ग्लोब कम्पार्टमेंट खोला और हट्ज के किराये सम्बन्धी कागजात निकालकर पढने लगा । जैसा कि रैंडी ने बताया था जो क्लीवबैंड का रहने वाला था । कान्ट्रेक्ट दो दिन पहले वीरो बीच से जारी किया गया था । उसने दोबारा माइलेज चैक किया…सिर्फ 240 मील । उस लड़क ने क्यों कहा कि वह अट्ठारह घंटे से कार चला रही थी ? हैरी को यह बात बिल्कुल सफेद झूठ लगी । क्या महज कार की ड्राइविंग उसे सौंपने के लिए उसने यह झूठ बोला था ? लेकिन क्यों ? क्या छिपकर रहने का उस लड़की के पास कोई कारण था ? क्या यह कार चोरी की है ? हैरी को यह बात जंची नहीं, क्योंकि वह लड़की भी उनके साथ ही सफर कर रही थी और अगर पुलिस ने उन्हें रोका तो वह भी मुसीबत में पड़ सकती है। 

“क्या तुम्हें अभी तक सन्तोष नहीं हुआ है ?” हैरी की चिंतित मुद्रा देखकर रैंडी ने पूछा । हैरी ने कंधे झटकाए और कागजात वापस ग्लोब कम्पार्टमेंट में रख दिये। 

“जो बात मुझे उलझन में डालती है, उसे मैं पसन्द नहीं करता ।” वह बोला, “और यह सैट-अप मुझे उलझनपूर्ण दिखाई दे रहा है ।” “तो वह जब जागती है, उसी से क्यों नहीं पूछ लेते ? ख्वामख्वाह क्यों दिमाग खराब कर रहे हो?” 

“हां ।” हैरी मोरेली से मिले पार्सल को खोलने लगा। कॉफी ने उसकी भूख जगा दी थी। 

“हेय ! उठो!” 

हैरी ने उठकर जम्हाई ली और आंखें खोल दीं । उसने विडशील्ड से झांककर लात-पीले, चमकीले आसमान 

और पाम के पेड़ों की ओर देखा जो मस्टांग की तेज रफ्तार की वजह से पीछे छूटते जा रहे थे। 

“हमने अभी-अभी फोर्ट लाडरडेल को पार किया है।” रैंडी ने उसे बताया, “बीस मिनट के बाद हम मियामी पहुंच जाएंगे।” 

हैरी ने हथेली से अपना चेहरा सहलाया, तो उसे उग 

आई दाढी का खुरदरापन महसूस हुआ । कपड़े पहनकर सोना उसे पसन्द नहीं था, हालाकिं फौज में रहते यह बात अनिवार्य थी, लेकिन उसने कभी ऐसा नहीं किया था । उसे इस वक्त शेव करने, ठंडे पानी से नहाने और एक कप कॉफी पीने की इच्छा हो रही थी। 

“सामने जो भी कैफे आता है, वहां कार रोक दो । हमें उस लड़की को जगाकर पूछना होगा कि वह मियामी में हमें किस जगह छोड़ना चाहती है।” 

“एक कैफे सामने ही है ।” रैंडी बोला । लकड़ी का छोटा-सा एक मकान, जिसका नियोन साईन चमक रहा था, हाईवे से थोड़ा ही हटकर था । 

खिड़कियों में रोशनी दिखाई दे रही थी । रैंडी न कार 

की गति धीमी की, तो हैरी ने अपनी घड़ी की ओर देखा । समय 5:15 हो रहा था । उसने मुंह बिचकाया | यह भी उठने का वक्त है ! 

कार के रुकर जाने पर हैरी ने दरवाजा खोला । “मैं कॉफी के दो कार्टन ले आता हूं, तुम उसे जगाओ ।” हैरी बोला। 

कैफे के काउंटर में नींद से बोझिल चेहरा लिए एक नीग्रो बैठा था । उसने बगैर किसी दिलचस्पी के हैरी की ओर देखा। 

“तगड़ी कॉफी के दो कार्टन, और शक्कर ज्यादा ।” काउंटर के पास आकर हैरी ने कहा। 

“डफनट भी चाहिए ?” 

हैरी को जरूरत नहीं थी, मगर उसने सोचा, शायद वह लड़की चाहती हो और रैंडी को तो जरूरत होगी ही। 

“चार दे दो।” 

जब तक वह नीग्रो कॉफी तैयार करता रहा, हैरी सिगरेट सुलगाकर पीने लगा । नीग्रो ने डफनट कागज में पैक कर रख दिए तो उसने अपने बटुए से एक डालर का नोट निकालकर नीग्रो की तरफ बढ़ा दिया । 

“तीस सैंट्स और ।” पलकें झपकाते हुए नीग्रो ने कहा 

हैरी ने और पैसे चुका दिए और कॉफी के दो कार्टन उठाए । तभी उसे मस्टांग के हार्न का तीखा स्वर सुनाई दिया । उसने डफनट का पैक उठाया और भौंहे सिकोड़ते हुए दरवाजे की ओर लपका । 

रैंडी ड्राइविंग सीट पर बैठा हुआ था । हैरी पर नजर पड़ते ही उसने उसे जल्दी से आने का इशारा किया । 

हैरी ने कार के पास पहुंचकर खुली खिड़की से रैंडी 

की ओर देखा । उसका पसीने से तर, पीला-जर्द चेहरा देखते ही हैरी समझ गया कि कुछ गड़बड़ी हो गई है । वह सवाल पूछने के लिए नहीं रुका । उसने झट से दरवाजा बन्द कर लिया। 

रैंडी ने मस्टांग हाईवे पर तेजी से आगे बढा दी । गैस 

पैडल पर पूरा दबाव पड़ रहा था । 

“क्या बात है?” हैरी ने शांत स्वर में पूछा – “और रफ्तार कम करो ! क्या तुम सोच रहे हो कि तुम कार रेस में भाग ले रहे हो ? रफ्तार घटाओ !” रैंडी ने झुरझुरी ली । उसने चेहरे का पसीना पोंछा, 

मगर हैरी की कठोर आवाज से वह संभल गया था । वह कार की रफ्तार कम कर पैंसठ मील प्रतिघंटे पर ले आया। 

“वह मरी पड़ी है।” उसने कहा, उसकी आवाज बुरी तरह कांप रही थी । “कम्बल खूल से सना है । और वह लकड़ी की तरह कठोर पड़ गई है।” । 

हैरी ने अपने अन्दर एक हल्का-सा झटका महसूस किया – एक छोटा-सा लेकिन नियन्त्रित झटका । रैंडी 

के बौखलाए चेहरे की पहली झलक देखकर उसे तुरन्त पता चल गया था कि कोई गड़बड़ी है जरूर, लेकिन उसने सोचा नहीं था कि यह इस कदर बदतर होगी। 

“लेकिन तुम जा किधर रहे हो ?” वह बोला, उसकी आवाज शांत व स्थिर थी – “कार रोको ! मैं देखना चाहता हूं उसे।” 

“हम हाईवे पर कार नहीं खड़ी कर सकते ।” रैंडी प्रचण्ड स्वर में बोला – “पुलिस अब किसी भी वक्त पैट्रोलिंग शुरु कर सकती है ! मैं एक लाश के साथ पकड़ा जाना नहीं चाहता । वे समझेंगे, हमने उसे मार डाला है।” 

हैरी का चेहरा तन गया । उसने इस संभावना पर गौर नहीं किया था । हां…अगर पुलिस ने उन्हें रोका और पाया…उसके अन्दर भय को छोटी-सी चिन्गारी भड़की और फिर बुझ गई। 

“क्या तुम निश्चित रूप से कह रहे हो कि वह मर 

चुकी है ?” “बेशक । मैंने दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला, इसीलिए मैंने कोशिश की और दरवाजा खुल गया ।” रैंजी ने थूक निगला, फिर आगे कहा – वह निचली बर्थ पर थी और कम्बल से ढंकी हुई थी। वहां जो गंध फैली थी, उससे मैंने पलटकर देखा । तभी मुझे कम्बल में खून के धब्बे दिखाई दिए । मैं भौंचक्का रह गया । मैंने उसे आवाज दी, फिर झुककर उसकी बांह पकड़ी । ऐसा लगा, जैसे सूखी लकड़ी पकड़ ली हो ।” 

कुछ दूर आगे हैरी को एक दोराहा दिखाई दिया । वहां एक साइन-पोस्ट लगा हुआ था, जिस पर लिखा हुआ 

था – “सुरक्षित तैराकी के लिए समुद्र-तट ।” “यहां मोड़ दो।” उसने कहा – “और रफ्तार कम करो । उसने ब्यू मिरर में झांका । हाईवे बिल्कुल सुनसान 

था ।

रैंडी ने रफ्तार घटाई और कार और कैरावान को गंदी सड़क पर डाल दिया । आधे मील तक वे तनावग्रसत चुप्पी साधे ड्राइव करते रहे । यह सड़क एक चौड़ी सपाट व सुनहरी रेत वाली जगह की ओर जाती थी, जो झाड़ियों और छोटे-छोटे टीलों से घिरी थी । टीलों के उस तरफ कोई दो सौ गज की दूरी पर समुद्र था। “यहीं रोक दो।” हैरी बोला – “किसी ने हमें देख भी लिया तो कैरावान को देखकर वह समझेगा, हमने रात यहीं गुजारी थी।” 

रैंडी ने घास वाली जमीन पर कार खड़ी कर दी । जैसे 

ही उसने इंजन बंद किया, वह कांपने लगा। 

“खुद को संभालो।” हैरी तीखे स्वर में बोला । उसने कॉफी का एक कॉर्टन रैंडी के कांपते हाथा में थमा दिया। 

“थोड़ा-सा पी लो। 

“मैं नहीं पी सकूँगा । मेरे हाथों से गिर जाएगी ।” रैंडी सिसकने लगा। 

“कम ऑन !” 

रैंडी ने वितृष्णापूर्ण दृष्टि से कार्टन की ओर देखा । हैरी 

अधीरता के साथ कार से बाहर निकला। 

“तुम यही बैठो । मैं देखता हूं।” 

वह कैरावान के पीछे की तरफ चला आया । उसने रुककर दाई-बाई ओर देखा । समुद्र तट के दो मील चौड़े इलाके में सिर्फ कुछेक सीगल के अलावा कोई नहीं था । आसमान में धीरे-धीरे सूरज का उजाला फैल रहा था । 

हैरी ने जेब से अपना रुमाला निकाला, उसे कैरावान के दरवाजे के हैंडिल में रखकर घुमाया और दरवाजा खोल दिया। 

मौत की जिस गंध से वह पिछले तीन सालों से परिचित था, उसे कैरावान के अन्दर महसूस कर उसकी नाक-भौंह सिकुड़ गई । निचलीं बर्थ पर उसे एक ढेर का आकार दिखाई दिया, जो एक भूरे रंग के कम्बल से पूरी तरह ढंका हुआ था । जैसा कि रैंडी ने बताया था, कम्बल के निचले हिस्से में एक लम्बा-सा 

खून का धब्बा दिखाई दे रहा था, जो सूख चुका था । हैरी ने कैरावान के अन्दर कदम रखा और कम्बल को 

खींचकर नीचे गिरा दिया। 

यह देखकर वह भौंचक्का रह गया कि वहां पचास-पचपन साल का एक आदमी पड़ा हुआ था, जिसके बाल गहरे भूरे रंग के थे, धूप से तपा पतला चेहरा, नुकीली नाक, पतले होंठ और बर्फ-सी ठंडी बेजान आंखें हैरी की ओर यूं घूर रही थीं कि उसमें मौत की दहशत साफ झलक रही थी। 

उसके चेहरे का दाहिना हिस्सा बुरी तरह कुचला गया था । होंठों से बाहर निकले उसके पीले दांत खून से रंगे हुए थे और एक अत्यन्त क्रूर व जंगली गुर्राहट का 

आभास दे रहे थे। 

हैरी ने तेजी से कैरावान के चारों ओर निगाह डाली, फिर ऊपरी बर्थ में देखा । मगर उस मुर्दा आदमी के 

अलावा वहां कोई नहीं था । 

“वह मर चुकी है न ?” रैंडी कांपते स्वर में बोला । वह भी कैरावान के पीछे की ओर चला आया था, लेकिन कुछ अलग खड़ा भयभीत आंखों से हैरी को घूर रहा था । 

हैरी कैरावान से बाहर निकलकर अपनी जेब में सिगरेट का पैकेट टटोलने लगा । उसने यह गौर करते हुए एक सिगरेट सुलगाई कि उसके हाथ कतई कांप नहीं रहे थे। 

“वह लड़की गायब है…यह तो कोई मर्द है ।” उसने कहा, फिर सिगरेट का लम्बा कश खींचा । 

हवा का हल्का झौंका मौत की दुर्गन्ध का भभका रैंडी की ओर आया । उसने उबकाई ली और मुड़कर उल्टी करने लगा । हैरी मस्टांग के पास चला आया और 

कॉफी का कार्टन उठाकर पीने लगा । गुनगुनी कॉफी ने उसके मुंह का बिगड़ा स्वाद दुरुस्त कर दिया । कार से टेक लगाकर कॉफी पीते हुए वह तेजी से सोचने लगा। 

जब उस औरत ने झूठ कहा था कि वह अट्ठारह घंटों से ड्राईव कर रही थी, हैरी तभी से बेचैन था । इस बात का पता चलते ही हैरी को चाहिए था – उसने सोचा – कि वह उस औरत के बारे में जांच-पड़ताल कर ले । 

कंधा झडककर वह उस जगह चला आया,जहां रैडी रेत पर सिर थामें बैठा था। 

“क्या मेरे सोने के दौरान तुमने कार कहीं रोकी थी ?” रैंडी ने उसकी ओर देखा। 

“नहीं तो । मैं लगातार ड्राईव करता रहा था । क्या वह गायब हो गई है ?” 

हैरी उसकी बगल में पालथी मारकर बैठ गया। 

“हां । वह गायब है । इस आदमी को मरे हुए कोई 

अड़तालीस घंटे हो चुके हैं, शायद उससे भी ज्यादा । मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि इस आदमी की लाश तब भी कैरावान के अन्दर थी, जब उस औरत ने हमें लिफ्ट दी थी । जब हम स्नैक-बार में रुके थे, तभी वह खिसक गई थी ।” अचानक उसे उस सफेद मर्सिडीज की याद आई । “वह मर्सिडीज जो हमारा पीछा कर रही थी। हां ! वह हमारे रुकने के इन्तजार में बराबर हमारे पीछे लगी रही थी । और जब हम रुके, वह औरत उसी मर्सिडीज में रफूचक्कर हो गई ।” उसने त्यौरियां चढाते हुए समुद्र की ओर देखा – “यह मृत आदमी जोएल ब्लाच भी हो सकता है, जिसने कार हट्ज से किराये पर ली थी।” 

रैंडी झटके से उठ खड़ा हो गया । उसकी आंखों में 

भय की लहर तैर रही थी। 

“चलो यहां से, जल्दी-से-जल्दी भाग निकलें !” 

हैरी ने चेहरा उठाकर उसे घूरा । 

“बैठ जाओ !” उसकी आवाज का तीव्रपन सुनकर रैंडी सकपकाकर बैठ गया । “तुम समझ नहीं पा रहे हो कि हम किस मुसीबत में फंस गए हैं ।” हैरी बोलता गया – “जब पुलिस को कैरावान और उसके अन्दर पड़ी लाश मिल जाएगी, तो वे पूछताछ शुरू कर देंगे। यह तुम बाजी लगाकर कह सकते हो कि हमें किसी ने इस मस्टांग कार में देख लिया होगा । पुलिस को हमारे विवरण मिलने की देर है कि हमें दबोचने के लिए उन्हें कोई वक्त नहीं लगेगा । जब हम उन्हें बताएंगे कि क्या हुआ था, तो इस पर उनकी क्या प्रतिक्रिया हो सकती है, इसका अंदाजा लगा सकते हो तुम ? वे सोचेंगे, इस मुर्दा वयक्ति ने हमें लिफ्ट दी थी और हमने उसकी 

कार और पैसे के लिए उसे मार डाला । उनके सोचने का यही तरीका है और यही वह औरत चाहती थी कि वे ऐसा ही सोचें ।” माथे पर बल डालते हुए वह रुका, फिर बोलने लगा – “यह एक बिल्कुल सोची समझी स्कीम थी । वह औरत इसलिए हाईवे पर थी ताकि वह कार और कैरावान को किसी पैदल यात्री के सुपुर्द कर सके । इसीलिए हम उसका चेहरा अच्छी तरह देख । नहीं पाए थे । उन गॉगल्स और सिर पर बंधे स्कार्फ से वह हमारे लिए अस्तित्वहीन औरत बन गई है ।” 

रैंडी उंगली का पोर कुतरने लगा। “तो अब हम क्यो करें?” 

“मैं इस आदमी के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करता चाहता हूं।” 

हैरी सिगरेट का टुकड़ा फेंककर उठ खड़ा हो गया। 

वह कैरावान की ओर लपका । एक लम्बी सांस खींचकर वह कैरावान में चढ गया और लाश पर से कम्बल हटाने लगा। 

वह काफी देर तक उसे घूरता रहा, उसका मुंह सूख रहा था और उदर की मांसपेशियों सिकुड़ने लगी थीं। 

मृत व्यक्ति का बायां पार नंगा था । पैर का मांस झुलसा हुआ था और काला पड़ गया था । यह जी मिचलाने वाला दृश्य था और हैरी ने जल्दी से कम्बल 

उठाकर पैर ढंक दिया। 

वह कुच पल हिचकिचाया, फिर लाश को पकड़कर उठाया और कैरावान से बाहर निकालकर रेत पर लिटा दिया। 

अपनी जगह पर बैठा रैंडी विस्फारित नेत्रों से उसकी हरकत देख रहा था। 

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